Skip to content

आनंदमयी कविता

अध्याय- 2

दादा-दादी

एक हमारे दादाजी हैं,
एक हमारी दादी।
दोनों ही पहना करते हैं,
बिल्कुल भूरी खादी।
दादी गाना गाया करतीं,
दादाजी मुस्काते।
कभी-कभी दादाजी भी,
कोई गाना गाते ।

श्रीप्रसाद

img1

1. इस कविता में दादा और दादी की जगह नाना और नानी कहकर कविता को फिर से गाइए।

शिक्षण-संकेत – हाव-भाव सहित कविता पाठ करते हुए बच्चों को अभिनय के लिए भी प्रोत्साहित करें।

झटपट कहिए

अप्पू के अप्पा अप्पम लेने
अनोखे अनंतनगर आए।

img1

घर-घर, घड़ी-घड़ी घड़ी घूमती !

img2

शब्दों का खेल

1. 'अप्पू अप्पा अप्पम' की तरह 'अ' की जगह 'अ' की जगह ''द' की ध्वनि से शब्द बनाकर सुनाइए।

2. निम्नलिखित शब्दों को सुनकर उनमें आई ध्वनियों की संख्या बताइए -
दादा, दादी, नानी, नाना, मामा, मामी, दनादन, अपना, अनार, नमन।

3. बोल मेरी मछली, कितना पानी?
नीचे दिए हुए चित्र को देखकर मछलियों की संख्या बताइए –

img3
शिक्षण-संकेत - बच्चों के साथ मिलकर शब्दों का खेल खेलें। नए-नए सार्थक-निरर्थक शब्द बनवाएँ। 'दादा' शब्द में दो अक्षर हैं। इसी तरह शेष शब्दों में अक्षरों/ध्वनियों की संख्या पूछें। बच्चों से मछलियों की संख्या लिखवाएँ।

आओ सनें!

1.अपना अनार
इन शब्दों में पहली ध्वनि कौन-सी है?

2. जिन शब्दों की पहली ध्वनि 'अ' है, उनके आगे सही (√) का चिह्न लगाइए -

anaar amrud adrak

अनार _____

अमरूद _____

अदरक _____

maa dada ghar

माँ _____

दादा _____

घर _____

खोजें-जानें

'दादा-दादी' और 'नाना-नानी' कविताओं को अपने परिवार के किसी सदस्य को सुनाएँ। उनसे 'परिवार' और 'घर' से जुड़ी कोई कविता या कहानी पूछें और सुनाने के लिए कहें।

शिक्षण-संकेत – हो सकता है कि सभी बच्चे यह कार्य करके न ला पाएँ। जो भी बच्चे ला पाएँ, उन्हें अपना कार्य कक्षा में साझा करने को कहें ताकि सभी बच्चे आनंद ले सकें। बच्चों को उनकी अपनी भाषा में गीत/कविता सुनने-सुनाने को प्रोत्साहित करें।