मिलकर पढ़िए
25 - सबसे बड़ा छाता
बारिश ! झमा-झम बारिश !
लगातार बारिश !
छत पर झमा-झम। घर में टप-टप।
और आँगन में... छप-छपाक।
गीला हो गया बिस्तर,
अम्मा की साड़ी,
और दादी का कंबल।
गीला और सर्द
हो गया पूरा शहर।
लेकिन मैं, मेरे पास है छाता।
छाते के भीतर मैं और सलीम।
बिलकुल सूखे और गरम
मैंने छाते में टिल्लू को भी बुलाया।
अब टिल्लू बिलकुल सूखा।
मैं और सलीम कुछ गीले-गीले से।
मैंने दयाल चाचू से बड़ा
छाता माँग लिया।
अब सब छाते के अंदर।
फिर लता और मोनू भी आ गए।
बड़ा छाता पड़ गया छोटा।
दयाल चाचू से और बड़ा छाता
ले आए।
अब सब छाते के अंदर ।
शलीन और सनत भी आ गए।
और बड़ा छाता पड़ गया छोटा।
दयाल चाचू से बहुत बड़ा
छाता ले आए।
अब सब छाते के अंदर।
सोनू, हामिद, हरमीत सब
के सब आ गए।
बहुत बड़ा छाता भी पड़
गया छोटा।
दयाल चाचू बहुत बड़े छाते से बहुत-बहुत बड़ा छाता दो।
दयाल चाचू ने कहा – इससे बड़ा छाता तो बनता ही नहीं।
बड़ा होकर मैं दुनिया का सबसे बड़ा छाता बनाऊँगए।
आसमान जितना बड़ा! जो बारिश में पूरे शहर को छुपा लेगा।
टिल्लू, सलीम, अम्मा, चाचू, राकेश, हामिद, हरमीत, शलीन
और सनत। सब होंगे छाते के भीतर। सूखे और गरम।
बारिश ! झमा-झम बारिश !
घर में टप-टप।
और आँगन में... छप-छपाक।
– मनोज कुमार
(प्रकाशक : रूम टू रीड इंडिया ट्रस्ट)

बातचीत के लिए
- 1. बारिश से जुड़े अपने अनुभव बताइए।
- 2. आप बड़े होकर क्या बनाना चाहेंगे?
- 3. क्या सचमुच कोई इतना बड़ा छाता बना सकता है कि पूरी दुनिया के बच्चे उसमे आ जाएँ?
- 4. छाते में ऐसा क्या होता है कि हम बारिश में भी गीले नहीं होते?
नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर अपनी कॉपी में लिखिए -
- 1. हर बार छाता क्यों छोटा पड़ता था?
- 2. हर बार बड़ा छाता कौन देते थे?
- 3. इस कहानी में आए सभी बच्चों के नाम लिखिए।
- 4. बारिश में क्या-क्या गीला हो गया?
खेल-खेल में
वर्षा की बूँदें धरती पर गिरती हैं तो कैसी ध्वनि सुनाई देती है? इस तरह करके देखिए-।
- 1. आँखें बंद कीजिए और बाईं हथेली खोलकर रखिए।
- 2. दाएँ हाथ की तर्जनी से बाईं हथेली पर बजाकर देखिए।
- 3. फिर से दो उँगलियों से बजाकर देखिए।
- 4. फिर से तीन उँगलियों से बजाकर देखिए।
- 5. फिर से चार उँगलियों से बजाकर देखिए।
शब्दों का खेल
हर बार बड़ा छाता छोटा पड़ जाता था।
बड़ा और छोटा इन दोनों शब्दों के अर्थ एक-दूसरे से विपरीत हैं। जैसे दिन और रात।
नीचे दी गई तालिका से दिए गए शब्दों के विपरीत अर्थ वाले शब्द ढूँढ़कर लिखिए -
| नी | इ | दो | दि | न | सो |
| से | चे | उ | जा | ला | ना |
| अ | च | बा | एँ | पा | जै |
| सो | ना | ल | सू | खा | स |
| बा | ह | र | अ | ने | क |
| ऊपर | .......... | दाएँ | ............. |
| अंदर | ........... | रात | ............. |
| एक | ........... | दूर | ............. |
| अँधेरा | ........... | गीला | ............. |
पढ़िए, समझिए और लिखिए
- 1.दिन में सूरज,................................. में तारे दिखते हैं।
- 2................. बोलें, झूठ नहीं।
- 3. ऊपर आकाश और........................................ धरती है।
नीचे दिए गए शब्दों की सहायता से पाँच से छह वाक्य लिखिए -
बारिश , झम-झम , छाता , मित्र , सहायता ,
दोपहर, घर , स्कूल , छुट्टी ,
................................
................................
................................
................................

पहेली
तोते का प्यारा खाना है,
लेकिन मेरी सी-सी है,
इसका उत्तर दे सकते हो,
यह तो बात ज़रा-सी है।
................चलती ही रहती है हरदम,
दिन हो, चाहे रात,
टिक-टिक-टिक बोला करती,
कहती है कुछ बात।
...................
-श्रीप्रसाद