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आनंदमयी कविता

अध्याय- 13

मेला

घर के पास लगा था मेला,

उसमें आया चाट का ठेला।

हमने जाकर खाई चाट,

ऐसे थे मेले के ठाट।

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घर के पास लगा था मेला,

उसमे आया झूलेवाला।

हमने जाकर झूले झूले,

मन में नहीं समाये फूले।

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घर के पास लगा था मेला,

उसमें एक खिलौनेवाला।

लाए जाकर चार खिलौने,

रंग-बिरंगे बड़े सलोने।

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घर के पास लगा था मेला,

हमने देखा मन-भर मेला।

गुड़िया, गुनगुन दोनों साथ,

छोटू ने पकड़ा था हाथ,

मेले के थे ऐसे ठाट,

झूले, ठेले, सुंदर हाट।

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– रमेश थानवी

शिक्षण-संकेत – मेले या हाट से जुड़े बच्चों के अनुभवों को कक्षा में बताने के लिए उन्हें आमंत्रित करें और धैर्य से सुनें।

बातचीत के लिए

1. आप भी इस मेले में होते, तो क्या-क्या करते?

2. मेले में छोटू ने किसका हाथ पकड़ा होगा और क्यों?

3. चाट के अतिरिक्त ठेले पर रखकर क्या-क्या बेचा जाता है?

4. आप अपने यहाँ लगने वाले मेले के विषय में बताइए।

5. कविता में देखकर इन प्रश्नों के उत्तर दीजिए। छोटे समूह में अपने मित्रों के साथ मिलकर लिखिए -

(i) मेला कहाँ लगा था?

......................................

(ii) बच्चों ने मेले में क्या खाया?

......................................

(iii) बच्चों ने मेले में क्या खरीदा?

......................................

शब्दों का खेल

1. 'मेला-ठेला' जैसे और शब्दों की जोड़ी बताइए और लिखिए -

................ ............ .............. ............

2. कविता में इन शब्दों को खोजकर घेरा लगाइए -

ठेला

ठाट

3. नीचे दिए गए चित्रों के नाम बताइए और अनुमान लगाकर पढ़ने का प्रयास कीजिए -

img5 img6 img7 img8

एक

ठेला

जलेबी

पैसे

img7 img7 img7 img7

ऐनक

थैला

सेब

बैंगन

4. शब्द बनाइए, लिखिए और पढ़कर सुनाइए -

शे

रे

ला

.............

.............

मे

रा

.............

.............

से

थै

.............

.............

पै

ते

घे

.............

.............


शिक्षण-संकेत – चित्रों की सहायता से बच्चों को 'ए' और 'ऐ' अक्षर की ध्वनि, आकृति और मात्रा ( एवं) से परिचित कराएँ। शब्द पढ़ने में बच्चों की सहायता करें।

चित्रकारी

मान लीजिए कि आप भी इस मेले में गए हैं। आप वहाँ क्या-क्या करेंगे? अपने मित्रों के साथ बातचीत कीजिए।

चित्र बनाइए और कुछ शब्द भी लिखिए -




.................................................

.................................................

चलिए, कुछ बनाते हैं,

त्योहारों में तोरण से घर की सजावट करते हैं। आपने भी अलग-अलग वस्तुओं से बने तोरण देखे होंगे। तोरण पत्ते, फूल, कागज़ की आकृतियों, ऊन, छोटे मोती आदि से बनाए जाते हैं। आप भी कक्षा में अपने मित्रों के साथ मिलकर तोरण बनाइए। आपके आस-पास की जो वस्तुएँ आपको सुविधा से मिल जाएँ, उन्हीं से आप तोरण बना सकते हैं।

अपने घर पर ये तोरण सभी को दिखाएँ। सभी को बताएँ कि आपने ये कैसे बनाए।