3. कविता में देखकर सही शब्द चुनकर लिखिए -
(i) हवा........................................ लाती सर-सर। ,,(ii) नन्हें जल-कण गए........................................ बन ।
(iii)............. मगन मन, ............................छननछन।
(iv) बरसे............. कलकल............. |
(v) तैर चली .........की नैया......... उठाकर......... गैया।
4. इन शब्दों को पढ़िए। बच्चों और वस्तुओं के नामों को अलग-अलग लिखिए -
लड्डू , भुट्टा , मक्खन , बस्ता , मुन्नी , पप्पू ,
| बच्चों के नाम | वस्तुओं के नाम |
|---|---|
| ............... | ............... |
| ............... | ............... |
| ............... | ............... |
| ............... | ............... |
| ............... | ............... |
| ............... | ............... |
| ............... | ............... |
5. नीचे दिए गए चित्रों का मिलान सही शब्द से कीजिए -
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जल |
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वृक्ष |
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मेघ |
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पृथ्वी |
लेखन
चित्र देखिए और दिए गए शब्दों से रिक्त स्थानों को भरिए -
- 1. सूरज के प्रकाश से ................बढ़ती है।
- 2. गरमी पानी को ................बनाती है।
- 3. भाप ऊपर जाकर ................बनाती है।
- 4. बादल नन्हीं-नन्हीं ................बरसाते हैं।
- 5. नदी-नालों में ................भर जाता है।
पहेली
1. काली भूरी नीली है,
लाल गुलाबी पीली है,
बरखा से यही बचाती है,
धूप नहीं आ पाती है।
रहती है सिर के ऊपर,
फैली रहती है तन कर, ,
सुंदर सी है, जानो तुम,
अपने सिर पर तानो तुम।
2. ऊपर देखो उड़ा जा रहा,
मुड़ा जा रहा अब ये,
लेकिन वापस भी आएगा,
मगर न जानें कब ये।
आसमान में उड़ जाता है,
डैने कितने भारी,
क्या चिड़िया है,
अरे नहीं, यह काफ़ी बड़ी सवारी।
श्रीप्रसाद
खोजें-जानें
चित्रकारी और लेखन
नीचे दिए गए चित्र में रंग भरिए। चित्र के आधार पर पाँच से छह वाक्य लिखिए -
.......................................
.......................................
.......................................
.......................................
.......................................
.......................................
फिर फुर्र!
कहानी सुनाने वाला कहानियाँ सुना-सुनाकर
थक गया, पर सुनने वाले नहीं थके। उसे घेरकर
बैठे बच्चों और बूढ़ों ने उससे और कहानी
सुनाने का आग्रह किया। तो उसने कहानी सुनाना
शुरू किया। वह बोला, “एक पेड़ पर बहुत-सी
चिड़ियाँ रहती थीं।” इतना कहकर वह रुक गया।
आदतन लोगों ने पूछा, "फिर?”
कहानी सुनाने वाले ने कहा, "एक चिड़िया पेड़ से उड़ी फुर्र !"
"फिर?"
"फिर एक चिड़िया पेड़ से उड़ी – फुर्र !"
"फिर?"
“फिर एक चिड़िया पेड़ से उड़ी - फुर्र !"
"फुर्र!"
बहुत देर तक यही चलता रहा। “फिर?” “फुर्र!”
"फिर?" "फुर्र!” “फिर?” “फुर्र!” से लोग थक गए।
अंततः एक बच्चे ने पूछा, "यह कब तक चलेगा?"
कहानी सुनाने वाले ने कहा, “जब तक सारी चिड़ियाँ उड़ नहीं जाती!"
साभार, मराठी लोककथा, एनबीटी
रंग भरिए
दिए गए चित्र में मनचाहे रंग भरिए – -



