खेल - खेल में गली में सभी बच्चे स्टापू खेल रहे थे। अवंतिका भी अपनी बहन नंदिता के साथ वहीं खेल रही थी। पर नंदिता को ठीक से खेलना नहीं आ रहा था। अवंतिका: अरे नंदिता, सुनो! ठीक से समझ लो। ठिप्पी को पहले खाने में डालो। पिफर ठिप्पी वाले खाने को छोड़ कर बाकी खानों में एक पैर से छलाँग लगाओ। लाइन पर पैर रखोगी तो खेल से बाहर। आख्िारी खाने में उछलकर वापिस घूमो। वापसी में ठिप्पी शरूर उठाकर लाना। याद रहे, 4 - 5 और 7 - 8 खाने में ही दोनों पाँव रख सकते हैं। अब, दूसरे खाने में ठिप्पी डालो। इसी तरह सभी खानों में बारी - बारी ठिप्पी डालकर खेलो। पाठ में वुफछ स्थानीय खेल, जैसेμस्टापू, पिट्टूò, अष्टा - चंगा - पे आदि तथा उन्हें खेलने में इस्तेमाल की गइर् चीशें जैसे ठिप्पी के नाम आए हैं। बच्चों से इनके स्थानीय नाम पर बातचीत करवाइर् जा सकती है। 101 बच्चे पिफर से खेल में लग गए। चाची बहुत देर से उन्हें खेलते हुए देख रही थीं। उनका भी खेलने का मन कर रहा था। जब उनसे रुका नहीं गया तो वे बोल पड़ीं μ बच्चों, मैं भी तुम्हारे साथ स्टापू खेलूँ? यह सुनकर सब बच्चे हँसने लगे। अवंतिका: चाची, आप खेलेंगीं! चाची: तुम सोचती हो, मुझे स्टापू खेलना नहीं आता? अरे, तुम्हारी उम्र में तो हम कितने ही खेल खेलते थे। नंदिता: कौन - कौन से खेल, चाची? चाची: एक टँाग से दौड़ना, छुपनछुपाइर्, उफँच - माँगी - नीच, गिट्टðे और न जाने क्या - क्या। और कबîóी में तो हमारी टीम दस गाँव में सबसे आगे थी। रजत: चाची, आपको खेलने का इतना समय कहाँ से मिलता था? हमें तो खेलने के लिए समय ही नहीं मिलता। चाची: तुम्हें टी.वी. देखने से पुफरसत मिले, तब न। नंदिता: चाची, क्या चाचा भी ये सब खेल खेलते थे? चाची: पूछो मत। तुम्हारे चाचा बताते हैं कि वे सारा दिन गिल्ली - डंडा, कंचे, अष्टा - चंगा - पे, पिट्टò और न जाने क्या - क्या खेलते रहते थे। पतंग केूचक्कर में खाना तक भूल जाते थे। नंदिता: आओ! खेलो न। चाची बच्चों के साथ खेलने लगीं। अभी वुफछ ही देर खेल पाए थे कि बारिश आ गइर्। सब बच्चे: उपफ हो! चाची: चलो, हमारे घर चलो, अंदर चलकर खेलते हैं। यह सुनकर सब बच्चे खुश हो गए। सब बच्चे: चलो, चलो, चाची के घर चलकर खेलते हैं। सब बच्चे चाची के घर आ गए। अंदर, चाचा और बुआ शतरंज खेल रहे थे। अवंतिका: चाची, क्या खेलें? रजत: चाची, घर - घर खेलते हैं। वुफछ बच्चे: हाँ, हाँ, घर - घर का खेल खेलते हैं। रजत: अगर गुडि़या होती तो हम गुडि़या से खेलते। चाची: गुडि़या चाहिए? अभी बना लेते हैं गुडि़या। चाची ने एक पुराना कपड़ा लिया और बच्चों ने चाची की मदद से गुडि़या बना ली। वुफछ बच्चे गिट्टðे खेलना चाहते थे और वुफछ अष्टा - चंगा - पे। सब अपने - अपने समूह बनाकर खेलने लगे। पाठ में जिन - जिन खेलों के नाम आए हैं उनके नाम तालिका में लिखो। इनमें से जो खेल घर के अंदर खेले जाते हैं उनके सामने बनाओ। घर के बाहर खेले जाने वाले खेल के सामनेबनाओ। खेल के सामने ख्िालाडि़यों की संख्या लिखना मत भूलना। खेल के खेलने में अगर वुफछ चीशों की शरूरत होती है तो उनके नाम भी लिखो। पाठ में आए खेलों के नाम कितने ख्िालाड़ी किन चीशों की शरूरत तालिका को भरने में बच्चों को मदद की आवश्यकता हो सकती है। बच्चों को एक - दूसरे की मदद करने का मौका दें। एक - दूसरे से बच्चे सहजता से बहुत वुफछ सीखते हैं। क्या तुम स्टापू से मिलता - जुलता कोइर् और खेल खेलते हो? उस खेल का क्या नाम है? खेल को खेलने के लिए शमीन पर जो आवृफति बनाते हो उसे यहाँ बनाओ। ❉ तुम परिवार में किस के साथ क्या खेल खेलते हो? परिवार का सदस्य खेल का नाम ❉ क्या तुम अपने इलाके के किसी मशहूर ख्िालाड़ी का नाम जानते हो? यदि हाँ तो उसका नाम और वह किस खेल से जुड़ा है, लिखो। ❉ तुम गेंद से खेले जाने वाले कितने खेल जानते हो? दी गइर् गेंद में उनकी सूची बनाओ। ❉ क्या तुमने सानिया मिशार् का नाम सुना है? वे भी गेंद से ही एक खेल खेलती हैं। पता करो और लिखो कौन - सा। ❉ तुम्हें कौन - सा खेल सबसे श्यादा पसंद है? अपने घर या आस - पास के किसी बड़े व्यक्ित से पता करो μ जब वे छोटे बच्चे थे तब वे क्या - क्या खेल खेलते थे? स्थानीय मशहूर ख्िालाडि़यों पर जानकारी एकत्रिात करवाएँ जो बच्चों को खेलों के बारे में ज्ञान और ख्िालाडि़यों के प्रति सम्मान को बढ़ावा देगा। बच्चों ने कइर् खेल खेले होंगे, कइर् देखे भी होंगे। वुफछ के बारे में सुना होगा, पढ़ा होगा या पिफल्मों, नाटकों में देखा होगा। इन सभी को चचार् में शामिल किया जा सकता है। खेलने के अलावा तुम क्या - क्या करते हो? तुम्हारे परिवार के लोग दिए गए चित्रों में से जो वुफछ करते हैं उनमें रंग भरो। खाली छोड़ी हुइर् जगह में वुफछ और भी जो वे करते हैं, उसका चित्रा बनाओ और लिखो। पढ़ना सिलाइर् - कढ़ाइर् करना नाचना गप - शप करना पेड़ - पौधें की देखभाल डाक - टिकट इकट्टòे करना 108

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