
9 वाद्ययंत्र
गतिविधि 1 वाद्ययंत्र को सुनिए
ये भारतीय शास्त्रीय और लोक संगीत में उपयोग किए जाने वाले कुछ वाद्ययंत्र हैं। आप इस अध्याय की शुरुआत में दिए गए क्यू. आर. कोड को स्कैन करके इनकी ध्वनियाँ सुन सकते हैं।

सितार, सरोद, पखावज, सारंगी, शहनाई, हारमोनियम, तबला, मंजीरा, मृदंगम, बाँसुरी, संतूर
इनमें से कौन-से वाद्ययंत्र आपने पहले कभी सुने हैं? क्या आप बता सकते हैं कि कश्मीरी गीत 'यूम्बरो युम्बरों' में फौन-सा याद्ययंत्र बजाया गया है?
शिक्षक संकेत
स्थानीय संगीतकारों को आमंत्रित करें जो बच्चों के समक्ष कोई वाद्ययत्र बजा सकें।
गतिविधि 2 रसोई के बर्तनों की ध्वनियों से वाद्यवृंद (ऑर्केस्ट्रा) बनाएँ
जब कई संगीतकारों का एक समूह एक साथ विभिन्न वाद्ययंत्रों को बजाता है तो उसे बाद्यवृंद कहते हैं।
क्या आप अपने घर की रसोई में वाद्यवृंद बना सकते हैं?
रसोई वाद्यवृंद बनाने में रसोईघर में उपयोग की जाने वाली किस प्रकार की वस्तुओं का प्रयोग किया जा सकता है?
क्या आप अपने रसोई के वाद्यवृंद को कोंकणी गीत "उन्य मोजए मामा' या किसी अन्य गीत के साथ बजा सकते हैं?

क्या आप जानते हैं?
झुनझुना वैसी ही ध्वनि देगा जैसी सामग्री आप उसमें डालेंगे और जितनी मात्रा में डालेंगे। झुनझुना बनाने के लिए आप अलग-अलग प्रकार के अनाज, कंकड़, संगमरमर के टुकड़े या बीज ले सकते हैं। स्वयं प्रयास करें।
कौन-सा अनाज सबसे तेज ध्वनि उत्पन्न करता है?
जब आप झुनझुने में और अनाज डालते हैं तब क्या उसकी ध्वनि बढ़ जाती है?
गतिविधि 3 झुनझुना बनाएँ
झुनझुना एक ताल वाद्य है जिसका उपयोग लय बनाने में किया जाता है। इसे हिलाने पर ध्वनि निकलती है इसलिए इसे झुनझुना कहते हैं।
झुनझुना बनाने के लिए उपयोगी वस्तुएँ-
• एक छोटी अनुपयोगी खाली बोतल
• एक मुट्ठी अनाज, बीज या कंकड़
• रंग
अपना झुनझुना बनाएँ-
• बोतल को अंदर और बाहर से सुखा ला
• बोतल में सूखी दालें, कच्चे चावल और मनचाहे अनाज भरें। याद रखें कि अलग-अलग प्रकार की वस्तुओं से विभिन्न प्रकार की ध्वनियों निकलती है।
• बोतल के ढक्कन को कसकर बंद करें।
• अपने मनचाहे रंगों और चमकीली वस्तुओं से बोतल को बाहर से सजाएँ।
• बोतल की सजावट को सूखने दें।
• झुनझुना उपयोग के लिए तैयार है।

गतिविधि 4 वाद्ययंत्रों की ध्वनि
वाद्ययंत्र बजाना तो हम बाद में सीखेंगे। आइए, पहले कुछ वाद्ययंत्रों की ध्वनि सुनें, जैसे-
डफ, डमरू, मृदंग, तबला, ढोलक, चेन्डा, इडेक्का
ये सभी वाद्य लकड़ी या पीतल और खाल से बने होते हैं। किसी वाद्ययंत्र का मुख ऊपर की ओर, किसी का दाएँ या बाएँ ओर होता है। इनको हाथ या छोटे डंडों से बजाया जाता है।

तविल

घुमट
गतिविधि 5
आपने अपने आस-पास त्यौहारों में कई प्रकार के ढोल बजते हुए देखे होंगे। आइए, उनकी आवाजें सुनें और उनके छायाचित्र भी देखें।

ड्रम

डफली

नगाड़ा

ढोल

बाँसुरी, शहनाई, रणसिंघा, नागस्वरम्
गतिविधि 6 अलग-अलग स्वर के समूह को सुनिए और सीखिए
गीतों में ऐसे पैटर्न को ढूँढ़ें जिसमें लय और ताल को बार-बार दोहराया गया हो।
नीचे दी गई सरगम को गाएँ और इसका अभ्यास करें-
सा रे ग म प ध नि सां
सां नि ध प म ग रे सा
सारे, रेग, गम, मप, पध, धन, नस,
सानी, नीध, धप, पम, मग, गरे, रेसा।
सारेग, रेगम, गमप, मपध, पधनि, धनिसा,
सानिध, निधप, पम, पमग, मगरे, गरेसा।
सारेगम, रेगमप, गमपध, मपधनि, पधनिसां,
सानिधप, निधपम, धपमग, पमगरे, मगरेसा।