आनंदमयी कविता
अध्याय- 10
झूलम-झूली
माटी-माटी खेलें,
आओ, पानी-पानी खेलें;
धरती में बीजों को बोएँ,
खेल किसानी खेलें।
छुप्पम-छुप्पी खेलें,
आओ, झूलम-झूली खेलें;
चढ़ें पेड़ पर पकड़म-पकड़ी,
कूदम-कूदी खेलें।
- श्याम सुशील
बातचीत के लिए
1. बच्चे क्या-क्या कर रहे हैं?
2. आपको कौन-कौन से खेल पसंद हैं?
3. माटी-माटी खेल कैसे खेला जाता होगा?
शब्दों का खेल
1. शब्दों का दूसरा साथी खोजकर बताइए, लिखिए और पढ़कर सुनाइए -
छुप्पम -छुप्पी
झूलम -- ....................
पकड़म - ....................
कूदम - ....................
2. नीचे दिए गए शब्दों के नाम सुनिए -
झूला, छुप्पम, खेल, झंडा, खेत, छतरी
बताइए, इन नामों की पहली ध्वनि में क्या अंतर है?
3. नीचे दिए गए शब्दों को पढ़िए। अब इनमें 'उ' या 'ऊ' की मात्रा लगाकर नए शब्द बनाइए और लिखिए -
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फल - ......... |
पल- ......... |
परी - ......... |
सराही - ......... |
पढ़िए और मिलाइए
चढ़ें पेड़ पर पकड़म-पकड़ी
छुपन-छुपाई खेलें
आओ झूलम-झूली खेलें
धरती में बीजों को बोएँ
खेल-खेल में
कक्षा के अपने साथियों के साथ मिलकर कविता में दिए गए खेल खेलिए। खेल का चित्र बनाकर अपने परिवार के लोगों को बताइए।
झटपट कहिए
एक थे भाई खट, एक थे भाई पट। दोनों दौड़े झट। आधी खाए खट, पाई एक मटर, आधी खाए पट। वो देखो खट पट, सोये हैं सट सट।
- सुशील शुक्ल
चित्र और बातचीत
मेरा गाँव
चित्रकारी
हमारी थाली तक रोटी कैसे पहुँचती है? चर्चा कीजिए और फिर इसे चित्रों द्वारा दिखाने का प्रयास कीजिए। चित्र बनाने के साथ-साथ कुछ शब्द भी लिखिए -
