कला एवं पेड़-पौधे
हम अपने आस-पास विभिन्न प्रकार के पेड़-पौधे देखते हैं। इस अध्याय में आप कहानियों के माध्यम से उनके महत्व को समझ सकेंगे और अपने आस-पास के बाग- बगीचों, मैदानों, जंगलों आदि में सेर करते हुए उनकी सुंदरता का अवलोकन कर सकेंगे। आप प्रकृति से जुड़े अपने इन अनुभवों को अपनी कलाकृतियों के माध्यम से व्यक्त कर सकेंगे।
आप प्रकृति में दिखाई देने वाली अलग-अलग प्रकार की सुंदर रेखाओं, आकृतियों, रंगों एवं स्वरूपों (पैटर्न) का अवलोकन करेंगे और इन्हें कपड़ों तथा विभिन्न प्रकार की कलाकृतियों में पाए जाने वाले प्रारूप से जोड़ सकेंगे।


आप प्रकृति में पाई जाने वाली वस्तुएँ, जैसे- टहनी, डंडी, बीज, कंकड़, सूखी पत्तियों, फूलों और अन्य वस्तुओं को एकत्रित करके उनके द्वारा कला में विभिन्न प्रयोग कर सकते हैं। इसके माध्यम से आप काल्पनिक चित्रों की रचना भी कर सकते हैं। आप चित्रकला, रंग भरने, शिल्प और प्रारूप गतिविधियों के माध्यम से अपने कपड़ों पर चित्र वा नक्शा, ग्रिटिंग कार्ड, पृष्ठ का किनारा आदि बना सकते हैं।
गतिविधि 1 प्रकृति भ्रमण एवं रेखांकन
अपनी कक्षा से बाहर निकलें और पौधों से भरे बाग-बगीचों, खेतों या जंगल के सुरक्षित क्षेत्रों में जाएँ।
वहाँ दिख रहे फूलों, तनों, पेड़ की छालों, कीड़ों, तितलियों, शाखाओं, फलों, बीजा, जड़ों इत्यादि को ध्यान से देखें और उन्हें हल्के से स्पर्श करें! आपको किस प्रकार की रेखाएँ, आकृतियाँ, रंग और संरचनाएँ दिख रही हैं? उनको स्पर्श करते हुए आपको कैसा लग रहा है?

अपने साथ अपनी कला पुस्तिका या कागज एवं पेंसिल लेकर जाएँ।
गतिविधि 2 प्रकृति का चित्रण
विभिन्न आकर की तीन या चार पत्तियों, फूलों या पक्षियों का रेखांकन करें और उनमें रंग भरें।

अभ्यास करें- स्वयं प्राकृतिक रंग बनाएँ। अपने आस-पास मिलने वाले कुछ फल, सब्जी, फूल या पत्तियों, जड़ों को लें, उन्हें पीसकर थोड़ा पानी मिलाकर देखें फि कौन-सा रंग बनता है।
गतिविधि 3 प्राकृतिक रंग
पत्तियां, फलों और फूलों से रंग बनाए जा सकते हैं।
आपकी जीभ का रंग कैसा होता है जब आप ये फल खाते हैं-
चुकंदर

जामुन

आम

ऊपर दिए गए आकारों में रंग भरे।

ऊपर दिए गए स्थान में प्राकृतिक रंगों का उपयोग करके एक चित्र बनाएँ।
गतिविधि 4 जालीदार खिड़कियाँ और द्वार
जाली को ग्रिल भी कहा जाता है। कभी-कभी प्राकृतिक या ज्यामितीय आकृतियों के पैटर्न इन जालियों में उकेरे जाते हैं।
आपने अपने आस-पास किस प्रकार की जालियाँ देखी हैं?
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क्या आपने दरवाजे और खिड़कियों की जालियों की बनावट ध्यान से देखी है?

अभ्यास करें-किसी भयन या स्मारक को देखने जाएँ जिसमें जालियों उफेरी गई हो। उन जालियों में बनी विभिन्न आकृतियों का चित्र बनाएँ।

पेंसिल का उपयोग करते हुए दी गई खाली जगह में जालीदार प्रारूप बनाएँ।
गतिविधि 5 स्वयं जाली बनाएँ
इस गतिविधि को करते समय कैची का उपयोग सावधानी से करें। शिक्षक मा बढ़ों का सहयोग लें।
जाली बनाते समय अगर आपके मित्र को कागज काटने या मोड़ने में कोई बाधा आ रही हो तो आप उसकी सहायता करें।
अब, अपनी बनाई गई जाली का उपयोग स्टैंसिल के रूप में करते हुए एक प्रारूप तैपार करें। उसमें रंग भरें। दिए गए चित्र फा उदाहरण देखें।

गतिविधि 6 चित्रों में कहानियाँ
क्या आप पेड़ों या पौधों की कोई कहानी जानते हैं? ऐसी एक कहानी का चित्र बनाएँ और उसमें रंग भरें।

वस्त्रों, कपड़ों, चित्रों और घर की अन्य वस्तुओं में पोधों के प्रारूप ढूँढ़ें। इन्हें दिए गए स्थान में बनाइए।

गतिविधि 7 पौधों के आकारों के प्रारूप बनाएँ
निम्नलिखित सामग्री ले- सादा कागज, चार्ट पेपर, पुराने कपड़े, पुराने समाचार पत्र, रंगीन कागज, धागा, प्राकृतिक वस्तुएँ, जैसे-बीज, फूल, भूमि पर गिरी पत्तियों या पंखुड़ियों और गोंदा
पोधों से फूल और तानी पत्तियाँ

अपने शिक्षक एवं सहपाठियों के साथ अपने विचार एवं चुनी हुई सामग्रियों पर चर्चा करें। आप अभिनंदन-पत्र या कागज पर किनारा बना सकते हैं।





