मिलकर पढ़िए
23 - चंदा मामा
लो रात हो गई।
देखो, आकाश में चारों तरफ़ कितना अँधेरा है !
अहा! ये छत पर कैसा सुंदर प्रकाश!
तो ये चंदा मामा हैं। आओ चंदा मामा!
अरे, ये क्या! बादल जी आप नहीं आइए।
चंदा मामा रूठ जाएँगे। बादल जी आप जाइए ना!
मैं चंदा मामा को देख भी नहीं पा रहा।
"माफ़ करना मुझे, मैं तो दो मिनट चंदा से गपशप कर रहा
था। लो मैं अभी चला! अच्छा, नमस्ते, फिर मिलेंगे!"
हाँ, अब ठीक है। देखो, चंदा मामा मुस्करा रहे हैं।
आओ चंदा मामा, गोल-गोल चेहरे वाले चंदा मामा, आओ ना!
- आकिको हायाशी; हिंदी अनुवाद - मंजुला माथुर
चित्रकारी और लेखन
'चंदा मामा' कहानी को चित्रों की सहायता से फिर से बताइए। कुछ वाक्य भी लिखिए -
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शब्दों का खेल
अक्षरों को क्रम में रखते हुए शब्द बनाइए
| त | रा | → | .............. | |
| ल | द | बा | → | ......... |
| स्ते | म | न | → | ......... |
| स्क | मु | रा | → | ......... |
| शप | ग | प | → | ......... |
| अं | रा | धे | → | ......... |
खोजें-जानें
रोज़ रात में चाँद को देखिए और चाँद का आकार बनाइए।
शिक्षण-संकेत - बच्चों को यह गतिविधि एक महीने तक करने के लिए प्रोत्साहित कीजिए। चाँद के घटते-बढ़ते आकार के बारे में भी चर्चा कीजिए।