Skip to content

 Screenshot 2025-04-09 160612





Screenshot 2025-04-09 112805

4- माँ

माँ तुम कितनी भोली-भाली

 कितनी प्यारी-प्यारी हो 

दिल से सच्ची मिसरी जैसी 

सारे जग से न्यारी हो।


 मेरे मन में जोश तुम्हीं से 

तुमसे ही प्रकाश 

मुझमें साहस तुमसे आता 

तुमसे ही विश्वास। 

- अनुभव राज 


Screenshot 2025-04-09 160643


Screenshot 2025-04-21 144918

शब्दों का खेल 



चंद्रबिंदु का कमाल

'मा' के ऊपर चंद्रबिंदु लगाने से 'माँ' हो गया। आइए, कुछ और शब्द देखते हैं। 

1. नीचे दिए गए चित्रों को देखिए, शब्दों को पढ़िए और उन्हें लिखने का प्रयास कीजिए -

Screenshot 2025-04-09 160714आँख  
आँख  
.......... 
Screenshot 2025-04-09 160720बाँस
.......... 
.......... 
Screenshot 2025-04-09 160730दाँत
.......... 
.......... 
Screenshot 2025-04-09 160736बाँसुरी 
.......... 
.......... 
Screenshot 2025-04-09 160743साँप
.......... 
.......... 

2. 'माँ' कविता में से कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं। उनका प्रयोग करते हुए अपने परिवार के सदस्यों के लिए दो-चार पंक्तियाँ लिखिए -

भोली-भाली, प्यारी-प्यारी, दिल से सच्ची, जग से न्यारी 

शिक्षण-संकेत - बच्चों से बातचीत कीजिए, कुछ उदाहरण उन्हें दीजिए तथा अपने मन से दो-चार पंक्तियाँ लिखने के लिए उन्हें प्रोत्साहित कीजिए।। बच्चे अपने भाई, पिताजी, मित्र आदि के लिए भी ये पंक्तियाँ लिख सकते हैं। बच्चों को अपनी भाषा में मन की बात कहने के लिए प्रोत्साहित कीजिए एवं उपयुक्त अवसर प्रदान कीजिए।  }