
संगीत

6 हमारा राष्ट्रगान
गतिविधि 1 आइए, राष्ट्रगान गाएँ
बोल
जन-गण-मन-अधिनायक जय हे
भारत-भाग्य विधाता।
पंजाब-सिंध-गुजरात-मराठा
द्राविड-उत्कल-बंग।
विध्य-हिमाचल-यमुना-गगा,
उच्छल जलधि-तरंग।
तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मगि,
गाहे तव जय-गाथा।
जन-गण-मंगल-दायक जय है.
भारत भाग्य विधाता।
जय हे, जय हे, जय हे,
जय जय जय, जय हे ॥
रचनाकार रविन्द्रनाथ शकुर
भाषा — बांग्ला

राष्ट्रगान गाते समय आपको कैसा अनुभव होता है?
अपने विद्यालय की प्रार्थना को सुनें, सोखें और गाएँ।
आप संगीत की किन अन्य विधाओं से परिचित है।
गतिविधि 2 ध्वनि और संगीत

हमारे चारों ओर अनेक ध्वनियाँ सुनाई देती हैं।
वर्षा से उत्पन्न ध्वनि, चिड़ियों की चहचहाहट, चलती रेलगाड़ी की ध्वनि, गाय का रंभाना, पत्तों की सरसराहट, विभिन्न पूजा स्थलों की प्रार्थनाओं और घंटियों की ध्वनियों, विभिन्न प्रकार के वाद्ययंत्रों ढोल, बाँसुरी, डमरू, ढफली, मंजीरा आदि की ध्वनियाँ। क्या आपने ध्यान दिया कि ये सभी ध्वनियाँ एक-दूसरे से किस प्रकार भिन्न हैं?
क्या आप अपने आस-पास सुनाई देने वाली विभिन्न ध्वनियों के बारे में बता सकते हैं? उन्हें नीचे दिए स्थान में लिखिए।

