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मूली
नानाजी ने बगीचे में मूली बोयी।
मूली से नानाजी बोले,
"उगो-उगो मूली। मज़बूत बनो और लंबी हो।"
उग आयी मोटी और लंबी मूली। नानाजी गए उसे निकालने।
खींचते रहे, अपना पूरा ज़ोर लगाया,मगर मूली को बाहर न ला पाए।
तो फिर नानी को आवाज़ लगायी।
नानी ने थामा नाना को, नाना ने
थामा मूली को।
दोनों ने पूरा ज़ोर लगाया। मगर
मूली को दोनों निकाल न पाए।
तभी नानी ने नातिन को बुलाया। नातिन ने थामा नानी को, नानी ने थामा नाना को, नाना ने थामा मूली को, सबने मिलकर खींचा। मिलकर पूरा ज़ोर लगाया। मगर मूली को निकाल न पाए।
तब नातिन ने अपने कुत्ते को बुलाया। कुत्ते ने नातिन को थामा, नातिन ने नानी को थामा, नानी ने नाना को थामा, नाना ने मूली को थामा. सभी ने मिलकर ज़ोर लगाया। आखिर मिलकर सबने मूली को बाहर निकाल ही डाला ! -स्नेहलता शुक्ला
बातचीत के लिए
- 1. मूली इतनी बड़ी कैसे हुई होगी?
- 2. नानाजी इतनी बड़ी मूली का क्या करेंगे?
- 3. मूली से क्या-क्या बनता है?
- 4. मूली से बनी कौन-सी चीज़ आपको पसंद है?
शब्दों का खेल
कहानी के इस वाक्य को पढ़िए -
कुत्ते ने नातिन को थामा, नातिन ने नानी को थामा, नानी ने नाना को थामा, नाना ने मूली को थामा, सभी ने मिलकर ज़ोर लगाया।'थामा' शब्द का क्या अर्थ हो सकता है? ज़रा सोचिए ! इस शब्द से कुछ वाक्य बनाकर अपनी कॉपी में लिखिए।
सोचिए और बताइए
1. नानाजी ने सभी गाँववालों को दावत पर बुलाया है। मूली के गरमागरम पराँठे और ठंडी-ठंडी लस्सी बनाने के लिए किन वस्तुओं की आवश्यकता होगी?
मूली के गरमागरम पराँठे बनाने के लिए.....................
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ठंडी-ठंडी लस्सी बनाने के लिए
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