मिलकर पढ़िए
अध्याय- 18
कितनी प्यारी है ये दुनिया
मुझे हवा प्यारी लगती है ...
और सूरज और बारिश भी।
मुझे धरती प्यारी लगती है...
और समुद्र और आसमान भी।
मुझे चिड़ियाँ प्यारी लगती हैं...
और जानवर और मछलियाँ भी।
मुझे फूल प्यारे लगते हैं ...
और फल भी।
मुझे अपनी किताबें अच्छी लगती हैं ...
और अपने कपड़े, अपने खिलौने भी।
मुझे माँ और बापू प्यारे लगते हैं...
और अपने भाई और बहन भी।
मुझे सारी दुनिया प्यारी लगती है।
- जयंती मनोकरन
बातचीत के लिए
1.आपको इनमें से क्या-क्या अच्छा लगता है और क्यों -
हवा, बारिश, फल, फूल, खिलौने, धरती
2. इसके अतिरिक्त आपको क्या अच्छा लगता है?
नीचे दिए गए वाक्य को पूरा कीजिए -
मुझे अच्छे लगते हैं........................
अपने मित्रों से भी पूछिए कि उन्हें क्या अच्छा लगता है?
3. कहानी में आए 'प्यारी' शब्द पर गोला लगाइए और लिखिए -
....... ....... .......
शब्दों का खेल
अपने शिक्षक की सहायता से नीचे दिए गए शब्दों को पढ़िए। पहली ध्वनि पहचानिए -
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धनुष |
फूल |
खेल |
फल |
खिलौना |
'ख', 'फ' और 'ध' की ध्वनियों वाले अन्य शब्द बताइए। ये ध्वनियाँ शब्द में कहीं भी हो सकती हैं।
चित्र और बातचीत
हरी-भरी दुनिया
शब्दों का खेल
1. चित्र पहचानकर नाम लिखिए -
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2. चित्र देखकर नाम बताइए और पढ़ने का प्रयास कीजिए -
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गाय |
वन |
वर्षा |
धनुष |
