प्ण् बहुविकल्प प्रश्न ;प्ररूप.प्द्ध 1ण् लवण - जल क्लोरीन के वैद्युत् अपघटन द्वारा निष्कषर्ण में ऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋ। 2ण् परावतर्नी भट्टðी में काॅपर अयस्क को सिलिका के साथ मिलाने पर काॅपर मैट बनता है। काॅपर मैट में ऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋ होते हैं। ;पद्ध ब्स दृ आयन का क्लोरीन गैस में आॅक्सीकरण होता है। ;पपद्ध ब्स दृ आयन का क्लोरीन गैस में अपचयन होता है। ;पपपद्ध समग्र अभ्िावि्रफया के लिए Δळट का मान )णात्मक होता है। ;पअद्ध विस्थापन अभ्िावि्रफया होती है। ;पद्ध काॅपर ;प्प्द्ध और आयरन ;प्प्द्ध के सल्पफाइड। ;पपद्ध काॅपर ;प्प्द्ध और आयरन ;प्प्प्द्ध के सल्पफाइड। ;पपपद्ध काॅपर ;प्द्ध और आयरन ;प्प्द्ध के सल्पफाइड। ;पअद्ध काॅपर ;प्द्ध और आयरन ;प्प्प्द्ध के सल्पफाइड। 3ण् निम्नलिख्िात अभ्िावि्रफयाओं में से कौन - सी स्वतः अपचयन का एक उदाहरण है? ;पद्ध थ्मव् ़ 4ब्व् ⎯→ 3थ्म ़ 4ब्व्;पपद्ध ब्नव् ़ ब् ⎯→ 2ब्न ़ ब्व्34 2 2;पपपद्ध ब्न2़ ;ंुद्ध ़ थ्म ;ेद्ध ⎯→ ब्न ;ेद्ध ़ थ्म2़ ;ंुद्ध 1 1;पअद्ध ब्न2व् ़ 2 ब्न2ै ⎯→ 3ब्न ़ 2ैव्2 4ण् भूपपर्टी में बहुत से तत्व उपलब्ध् हैं परन्तु सबसे अध्िक प्रचुरता से उपलब्ध् तत्व हैं - ;पद्ध ।स और थ्म ;पपद्ध ।स और ब्न ;पपपद्ध थ्म और ब्न ;पअद्ध ब्न और ।ह 5ण् मंडल - परिष्करण इस सि(ांत पर आधरित है कि ऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋ। ;पद्ध निम्न क्वथनांक वाली धतुओं की अशुियाँ आसवन द्वारा पृथक की जा सकती हैं। ;पपद्ध अशुियाँ ठोस धतु की अपेक्षा गलित धतु में अध्िक घुलनशील हेाती हैं। ;पपपद्ध किसी मिश्रण के विभ्िान्न अवयव किसी अध्िशोषक पर अलग - अलग अध्िशोष्िात होते हैं। ;पअद्ध वाष्पशील यौगिक के वाष्प को शु( धतु में वियोजित किया जा सकता है। 6ण् सल्पफाइड अयस्क से काॅपर के निष्कषर्ण में, ब्नव् का अपचयन किस अपचायक द्वारा करके धतु प्राप्त2की जाती है? ;पद्ध थ्मै ;पपद्ध ब्व् ;पपपद्ध ब्नै2;पअद्ध ैव्2 7ण् लवण - जल का वैद्युत् अपघटन अवि्रफय इलेक्ट्रोडों का उपयोेग करके किया जाता है। ऐनोड पर होने वाली अभ्िावि्रफया है ऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋ । 1;पद्ध ब्सदृ ;ंुण्द्ध ⎯→ ब्स;हद्ध ़ मदृ य म्ट त्र 1ण्36ट2 ब्मसस 2 ;पपद्ध 2भ्व् ;सद्ध ⎯→ व्;हद्ध ़ 4भ़् ़ 4मदृ य म्ट त्र 1ण्23ट22 ब्मसस ;पपपद्ध छं ़ ;ंुण्द्ध ़ मदृ ⎯→ छं;ेद्ध य म्ट त्र 2ण्71टब्मसस 1;पअद्ध भ़् ;ंुण्द्ध ़ मदृ ⎯→ भ्;हद्ध य म्ट त्र 0ण्00ट2 ब्मसस 2 8ण् ऐलुमिनियम के धतुकमर् में ऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋ। ;पद्ध ।स3़ , ऐलुमिनियम में आक्सीवृफत होता है। ;पपद्ध गै्रपफाइट ऐनोड काबर्न मोनोक्साइड और काबर्न डाइआॅक्साइड में आक्सीवृफत होता है। ;पपपद्ध ऐनोड पर आॅक्सीजन की आॅक्सीकरण अवस्था परिवतिर्त हो जाती है। ;पअद्ध प्रवि्रफया की समग्र अभ्िावि्रफया में आॅक्सीजन की आक्सीकरण अवस्था परिवतिर्त होती है। 9ण् वैद्युत् अपघटनी परिष्करण का उपयोग निम्नलिख्िात में से किन धतुओं के शुिकरण हेतु किया जाता है - ;पद्ध ब्न और र्द ;पपद्ध ळम और ैप ;पपपद्ध र्त और ज्प ;पअद्ध र्द और भ्ह 10ण् गोल्ड और सिल्वर के निष्कषर्ण के लिए धतु का ब्छदृ आयन के साथ निक्षालन किया जाता है। धतु प्राप्त की जाती है ऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋ। ;पद्ध संवुफल आयन में से धतु को किसी दूसरी धतु से विस्थापित करके। ;पपद्ध संवुफल आयन का भजर्न करके। ;पपपद्ध निस्तापन के पश्चात् भजर्न करके। ;पअद्ध धतु संवुफल का उफष्मीय अपघटन करके। नोट - प्रश्न संख्या 11 से 13 के उत्तर चित्रा 6ण्1 के आधर पर दीजिए। चित्रा 6ण्1 11ण् ताप के सही विकल्प का चयन कीजिए जिस पर काबर्न थ्मव् का अपचयन करता है और ब्व् बनाता है। ;पद्ध बिन्दु । पर ताप से नीचे। ;पपद्ध लगभग बिन्दु । के संगत ताप पर। ;पपपद्ध बिन्दु । पर ताप से उफपर परन्तु बिन्दु क् पर ताप से नीचे। ;पअद्ध बिन्दु । पर ताप से उफपर। 12ण् बिन्दु ष्।ष् के नीचे थ्मव् ऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋण् ;पद्ध केवल काबर्न मोनोक्साइड द्वारा अपचित किया जा सकता है। ;पपद्ध काबर्न मोनोक्साइड और काबर्न, दोनों द्वारा अपचित किया जा सकता है। ;पपपद्ध केवल काबर्न द्वारा अपचित किया जा सकता है। ;पअद्ध काबर्न और काबर्न मोनोक्साइड दोनों से ही अपचित नहीं किया जा सकता। 13ण् बिन्दु क् के संगत ताप पर थ्मव् के अपचयन के लिए निम्नलिख्िात कथनों में से कौन - सा सही है? ;पद्ध काबर्न मोनोक्साइड द्वारा समग्र अपचयन अभ्िावि्रफया के लिए Δळ का मान शून्य है। ;पपद्ध 1 मोल काबर्न और 1 मोल आॅक्सीजन के मिश्रण द्वारा समग्र अपचयन अभ्िावि्रफया के लिए Δळ का मान ध्नात्मक है। ;पपपद्ध 2 मोल काबर्न और 1 मोल आॅक्सीजन के मिश्रण द्वारा समग्र अपचयन अभ्िावि्रफया के लिए Δळ का मान ध्नात्मक होगा। ;पअद्ध काबर्न मोनोक्साइड के साथ समग्र अपचयन अभ्िावि्रफया के लिए Δळ का मान )णात्मक है। प्प्ण् बहुविकल्प प्रश्न ;प्ररूप.प्प्द्ध नोट - निम्नलिख्िात प्रश्नों में दो या इससे अध्िक विकल्प सही हो सकते हैं। 14ण् चित्रा 6ण्1 में किन बिन्दुओं के संगत ताप पर, अभ्िावि्रफया 2थ्मव् ⎯→ 2थ्म ़ व् के निम्नलिख्िात2सभी अभ्िावि्रफयाओं से युग्मन द्वारा थ्मव् का अपचयन थ्म में हो जाएगा? ;कद्ध ब् ़ व्⎯→ ब्व्;खद्ध 2ब् ़ व्⎯→ 2ब्व् और ;गद्ध 2ब्व् ़ व्⎯→ ब्व्222 22 ;पद्ध बिन्दु । ;पपद्ध बिन्दु ठ ;पपपद्ध बिन्दु क् ;पअद्ध बिन्दु म् 15ण् निम्नलिख्िात में से कौन - से विकल्प सही हैं? ;पद्ध ढलवाँ लोहा, कच्चे लोहे को लोहे की छीलन और कोक के साथ गमर् हवा के झोंके द्वारा पुनः पिघला कर प्राप्त किया जाता है। ;पपद्ध सिल्वर के निष्कषर्ण में, सिल्वर को ध्नायनी संवुफल के रूप में निष्कष्िार्त किया जाता है। ;पपपद्ध निवैफल का शुिकरण मंडल परिष्करण द्वारा किया जाता है। ;पअद्ध र्त और ज्प का शुिकरण वाॅन - आरवैफल विध्ि द्वारा किया जाता है। 16ण् हाॅल - हेराॅल्ट प्रव्रफम द्वारा ऐलुमिनियम के निष्कषर्ण में शु( ।सव्में ब्ंथ्मिलाया जाता है, जो - 23 2 ;पद्ध ।सव्का गलनांक कम करता है।;पपद्ध पिघले हुए मिश्रण की चालकता बढ़ाता है। 23 ;पपपद्ध ।स3़ को ।स;ेद्ध में अपचित करता है। ;पअद्ध उत्प्रेरक के रूप में कायर् करता है। 17ण् पेफन प्लवन विध्ि में मिलाए जाने वाले पदाथो± के संबंध् में निम्नलिख्िात कथनों में से कौन - से सही हैं?़;पद्ध संग्राही अयस्क कणों की अक्लेदनीयता बढ़ा देते हैं। ;पपद्ध संग्राही अपअयस्क कणों की क्लेदनीयता बढ़ा देते हैं। ;पपपद्ध प्रव्रफम में अवनमकों का उपयोग करके दो सल्पफाइड अयस्कों को पृथक किया जा सकता है।़;पअद्धप़्ोफन - स्थायीकारी अपअयस्क की क्लेदनीयता कम करते हैं। 18ण् पेफन प्लवन विध्ि में िांक सल्प़्ाफाइड अैर लेड सल्प़़्ाफाइड को पृथक किया जा सकता है ऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋ। ;पद्ध संग्राही का उपयोग करके। ;पपद्ध जल और तेल का अनुपात संतुलित करके। ;पपपद्ध अवनमक का उपयोग करके। ;पअद्धप़्ोफन - स्थायीकारी का उपयोग करके। 19ण् बाॅक्साइट में उपस्िथत सामान्य अशुियाँ हैं ऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋ। ;पद्ध ब्नव् ;पपद्ध र्दव् ;पपपद्ध थ्मव्23 ;पअद्ध ैपव्2 20ण् निम्नलिख्िात में से किन अयस्कों को प़्ोफन प्लवन द्वारा सांदि्रत किया जाता है? ;पद्ध हेमेटाइट ;पपद्ध गैलेना ;पपपद्ध काॅपर पाइराइट ;पअद्ध मैग्नेटाइट 21ण् निस्तापन के समय निम्नलिख्िात में से कौन - सी अभ्िावि्रफयाएँ होती हैं? ;पद्ध ब्ंब्व्3 ⎯→ ब्ंव् ़ ब्व्2 11;पपद्ध 2थ्मै2 ़ 2 व्2 ⎯→ थ्म2व्3 ़ 4ैव्2 ;पपपद्ध ।सव्ण्ग भ्व् ⎯→ ।सव् ़ ग भ्व्232232;पअद्ध र्दै ़ 3व्⎯→ र्दव् ़ ैव्22 2 22ण् किन अयस्कों के धतुकमर् प्रव्रफमों में निस्तापित अयस्क को काबर्न द्वारा अपचित किया जा सकता है? ;पद्ध हेमेटाइट ;पपद्ध वैफलामाइन ;पपपद्ध आयरन पाइराइट ;पअद्ध स्पेफलेराइट 23ण् हेमेटाइट से आयरन के निष्कषर्ण के समय वात्या भट्टðी में होने वाली मुख्य अभ्िावि्रफयाएँ हैं - ;पद्ध थ्म2व्3 ़ 3ब्व् ⎯→ 2थ्म ़ 3ब्व्;पपद्ध थ्मव् ़ ैपव्⎯→ थ्मैपव्2 23 ;पपपद्ध थ्मव् ़ 3ब् ⎯→ 2थ्म ़ 3ब्व्23;पअद्ध ब्ंव् ़ ैपव्⎯→ ब्ंैपव्23 24ण् शुिकरण की निम्नलिख्िात विध्ियों में से किनमें धतु वाष्पशील यौगिक में बदलती है जिसे वियोजित करके शु( धतु प्राप्त की जाती है। ;पद्ध काबर्न डाइआॅक्साइड के प्रवाह में गरम करना ;पपद्ध आयोडीन के साथ गरम करना ;पपपद्ध द्रावगलन परिष्करण ;पअद्ध आसवन 25ण् निम्नलिख्िात में से कौन - से कथन सही हैं? ;पद्ध अवनमक किसी एक प्रकार के कणों को प़्ोफन में आने से रोकता है। ;पपद्ध काॅपर मैट में ब्नै और र्दै होता है।2;पपपद्ध काॅपर के निष्कषर्ण में ैव्निकलने के कारण परावतर्नी भट्टðी से प्राप्त काॅपर पफपफोलेदार दिखाइर्2 देता है। ;पअद्ध िांक को स्वतः अपचयन द्वारा निष्कष्िार्त किया जा सकता है। 26ण् क्लोरीन के लवण - जल से निष्कषर्ण में ऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋ। ;पद्ध समग्र अभ्िावि्रफया के लिए Δळट )णात्मक होता है। ;पपद्ध समग्र अभ्िावि्रफया के लिए Δळट ध्नात्मक होता है। ;पपपद्ध समग्र अभ्िावि्रफया के लिए म्ट का मान )णात्मक होता है। ;पअद्ध समग्र अभ्िावि्रफया के लिए म्ट का मान ध्नात्मक होता है। प्प्प्ण् लघु उत्तर प्रश्न 27ण् लवण - जल से ब्सके निष्कषर्ण के लिए 2ण्2ट से अध्िक बाह्य विद्युत् वाहक बल की आवश्यकता2 क्यों होती है? 28ण् 1073ज्ञ से अध्िक ताप पर थ्मव् का थ्म में अपचयन करने हेतु कोक का उपयोग किया जा सकता है। एलिंघम आरेख द्वारा आप इस अपघटन का औचित्य वैफसे बता सकते हैं? 29ण् पिटवाँ लोहा, लोहे का सबसे शु( रूप होता है। ढलवाँ लोहे से पिटवाँ लोहा बनाने हेतु उपयोग में ली जाने वाली अभ्िावि्रफया लिखें। ढलवाँ लोहे से सल्पफर, सिलिकन और पफाॅस्प़्ाफोरस की अशुियाँ किस़प्रकार दूर की जाती हैं? 30ण् निम्न कोटि के काॅपर अयस्कों से काॅपर किस प्रकार निष्कष्िार्त किया जाता है? 31ण् माॅन्ड प्रव्रफम और वाॅन - आरवैफल विध्ि द्वारा धतु के परिष्करण हेतु दो आधरभूत आवश्यकताएँ लिख्िाए। 32ण् यद्यपि काबर्न और हाइड्रोजन उत्तम अपचयन कमर्क हैं, परन्तु उच्च ताप पर धतु आॅक्साइडों के अपचयन हेतु इन्हें उपयोग में नहीं लिया जाता। क्यों? 33ण् पेफन प्लवन विध्ि द्वारा हम दो सल्पफाइड अयस्कों को किस प्रकार पृथक करते हैं? 34ण् लोहे का सबसे शु( रूप, ढलवाँ लोहे की अशुियों का परावतर्नी भट्टðी में आॅक्सीकरण करके प्राप्त किया जाता है। भट्टðी में परत चढ़ाने हेतु लोहे के किस अयस्क का उपयोग किया जाता है। अभ्िावि्रफया द्वारा स्पष्ट कीजिए। 35ण् ऐल्कोहाॅल का उपयोग निक्षालक के रूप में करके यौगिकों । और ठ के मिश्रण को ।सव्के स्तम्भ23 ;काॅलमद्ध से गुजारा जाता है। यौगिक ।ए यौगिक ठ से पहले पृथक हो जाता है। । और ठ यौगिकों में से कौन - सा स्तम्भ पर आसानी से अध्िशोष्िात होता है? 36ण् काॅपर का सल्पफाइड अयस्क सिलिका मिलाने के बाद भट्टðी में गरम क्यों किया जाता है? 37ण् अपचयन से पूवर् सल्पफाइड अयस्कों को आॅक्साइड में परिवतिर्त क्यों किया जाता है? 38ण् र्त और ज्प के परिष्करण के लिए किस विध्ि का उपयोग किया जाता है? समीकरण देकर समझाइए। 39ण् वैद्युत् रासायनिक विध्ि द्वारा धतुओं के निष्कषर्ण के समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? 40ण् धतुकमीर्य प्रव्रफमों में गालक की क्या भूमिका होती है? 41ण् अध्र्चालकों के रूप में उपयोग में आने वाले धतुओं का परिष्करण वैफसे किया जाता है? उपयोग में ली जाने वाली विध्ि का सि(ांत क्या है? 42ण् 500.800 ज्ञ ताप परास में आयरन के धतुकमर् से संबंध्ित वात्या भट्टðी में होने वाली अभ्िावि्रफयाओं को लिख्िाए। 43ण् वाष्प प्रावस्था परिष्करण हेतु दो आवश्यकताएँ दीजिए। 44ण् सायनाइड विध्ि से गोल्ड के निष्कषर्ण में सम्िमलित रासायनिक अभ्िावि्रफयाओं को लिख्िाए। साथ ही निष्कषर् में िांक की भूमिका भी बताइए। प्टण् सुमेलन प्ररूप प्रश्न नोट - निम्नलिख्िात प्रश्नों में काॅलम प् और काॅलम प्प् के मदों को सुमेलित कीजिए। 45ण् काॅलम प् के मदों को काॅलम प्प् के मदों से सुमेलित करें और सही कोड निधर्रित करें। काॅलम प् काॅलम प्प् ;।द्ध लोलक ;1द्ध व्रफोम स्टील ;ठद्ध मेलाकाइट ;2द्ध निवैफल स्टील ;ब्द्ध वैफलामाइन ;3द्ध छं3।सथ्6 ;क्द्ध व्रफायोलाइट ;4द्ध ब्नब्व्3ण्ब्न ;व्भ्द्ध2 ;5द्ध र्दब्व्3 कोड - ;पद्ध । ;1द्ध ठ ;2द्ध ब् ;3द्ध क् ;4द्ध ;पपद्ध । ;2द्ध ठ ;4द्ध ब् ;5द्ध क् ;3द्ध ;पपपद्ध । ;2द्ध ठ ;3द्ध ब् ;4द्ध क् ;5द्ध ;पअद्ध । ;4द्ध ठ ;5द्ध ब् ;3द्ध क् ;2द्ध 46ण् काॅलम प् के मदों को काॅलम प्प् के मदों से सुमेलित करें और सही कोड निधर्रित करें। काॅलम प् काॅलम प्प् ;।द्ध रंगीन पटि्टयाँ ;1द्ध मंडल परिष्करण ;ठद्ध अशु( धतु से वाष्पशील संवुफल ;2द्ध प्रभाजी आसवन ;ब्द्ध ळम और ैप का शुिकरण ;3द्ध माॅन्ड प्रव्रफम ;क्द्ध मवर्फरी का शुिकरण ;4द्ध वणर्लेख्िाकी ;5द्ध द्रावगलन परिष्करण कोड - ;पद्ध । ;1द्ध ठ ;2द्ध ब् ;4द्ध क् ;5द्ध ;पपद्ध । ;4द्ध ठ ;3द्ध ब् ;1द्ध क् ;2द्ध ;पपपद्ध । ;3द्ध ठ ;4द्ध ब् ;2द्ध क् ;1द्ध ;पअद्ध । ;5द्ध ठ ;4द्ध ब् ;3द्ध क् ;2द्ध 47ण् काॅलम प् के मदों को काॅलम प्प् के मदों से सुमेलित करें और सही कोड निधर्रित करें। काॅलम प् काॅलम प्प् ;।द्ध सायनाइड प्रव्रफम ;1द्ध अति शु( ळम ;ठद्धप़्;2द्ध;ब्द्ध वैद्युत् अपघटनी अपचयन ;3द्ध ।स का निष्कषर्ण ोफन प्लवन प्रव्रफम र्दै का सज्जीकरण ;क्द्ध मंडल परिष्करण ;4द्ध ।न का निष्कषर्ण ;5द्ध छप का शुिकरण कोड - ;पद्ध । ;4द्ध ठ ;2द्ध ब् ;3द्ध क् ;1द्ध ;पपद्ध । ;2द्ध ठ ;3द्ध ब् ;1द्ध क् ;5द्ध ;पपपद्ध । ;1द्ध ठ ;2द्ध ब् ;3द्ध क् ;4द्ध ;पअद्ध । ;3द्ध ठ ;4द्ध ब् ;5द्ध क् ;1द्ध 48ण् काॅलम प् के मदों को काॅलम प्प् के मदों से सुमेलित करें और सही कोड निधर्रित करें। काॅलम प् काॅलम प्प् ;।द्ध सैपफायर ;नीलमद्ध़ ;1द्ध ।सव्3;ठद्ध स्पेफलेराइट ;2द्ध छंब्छ ;ब्द्ध अवनमक ;3द्ध ब्व ;क्द्ध कोरंडम ;4द्ध र्दै 2;5द्ध थ्मव्23 कोड - ;पद्ध । ;3द्ध ठ ;4द्ध ब् ;2द्ध क् ;1द्ध ;पपद्ध । ;5द्ध ठ ;4द्ध ब् ;3द्ध क् ;2द्ध ;पपपद्ध । ;2द्ध ठ ;3द्ध ब् ;4द्ध क् ;5द्ध ;पअद्ध । ;1द्ध ठ ;2द्ध ब् ;3द्ध क् ;4द्ध 49ण् काॅलम प् के मदों को काॅलम प्प् के मदों से सुमेलित करें और सही कोड निधर्रित करें। काॅलम प् काॅलम प्प् ;।द्ध पफपफोलेदार ब्न ;1द्ध ऐलुमिनियम ;ठद्ध वात्या भट्टðी ;2द्ध 2ब्नव् ़ ब्नै ⎯→ 6ब्न ़ ैव्22 2 ;ब्द्ध परावतर्नी भट्टðी ;3द्ध आयरन ;क्द्ध हाॅल - हेराॅल्ट प्रव्रफम ;4द्ध थ्मव् ़ ैपव्2 ⎯→ थ्मैपव्3 ;5द्ध 2ब्नै ़ 3व्⎯→ 2ब्नव् ़ 2ैव्2222 कोड - ;पद्ध । ;2द्ध ठ ;3द्ध ब् ;4द्ध क् ;1द्ध ;पपद्ध । ;1द्ध ठ ;2द्ध ब् ;3द्ध क् ;5द्ध ;पपपद्ध । ;5द्ध ठ ;4द्ध ब् ;3द्ध क् ;2द्ध ;पअद्ध । ;4द्ध ठ ;5द्ध ब् ;3द्ध क् ;2द्ध टण् अभ्िाकथन एवं तवर्फ प्ररूप प्रश्न नोट - निम्नलिख्िात प्रश्नों में अभ्िाकथन के पश्चात संगत तवर्फ का कथन दिया है। निम्नलिख्िात विकल्पोंमें से कथन का चयन करके सही उत्तर दीजिए। ;पद्ध अभ्िाकथन और तवर्फ दोनों सही हैं और तवर्फ अभ्िाकथन का सही स्पष्टीकरण है। ;पपद्ध अभ्िाकथन और तवर्फ दोनों सही कथन हैं परन्तु तवर्फ अभ्िाकथन का स्पष्टीकरण नहीं है। ;पपपद्ध अभ्िाकथन सही है परन्तु तवर्फ गलत कथन है। ;पअद्ध अभ्िाकथन गलत है परन्तु तवर्फ सही कथन है। ;अद्ध अभ्िाकथन और तवर्फ दोनों ही गलत कथन हैं। 50ण् अभ्िाकथन - माॅन्ड प्रव्रफम से निवैफल का शुिकरण किया जा सकता है। तवर्फ - छप ;ब्व्द्धएक वाष्पशील यौगिक है जो 460ज्ञ पर अपघटित होकर शु( छप देता है।51ण् अभ्िाकथन - जकोर्नियम को वाॅन - आरवैफल विध्ि द्वारा शु( किया जा सकता है। तवर्फ - र्तप्वाष्पशील होता है और 1800 ज्ञ पर अपघटित हो जाता है।52ण् अभ्िाकथन - सल्पफाइड अयस्कों का सांद्रण पेफन प्लवन विध्ि द्वारा किया जाता है। तवर्फ - पेफन प्लवन विध्ि में वि्रफसाॅल पेफन को स्थायी करते हैं। 53ण् अभ्िाकथन - अध्र्चालकों के उत्पादन के लिए मन्डल परिष्करण विध्ि बहुत उपयोगी होती है। तवर्फ - अध्र्चालक उच्च शु(ता वाले होते हैं। 54ण् अभ्िाकथन - हाइड्रोधतुकमर् में अयस्क को एक उचित अभ्िाकमर्क में विलेय करते हैं, पिफर उसका 4 4 एक अध्िक ध्न विद्युती धतु द्वारा अवक्षेपण कर लेते हैं। तवर्फ - काॅपर का निष्कषर्ण हाइड्रोधतुकमर् द्वारा किया जाता है। टप्ण् दीघर् उत्तर प्रश्न 55ण् निम्नलिख्िात को समझाइए - ;कद्ध 710ज्ञ से नीचे ताप पर ब्व्एक अच्छा अपचयन कमर्क है जबकि 710ज्ञ से उफपर ताप पर2 ब्व् एक अच्छा अपचयन कमर्क है। ;खद्ध सामान्यतः अपचयन से पहले सल्पफाइड अयस्कों को आॅक्साइडों में परिवतिर्त कर लिया जाता है। ;गद्ध परावतर्नी भट्टðी में काॅपर अयस्क में सिलिका मिलाइर् जाती है। ;घद्ध उच्च ताप पर काबर्न और हाइड्रोजन का उपयोग अपचयन कमर्क के रूप में नहीं किया जाता। ;चद्ध वाष्प प्रावस्था परिष्करण विध्ि का उपयोग ज्प के शुिकरण हेतु किया जाता है। प्ण् बहुविकल्प प्रश्न ;प्ररूप - प्द्ध 1ण् ;पपपद्ध 2ण् ;पपपद्ध 3ण् ;पअद्ध 4ण् ;पद्ध 5ण् ;पपद्ध 6ण् ;पपपद्ध 7ण् ;पद्ध 8ण् ;पपद्ध 9ण् ;पद्ध 10ण् ;पद्ध 11ण् ;पअद्ध 12ण् ;पद्ध 13ण् ;पद्ध प्प्ण् बहुविकल्प प्रश्न ;प्ररूप - प्प्द्ध 14ण् ;पपद्धए ;पअद्ध 15ण् ;पद्धए ;पअद्ध 16ण् ;पद्धए ;पपद्ध 17ण् ;पद्धए ;पपपद्ध 18ण् ;पपद्धए ;पपपद्ध 19ण् ;पपपद्धए ;पअद्ध 20ण् ;पपद्धए ;पपपद्ध 21ण् ;पद्धए ;पपपद्ध 22ण् ;पद्धए ;पपद्ध 23ण् ;पद्धए ;पअद्ध 24ण् ;पद्धए ;पपद्ध 25ण् ;पद्धए ;पपपद्ध 26ण् ;पपद्धए ;पपपद्ध प्प्प्ण् लघु उत्तर प्रश्न दृ दृ27ण् अभ्िावि्रफया, 2ब्स ;ंुण्द्ध ़ 2भ् व् ;सद्ध ⎯⎯→ 2व्भ् ;ंुण्द्ध़भ् ;हद्ध़ब्स ;हद्ध के लिए Δळट 2 22 का मान ़ 422ाश्र है।समीकरण, Δळट त्र दृ दथ्म्ट का प्रयोग करने पर म्ट का मान दृ2ण्2ट आता है। अतः लवण - जल से ब्सके निष्कषर्ण के लिए 2ण्2ट से अध्िक बाह्य विद्युत् वाहक बल की2 आवश्यकता होगी। 28ण् एलिंघम आरेख के अनुसार, 1073 ज्ञ से अध्िक ताप पर, Δळ ;ब्ए ब्व्द्ध ढ Δळ ;थ्मए थ्मव्द्धए अतः कोक थ्मव् को थ्म में अपचित कर सकता है। 29ण् थ्म2व्3 ़ 3ब् ⎯→ 2थ्म ़ 3ब्व् चूने का पत्थर गालक के रूप में मिलाया जाता है और सल्पफर, सिलिकन तथा प़्ाफाॅस्पफोरस अपने़आॅक्साइडों में परिवतिर्त होकर धतुमल में चले जाते हैं। 30ण् निम्न कोटि के अयस्कों से काॅपर का निष्कषर्ण हाइड्रोधतुकमर् द्वारा करते हैं। इसे अम्ल या जीवाणु के उपयोग से निक्षालित करते हैं। ब्न2़ आयन युक्त विलयन की रद्दी लोहे, र्द या भ्से वि्रफया2 कराते हैं। 2़ ़ब्न ;ंुण्द्ध ़ भ् ;हद्ध ⎯⎯→ ब्न;ेद्ध़ 2भ् ;ंुण्द्ध 2 2़ 2़ब्न ़ थ्म;ेद्ध ⎯⎯→ थ्म ;ंुण्द्ध़ ब्न;ेद्ध 31ण् दोनों प्रव्रफमों के लिए आधरभूत आवश्यकताएँ हैं कि - ;पद्ध धतु उपलब्ध् अभ्िाकमर्क के साथ एक वाष्पशील यौगिक बनाती हो। ;पपद्ध वाष्पशील यौगिक सरलतापूवर्क अपघटित हो जाए, ताकि धतु सुगमता से प्राप्त की जा सके। 32ण् क्योंकि उच्च ताप पर काबर्न और हाइड्रोजन धतुओं से अभ्िावि्रफया कर व्रफमशः काबार्इड और हाइड्राइड बनाते हैं। 33ण् पेफन प्लवन विध्ि में दो सल्प़्ाफाइड अयस्कों को तेल और जल के अनुपात को संयोजित करके अथवा़अवनमकों का उपयोग करके पृथक किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, यदि अयस्क में र्दै और च्इैए उपस्िथत हों तो छंब्छ अवनमक का उपयोग करते हैं। यह र्दै के साथ संवुफल बनाता है और इसे पेफन के साथ आने से रोकता है परन्तु च्इै पेफन में रहता है। 34ण् हेमेटाइट थ्म2व्3 ़ 3ब् ⎯→ 2थ्म ़ 3ब्व् 35ण् क्योंकि यौगिक ष्।ष् यौगिक ष्ठष् से पहले निक्षालित हो जाता है, अतः यौगिक ठ यौगिक । की अपेक्षा स्तम्भ पर अध्िक आसानी से अध्िशोष्िात होता है। 36ण् काॅपर के सल्प़्ाफाइड अयस्क में अशुि के रूप में उपस्िथत आयरन आॅक्साइड, धतुमल जो कि आयरन सिलिकेट होता है, बनाता है और काॅपर, काॅपर मेट के रूप में प्राप्त होता है। थ्मव् ़ ैपव्2 ⎯→ थ्मैपव्3 37ण् सल्पफाइड आसानी से अपचित नहीं होते, जबकि आॅक्साइड आसानी से अपचित हो जाते हैं।़38ण् र्त और ज्प के परिष्करण हेतु वाॅन - आरवैफल विध्ि का उपयोग किया जाता है। इस विध्ि में अपरिष्वृफत धतु को आयोडीन के साथ गरम किया जाता है। र्त ़ 2प्2 ⎯→ र्तप्4 1800ज्ञर्तप्4 ⎯⎯⎯⎯→ र्त ़ 2प्2 39ण् सामान्यतः दो बातों का ध्यान रखा जाता है जिससे उचित सावधनियाँ रखी जा सवेंफ। ;पद्ध बनने वाले धतु की सवि्रफयता ;पपद्ध इलेक्ट्रोडों की उपयुक्तता 40ण् गालक का उपयोग पिघले हुए द्रव्यमान की चालकता बढ़ाने हेतु किया जाता है। 41ण् अध्र्चालक धतु, मंडल परिष्करण विध्ि द्वारा प्राप्त किए जाते हैं। जो इस सि(ांत पर आधरित है कि अशुियाँ धातुओं की ठोस अवस्था की अपेक्षा उनकी गलित अवस्था में अध्िक विलेय होती हैं। 42ण् 3थ्मव् ़ ब्व् ⎯→ 2थ्मव् ़ ब्व्23 342 थ्म3व्4 ़ 4ब्व् ⎯→ 3थ्म ़ 4ब्व्2 थ्म2व्3 ़ ब्व् ⎯→ 2थ्मव् ़ ब्व्2 43ण् ;पद्ध धतु उपलब्ध् अभ्िाकमर्क के साथ वाष्पशील यौगिक बनाए। ;पपद्ध वाष्पशील यौगिक आसानी से अपघटित हो सकता हो जिससे धतु को पुनः आसानी से प्राप्त किया जा सके। 44ण् 4।न;ेद्ध़ 8ब्छदृ;ंुण्द्ध़ 2भ्व्;ंुण्द्ध़ व्;हद्ध⎯→ 4 ख्।न;ब्छद्ध,दृ ;ंुण्द्ध ़ 4व्भ्दृ;ंुण्द्ध22 22ख्।न;ब्छद्ध,दृ ;ंुण्द्ध ़ र्द;ेद्ध ⎯→ 2।न;ेद्ध ़ ख्र्द ;ब्छद्ध,2दृ ;ंुण्द्ध2 4इस अभ्िावि्रफया में िांक अपचयन कमर्क की तरह कायर् करता है। प्टण् सुमेलन प्ररूप प्रश्न 45ण् ;पपद्ध 46ण् ;पपद्ध 47ण् ;पद्ध 48ण् ;पद्ध 49ण् ;पद्ध टण् अभ्िाकथन एवं तवर्फ प्ररूप प्रश्न 50ण् ;पद्ध 51ण् ;पद्ध 52ण् ;पपद्ध 53ण् ;पपद्ध 54ण् ;पपद्ध टप्ण् दीघर् उत्तर प्रश्न 55ण् ;कद्ध संकेत - एलिंघम आरेख का उपयोग करें। ;खद्ध संकेत - आॅक्साइड आसानी से अपचयित हो जाते हैं - देखें एलिंघम आरेख। ;गद्ध संकेत - काॅपर के सल्पफाइड अयस्क में आयरन की अशुि होती है जो आयरन सिलिकेट ;धतुमलद्ध के रूप में दूर की जाती है। थ्मव् ़ ैपव्2 ⎯→ थ्मैपव्3 ;धतुमलद्ध ;घद्ध संकेत - काबर्न और हाइड्रोजन उच्च ताप पर धतुओं से अभ्िावि्रफया करके व्रफमशः काबार्इड और हाइड्राइड बनाते हैं। ;चद्ध संकेत - ज्प आयोडीन से अभ्िावि्रफया करके वाष्पशील ज्पप्बनाता है, जो उच्च ताप पर4 अपघटित होकर अतिशु( टाइटेनियम देता है।

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