प्ण् बहुविकल्प प्रश्न ;प्ररूप.प्द्ध 1ण् एक संव्रफमण तत्व ग् का ़3 आॅक्सीकरण अवस्था में इलेक्ट्राॅनिक विन्यास ख्।त,3क5 है। इसका परमाणु - व्रफमांक क्या है? ;पद्ध 25 ;पपद्ध 26 ;पपपद्ध 27 ;पअद्ध 24 2ण् ब्न;प्प्द्ध का इलेक्ट्राॅनिक विन्यास 3क 9 है, जबकि ब्न;प्द्ध का 3क10 होता है। निम्नलिख्िात में से कौन - सा सही है? ;पद्ध ब्न ;प्प्द्ध अध्िक स्थायी है। ;पपद्ध ब्न ;प्प्द्ध कम स्थायी है। ;पपपद्ध ब्न ;प्द्ध तथा ;प्प्द्ध समान रूप से स्थायी हैं। ;पअद्ध ब्न;प्द्ध तथा ब्न;प्प्द्ध का स्थायित्व काॅपर लवणों की प्रवृफति पर निभर्र करता है। 3ण् वुफछ संव्रफमण तत्वों की धत्िवक त्रिाज्याएँ नीचे दी गइर् हैं। इनमें से किस तत्व का घनत्व सवार्ध्िक होगा? तत्व थ्म ब्व छप ब्न धत्िवक त्रिाज्याध्चउ 126 125 125 128 ;पद्ध थ्म ;पपद्ध छप ;पपपद्ध ब्व ;पअद्ध ब्न 4ण् अयुगलित इलेक्ट्राॅनों की उपस्िथति के कारण संव्रफमण तत्व सामान्यतः रंगीन लवण बनाते हैं। ठोस अवस्था में निम्नलिख्िात में से कौन - सा यौगिक रंगीन होगा? ;पद्ध ।हैव्;पपद्ध ब्नथ्24 2 ;पपपद्ध र्दथ्2 ;पअद्ध ब्नब्स22 5ण् सांद्र भ्ैव् में ज्ञडदव्की थोड़ी सी मात्रा मिलाने पर एक हरा तैलीय यौगिक प्राप्त होता है, जो244 अत्यध्िक विस्पफोटक प्रवृफति का होता है। निम्नलिख्िात में से इस यौगिक की पहचान कीजिए? ;पद्ध डद2व्7 ;पपद्ध डदव्2 ;पपपद्ध डदैव्4 ;पअद्ध डदव्23 6ण् तत्वों की चुम्बकीय प्रवृफति अयुगलित इलेक्ट्राॅनों की उपस्िथति पर निभर्र करती है। उस संव्रफमण तत्व के विन्यास की पहचान कीजिए जो उच्चतम चुम्बकीय आघूणर् प्रदश्िार्त करता है? ;पद्ध 3क7 ;पपद्ध 3क5 ;पपपद्ध 3क8 ;पअद्ध 3क2 7ण् लैंथेनाॅयडों के लिए निम्नलिख्िात में से कौन - सी आॅक्सीकरण अवस्था सभी में होती है? ;पद्ध ़2 ;पपद्ध ़3 ;पपपद्ध ़4 ;पअद्ध ़5 8ण् निम्नलिख्िात में से कौन - सी अभ्िावि्रफयाएँ असमानुपातन अभ्िावि्रफयाएँ हैं? ;ंद्ध ब्ऩ ⎯→ ब्न2़ ़ ब्न ;इद्ध 3डदव्4 दृ ़ 4भ़् ⎯→ 2डदव्4 दृ ़ डदव्2 ़ 2भ्2व् ;बद्ध 2ज्ञडदव्4 ⎯→ ज्ञ2डदव्4 ़ डदव्2 ़ व्2 ;कद्ध 2डदव्4 दृ ़ 3डद2़ ़ 2भ्2व् ⎯→ 5डदव्2 ़ 4भ़् ;पद्ध ंए इ ;पपद्ध ंए इए ब ;पपपद्ध इए बए क ;पअद्ध ंए क 9ण् जब ज्ञडदव्विलयन को आॅक्सैलिक अम्ल विलयन में मिलाया जाता है तो प्रारम्भ में इसका4 विरंजीकरण ध्ीमा होता है, परन्तु वुफछ समय बाद यह तात्क्षण्िाक हो जाता है, क्योंकि - ;पद्ध उत्पाद के रूप में ब्व्बनती है।;पपद्ध अभ्िावि्रफया उफष्माक्षेपी है। 2 दृ;पपपद्ध डदव्अभ्िावि्रफया को उत्प्रेरित करता है।4 ;पअद्ध डद2़ स्वोत्प्रेरक के रूप में कायर् करता है। 10ण् ऐक्िटनाॅयड श्रेणी में 14 तत्व हैं। निम्नलिख्िात में से कौन - सा तत्व इस श्रेणी का सदस्य नहीं है? ;पद्ध न् ;पपद्ध छच ;पपपद्ध ज्उ ;पअद्ध थ्उ 11ण् अम्लीय माध्यम में ज्ञडदव्आॅक्सीकरण कमर्क के रूप में कायर् करता है। अम्लीय माध्यम में एक4 मोल सल्पफाइड आयनों के साथ अभ्िावि्रफया करने हेतु आवश्यक ज्ञडदव्के मोलों की संख्या है - 4 ;पद्ध 2 5 3;पपद्ध 5 4;पपपद्ध 5 1;पअद्ध 5 12ण् निम्नलिख्िात में से कौन - से उभयध्मीर् आॅक्साइड हैं? डदव्ए ब्तव्ए ब्तव्ए ब्तव्ए टव्ए टव्273232524 ;पद्ध टव्ए ब्तव्;पपद्ध डदव्ए ब्तव्2523 273 ;पपपद्ध ब्तव्ए टव्25 ;पअद्ध टव्ए टव्25 24 13ण् गैडोलिनियम 4 िश्रेणी का तत्व है। इसका परमाणु - व्रफमांक 64 है। निम्नलिख्िात में से कौन - सा गैडोलिनियम का सही इलेक्ट्राॅनिक विन्यास है? ;पद्ध ख्ग्म, 4 ि75क16े2 ;पपद्ध ख्ग्म, 4 ि65क26े2 ;पपपद्ध ख्ग्म, 4 ि86क2 ;पअद्ध ख्ग्म, 4 ि95े1 14ण् जब धतुओं के वि्रफस्टल - जालकों के बीच छोटे परमाणु पंफस जाते हैं, तो अंतराकाशी यौगिक बनते हैं। निम्नलिख्िात में से कौन - सा अंतराकाशी यौगिकों का अभ्िालक्षण्िाक गुण नहीं है? ;पद्ध उनके गलनांक शु( धतुओं की तुलना में उच्च होते हैं। ;पपद्ध वे बहुत कठोर होते हैं। ;पपपद्ध वे धत्िवक चालकता बनाए रखते हैं। ;पअद्ध वे रासायनिक रूप से बहुत वि्रफयाशील होते हैं। 15ण् चुंबकीय आघूणर् अपने प्रचव्रफण कोणीय संवेग और कक्षीय कोणीय संवेग से संब( होता है। ब्त3़ आयन के प्रचव्रफण - मात्रा चुंबकीय आघूणर् का मान होता है - ;पद्ध 2ण्87 ठण्डण् ;पपद्ध 3ण्87 ठण्डण् ;पपपद्ध 3ण्47 ठण्डण् ;पअद्ध 3ण्57 ठण्डण् 16ण् क्षारीय माध्यम में ज्ञडदव्आॅक्सीकरण कमर्क के रूप में कायर् करता है। जब क्षारीय ज्ञडदव्की4 4 अभ्िावि्रफया ज्ञप् से करायी जाती है तो आयोडाइड आयन किसमें आॅक्सीवृफत होता है? ;पद्ध प्2 ;पपद्ध प्व्दृ दृ;पपपद्ध प्व्3 दृ;पअद्ध प्व्4 17ण् निम्नलिख्िात में से कौन - सा कथन सही नहीं है? ;पद्ध ब्न अम्लों से हाइड्रोजन मुक्त करता है। ;पपद्ध अपनी उच्चतर आॅक्सीकरण अवस्थाओं में, मैंगनीज आॅक्सीजन और फ्रलुओरीन के साथ स्थायी यौगिक बनाता है। ;पपपद्ध जलीय विलयन में डद3़ तथा ब्व3़ आॅक्सीकरण कमर्क होते हैं। ;पअद्ध जलीय विलयन में ज्प2़ तथा ब्त2़ अपचायन कमर्क होते हैं। 18ण् जब ैद2़ लवणों में अम्लीवृफत ज्ञब्तव्विलयन मिलाया जाता है, तो ैद2़ ऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋ में22 7 परिवतिर्त होता है। ;पद्ध ैद ;पपद्ध ैद3़ ;पपपद्ध ैद4़ ;पअद्ध ैद़ 19ण् मैंगनीज की फ्रलुओराइडों में अध्िकतम आक्सीकरण अवस्था ़4 ;डदथ्द्धहोती है परन्तु आॅक्साइडों में 4अध्िकतम आक्सीकरण अवस्था ़ 7 ;डदव्द्ध होती है क्योंकि ऋऋऋऋऋऋऋऋऋ।27;पद्ध फ्रलुओरीन आॅक्सीजन से अध्िक विद्युत् )णात्मक होती है। ;पपद्ध फ्रलुओरीन में क.कक्षक नहीं होते। ;पपपद्ध फ्रलुओरीन निम्नतर आॅक्सीकरण अवस्था को स्थायित्व देती है। ;पअद्ध सहसंयोजी यौगिक में फ्रलुओरीन केवल एक बंध् बना सकती है जबकि आॅक्सीजन दो बंध् बनाती है। 20ण् यद्यपि शकोर्नियम 4क संव्रफमण श्रेणी से तथा हैपफनियम 5क संव्रफमण श्रेणी से संबंध् रखता है, पिफर भी ये समान भौतिक और रासायनिक गुण प्रदश्िार्त करते हैं, क्योंकि - ;पद्ध दोनों क.ब्लाॅक से संबंध्ित हैं। ;पपद्ध दोनों में इलेक्ट्राॅनों की संख्या समान है। ;पपपद्ध दोनों की परमाणु त्रिाज्याएँ समान हैं। ;पअद्ध दोनों आवतर् सारणी के एक ही वगर् से संबंध् रखते हैं। 21ण् ज्ञडदव्की आॅक्सीकरण अभ्िावि्रफयाओं में माध्यम को अम्लीय बनाने के लिए भ्ब्स का प्रयोग क्यों4 नहीं किया जाता? ;पद्ध भ्ब्स और ज्ञडदव्दोनों ही आॅक्सीकरण कमर्कों जैसा व्यवहार करते हैं।;पपद्ध ज्ञडदव् ए भ्ब्स को ब्समें आॅक्सीवृफत कर देता है जो कि एक आक्सीकरण कमर्क है।4 42 ;पपपद्ध ज्ञडदव् ए भ्ब्स की अपेक्षा एक दुबर्ल आॅक्सीकरण कमर्क है।4;पअद्ध भ्ब्स की उपस्िथति में ज्ञडदव्अपचयन कमर्क की तरह व्यवहार करता है।4 प्प्ण् बहुविकल्प प्रश्न ;प्ररूप.प्प्द्ध नोट - निम्नलिख्िात प्रश्नों में दो या इससे अध्िक विकल्प सही हो सकते हैं। 22ण् धतु आयनों में अयुगलित इलेक्ट्राॅनों की उपस्िथति के कारण संव्रफमण तत्व और उनके लवण सामान्यतः रंगीन होते हैं। निम्नलिख्िात में से कौन - से यौगिक रंगीन हैं? ;पद्ध ज्ञडदव्;पपद्ध ब्म ;ैव्द्ध4 42 ;पपपद्ध ज्पब्स4 ;पअद्ध ब्नब्स22 23ण् इलेक्ट्राॅनों के प्रचव्रफण और कक्षीय गति के कारण संव्रफमण तत्व चुम्बकीय आघूणर् प्रदश्िार्त करते हैं। निम्नलिख्िात में से कौन - से धतु आयनों के प्रचव्रफण - मात्रा चुम्बकीय आघूणर् लगभग समान हैं? ;पद्ध ब्व2़ ;पपद्ध ब्त2़ ;पपपद्ध डद2़ ;पअद्ध ब्त3़ 24ण् अम्लीय माध्यम में ब्त ;टप्द्ध डाइव्रफोमेट के रूप में प्रबल आॅक्सीकरण कमर्क है परन्तु डवव्में डव3 ;टप्द्ध और ॅव्में ॅ;टप्द्ध ऐसा नहीं करते क्योंकि ऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋ।;पद्ध ब्त ;टप्द्धए डव ;टप्द्ध और ॅ ;टप्द्ध से अध्िक स्थायी है। 3 ;पपद्ध डव ;टप्द्ध और ॅ ;टप्द्ध ब्त ;टप्द्ध से अध्िक स्थायी हैं। ;पपपद्ध वगर् - 6 के संव्रफमण तत्वों में से भारी सदस्यों की उच्च आॅक्सीकरण अवस्थाएँ अध्िक स्थायी होती हैं। ;पअद्ध वगर् - 6 के संव्रफमण तत्वों में से भारी सदस्यों की निम्न आॅक्सीकरण अवस्थाएँ अध्िक स्थायी होती हैं। 25ण् निम्नलिख्िात में से कौन - से ऐक्िटनाॅयड ़7 तक आॅक्सीकरण अवस्थाएँ प्रदश्िार्त करते हैं? ;पद्ध ।उ ;पपद्ध च्न ;पपपद्ध न् ;पअद्ध छच 26ण् ऐक्िटनाॅयडों का सामान्य इलेक्ट्राॅनिक विन्यास ;ददृ2द्ध ि1दृ14 ;द.1द्धक 0दृ2 दे 2 है। निम्नलिख्िात में से कौन - से ऐक्िटनाॅयडों के 6क कक्षक में एक इलेक्ट्राॅन होता है? ;पद्ध न् परमाणु संख्या 92 ;पपद्ध छच परमाणु संख्या 93 ;पपपद्ध च्न परमाणु संख्या 94 ;पअद्ध ।उ परमाणु संख्या 95 27ण् निम्नलिख्िात में से कौन - से लैंथेनाॅयड अभ्िालक्षण्िाक आॅक्सीकरण अवस्था ़3 के अतिरिक्त ़2 आॅक्सीकरण अवस्था भी प्रदश्िार्त करते हैं? ;पद्ध ब्म ;पपद्ध म्न ;पपपद्ध ल्इ ;पअद्ध भ्व 28ण् निम्नलिख्िात आयनों में से कौन - से उच्चतर प्रचव्रफण - मात्रा चुम्बकीय आघूणर् मान प्रदश्िार्त करते हैं? ;पद्ध ज्प3़ ;पपद्ध डद2़ ;पपपद्ध थ्म2़ ;पअद्ध ब्व3़ 29ण् संव्रफमण तत्व हैलोजन के साथ द्वि - अंगी यौगिक बनाते हैं। निम्नलिख्िात में से कौन - से तत्व डथ्प्रकार के यौगिक बनाएंगे? ;पद्ध ब्त ;पपद्ध ब्व ;पपपद्ध ब्न ;पअद्ध छप 30ण् निम्नलिख्िात में से कौन - से आॅक्सीकरण कमर्क की भाँति कायर् नहीं करेंगे? ;पद्ध ब्तव्;पपद्ध डवव्3 3 ;पपपद्ध ॅव्3 2दृ;पअद्ध ब्तव्4 31ण् यद्यपि लैंथेनाॅयडों की अभ्िालक्षण्िाक आॅक्सीकरण अवस्था ़3 होती है परन्तु सीरियम ़ 4 आॅक्सीकरण अवस्था भी प्रदश्िार्त करता है क्योंकि ऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋ। ;पद्ध इसमें परिवतर्नशील आयनन एन्थैल्पी होती है। ;पपद्ध इसमें उत्वृफष्ट गैस विन्यास प्राप्त करने की प्रवृिा होती है। ;पपपद्ध इसमें ि0 विन्यास प्राप्त करने की प्रवृिा होती है। ;पअद्ध यह च्इ4़ से समानता रखता है। प्प्प्ण् लघु उत्तर प्रश्न 32ण् ब्न अम्लों से हाइड्रोजन प्रतिस्थापित क्यों नहीं करता? 33ण् डदए छप और र्द के म्ट मान अपेक्षा से अध्िक )णात्मक क्यों हैं? 34ण् ब्त की प्रथम आयनन एन्थैल्पी र्द की अपेक्षा कम क्यों है? 35ण् संव्रफमण तत्व उच्च गलनांक प्रदश्िार्त करते हैं, क्यों? 36ण् जब ब्न2़ आयन की अभ्िावि्रफया ज्ञप् से कराइर् जाती है, तो एक श्वेत रंग का अवक्षेप बनता है। अभ्िावि्रफया को रासायनिक समीकरण देकर समझाइए। 37ण् ब्नब्सऔर ब्नब्समें से कौन - सा अध्िक स्थायी है और क्यों?22 2 38ण् जब मैंगनीज के भूरे रंग के यौगिक ;।द्ध को भ्ब्स के साथ अभ्िावृफत किया जाता है तो एक गैस ;ठद्ध बनती है। इस गैस को आध्िक्य में छभ्से अभ्िावृफत कराने पर एक विस्पफोटक पदाथर् ;ब्द्ध बनता है। 3 ;।द्ध ए;ठद्ध और ;ब्द्ध को पहचानिए। 39ण् यद्यपि फ्रलुओरीन आॅक्सीजन से अध्िक )णविद्युती है, परन्तु उच्च आॅक्सीकरण अवस्थाओं को स्थायित्वप्रदान करने की आॅक्सीजन की योग्यता फ्रलुओरीन की अपेक्षा अध्िक है, क्यों? 40ण् यद्यपि ब्त3़ और ब्व2़ आयनों में अयुगलित इलेक्ट्राॅनों की संख्या समान है, परन्तु ब्त3़ का चुम्बकीय आघूणर् 3ण्87 ठड तथा ब्व2़ का 4ण्87 ठड है। क्यों? 41ण् ब्मए च्त और छक की आयनन एन्थैल्िपयाँ, ज्ीए च्ं और न् की अपेक्षा उच्च होती हैं। क्यों? 42ण् यद्यपि र्त का संबंध् 4क संव्रफमण श्रेणी से तथा भ् िका 5क संव्रफमण श्रेणी से है, परन्तु इन्हें पृथक करना बहुत कठिन होता है। क्यों? 43ण् यद्यपि लैंथेनाॅयडों की अभ्िालक्षण्िाक आॅक्सीकरण अवस्था ़3 है, परन्तु ब्म ़4 आॅक्सीकरण अवस्था भी दशार्ता है। क्यों? 44ण् ज्ञडदव्के अम्लीय विलयन में आॅक्सैलिक अम्ल का विलयन मिलाने पर इसका रंग उड़ जाता है।4 स्पष्ट करें क्यों? 45ण् जब नारंगी रंग के ब्तव्2दृ आयन के विलयन को एक क्षार के साथ अभ्िावृफत किया जाता है, तो पीले27 रंग का विलयन बनता है और जब इस पीले विलयन में भ़् आयन मिलाए जाते हैं, तो नारंगी विलयन बनता है। स्पष्ट कीजिए कि ऐसे वैफसे होता है? 46ण् ज्ञडदव्के विलयन का अपचयन होने पर, रंगहीन विलयन, भूरा अवक्षेप या हरा विलयन बनना,4 विलयन की चभ् पर निभर्र करता है। रंगहीन विलयन, भूरा, अपक्षेप और हरा विलयन अपचयन के जिन चरणों को प्रदश्िार्त करते हैं उनकी अभ्िावि्रफया लिख्िाए। यह परिवतर्न वैफसे किए जाते हैं? 47ण् संव्रफमण तत्वों की दूसरी और तीसरी पंक्ितयाँ, पहली पंक्ित की अपेक्षा, परस्पर अध्िक समानता रखती हैं। समझाइए क्यों? 48ण् ब्न का म्ट मान ़ 0ण्34ट होता है जबकि र्द का दृ 0ण्76ट होता है। स्पष्ट कीजिए। 49ण् धतु की आॅक्सीकरण अवस्था के बढ़ने के साथ संव्रफमण तत्वों के हैलाइड अध्िक सहसंयोजक हो जाते हैं। क्यों? 50ण् परमाणु कक्षकों में इलेक्ट्राॅन भरते समय, 4े कक्षक 3क कक्षक से पहले भरा जाता है, परन्तु परमाणु के आयनन के समय इसके विपरीत होता है। समझाइए क्यों? 51ण् संव्रफमण तत्वों की सवि्रफयता ैब से ब्न तक लगभग लगातार घटती है। स्पष्ट कीजिए। क्यों? प्टण् सुमेलन प्ररूप प्रश्न नोट - निम्नलिख्िात प्रश्नों में काॅलम प् और काॅलम प्प् के मदों को सुमेलित कीजिए। 52ण् काॅलम प् में दिए गए उत्प्रेरकों को काॅलम प्प् में दिए गए प्रव्रफमों से सुमेलित कीजिए। काॅलम प् ;उत्प्रेरकद्ध काॅलम प्प् ;प्रव्रफमद्ध ;पद्ध हाइड्रोजन की उपस्िथति में छप ;ंद्धत्सीग्लर नट्टा उत्प्रेरक ;पपद्ध ब्नब्स;इद्धसम्पवर्फ प्रव्रफम 22 ;पपपद्ध ट2व्;बद्धवनस्पति तेल से घी 5 ;पअद्ध सूक्ष्म विभाजित आयरन ;कद्धसैन्डमायर अभ्िावि्रफया ;अद्ध ज्पब्स ़ ।स ;ब्भ्द्ध;मद्धहाबर प्रव्रफम 433 ;द्धि ज्ञब्सव्का अपघटन3 53ण् काॅलम प् में दिए गए यौगिकों/तत्वों को काॅलम प्प् में दिए गए उपयोगों से सुमेलित कीजिए। काॅलम प् ;यौगिक/तत्वद्ध काॅलम प्प् ;उपयोगद्ध ;पद्ध लैंथेनाॅयड आॅक्साइड ;ंद्धआयरन मिश्रातु का उत्पादन ;पपद्ध लैंथेनाॅयड ;इद्धटेलीविजन स्व्रफीन ;पपपद्ध मिश धतु ;बद्धपेट्रोलियम का भंजन ;पअद्ध मैग्नीश्िायम आधरित मिश्रातु जिसका अवयव है ;कद्धलैंथेनाॅयड धतु $ आयरन ;अद्ध जहाँ लैंथेनाॅयडों के मिश्रित आॅक्साइडों का ;मद्धबंदूक की गोलियाँ उपयोग करते हैं। ;द्धि ग्.किरण परदे पर 54ण् काॅलम प् में दिए गए गुणों को काॅलम प्प् में दी गइर् धतुओं से सुमेलित कीजिए। काॅलम प् ;गुणद्ध काॅलम प्प् ;धतुद्ध ;पद्ध वह तत्व जो कि ़8 आॅक्सीकरण अवस्था ;ंद्ध डद प्रदश्िार्त कर सकता है। ;पपद्ध 3क ब्लाॅक का वह तत्व जो ़7 तक ;इद्धब्त आॅक्सीकरण अवस्था प्रदश्िार्त कर सकता है। ;पपपद्ध उच्चतम गलनांक वाला 3क ब्लाॅक तत्व ;बद्ध व्े ;कद्धथ्म 55ण् काॅलम प् में दिए गए कथनों को काॅलम प्प् में दी गइर् आॅक्सीकरण अवस्थाओं से सुमेलित कीजिए। काॅलम प् काॅलम प्प् ;पद्ध डदव् में डद की आॅक्सीकरण अवस्था ;ंद्ध ़ 22 ;पपद्ध डद की सबसे अध्िक स्थायी आॅक्सीकरण अवस्था ;इद्ध ़ 3 ;पपपद्ध आॅक्साइडों में डद की सवार्ध्िक स्थायी ;बद्ध ़ 4 आॅक्सीकरणअवस्था ;कद्ध ़ 5 ;पअद्ध लैंथेनाॅयडों की अभ्िालक्षण्िाक ;मद्ध ़ 7 आॅक्सीकरण अवस्था 56ण् काॅलम प् में दिए गए विलयनों और काॅलम प्प् में दिए गए रंगों को सुमेलित कीजिए। काॅलम प् ;लवणों का जलीय विलयनद्ध काॅलम प्प् ;रंगद्ध ;पद्ध थ्मैव्ण्7भ्व् ;ंद्ध हरा 4 2;पपद्ध छपब्सण्4भ्व् ;इद्धहलका गुलाबी 2 2;पपपद्ध डदब्सण्4भ्व् ;बद्ध नीला 2 2;पअद्ध ब्वब्सण्6भ्व् ;कद्धपीला - हरा ;अद्ध ब्नब्स ;मद्ध गुलाबी 2222 ;द्धि रंगहीन 57ण् काॅलम प् में दिए गुणों और काॅलम प्प् में दिए तत्वों को सुमेलित कीजिए। काॅलम प् ;गुणद्ध काॅलम प्प् ;तत्वद्ध ;पद्ध लैंथेनाॅयड जो ़4 आॅक्सीकरण ;ंद्ध च्उ अवस्था प्रदश्िार्त करता है। ;पपद्ध लैंथेनाॅयड जो ़2 आॅक्सीकरण ;इद्धब्म अवस्था प्रदश्िार्त कर सकता है। ;पपपद्ध रेडियोऐक्िटव लैंथेनाॅयड ;बद्ध स्न ;पअद्ध लैंथेनाॅयड जिसका ़3 आॅक्सीकरण ;कद्धम्न अवस्था में 4 ि7 इलेक्ट्राॅनिक विन्यास होता है। ;अद्ध लैंथेनाॅयड जिसका ़3 आॅक्सीकरण अवस्था में ;मद्ध ळक 4 ि14 इलेक्ट्राॅनिक विन्यास होता है। ;द्धि क्ल 58ण् काॅलम प् में दिए गए गुणों और काॅलम प्प् में दी गइर् धतुओं को सुमेलित कीजिए। काॅलम प् ;गुणद्ध काॅलम प्प् ;धतुद्ध ;पद्ध उच्चतम द्वितीय आयनन एन्थैल्पी वाला तत्व ;पद्ध ब्व ;पपद्ध उच्च्तम तृतीय आयनन एन्थैल्पी वाला तत्व ;पपद्ध ब्त ;पपपद्ध ड ;ब्व्द्ध में ड ;पपपद्ध ब्न6 ;पअद्ध उच्चतम कणीकरण उफष्मा वाला तत्व ;पअद्ध र्द ;अद्ध छप टण् अभ्िाकथन एवं तवर्फ प्ररूप प्रश्न नोट - निम्नलिख्िात प्रश्नों में अभ्िाकथन के पश्चात संगत तवर्फ का कथन दिया है। निम्नलिख्िात विकल्पोंमें से कथन का चयन करके सही उत्तर दीजिए। ;पद्ध अभ्िाकथन और तवर्फ दोनों सही हैं और तवर्फ अभ्िाकथन का सही स्पष्टीकरण है। ;पपद्ध अभ्िाकथन और तवर्फ दोनों सही कथन हैं परन्तु तवर्फ अभ्िाकथन का सही स्पष्टीकरण नहीं है। ;पपपद्ध अभ्िाकथन गलत है परन्तु तवर्फ सही कथन है। ;पअद्ध अभ्िाकथन और तवर्फ दोनों ही गलत कथन हैं। 59ण् अभ्िाकथन - ब्न2़ आयोडाइड ज्ञात नहीं है। दृतवर्फ - ब्न2़ए स को आयोडीन में आॅक्सीवृफत कर देता है। 60ण् अभ्िाकथन - र्त और भ् िका पृथक्करण कठिन होता है। तवर्फ - क्योंकि र्त और भ् िआवतर् सारणी के एक ही वगर् में हैं। 61ण् अभ्िाकथन - लैंथेनाॅयडों की तुलना में ऐक्िटनाॅयड आपेक्ष्िाक रूप से कम स्थायी संवुफल बनाते हैं। तवर्फ - ऐक्िटनाॅयड बंध् बनाने हेतु 6क कक्षकों के साथ अपने 5 िकक्षक भी उपयोग में ले सकते हैं, परन्तु लैंथेनाॅयड बंध् बनाने में अपने 4 िकक्षक उपयोग में नहीं लेते। 62ण् अभ्िाकथन - ब्न अम्लों से हाइड्रोजन मुक्त नहीं कर सकता। तवर्फ - क्योंकि इसका इलेक्ट्रोड विभव ध्नात्मक होता है। 63ण् अभ्िाकथन - आॅस्िमयम की उच्चतम आॅक्सीकरण अवस्था ़8 है। तवर्फ - आॅस्िमयम 5क.ब्लाॅक तत्व है। टप्ण् दीघर् उत्तर प्रश्न 64ण् । से म् को पहचानिए और सम्िमलित अभ्िावि्रफयाओं को भी समझाइए। ब्नब्व्3 ब्नव् ;क्द्ध ब्नै के साथ गरम करना ब्ं;व्भ्द्ध2 ;।द्ध ;म्द्धभ्छव्;सांद्रद्ध3 दूध्िया;ठद्ध ब्व्2 छभ्;ंुण्द्ध3;ब्द्ध ब्ं;भ्ब्व्द्ध32 नीला विलयन पारदशीर् विलयन 65ण् जब वायु के आध्िक्य में एक व्रफोमाइट अयस्क ;।द्धको सोडियम काबोर्नेट के साथ संगलित किया जाता है और उत्पाद को जल में घोला जाता है तो यौगिक ;ठद्ध का पीले रंग का विलयन प्राप्त होता है। पीलेरंग के विलयन को सल्फ्रयूरिक अम्ल से अभ्िावृफत कराने के पश्चात यौगिक ;ब्द्ध को विलयन में से वि्रफस्टलीवृफत किया जा सकता है। जब यौगिक ;ब्द्ध को ज्ञब्स के साथ अभ्िावृफत कराते हैं तो यौगिक ;क्द्ध के नारंगी वि्रफस्टल प्राप्त होते हैं। ;।द्धसे ;क्द्ध तक यौगिकों को पहचानिए और अभ्िावि्रफयाओं को भी समझाइए। 66ण् जब मैंगनीज के एक आॅक्साइड ;।द्ध को एक आॅक्सीकरण कमर्क की उपस्िथति में ज्ञव्भ् के साथ संगलित किया जाता है और जल में घोला जाता है तो यह यौगिक ;ठद्ध का गहरे हरे रंग का विलयन देता है। उदासीन या अम्लीय विलयन में यौगिक ;ठद्ध असमानुपतित होकर बैंगनी रंग का यौगिक ;ब्द्ध देता है। यौगिक ;ब्द्धका क्षारीय विलयन ज्ञप् विलयन को यौगिक ;क्द्धमें आॅक्सीवृफत कर देता है। ;।द्ध से ;क्द्ध तक यौगिकों को पहचानिए तथा सम्िमलित अभ्िावि्रफयाओं को स्पष्ट भी कीजिए। 67ण् लैंथेनाॅयड संवुफचन के आधर पर निम्नलिख्िात को स्पष्ट कीजिए - ;पद्ध स्ंव्और स्नव्में बंध्न की प्रवृफति।23 23 ;पपद्ध स्ं से स्न तक लैंथेनाॅयडों के आॅक्सो - लवणों के स्थायित्व की प्रवृिा। ;पपपद्ध लैंथेनाॅयडों के संवुफलों का स्थायित्व। ;पअद्ध 4क और 5क ब्लाॅक तत्वों की त्रिाज्याएँ। ;अद्ध लैंथेनाॅयड आॅक्साइडों के अम्लीय गुण की प्रवृिा। 68ण् ;कद्ध निम्नलिख्िात प्रश्नों के उत्तर दीजिए। ;पद्ध प्रथम संव्रफमण श्रेणी के कौन - से तत्व की द्वितीय आयनन एन्थैल्पी उच्चतम होती है? ;पपद्ध प्रथम संव्रफमण श्रेणी के कौन - से तत्व की तृतीय आयनन एन्थैल्पी उच्चतम होती है? ;पपपद्ध प्रथम संव्रफमण श्रेणी के कौन - से तत्व की कणीकरण एन्थैल्पी निम्नतम होती है? ;खद्ध धतु को पहचानिए और अपने उत्तर का औचित्य भी दीजिए। ;पद्ध काबोर्निल ड ;ब्व्द्ध5 ;पपद्ध डव्थ्369ण् उन यौगिकों के प्रकार का उल्लेख कीजिए, जिनमें संव्रफमण धतुओं के वि्रफस्टल जालक के मध्य भ्ए ब् और छ जैसे छोटे परमाणु पंफसे होते हैं। इन यौगिकों के भौतिक और रासायनिक गुण भी दीजिए। 70ण् ;कद्ध संव्रफमण धतु उत्प्रेरक के रूप में कायर् कर सकते हैं, क्योंकि ये अपनी आॅक्सीकरण अवस्था परिवतिर्त कर सकते हैं। थ्म;प्प्प्द्ध किस प्रकार आयोडीन और परसल्पेफट आयनों के मध्य अभ्िावि्रफया को उत्प्रेरित करता है? ;खद्ध किन्हीं तीन प्रव्रफमों का उल्लेख कीजिए, जहाँ संव्रफमण धतु उत्प्रेरक के रूप में कायर् करते हैं। 71ण् मैंगनीश का बैंगनी रंग का यौगिक ;।द्ध गरम करने पर वियोजित होकर आॅक्सीजन निष्काष्िात करता है और मैंगनीश के यौगिक ;ठद्ध तथा ;ब्द्ध बनते हैं। यौगिक ;ब्द्ध पोटैश्िायम नाइट्रेट की उपस्िथति में ज्ञव्भ् से अभ्िावि्रफया करके यौगिक ;ठद्धबनाता है। यौगिक ;ब्द्धको सांद्र भ्ैव्और छंब्स मिलाकर24 गरम करने से क्लोरीन गैस निकलती है और दूसरे उत्पादों के साथ मैंगनीश का यौगिक ;क्द्ध बनता है। ;।द्धसे ;क्द्ध तक यौगिकों को पहचानिए और निहित अभ्िावि्रफयाओं को स्पष्ट कीजिए। प्ण् बहुविकल्प प्रश्न ;प्ररूप - प्द्ध 1ण् ;पपद्ध 2ण् ;पद्ध 3ण् ;पअद्ध 4ण् ;पपद्ध 5ण् ;पद्ध 6ण् ;पपद्ध 7ण् ;पपद्ध 8ण् ;पद्ध 9ण् ;पअद्ध 10ण् ;पपपद्ध 11ण् ;पद्ध 12ण् ;पद्ध 13ण् ;पद्ध 14ण् ;पअद्ध 15ण् ;पपद्ध 16ण् ;पपपद्ध 17ण् ;पद्ध 18ण् ;पपपद्ध 19ण् ;पअद्ध 20ण् ;पपपद्ध 21ण् ;पपद्ध प्प्ण् बहुविकल्प प्रश्न ;प्ररूप - प्प्द्ध 22ण् ;पद्धए ;पपद्ध 23ण् ;पद्धए ;पअद्ध 24ण् ;पपद्धए ;पपपद्ध 25ण् ;पपद्धए ;पअद्ध 26ण् ;पद्धए ;पपद्ध 27ण् ;पपद्धए ;पपपद्ध 28ण् ;पपद्धए ;पपपद्ध 29ण् ;पद्धए ;पपद्ध 30ण् ;पपद्धए ;पपपद्ध 31ण् ;पपद्धए ;पपपद्ध प्प्प्ण् लघु उत्तर प्रश्न 32ण् ब्न ध्नात्मक म्ट मान प्रदश्िार्त करता है। 33ण् संकेत - डद2़ तथा र्द2़ के )णात्मक म्ट मान व्रफमशः उनके अध्र्पूणर् और पूणर् विन्यासों के स्थायित्व से संबंध्ित होते हैं। परन्तु छप2़ का म्ट मान जलयोजन की उच्चतम )णात्मक एन्थैल्पी से संबंध्ित होता है। 34ण् क 5 के स्थायित्व के कारण ब्त की आयनन एन्थैल्पी निम्न होती है और र्द के लिए मान उच्चतर होता है क्योंकि इसमें इलेक्ट्राॅन 4े कक्षक से निकलता है। 35ण् संव्रफमण धतुओं के उच्च गलनांक दे इलेक्ट्राॅन के अतिरिक्त बड़ी संख्या में ;द.1द्ध क इलेक्ट्राॅनों के अंतरापरमाणुक धात्िवक बंध्न मंे भाग लेने के कारण होते हैं। 36ण् संकेत - ब्न2़ का अपचयन ब्ऩ में हो जाता है। 2ब्न2़ ़ 4प्दृ ⎯→ ब्न2प्2 ़ प्2 ;सपेफद अवक्षेपद्ध 37ण् संकेत - ब्नब्सकी अपेक्षा ब्नब्सअध्िक स्थायी होता है। ब्न2़ ;ंुद्ध के अध्िक स्थायी होने 22 2 का कारण है कि ब्ऩ ;ंुद्धकी अपेक्षा ब्न2़;ंुद्धका Δीलकभ्ट बहुत अध्िक )णात्मक होता है। 38ण् । त्र डदव्ठ त्र ब्सब् त्र छब्स22 3 डदव्2 ़ 4भ्ब्स ⎯→ डदब्स2 ़ ब्स2 ़ 2भ्2व् ;।द्ध ;ठद्ध छभ्3 ़ 3ब्स2 ⎯→ छब्स3 ़ 3भ्ब्स ;आध्िक्यद्ध ;ब्द्ध 39ण् संकेत - ऐसा धतुओं के साथ आॅक्सीजन की बहुबंध् बनाने की योग्यता के कारण है। 40ण् संकेत - सममित इलेक्ट्राॅनिक विन्यास के कारण ब्त3़ आयन में कक्षीय योगदान नहीं है। परन्तु ब्व2़ आयन में सुप्रेक्ष्य योगदान पाया जाता है। 41ण् संकेत - इसका कारण है कि प्रारम्भ में, जब 5 िकक्षक भरे जाते हैं तो वे इलेक्ट्राॅनों की आन्तरिक व्रफोड को कम वेिात करते हैं। अतः 5 िइलेक्ट्राॅन संगत लैंथेनाॅयड के 4 िइलेक्ट्राॅनों की अपेक्षा नाभ्िाक आवेश से अध्िक प्रभावशाली रूप से परिरक्ष्िात होंगे। अतः बाह्य इलेक्ट्राॅन कम दृढ़ता से बंध्े रहते हैं और ये ऐक्िटनाॅयडों में बंध्न हेतु उपलब्ध् रहते हैं। 42ण् संकेत - लैंथेनाॅयड संवुफचन के कारण इनका साइश लगभग समान है ;र्तए 160 चउ और भ्एि 159 चउद्ध 43ण् इसका कारण यह है कि ब्म एक इलेक्ट्राॅन खोकर स्थायी इलेक्ट्राॅनिक विन्यास 4 ि0 प्राप्त कर लेता है। 44ण् ज्ञडदव्आॅक्सीकरण कमर्क के रूप में कायर् करता है। यह आॅक्सैलिक अम्ल को ब्व्में4 2 आॅक्सीवृफत करता है और स्वयं डद2़ में परिवतिर्त हो जाता है जोकि रंगहीन होता है। दृ5ब्व्2दृ ़ 2डदव् ़ 16भ़् ⎯→ 2डद2़ ़ 8भ्व् ़ 10ब्व्244 22 ;रंगीनद्ध ;रंगहीनद्ध दृ 2दृव्भ् 2दृब्तव् 45ण् ब्तव् 27़ 4भ् डाइव्रफोमेट व्रफोमेट ;नारंगीद्ध ;पीलाद्ध 46ण् ज्ञडदव्का आॅक्सीकारक व्यवहार विलयन की चभ् पर निभर्र करता है।4 अम्लीय माध्यम में ;च्भ्ढ7द्ध, दृडदव्4 ़ 8भ़् ़ 5मदृ ⎯→ डद2़ ़ 4भ्2व् ;रंगहीनद्ध क्षारीय माध्यम में ;च्भ्झ7द्ध डदव्4दृ ़ मदृ ⎯→ डदव्42दृ ;हराद्ध उदासीन माध्यम में ;च्भ्त्र7द्ध डदव्4दृ ़ 2भ्2व् ़ 3मदृ ⎯→ डदव्2 ़ 4व्भ्दृ ;भूरा अवक्षेपद्ध 47ण् लैंथेनाॅयड संवुफचन के कारण, संव्रफमण तत्वों की दूसरी और तीसरी पंक्ित की परमाणु त्रिाज्याएँ लगभग बराबर हो जाती हैं। अतः उनमें पहली पंक्ित की अपेक्षा परस्पर अध्िक समानता होती है। 48ण् संकेत - ब्न;ेद्ध से ब्न2़ ;ंुद्ध में परिवतर्न के लिए उच्च आयनन एन्थैल्पी उसकी जलयोजन एनथैल्पी से संतुलित नहीं हो पाती। परन्तु र्द के लिए 4े.कक्षक से इलेक्ट्राॅन निकालने पर स्थायी 3क10 विन्यास प्राप्त होता है। 49ण् जैसे - जैसे आॅक्सीकरण अवस्था बढ़ती है, संव्रफमण तत्व के आयन का आकार कम हो जाता है। पफायानन नियम के अनुसार, जैसे - जैसे धतु आयन का आकार कम होता है, बनने वाले बंध् का सहसंयोजक लक्षण बढ़ जाता है। 50ण् द ़ स नियम - 3क के लिए द ़ स त्र 5 4े के लिए द ़ स त्र 4 अतः इलेक्ट्राॅन 4े कक्षक में जाएगा। परमाणु के आयनन के लिए आयनन एन्थैल्पी उत्तरदायी होती है। 4े कक्षक नाभ्िाक से ढीले बंधे होते हैं। अतः इलेक्ट्राॅन 3क से पहले 4े कक्षक से निकलते हैं। 51ण् ख्संकेत - ऐसा आयनन एन्थैल्पी के लगातार बढ़ने के कारण होता है।, प्टण् सुमेलन प्ररूप प्रश्न 52ण् ;पद्ध → ;बद्ध;पपद्ध → ;कद्ध;पपपद्ध → ;इद्ध;पअद्ध → ;मद्ध;अद्ध → ;ंद्ध 53ण् ;पद्ध → ;इद्ध;पपद्ध → ;ंद्ध;पपपद्ध → ;कद्ध;पअद्ध → ;मद्ध;अद्ध → ;बद्ध 54ण् ;पद्ध → ;बद्ध;पपद्ध → ;ंद्ध;पपपद्ध → ;इद्ध 55ण् ;पद्ध → ;बद्ध;पपद्ध → ;ंद्ध;पपपद्ध → ;मद्ध;पअद्ध → ;इद्ध 56ण् ;पद्ध → ;कद्ध;पपद्ध → ;ंद्ध;पपपद्ध → ;इद्ध;पअद्ध → ;मद्ध;अद्ध → ;द्धि 57ण् ;पद्ध → ;इद्ध;पपद्ध → ;कद्ध;पपपद्ध → ;ंद्ध;पअद्ध → ;मद्ध;अद्ध → ;बद्ध 58ण् ;पद्ध → ;बद्ध;पपद्ध → ;कद्ध;पपपद्ध → ;इद्ध;पअद्ध → ;ंद्ध टण् अभ्िाकथन एवं तवर्फ प्ररूप प्रश्न 59ण् ;पद्ध 60ण् ;पपद्ध 61ण् ;पपपद्ध 62ण् ;पद्ध 63ण् ;पपपद्ध टप्ण् दीघर् उत्तर प्रश्न 64ण् । त्र ब्न ठ त्र ब्न;छव्3द्धब् त्र ख्ब्न;छभ्3द्ध, क् त्र ब्व्म् त्र ब्ंब्व्2 423 ब्नब्व्3 ⎯→ ब्नव् ़ ब्व्2 ब्नव् ़ ब्नै ⎯→ ब्न ़ ैव्2;।द्ध ब्न ़ 4भ्छव्;सांद्रद्ध ⎯→ ब्न;छव्द्ध ़ 2छव् ़ 2भ्व्3 322;ठद्ध ब्न2़ ़ छभ्⎯→ ख्ब्न;छभ्द्ध,3 34;ब्द्ध ब्ं;व्भ्द्ध ़ ब्व्⎯→ ब्ंब्व् ़ भ्व्22 32;क्द्ध ;म्द्ध ब्ंब्व् ़ भ्व् ़ ब्व्⎯→ ब्ं ;भ्ब्व्द्ध32 2 32 65ण् । त्र थ्मब्तव्ठ त्र छंब्तव्ब् त्र छंब्तव्ण्2भ्व् क् त्र ज्ञब्तव्24 24 2272227 4थ्मब्तव् ़ 8छंब्व् ़ 7व्⎯→ 8छंब्तव् ़ 2थ्मव् ़ 8ब्व्24232 24232 ;।द्ध;ठद्ध 2छंब्तव् ़ 2भ़् ⎯→ छंब्तव् ़ 2छं़ ़ भ्व्42272छंब्तव् ़ 2ज्ञब्स ⎯→ ज्ञब्तव् ़ 2छंब्स22 7227;ब्द्ध ;क्द्ध 66ण् । त्र डदव्ठ त्र ज्ञडदव्ब् त्र ज्ञडदव्क् त्र ज्ञप्व्224 43 2 डदव् ़ 4ज्ञव्भ् ़ व्⎯→ 2ज्ञडदव् ़ 2भ्व्22 242;।द्ध ;ठद्ध दृ3डदव्2दृ ़ 4भ़् ⎯→ 2डदव् ़ डदव् ़ 2भ्व्4 422;ब्द्ध 2डदव्दृ ़ भ्व् ़ ज्ञप् ⎯→ 2डदव् ़ 2व्भ्दृ ़ ज्ञप्व्4 223 ;।द्ध;क्द्ध 67ण् संकेत - ;पद्ध जैसे - जैसे आकार घटता है, सहसंयोजक गुण बढ़ता है। अतः स्ंव्अध्िक आयनिक23 और स्नव्अध्िक सहसंयोजक है।23 ;पपद्ध जैसे - जैसे स्ं से स्न तक साइज घटता है, आॅक्सो - लवणों का स्थायित्व भी घटता है। ;पपपद्ध जैसे - जैसे लैंथेनाॅयडों का आकार घटता है, संवुफलों का स्थायित्व बढ़ता है। ;पअद्ध 4क और 5क ब्लाॅक तत्वों की त्रिाज्याएँ लगभग समान होंगी। ;अद्ध स्ं से स्न तक इनके आॅक्साइडों के अम्लीय गुण बढ़ते हैं। 68ण्;कद्ध;पद्ध ब्न क्योंकि ब्न का इलेक्ट्राॅनिक विन्यास 3क104े 1 है। अतः दूसरा इलेक्ट्राॅन पूणर् भरे क.कक्षक से हटाना होगा। ;पपद्ध र्दए ख्संकेत - भाग ;पद्ध देखें।, ;पपपद्ध र्द ख्संकेत - धत्िवक बन्ध् के लिए कोइर् अयुगलित इलेक्ट्राॅन नहीं है।, ;खद्ध ;पद्ध थ्म;ब्व्द्ध ख्संकेत - म्।छ नियम,5;पपद्ध डदव्थ् ख्संकेत - डद ़7 आॅक्सीकरण अवस्था प्रदश्िार्त करता हैऋ बंध्न में क.इलेक्ट्राॅन3सम्िमलित नहीं होते।, 69ण् अंतराकाशी यौगिक अभ्िालक्षण्िाक गुण - ;पद्ध उच्च गलनांक, शु( धतुओं से अध्िक। ;पपद्ध बहुत कठोर ;पपपद्ध धत्िवक चालकता बनी रहती है। ;पअद्ध रासायनिक दृष्िट से अवि्रफय। 70ण्;कद्ध आयोडाइड और परसल्पेफट आयनों के मध्य होने वाली अभ्िावि्रफया है - 2प्दृ ़ ैव्2दृ ⎯⎯⎯⎯→थ्म;प्प्प्द्ध प् ़ 2ैव्2दृ 28 24 थ्म ;प्प्प्द्ध आयनों की भूमिका - 2थ्म3़ ़ 2प्दृ ⎯→ 2थ्म2़ ़ प्2 व्2दृ2थ्म2़ ़ ै⎯→ 2थ्म3़ ़ 2ैव्2दृ 28 4 ;खद्ध ;पद्ध ैव्के ैव्में आॅक्सीकरण के संपवर्फ प्रव्रफम में वैनेडियम ;टद्ध आॅक्साइड। 23 ;पपद्ध छऔर भ्के छभ्में परिवतर्न हेतु हाबर प्रव्रफम में सूक्ष्म विभाजित आयरन।22 3 ;पपपद्ध ज्ञब्सव्से आॅक्सीजन के विरचन में डदव्।32 71ण् । त्र ज्ञडदव्ठ त्र ज्ञडदव्ब् त्र डदव्क् त्र डदब्स4242 2 ज्ञडदव्→ ज्ञडदव् ़ डदव् ़ व्4 ⎯⎯⎯Δ 2422 ;।द्ध;ठद्ध;ब्द्ध डदव् ़ ज्ञव्भ् ़ व्⎯→ 2ज्ञडदव् ़ 2भ्व्22 242डदव् ़ 4छंब्स ़ 4भ्ैव्⎯→ डदब्स ़ 2छंभ्ैव् ़ 2भ्व् ़ ब्स224 2422 ;क्द्ध

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