स्वणर् - शृंखला के बंध्न में अपनी गति, उड़ान सब भूले, बस सपनों में देख रहे हैं तरु की पुफनगी पर के झूले। होती सीमाहीन क्ष्िातिज से इन पंखों की होड़ा - होड़ी, या तो क्ष्िातिज मिलन बन जाता या तनती साँसों की डोरी। नीड़ न दो, चाहे टहनी का ऽ कविता से 1.हर तरह की सुख सुविधएँ पाकर भी पक्षी ¯पजरे में बंद क्यों नहीं रहना चाहते? 2.पक्षी उन्मुक्त रहकर अपनी कौन - कौन सी इच्छाएँ पूरी करना चाहते हैं? 3.भाव स्पष्ट कीजिएμ या तो क्ष्िातिज मिलन बन जाता / या तनती साँसों की डोरी। कविता से आगे 1.बहुत से लोग पक्षी पालते हैंμ ;कद्ध पक्ष्िायों को पालना उचित है अथवा नहीं? अपने विचार लिख्िाए। ;खद्ध क्या आपने या आपकी जानकारी में किसी ने कभी कोइर् पक्षी पाला है? उसकी देखरेख किस प्रकार की जाती होगी, लिख्िाए। हम पंछी उन्मुक्त गगन के 2.पक्ष्िायों को ¯पजरे में बंद करने से केवल उनकी आशादी का हनन ही नहीं होता, अपितु पयार्वरण भी प्रभावित होता है। इस विषय पर दस पंक्ितयों में अपने विचार लिख्िाए। अनुमान और कल्पना 1.क्या आपको लगता है कि मानव की वतर्मान जीवन - शैली और शहरीकरण से जुड़ी योजनाएँ पक्ष्िायों के लिए घातक हैं? पक्ष्िायों से रहित वातावरण में अनेक समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। इन समस्याओं से बचने के लिए हमें क्या करना चाहिए? उक्त विषय पर वाद - विवाद प्रतियोगिता का आयोजन कीजिए। 2.यदि आपके घर के किसी स्थान पर किसी पक्षी ने अपना आवास बनाया है और किसी कारणवश आपको अपना घर बदलना पड़ रहा है तो आप उस पक्षी के लिए किस तरह के प्रबंध् करना आवश्यक समझेंगे? लिख्िाए। भाषा की बात 1.स्वणर् - शंृखला और लाल किरण - सी में रेखांकित शब्द गुणवाचक विशेषण हैं। कविता से ढूँढ़कर इस प्रकार के तीन और उदाहरण लिख्िाए।2.‘भूखे - प्यासे’ में द्वंद्व समास है। इन दोनों शब्दों के बीच लगे चिÉ कोसामासिक चिÉ ; - द्ध कहते हैं। इस चिÉ से ‘और’ का संकेत मिलता है, जैसेμ भूखे - प्यासे=भूखे और प्यासे। ्र इस प्रकार के दस अन्य उदाहरण खोजकर लिख्िाए।

RELOAD if chapter isn't visible.