काम अपने अपने रोश की तरह बलबीर नाश्ता कर के पहुँच गया चाय की दुकान पर। आज उसके साथ गाँव से आया उसका भाइर् सतविंदर भी था। चाय वाले ने चाय पकड़ाते हुए कहा μ लो अखबार भी पढ़ो। आप यहाँ दिन भर समय वैफसे काटते हो? बैठे - बैठे उफब नहीं जाते? μ सतविंदर ने पूछा। 78 अरे, समय तो यँू निकल जाता है, पता ही नहीं चलता! वहाँ देखो, बच्चों को रोश की तरह स्वूफल पहँुचने में देर हो गइर् है। भाग रहें हैं सब! वह मैडम भी आज देर से आइर् हैं। अरे! लगता है, उनकी सैंडल टूट गइर् है। अब जा रही हैं, जग्गू भाइर् के पास, सैंडल ठीक करवाने। अच्छा है, जग्गू की सुबह - सुबह कमाइर् हो गइर्। पाठ पढ़ने से पहले यदि बच्चों को ध्यान से चित्रा देखने और समझने का मौका दिया जाए तो उनमें चित्रा अवलोकन का कौशल विकसित होगा। 79 वहाँ चंपा बैठी है, अपनी पूफलों की टोकरी सजाकर। पोस्टआॅपिफस में काम करने वाली मैडम रोश सुबह उससे पूफल खरीदती हैं। ट्रक में सामान आ रहा है। मकान का काम पिफर से शुरू हो गया है। मशदूर पिफर से दिन भर काम में लगे रहेंगे। उध्र अस्पताल की तरपफ देखो, डाॅक्टर और नसर् साथ - साथ आ रहे हैं।़उस रामुलू को देखो, पफल के ठेले के साथ। आजकल वह चिनम्मा को भी अपने साथ काम पर लाता है। चिनम्मा दौड़òकर पफल पहँुचाती है, पैसे इकट्टे करती है। वहाँ नानू नाइर् अपनी दुकान खोलकर हजामत करने के लिए तैयार बैठा है μ पर किस की करे? चैराहे के बीच खड़ा है इकबाल सिंह, जो दिन - भर सीटी बजाता है। पी इर् इर्..ऐ, गाड़ी इध्र से निकालो... सुना नहीं... ठेला इध्र...। इतना कहकर बलबीर ने चाय का खाली कप रखा और चल दिया पास की दुकान की तरपफ।़एक्िटंग करके दिखाओ μ किसी चैराहे पर, हाट - बाशार में लोग क्या - क्या कर रहे होते हैं। ❉ अब ध्यान से चित्रा देखकर लिखो कि क्या - क्या काम हो रहे हैं। ❉ तुम्हारे घर के आस - पड़ोस में होने वाले कोइर् पाँच काम लिखो। इन काम करने वालों को क्या कहते हैं उनके काम के सामने लिखो। काम क्या कहलाते हैं स्वूफटर - कार ठीक करना मैकेनिक पहले चित्रा में वुफछ इमारतें दिखाइर् गइर् हैं। यहाँ उन इमारतों के नाम पर लाल रंग से बनाओ। अब इनमें से तुम्हारे आस - पास जो इमारतें हैं, उन पर हरे या किसी और रंग से बनाओ। डाकघर अस्पताल मंदिर टेलीपफोन बूथ स्वफल ूकाॅलेज सरकारी दफ्रतर गिरजाघर ुंबहमजिला मकान मस्िजद होटल बस अîóा सिनेमाघर पुलिस थाना बैंक पेट्रोल पंप दुकान गुरुद्वारा ध्मर्शाला रेलवे स्टेशन कचहरी ❉ किन्हीं पाँच इमारतों के नाम और उनमें क्या काम होते हैं, लिखो। इमारत का नाम क्या - क्या काम होता है अस्पताल बीमारों का इलाज, बच्चों का टीका तुमने चित्रा में देखा कि नइर् इमारत बनाने के लिए बहुत सारे लोग एक साथ काम करते हैं। ❉ स्वूफल भी ऐसी जगह है, जहाँ कइर् लोग काम करते हैं। लिखो, स्वूफल में क्या - क्या काम होते हैं। ❉ क्या चित्रा में ऐसे बच्चे भी हैं, जो स्वूफल नहीं जा रहे? वे क्या कर रहे हैं? घर का काम दीपाली भी ऐसी ही एक लड़की है जो स्वूफल नहीं जाती। आओ, उसके बारे में जानेें। दीपाली अपने भाइर् - बहनों में सबसे बड़ी है। उसके पिताजी सब्शी की रेहड़ी लगाते हैं। वे सुबह चार बजे ही मंडी चले जाते हैं । उसकी माँ लोगों के घर बतर्न सापफ़करती है। वह भी सुबह जल्दी घर से चली जाती है। दीपाली अपने भाइर् - बहनों के लिए खाना बनाती है। घर की सप़्ाफाइर् के साथ - साथ वह बतर्न भी माँजती है। उसे रेडियो सुनने का बहुत शौक है। काम करते समय वह साथ - साथ गाने भी सुनती रहती है। काम खत्म करके वह अपने छोटे भाइर् राजू को पिताजी की रेहड़ी पर छोड़ती है। पिफर अपनी छोटी बहनों, सुमन और शीला को स्वूफल ले जाती है। उसके बाद दीपाली अपनी माँ के साथ काम में हाथ बँटाती है। दोपहर को वह अपने भाइर् - बहनों को घर लाती है। शाम को वह सभी बच्चों के साथ गली में खेलती है। शाम ढलने पर उसकी माँ घर आती है। दीपाली खाना पकाने में माँ की मदद करती है। उसके पिताजी देर रात को ही घर लौटते हैं। दीपाली रात को बिस्तर पर लेटकर अपनी बहनों की स्वूफल की किताबें पढ़ती है। वह भी तो तीसरी कक्षा तक पढ़ी है। तीन साल पहले जब उसका छोटा भाइर् पैदा हुआ, तब से दीपाली को घर पर रहना पड़ा उसका ध्यान रखने के लिए। वह पिफर आगे नहीं पढ़ पाइर्। दीपाली को लगता है कि किताबें पढ़ने से उसकी दिन भर की थकावट दूर हो जाती है। शायद आज भी उसे मौका मिले, तो वह स्वूफल जाना चाहेगी। ❉ दीपाली अपने घर के क्या - क्या काम करती है? ❉ क्या तुम भी अपने घर के काम करते हो? यदि हाँ, तो कौन - कौन से? ❉ क्या तुम घर के काम के अलावा कोइर् और काम भी करते हो? क्या? ी में दिखाओ।नीचे वुफछ काम लिखे हैं। तुम ये काम जिस समय करते हो, घड़❉ तुम्हारे परिवार के कौन - कौन से लोग घर के काम करते हैं? वे क्या - क्या काम करते हैं? तालिका में भरो। परिवार के लोग क्या - क्या काम करते हैं ❉ तुम्हारे परिवार के कौन - कौन से लोग पैसा कमाने के लिए काम करते हैं? परिवार के लोग क्या - क्या काम करते हैं तुम्हारे परिवार में कौन - कौन से लोग ऐसे हैं जो काम करते हैं पर उन्हें पैसा नहीं मिलता? बातचीत के दौरान यह संदेश मिलना आवश्यक है कि सभी काम महत्त्वपूणर् हैं μ कोइर् भी काम बड़ा या छोटा नहीं होता। यदि बच्चों द्वारा बताए गए कामों में लिंग विषमता दिखाइर् दे तो उनके कारणों पर चचार् करना अच्छा रहेगा। पता लगाओ μ तुम्हारे घर के बड़े लोग ;दादा - दादी, नाना - नानीद्ध जब बच्चे थे, तब वे क्या - क्या काम करते थे? साराम्मा ने घर जाकर अपनी नानी से यही सवाल पूछा। नानी ने कहा कि वह बचपन में लकड़ी इकट्टा करना, गोबर इकट्टòा कर उसके उपले बनाना, कभी गोबर से òघर की लिपाइर् - पुताइर् करना μ जैसे कामों में बड़ों का हाथ बँटाती थी। मगर अब तो घर में गोबर गैस का चूल्हा है। सीमेंट की दीवारें और पफशर् है। साराम्मा अब अपने ़घर के कइर् ऐसे काम नहीं करती, जो उसकी नानी अपने बचपन में करती थीं। तुमने पहले लिखा कि तुम क्या काम करते हो और तुम्हारे घर के बड़े लोग अपने बचपन में क्या काम करते थे। ये काम एक जैसे हैं या अलग - अलग? दीपाली को घर पर काम करने के लिए स्वूफल छोड़ना पड़ा। पता करो क्या तुम्हारे घर के आस - पास पाँच साल से बड़ी उम्र के बच्चे रहते हैं, जो स्वूफल नहीं जाते। ऐसे दो बच्चों से बात करके लिखो, वे स्वूफल क्यों नहीं जाते। पहले बच्चे का नाम स्वूफल न जाने का कारण दूसरे बच्चे का नाम स्वूफल न जाने का कारण

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