

10 उत्सव मनाएँ
गतिविधि 1 आइए, एक दिवाली गीत सुनें और सीखें
जगमग आई दिवाली

बोल
जगमग जगमग आई दिवाली
खुशियों देर लाई दिवाली
जगमग जगमग आई दिवाली
दीप जले हैं घर-घर देखो
रगोली से सजा है ऑगन
रोशन की लड़ियों है ताली
जगमग जगमग आई दिवाली
नए-नए कपड़े पहने है
नई-नई चीजे है आई
नई-नई सी गलियाँ सजा ली
जगमग जगमग आई दियाली
करते है लक्ष्मी का पूजन
और लेते आशीष बड़ो का
फिर करके बढ़िया-सा भोजन
हँसते-खेलते गाना गाते
फूलझड़ी और चकरी जला ली
जगमग जगमग आई दिवाली
जगमग जगमग आई दिवाली
खुशियाँ ढेर लाई दिवाली
जगमग जगमग आई दिवाली
गीत के बारे में
यह गीत दिवाली का वर्णन करता है, जो भगवान राम के अयोध्या लौटने के उपलक्ष्य में मनाया जाने वाला दीपोत्सव है। इस दिन लोग नए कपड़े पहनते हैं और अपने घरों को दीयों से रोशन करते हैं। चारों तरफ उल्लास और उत्साह का वातावरण होता है।
गतिविधि 2 आइए, संस्कृत में एक नववर्ष गीत सुनें और सीखें

बोल
क्षण प्रति क्षण य नवमू नवम्
तच्च सुन्दरम् सच्च तच्चिवम्
वर्ष नूतन ते शुभ मुदम्
उत्तरोत्तर भवतु सिद्धिवम्
गीत के बारे में
जो सदेव नया और ताजा है, यही अच्छा, वास्तविक और सुंदर है। यह नव वर्ष आपके लिए सोभाम्य, खुशियाँ ओर सफलता लेकर आए।
संगीठार - स्वामी तेजोमयानंद

गतिविधि 3 चलिए, एक क्रिसमस गीत सुनें और सीखें
जिंगल बेल्स
बोल
डेशिग थ्रू द स्नो,
इन वन-हॉर्स ओपन स्लेज।
ओवर द फील्ड्स वी गो,
लाफिंग ऑल द वे।
बेल्स ऑन बोबटेल्स रिंग,
मेकिंग स्पिरिट्स ब्राइटा
वॉट फन इट इज टू राइड एड
सिंग ए स्लेड्ग सांग टूनाइट।
ओह! जिंगल बेल्स, जिंगल बेल्स,
जिंगल ऑल द थे।
ओह! वॉट फन इट इज टू राइड
इन ए वन-हौर्स ओपन स्लेजा है।
गौठकार और संगीतकार - जेम्स लॉर्ड पियरपोट

आनंदपूर्ण तथ्य
क्रिसमस के समय लोग समूह में एकत्रित होते हैं और एक साथ क्रिसमस गीत गाते हैं। जो कैरलिंग कहलाता है।
गतिविधि 4 आइए, ईद के लिए एक गीत सुनें और सीखें
आओ, ईद मनाएँ
बोल
आओ ईद मनाएँ
एक-दूजे के संग
तोडे नफरत की दीवार
गले लगाए प्यार से
घर को दीपों से सजाएँ
भेदभाव को मन से मिटाएँ
नए कपड़ों के सग
मेहंदी और चूडियों के रंग
दावत की खुशियाँ मनाएँ
छोटे-बड़ों के साथ
खुदा से माँग दुआएँ हम
नाना-नानी दादा-दादी
ईद मुबारक और करम
गीत के बारे में
'आओ ईद मनाएँ' गीत एकता, प्रेम और भाईचारे के साथ ईद का त्यौहार मनाने के बारे में है। यह गीत घरों को सजाने, नफरत को मिटाने, नए कपड़े पहनने और परिवार के साथ मिलकर आनंदपूर्वक त्यौहार मनाने को कहता है। यह ईश्वर और बड़ों से आशीर्वाद लेने के महत्व को भी बताता है।

गतिविधि 5 आइए, भगवान बुद्ध को समर्पित एक गीत सुनें और सीखें

बोल
बुद्ध शरणं गच्छामि
धम्म शरणं गच्छामि
सघ शरण गच्छामि
बुद्ध शरण गच्छामि
धम्म शरण गच्छामि
सघ शरणं गच्छामि
गीत के बारे में
भगवान बुद्ध को समर्पित इस प्रार्थना में उपासक भगवान बुद्ध और धर्म की शरण में जाने की प्रार्थना करते हैं।
गतिविधि 6 आइए, साथ में एक देशभक्ति गीत सीखें और गाएँ
आइए, एक ऐसा गीत सीखें जो हमें बताएगा कि भारत भूमि को प्रकृति किस प्रकार घेरे हुए है।
गीत के ताल पर ध्यान दीजिए।
यह कहरवा ताल-धगेन तीन कधीन है।

बोल
हिंद देश के निवासी सभी जन एक है
रंग रूप वेश भाषा चाहे अनेक है
बेला गुलाब जूही चम्पा चमेली-2
प्यारे प्यारे फूल गूथे माला में एक है
हिंद देश के निवासी सभी जन एक है
रंग रूप वेश भाषा चाहे अनेक हैं
गंगा यमुना ब्रह्मपुत्र कृष्णा कावेरी-2
जाके मिल गई सागर में हुई सब एक है
हिंद देश के निवासी सभी जन एक है
रंग रूप वेश भाषा चाहे अनेक हैं
कोयल की कूक प्यारी पपीहे की टेर न्यारी-2
गा रही तराना बुलबुल राग मगर एक है
हिंद देश के निवासी सभी जन एक है
रंग रूप वेश भाषा चाहे अनेक है
संगीतकार- पण्डित विनय चन्द्र कुदाल
गतिविधि 7 मिलकर गाएँ!
नीचे दिए गए गीत को ऑनलाइन सुनें एवं साथ में गाएँ-
हमको मन की शक्ति देना
बोल
हमको मन की शक्ति देना मन विजय करे
दूसरों की जय से पहले, खुद को जय करें
भेदभाव अपने दिल से साफ कर सके
दोस्तो से भूल हो तो माफ कर सके
झूठ से बचे रहे, सच का दम भरे
दूसरों की जय से पहले, खुद को जय करे
मुश्किले पड़े तो हम पे, इतना कर्म कर
साथ दे तो धर्म का, चले तो धर्म पर
खुद पे हौसला रहे, बदी से ना डरे
दूसरो की जय से पहले. खुद को जय करे
गौठकार - गुलजार
संगौठकार - वसंत देसाई

अर्थ
इस गीत में हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि वे हमारे मन को विश्वास से भरा हुआ और सुदृढ़ बनाएँ। हे ईश्वर, हमको शक्ति देना कि हम अपने मन को अपने वश में रख सकें जिससे हम स्वयं को नकारात्मक विचारों से बचा सकें और योग्य बना सका
हम अपने मन से भेदभाव मिटा सकें। दूसरों से गलती होने पर भी उन्हें क्षमा कर सकें। हम असत्य की राह से बचकर सत्य की राह पर चलें।
हम जीवन की कठिन परिस्थितियों में भी अपने धर्म और कर्तव्य से कभी न डिगे। हमें सदैव स्वयं पर विश्वास रहे और हम कभी भी किसी से न डर।
