4 कहानी परछाइयों से

बहुत खूब! ये परछाइयाँ बहुत अद्भूत हैं।
ये परछाइयाँ कैसे बन रही हैं।
नकुल ने गाँव के मेले में एक ऐसा नाटक देखा जो परछाइयों द्वारा दर्शाया जाता है, जिसे ‘तोगलू गोम्बेयत' के नाम से जाना जाता है। वे सब परछाइयों को देखकर खुश और अचंभित हो गए। उन्होंने भी परछाइयाँ बनाने की सोची। वे सब अपनी उँगलियों से विभिन्न पशुओं की परछाई दीवार पर बनाने का प्रयास करने लगे। आप भी कुछ परछाइयाँ बनाने का प्रयास कीजिए, इसके कुछ उदाहरण दिए गए हैं।

बच्चों को कर्नाटक की ‘तोगलू गोम्बेयत' कठपुतली कला से परिचित कराइए। ‘तोगलू गोम्बेयत' की कठपुतलियाँ चमड़े से बनाई जाती हैं और इसमें प्राचीन भारतीय कथाओं को प्रस्तुत किया जाता है। बच्चों द्वारा देखे गए किसी कठपुतली नृत्य के विषय में उनके साथ बातचीत करें।
आओ करें
बच्चों को विभिन्न जानवरों की परछाई एवं उनकी ध्वनियों से संबंधित अभिनय करने के लिए प्रेरित कीजिए।
बातचीत करें
क. क्या आपने अपनी या किसी पेड़, कुत्ते, गाय या किसी अन्य जानवर की परछाई देखी है?
ख. हमें परछाइयाँ कब दिखाई देती हैं?
ग. कोई परछाई कब गायब हो जाती है?
परछाई का खेल
अब यह क्रिया अपने आस-पास की अन्य वस्तुओं के साथ कीजिए। उन वस्तुओं के नाम लिखिए, जिनकी परछाई आप देख रहे हैं।
क. क्या टॉर्च की स्थिति बदलने पर परछाइयों के आकार में परिवर्तन होता है?
ख. दिन के किस समय आपकी परछाई सबसे छोटी होती है?
ग. दिन के किस समय आपकी परछाई सबसे लंबी होती है?
बच्चों के साथ दिन के अलग-अलग समय में उनकी परछाइयों पर उनके अवलोकन और उसके पीछे के कारण के विषय में चर्चा कीजिए।
आओ अनुरेखण (ट्रेस) करें
अपने आस-पास की वस्तुओं, जैसे— रबड़, पत्ती, दियासलाई (माचिस की डिबिया, सिक्के, बोतल का ढक्कन, शॉर्पनर, गेंद आदि को काग़ज़ पर रखकर उनके चारों ओर घेरा बनाइए ।
घेरे के बाद आपको कौन-सी आकृतियाँ दिख रही हैं? उनका चित्र बनाएँ।
सोचो
समान ट्रेस वाली वस्तुओं को लिखिए।
क. कौन-सी वस्तुएँ ढक्कन जैसे घेरे वाली हैं?
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ख. कौन-सी वस्तुएँ रबड़ जैसे घेरे वाली हैं?
,
लुका-छिपी
वृत्त
और आयत
लुका-छिपी खेल रहे हैं। आयत, वृत्त से छिप रहा है।
1, 2, 3...10
मैं कहाँ छिपूँ?अरे ! जूते का डिब्बा।
मैं आ रहा हूँ।
मैं जूते के डिब्बे की सतह जैसा दिखता हूँ। मैं इसके पीछे छिपूँगा।

मैं आ रहा हूँ।
मैं जूते के डिब्बे की सतह जैसा दिखता हूँ। मैं इसके पीछे छिपूँगा।
मैं जूते के डिब्बे की सतह जैसा दिखता हूँ। मैं इसके पीछे छिपूँगा।
आप कहाँ हैं?
क्या आप फ़ोटो फ्रेम के पीछे हैं?

क्या आप फ़ोटो फ्रेम के पीछे हैं?
क्या आप टीवी के पीछे हैं?

मैंने आपको पकड़ लिया है। आप जूते के डिब्बे के पीछे हैं।
अब मेरी बारी है।
1, 2, 3 ... 10

मैं कहाँ छिपूँ?

दरवाजे की घंटी बजी और त्रिकोण एवं वर्ग भी आकर खेल में शामिल हो गए।

अब वे सभी एक साथ खेल रहे हैं।
क. वृत्त
छिप सकता है घड़ी में, गेंद में, ........ ..........
ख. आयत
छिप सकता है— जूते के डिब्बे में, फोटोफ्रेम में, .......... ..........
ग. लेकिन त्रिकोण
और वर्ग
उलझन में हैं और वे सोचते हैं कि कहाँ छिपना है? उन्हें कुछ ऐसी जगह सुझाएँ, जहाँ वे छिप सकें।
त्रिकोण
छिप सकता है- ........ ..........
वर्ग
छिप सकता है- ........ ..........
दरी में रंग भरो
त्रिभुजों में लाल रंग भरिए।
वृत्तों में हरा रंग भरिए ।
आयतों में पीला रंग भरिए ।
वर्गों में नीला रंग भरिए ।
अलग-अलग आकृतियों से अपने डिजाइन बनाइए और उसमें रंग भरिए ।

कोने पर खड़े हों !
नवीन और उसके मित्र एक खेल खेल रहे हैं। नवीन मेज की ओर पीठ करके खड़ा है और ताली बजा रहा है। नवीन के ताली बजाते ही उसके मित्र मेज के चारों ओर दौड़ते हैं। जब नवीन ताली बजाना बंद कर देता है तो सभी मित्र रुक जाते हैं। जो बच्चा मेज के कोने पर नहीं होगा, वह बाहर हो जाएगा। अगली बार बाहर होने वाला खिलाड़ी ताली बजाएगा और खेल जारी रहेगा।
परमजीतउदितवसीमनायसानवीनसीमा
चित्र देखकर बताइए।
क. उन बच्चों के नाम बताइए जो मेज के कोने के पास हैं?
ख. अगली बार ताली कौन बजाएगा?
ग. वसीम कहाँ खड़ा है?
घ. क्या यह खेल एक गोल मेज के चारों ओर खेला जा सकता है? क्यों?
ङ. क्या आप हमारे आस-पास की ऐसी वस्तुओं के नाम बता सकते हैं, जिनके किनारे सीधे हों?
च. हमारे आस-पास की बहुत-सी वस्तुओं के किनारे घुमावदार होते हैं। कुछ उदाहरण नीचे दिखाए गए हैं। अपने आस-पास और वस्तुएँ ढूँढ़िए।
आओ सोचें
1. घुमावदार किनारों वाली वस्तुओं के कितने कोने होते हैं? 
2. कुछ वस्तुओं के नाम बताइए, जिनके किनारे सीधे और घुमावदार दोनों होते हैं?
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,
ओरिगेमी का मज़ा
क. एक काग़ज़ लीजिए और उसे मोड़कर एक वर्गाकार काग़ज़ बना लीजिए।
ख. इसके .......... कोने और ........... किनारे होते हैं।
ग. चित्र में दिखाए अनुसार दो कोनों को जोड़कर इसे आधा मोड़ें।
घ. जो आकार आपको मिले उस पर सही का चिह्न
लगाएँ।


ङ. इस आकृति में .......... कोने और ............. किनारे हैं।
च. त्रिभुज बनाने के लिए काग़ज़ को फिर से आधे में मोड़ें और फिर उसे खोल दें।
छ. अब त्रिभुज के दोनों कोनों से दो त्रिभुज बनाएँ।
ज. अब कितने कोने हैं? ..........
झ. तीसरे कोने को ऊपर की ओर मोड़ें और दिखाए अनुसार नाक और आँखें बनाइए ।
आपका काग़ज़ से बना कुत्ता तैयार है।
क्या आप वर्गाकार काग़ज़ को मोड़कर 4 भुजाओं वाली आकृति बना सकते हैं? इसके कितने कोने हैं?
बच्चों से अपने आस-पास की वस्तुओं की सतहों, किनारों और कोनों के बारे में पता लगाने को कहें।
पैटर्न्स
वस्तुओं पर विभिन्न आकृतियों, जैसे—बोतल के ढक्कन, रबड़, पेंसिल, सिक्के आदि की छाप से डिजाइन बनाइए ।
राधा अपने हाथों में मेंहदी लगा रही है। आप भी काग़ज़ पर अपने हाथ की छाप लें और उसमें मेंहदी का डिजाइन बनाइए ।
आओ करें
नित्या पत्तियों के साथ खेल रही है और पैटर्न बना रही है।
आप कुछ पत्ते इकट्ठा कीजिए और एक डिजाइन बनाइए । पत्ती की एक ओर रंग लगाइए और इसे नीचे दिए गए जगह पर छाप लीजिए।
परियोजना कार्य
घर को सजाने में रोहन और चेतन अपनी माँ की सहायता कर रहे हैं। उन्होंने अलग-अलग आकार के कटे हुए काग़ज़ या कपड़े के टुकड़े का उपयोग करके दीवार की लटकन (वॉल हैंगिंग) बनाईं हैं। आप भी अपने घर या कक्षा को सजाने के लिए अपने बड़ों की सहायता से दीवार की लटकन बनाइए।
नीचे दिए गए पैटर्न्स को आगे बढ़ाइए ।
क.
ख.
ग.
घ
ङ
च.
छ..
ज
झ.
किक्कू खरगोश कूदकर चौथी टाइल पर पहुँच जाता है। वह भूल गया कि आगे कहाँ कूदना है। अगली टाइलों पर एक गोला
बनाकर उसकी सहायता कीजिए ।
1 , 4 , ......... , .........., ......... , .........., ......... , ..........
किक्कू की मम्मी कूदकर छठी टाइल पर पहुँच जाती हैं। अगली टाइलों पर
बनाकर उनकी सहायता कीजिए।
1, 6, 11,.........., ......... , .........., ......... , ..........
आओ करें
नीचे दिए गए पैटर्न्स को आगे बढ़ाइए ।
क. 5, 10, 15,
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ख. 7, 14, 21,
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ग. 1, 7, 13,
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