

शिक्षण-संकेत – छोटे समूह में बैठकर चित्र को देखिए और आप जो देख रहे हैं, अपने मित्रों के साथ साझा कीजिए। ये सारे लोग यहाँ क्यों आए होंगे? यह जगह उन्होंने क्यों चुनी होगी? आप कहाँ जाना पसंद करेंगे? किनके साथ जाना चाहते हैं? चित्र में एक बच्ची क्यों रो रही है? क्या कोई उसकी मदद कर रहा है? कुल कितने परिवार इस जगह पर आए हैं? यह सप्ताह का कौन-सा दिन हो सकता है? शाम होते-होते इन सभी लोगों की गतिविधियों में क्या-क्या बदलाव आपको दिखाई देंगे? शिक्षक इन सभी प्रश्नों का उपयोग कर बच्चों के साथ विस्तृत चर्चा करें। बच्चों को अपनी भाषा में मन की बात कहने के लिए प्रोत्साहित कीजिए एवं उपयुक्त अवसर प्रदान कीजिए।

1 - नीमा की दादी
नीमा दोपहर में दो बजे स्कूल से लौटती है।
इस समय घर पर सिर्फ़ दादी होती हैं।
वे कहीं नहीं आती-जाती हैं।
कभी बैठे-बैठे सब्ज़ी काट रही होती हैं।

उनके घुटनों में दर्द रहता है। इसलिए
कभी वे अपने घुटनों में तेल मल रही होती हैं। उ
उन्हें नीमा का बहुत इंतज़ार होता है।

नीमा रोज़ खाना खाते-खाते स्कूल की बातें सुनाती है। दादी भी उससे खूब बातें करती हैं। शाम को नीमा खेलने जाती है। एक दिन नीमा खेलने के लिए जाने लगी तो दादी बोलीं, "नीमा, थोड़ी देर बैठ जा।"
"क्यों”, नीमा पलटकर बोली। “मेरा समय नहीं कटता”, दादी बोलीं।
नीमा रुकी। फिर दौड़कर दादी की चप्पलें ले आई और बोली, "दादी आप भी मेरे साथ खेलने चलिए। खेलने में समय बहुत जल्दी कटता है। मैं पाँच बजे खेलने जाती हूँ पर दस मिनट में ही छह बज जाते हैं।"

दादी ज़ोर से हँसी। फिर वे दोनों खेल के मैदान की ओर चल पड़े।

— शशि सबलोक
बातचीत के लिए
1. नीमा की दादी घर पर ही क्यों रहती हैं?2. मैदान में जाकर दादी ने क्या किया होगा?
3. नीमा कहती है, "मैं पाँच बजे खेलने जाती हूँ पर दस मिनट में ही छह बज जाते हैं।" क्या आपके साथ भी ऐसा होता है?
4. आप स्कूल से घर जाकर अपना समय कैसे बिताते हैं?
नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए -
1. इस कहानी में कौन-कौन हैं?
इस कहानी में........... और............ हैं।
2. नीमा स्कूल की बातें अपनी दादी को बताती है। आप स्कूल की बातें किसे बताते हैं?
मैं अपनी स्कूल की बातें .........को बताती हूँ / बताता हूँ।
3. इस कहानी में नीमा और दादी हैं। 'न' और 'द' से शुरू होने वाले कुछ शब्दों की सूची बनाइए-
'न' वाले शब्द
...............
...............
...............
'द' वाले शब्द
...............
...............
...............
शिक्षण-संकेत - बच्चे 'दी', 'दे', 'दो', 'नी', 'ने' आदि से शुरू होने वाले अपनी भाषा के शब्द भी बता सकते हैं। उन्हें
शब्दों का खेल
1. नीचे कुछ वर्ण और कुछ मात्राएँ दी गई हैं। इन्हें जोड़कर अपने शब्द बनाइए और अपनी कॉपी में लिखिए -
| ल |
ज |
ब |
प |
T |
आ |
| र |
म |
स |
घ |
f |
इ |
| त |
ख |
च |
न |
ी | ई |
2. कुछ अक्षर छूट गए हैं। उन्हें लिखिए -
अ ..... ..... ..... उ .... .....ए .... .... .....
शिक्षण-संकेत – शब्दों का खेल 1- यह कार्य बच्चों को छोटे समूह में मिलकर करने को कहिए। इसी तरह से सभी वर्णों और मात्राओं की पहेलियाँ बच्चों को नियमित रूप से करने के लिए दीजिए।
3. कहानी में 'इंतज़ार' शब्द आया है।
अक्षर के ऊपर लगने वाली बिंदी को अनुस्वार कहते हैं। 'इतज़ार' में जैसे ही 'इ' के ऊपर बिंदी लगाई 'इंतज़ार' हो गया। आइए, ऐसे ही कुछ अन्य शब्दों को देखते हैं-
| अक्षर समूह |
अनुस्वार लगाने पर बना शब्द |
चित्र |
| शख |
शंख |
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| पतग |
पतंग |
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| बदर | |
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| मदिर | |
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| अगूर |
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