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मिलकर पढ़िए

अध्याय- 4

रानी भी

रमा और रानी दो बहनें हैं।

रानी हमेशा रमा के साथ रहती है।

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रमा ने अपने बालों मे कंघी की।

रानी ने भी अपने बालों में कंघी की।

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रमा ने चप्पल पहनी।

रानी ने भी चप्पल पहन ली।

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रमा ने अपना बस्ता उठाया।

रानी ने भी एक झोला उठा लिया।

रमा स्कूल जाने लगी।

माँ ने रानी को स्कूल नहीं जाने दिया।

रानी अभी बहुत छोटी है।

माँ ने रानी को समझाया, "रानी बेटी, तुम अभी बहुत छोटी हो। थोड़ी-सी बड़ी हो जाओ, तब तुम भी स्कूल चली जाना।"

साभार - बरखा क्रमिक पुस्तकमाला, एन.सी.ई.आर.टी.

1. अनुमान लगाकर शब्दों के साथ चित्रों को जोड़िए -

basta

बस्ता

ladki

झोला

ladki

रानी

ladki

रमा

ladki1

चप्पल

kanghi

स्कूल

chappal

कंघा

baal

बाल

2. एक बार फिर से अनुमान लगाकर अपने शिक्षक के साथ 'रानी भी' कहानी को पढ़िए।

3. यह कहानी दो बहनों की है। उनके नाम बताइए।

उन दोनों बहनों के नाम लिखिए -

रानी रमा

4. क्या रानी रमा के साथ स्कूल गई?

____हाँ। रानी रमा के साथ स्कूल गई।

____नहीं। रानी रमा के साथ स्कूल नहीं जा पाई।

बातचीत के लिए

1. रानी रमा के साथ स्कूल क्यों जाना चाहती थी?

2. माँ ने रानी को स्कूल क्यों नहीं जाने दिया?

खोजें-जानें

अपने परिवार के लोगों से बातचीत कीजिए और जानिए कि उनका स्कूल कैसा था। उनके स्कूल का चित्र उनकी सहायता से बनाइए और कक्षा में सभी के साथ साझा कीजिए।

यह भी साझा कीजिए कि आपको उनके स्कूल में और अपने स्कूल में क्या अंतर दिखाई देता है?

शिक्षण-संकेत – 'रानी भी' की कहानी में आए शब्दों की सहायता से बच्चों को 'र' और 'ल' की ध्वनि और आकृति (अक्षर) से परिचित कराएँ, जैसे- 'रमा', 'रानी', 'चप्पल', 'बाल', 'झोला' आदि। बच्चों से भी इन ध्वनियों वाले शब्द अवश्य पूछिए।

शब्दों का खेल

1. नीचे दिए गए शब्दों को सुनिए। बताइए कि पहली ध्वनि कौन-सी है। दूसरी ध्वनि कौन-सी है -

नाना, नानी, माँ, काका, रानी, रमा, काकी, बाल, मामा, झोला, मामी

2. नीचे दिए गए अक्षरों की ध्वनि पहचानने और लिखने का अभ्यास कीजिए -

न - ............. क - ............. म- .............

प - ............. र - ............. ल- .............

3. नीचे दी गई ध्वनियों को सुनिए -

का, पा, ना, मा, रा, ला

बताइए क, प, न, म, र औरके अतिरिक्त आपको कौन-सी ध्वनि सुनाई दे रही है?

4. अब ‘आ’ लिखने का प्रयास कीजिए –

आ ............. ............. .............

शिक्षण-संकेत-बच्चों को 'नाना', 'नानी', 'काका', 'काकी', 'मामा', 'मामी' आदि शब्दों की 'न', 'क', 'म' और 'प' ध्वनियों एवं आकृतियों से परिचित कराएँ। 'का', 'पा', 'ना', 'मा' के माध्यम से 'आ' की ध्वनि और आकृति एवं 'आ' की मात्रा (1) से परिचित कराएँ।

5. नीचे दिए गए चित्रों के नाम लिखिए और पढ़ने का प्रयास कीजिए -

aalu aam ladki chitra

_____लू

_____

_____

_____

चित्रकारी और लेखन

माँ, पिता, मामा, मामी, नाना, नानी, मित्र, दीदी, भैया आदि का कोई चित्र बनाइए। चित्रों के साथ कुछ शब्द लिखने का प्रयास भी कीजिए -

शिक्षण-संकेत – बच्चों से पूछें कि उन्होंने क्या बनाया है। उनके द्वारा बोले गए वाक्यों को उनके चित्रों के बराबर में लिखें। बच्चों को कुछ शब्द लिखने के लिए प्रोत्साहित करें।

शब्दों का खेल

दिए गए अक्षरों को जोड़कर अपने शब्द बनाइए -

का

पा

ना

मा

दा

ला

(i)नाना   (ii) काम

(iii)...........   (iv)............

(v)...........   (vi)............

(vii)...........   (viii)............

(xi)...........   (x)............

प्रश्न और पहेली

1. मेरे पिता के पिता, मेरे.......................................

2.मेरी सहेली बड़ी प्यारी, उसका नाम बूझो तो जानें

मेरे नाम का उल्टा उसका नाम, मै हूँ नीरा, तो वो है.............................

3.'नीना की नानी' का उल्टा है...................................

चित्र और बातचीत

पेंसिल

शिक्षण-संकेत - बच्चों से पूछें कि चित्र में पेंसिल से क्या-क्या बनाया गया है? वे पेंसिल से क्या-क्या बनाते हैं? बच्चों से कहें कि वे पेंसिल से अपनी पसंद का कोई चित्र बनाएँ।
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रंग भरिए

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शिक्षण-संकेत – बच्चों को रंगोली में अपने मनपसंद रंग भरने के लिए प्रोत्साहित करें।

इकाई 2: जीव-जगत

खेल गीत

मुर्गा बोला कुकडू-कूँ

मुर्गा बोला कुकडू-कूँ,
चल मेरे भैया रुकता क्यूँ!

कुत्ता भौंके, भौं-भौं-भौं,
अटकी गाड़ी पौं-पौं-पौं।

बकरी आई, बिल्ली आई,
मेंऽ-मेंऽ आई, म्याऊँ-म्याऊँ आई।

धक्की गाड़ी धौं-धौं-धौं,
चल दी गाड़ी पौं-पौं-पौं।

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शिक्षण-संकेत - अन्य जानवरों की आवाजें बताकर इस खेल गीत को आगे बढ़ाइए। बच्चों को खेल के मैदान में एक-दूसरे के पीछे रेलगाड़ी बनाकर आगे बढ़ते हुए यह खेल गीत करवाएँ।

चित्र और बातचीत

गिलहरी की कहानी

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शिक्षण-संकेत - बच्चों से चित्र के आधार पर अपनी कहानी बनाने के लिए कहें। बच्चों को प्रेरित करें कि वे चित्र में दी गई चिड़िया और इल्ली को भी कहानी में शामिल करें। बच्चों को अपनी भाषा में कहानी सुनाने के लिए प्रोत्साहित करें।