शिक्षकों के लिए
• जिस प्रकार नाटक के आलेख को अभिनय और दृश्य में विभक्त किया जाता है, उसी अवधारणा को आधार बनाते हुए अध्यायों और पाठों को प्रस्तुत किया गया है।
अभिनय 1 अध्याय ।
दृश्य 1 = पाठ 1
दृश्य 2 = पाठ 2
• विदूषक - यह अनोखा पात्र संस्कृत नाटकों में हास्य एवं विलक्षण परिस्थितियों को दर्शाने के लिए प्रयुक्त किया जाता था। विदूषक भारतीय पारंपरिक रंगमंच का विशेष पात्र है, जो बच्चों को रंगमंच की अवधारणाओं और विचारों से परिचित कराता है। यह पात्र परिस्थिति के अनुसार किसी भी रूप में हो सकता है और उसके बारे में बता सकता है। यहाँ पर यह बच्चों के मित्र के रूप में प्रस्तुत किया गया है। जब बच्चे एक गतिविधि से दूसरी गतिविधि की ओर बढ़ते हैं तो वह जानकारी के साथ उनका मार्गदर्शन भी करता है। विदूषक अपने अभिनय द्वारा बच्चों के लिए महत्वपूर्ण बातों, सीख आदि को प्रदर्शित करते हैं। विदूषक अपने अभिनय द्वारा बच्चों के लिए महत्वपूर्ण बातें, पाठ आदि को संचालित करते हैं।
• सुचारू और सुरक्षित गतिविधियों के लिए विद्यार्थियों को एक बड़ा खाली कक्ष, गतिविधि कक्ष अथवा मैदान उपलब्ध कराएँ, जहाँ वे मुक्त रूप से गतिविधियाँ कर सके।
• शिक्षक या तो गतिविधियों के प्रदर्शन की व्यवस्था करें या स्वयं उन्हें प्रदर्शित करें। इसके बाद ही विद्यार्थियों को उसे दोहराने का निर्देश दें। यह महत्वपूर्ण है कि वे विद्याथों को उनके स्वयं के विचारों और योजनाओं को प्रस्तुत करने दें। शिक्षक की सहायता के लिए क्यू आर कोड में अन्य गतिविधियों के अतिरिक्त उदाहरण एवं विचार दिए गए हैं।
• शिक्षक आवश्यकतानुसार इन गतिविधियों को कक्षा में दोहराने के लिए स्वतंत्र हैं।
क्या आपने मित्रों के साथ (अभिनय) नाटक किया है?
मुझे पता है, आपको भिन्न- भिन्न परिस्थितियों को निर्मित करने में आनंद आता होगा।
मुझे विश्वास है आपने खिलौनों के साथ कहानियाँ बनाई होंगी।
आपने एक अलग ही दुनिया की कल्पना की होगी...
यदि हाँ, तो आप पहले से ही रंगमंच में अच्छे हैं। रंगमंच कहानियों को जीवंत करने का एक आनंददायी साधन है। रंगमंच पर आप जो कल्पना करते हैं, वे घटनाएँ आपके सामने साक्षात घटित हो सकती हैं। योजनाएँ, भावनाएँ, परिस्थितियाँ और कहानियाँ जब सामने रंगमंच पर घटित होती हैं, तब वे जीवंतता लेकर आती हैं। रोमांचक लग रहा है, ना!
अब इन कहानियों, परिस्थितियों और भावनाओं का एक हिस्सा बनने की कल्पना कीजिए। अपने वास्तविक जीवन में लौटने से पहले कुछ समय के लिए उन्हें जीएँ। क्या ये और भी अधिक रोमांचक नहीं है?
आइए, नाटक की रोमांचक दुनिया की यात्रा शुरू करें, जो आपको हँसा सकती है या रूला सकती है, यहाँ आप जीवन के अनेक सबक भी सीखेंगे।
मैं रंगमंच में अनेक वर्षों से हूँ। मैं रंगमंच में होने वाली हर छोटी-बड़ी बारीकियों से परिचित हूँ और यहाँ हर क्षण का आनंद लेता हूँ। आइए, मैं आपको अपनी दुनिया से परिचित कराने के लिए एक अत्यंत रोमांचक यात्रा पर ले चलता हूँ!
आइए, सबसे पहले उन वस्तुओं की एक सूची बनाएँ जिन्हें आप रंगमंच का हिस्सा मानते हैं।
अति उत्तमः क्या आपसे कुछ छूट गया? निश्चित रूप से आपकी सूची अच्छी लग रही है। लेकिन आपने जो भी वस्तुएँ सूचीबद्ध की हैं, क्या उसमें 'आपको आपके चारों ओर का' और 'अपने भीतर का स्थान (मन)' लिखना याद था? ये बहुत महत्वपूर्ण वस्तुएँ हैं जिनकी आपको आवश्यकता होगी। आइए, इनके बारे में और अधिक जानें...
आइए, खोजें!

15 आइए, पता लगाएँ
अभिनय । दृश्य 1 - आश्चर्यजनक रूप से चलना
गतिविधि 1 तीव्र कदम
जब आप अपने आस-पास के स्थान, वस्तुओं, अपने शरीर, मस्तिष्क और समूह के अन्य सदस्यों के साथ संबंधों को खोजते हैं तो संभावनाओं और सोचने के नए तरीकों का ज्ञान होता है।
कमरे, मैदान या बरामदे में अनियमित ढंग से अर्थात अस्त-व्यस्त होकर चलें। न किसी एक पथ पर चलते जाएँ और न ही गोलाकार पथ में चलें। आपको तब तक नहीं रूकना है जब तक निर्देश न दिया जाए। अपने साथियों को न छुएँ और न ही उनके पैरों पर पैर रखें। ध्यान से सुनें और निर्देशों का पालन करें-?,
• शिक्षक आपको चलने की गति के लिए निर्देश देंगे।
• गति 5 आपके चलने की सामान्य गति है। गति । सबसे धीमी है और गति 10 सबसे तेज (बिना दौड़े)।
• प्रारंभ करें। कमरे में 5 की गति से चलें, 8 से चलें, 3 से चलें। (20-25 सेंकड के अंतराल पर ऐसे ही चलते रहें)
• इसके बाद 4-5 मिनट तक दोहराएँ (जब शिक्षक को अनुभव हो कि छात्र सही लय में हैं), धमने और फिर तेजी से चलने का निर्देश दें।
आप सीधेये
सतर्कता और ध्यान, कल्पना एकाग्रता, सामूहिक कार्य करना, चेहरे की भाव-भंगिमा और आगिक भाषा ।
गतिविधि 2 हम एक परिस्थिति में हैं
अन्वेषण का शाब्दिक अर्थ होता है अज्ञात से ज्ञात की ओर जाना। इसका अर्थ है नए प्रसंग सीखने के लिए खोज करना। तो क्या आप अपने आस-पास के स्थान की खोज करने के लिए तैयार हैं, अर्थात जिस कमरे में आप हैं, उसकी दीवारें, फर्श, छत और आपके आस- पास की वस्तुएँ और आपके भीतर का स्थान अर्थात आपका मन, विचार और कल्पनाएँ।
विभिन्न परिस्थितियों में चलना
स्तर 1
"ऐसे चलें जैसे आप काँटों पर चल रहे हैं", "ऐसे चलें जैसे तेल फैलने के कारण फर्श फिसलन भरा है", "ऐसे चलें जैसे आप नरम रूई पर चल रहे हैं", इत्यादि।
स्तर 2
"ऐसे चले जैसे आप बर्फ पर नंगे पैर चल रहे हैं... अब जैसे वहाँ ठंडी हवा चल रही है... आपके पास एक मफलर के अतिरिक्त और कोई गर्म कपड़ा नहीं है... तेज हवा उसे उड़ाकर ले गईी"
शिक्षक संकेत
गतिविधि की शुरुआत उत्साहपूर्वक करें। अलग-अलग गति के 4-5 चक्रों के बाद परिस्थिति में सरल परिवर्तन करें। उदाहरण पीछे दिए जा चुके हैं।। शिक्षक अन्य उदाहरण भी जोड़ सकते हैं। प्रत्येक नए निर्देश के बीच 8-10 सेकंड का अंतराल दिया जा सकता है।
आइए, घेरा बनाएँ
घेरा समय की टिप्पणियाँ
चर्चा एवं प्रतिक्रिया
• गतिविधि के किस भाग में आपको सबसे अधिक आनंद आया? और क्यों?
• सबसे कठिन एवं उबाऊ भाग क्या था? और क्यों?
• आपने अवलोकन के दौरान क्या नया जाना?
• आपने अपने बारे में कौन-सी नई बात सीखी, यदि आपको अवसर मिलेगा तो आप कौन-सी परिस्थिति का निर्माण करेंगे?
• क्या आप ऐसी किसी परिस्थिति को अपने वास्तविक जीवन की किसी घटना से जोड़ सकते हैं, जिसका आपने अनुभव किया है?
यह बहुत आनंददायी रहा होगा! जब भी खाली समय मिले, आप इस खेल को खेल सकते हैं। इस खेल में एक बच्चा निर्देश देगा और बाकी बच्चे उसका पालन करेंगे। यह गतिविधि महत्वपूर्ण है क्योंकि यह आनंददायक तो है ही, साथ ही आपको 'सर्तक' भी बना रही है। आपको तुरंत निर्देशों का जवाब देना होगा इसलिए आपका 'ध्यान केंद्रित' रहना चाहिए।
रंगमंच पर नाट्य कला के दौरान आपको सर्तक रहना और ध्यान केंद्रित रखना बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि कुछ क्षण के विलंब से ही पूरा नाट्य प्रदर्शन खराब हो सकता है।
शिक्षक संकेत
यह एक ऐसा अभ्यास है, जिसका पालन सभी गतिविधियों के लिए किया जाना चाहिए।
गतिविधि के अंत में, हर कोई अपना अनुभव साझा करने के लिए एक परे में बैठता है।
गतिविधि 3 बैठो-मुड़ो-कूदो
गतिविधि की शुरुआत उत्साहपूर्वक करें। सावधान रहें! अपने मित्रों के पैरों को बचाते हुए और दूसरों को बिना छुए कूदें। शिक्षक के निर्देशों का अनुसरण करें -
शिक्षक के 'बैठो' बोलने पर बैठ जाएँ, फिर चलना जारी रखें। शिक्षक के 'मुड़ो' बोलने पर मुड़ जाएँ और फिर चलना जारी रखें। शिक्षक के 'कूदो' बोलने पर अपने स्थान पर कूदें, फिर चलना जारी रखें। निर्देशों की गति एवं क्रम में परिवर्तन होंगे, अतः सतर्क रहें!
स्तर 1
क्रियाओं को आपस में बदलें। अब 'बैठें' का अर्थ 'मुडें', 'मुड़े' का अर्थ 'कूदें' और 'कूदें' का अर्थ 'बैठें' है (गति एवं क्रम को बदलें)।
बैठो
मुड़ो
कूदो
स्तर 2
बैठें, मुड़ें और कूदें शब्दों को दूसरे शब्दों से बदलें। उदाहरण के लिए इडली का अर्थ 'बैठना' और वड़ा का अर्थ 'खड़े होना' और सांभर का अर्थ है 'कूदना'। शिक्षक एक कहानी बना सकते हैं जिनमें ये शब्द छिपे हों। उदाहरण के लिए कल मेरी मित्र दोपहर के भोजन के लिए अपने डिब्बे में वड़े लाई थी। उसने एक टुकड़ा मुझे दिया परंतु उसमें सांभर नहीं था।
आइए, अब हम एक और खेल खेलते हैं जो आपसे पिछले खेल की तुलना में अधिक सतर्क होने और ध्यान केंद्रित करने की अपेक्षा करता है। क्या आप तैपार हैं?
आइए, घेरा बनाएँ
चर्चा एवं प्रतिक्रिया
• आपको गतिविधि के किस भाग में सबसे अधिक आनंद आया? और क्यों?
• क्या निर्देशों के अर्थों को आपस में बदलने से यह अधिक चुनौतीपूर्ण बन गया?
• आप इडली, वड़ा और सांभर के स्थान पर क्या शब्द प्रयोग करेंगे?
घेरा समय की टिप्पणियाँ
आपने अच्छे ढंग से खेला। आप अगले स्तर के लिए तैयार हैं! लेकिन मुझे विश्वास है कि आपको यह अनुभव हुआ होगा कि आपको अभी और अधिक अभ्यास की आवश्यकता है। जब भी आपको खाली समय मिले, ये खेल खेलें। इससे न केवल आपको आनंद आएगा बल्कि आपकी क्षमता भी बढ़ेगी। क्या आप जानना चाहते हैं कि हम आगे क्या करेंगे?
दृश्य 2 - बिना बोले संचार
संचार हमारे जीवन का महत्वपूर्ण भाग है। संचार क्या है? यह दो या दो से अधिक लोगों के मध्य विचारों और भावनाओं का पारस्परिक आदान-प्रदान है।
क्या आप अपने परिवार एवं मित्रों से बात किए बिना एक भी दिन की कल्पना कर सकते हैं? क्या आप बिना किसी से बात किए अपने जीवन की कल्पना कर सकते हैं?
लेकिन, ठहरिए। क्या संचार बात करने तक ही सीमित है? क्या आप बिना बोले अपने आप को व्यक्त कर सकते हैं? क्या हम बिना बोले भी बहुत-से प्रसंगों की अभिव्यक्ति नहीं करते? क्या आप जानते हैं कि कुछ लोग हाथों के संकेतों से सांकेतिक भाषा में बात कर सकते हैं?
चलिए, देखते हैं क्या यह संभव है? यह बोलने से भी अधिक आनंददायी हो सकता है!
गतिविधि 4 स्थिर होना और अभिनय पहचानना
• जमीन खोदना
• रस्सी खीचना
जब तक आपको शिक्षक की ताली न सुनाई दे, तब तक अनियमित ढंग से चलें। शिक्षक के ताली बजाते ही मूर्तिवत स्थिर हो जाएँ। शिक्षक एक बच्चे को चुनेगा और शेष बच्चे उस बच्चे के अभिनय को पहचानेंगे। जब तक फिर से ताली की ध्वनि सुनाई न दें, सब अनियमित ढंग से चलते रहेंगे। यह प्रक्रिया इसी तरह चलती रहेगी।
अपने अनुमानों को यथासंभव रचनात्मक, आनंददायी और रोचक बनाने का प्रयास करें। कोई भी उत्तर गलत या सही नहीं है।
• पानी पीना
• किसी को पुकारना
आइए, घेरा बनाएँ
चर्चा एवं प्रतिक्रिया
• आपको गतिविधि के किस भाग में सबसे अधिक आनंद आया? और क्यों?
• क्या सभी गतिविधियों को पहचानना सरल था? क्यों और क्यों नहीं?
• आपने कौन - सी नई गतिविधि सीखी?
• क्या आप इस गतिविधि का उपयोग किसी और रूप में कर सकते हैं?
घेरा समय की टिप्पणियाँ
स्तर 1 - कुख हाव-भाव
जब शिक्षक ताली बजाएँ, विभिन्न प्रकार के भाव निर्मित करें और स्थिर हो जाएँ। उदाहरण के लिए एक हाथ ठोड़ी पर रखें (विचारने का भाव) और दूसरे हाथ की सहायता से प्रश्न पूछे।
स्तर 2 - कुछ भाव मुद्राएँ
विभिन्न प्रकार की मुद्राएँ बनाएँ और शारीरिक अभिनय करें और जब शिक्षक ताली बजाए तो आप मूर्तिवत स्थिर हो जाएँ, उदाहरण के लिए खेती, चित्रकारी, लकड़ी काटने का अभिनय इत्यादि।
• जीत का जश्न मना रहे हैं
• सिर पर टोकरी लिए हुए
वाह! यह बहुत आनंददायक था। घर, सड़क या अन्य किसी भी स्थान पर जाएँ, जब आप लोगों को अलग-अलग भाव मुद्राओं में देखें तो इन्हें रोचक अर्थ देने का प्रयास करें। यदि आप ध्यान दें, तो पाएँगे कि यह कितना आनंददायक है। नए अर्थ देने की यह क्षमता आपकी रचनात्मकता को बढ़ाएगी। रचनात्मकता कुछ नया, मौलिक और असामान्य सृजित करने की क्षमता है। ये वे विचार हैं जो संचार में सहायता करते हैं, समस्या के लिए समाधान प्रदान करते हैं और साथ में आनंददायी भी हैं। आपकी रचनात्मक रूप से सोचने की यह क्षमता आयु बढ़ने के साथ-साथ और बढ़ेगी और आपकी सहायता करेगी।
रंगमंच में आप इसका उपयोग विभिन्न नए दृश्यों के निर्माण में कर सकते हैं। अब अगली गतिविधि नए दृश्यों और परिस्थितियों के निर्माण से संबंधित है।
गतिविधि 5 समूह संरचना
निर्देश- सभी को एक सांकेतिक शब्द दिया गया है और आप अपने समूह में इस बारे में चर्चा करके योजना बना सकते हैं (3 मिनट की अवधि में)।
आप दृश्य को प्रदर्शित करने के लिए दृश्य की आवश्यकता के अनुसार अपने समूह के साथ अलग-अलग स्थान पर खड़े हो जाएँ। ऐसी शारीरिक मुद्राओं में न खड़े हों, जिससे आपको कठिनाई अनुभव हो। याद रखें कि संपूर्ण विषय को प्रस्तुत करने में प्रत्येक की भूमिका महत्वपूर्ण है। अभिनय करते हुए आपस में बात न करें।
सुरक्षित आश्रय के लिए प्रार्थना
शिक्षक संकेत
विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार उन्हें 5-6 के समूहों में विभाजित करें।
स्तर 1
टेलीविजन देखना, क्रिकेट, बस इत्यादि जैसे शब्द दिए जा सकते हैं। छात्र कल्पना करें और अपना स्थान लें और जितना संभव हो सके, सूक्ष्मताओं को दर्शाएँ।
स्तर 2
बाजार, खेती, विवाह इत्यादि (कठिनाई के स्तर को बढ़ाएँ और बारीकियों पर ध्यान दें)।
इन संरचनाओं के अर्थ के बारे में विचार करें।
आइए, घेरा बनाएँ
चर्चा एवं प्रतिक्रिया
• आपको गतिविधि के किस भाग में सबसे अधिक आनंद आया? और क्यों?
• कौन-सी संरचना बनाना सबसे कठिन था?
• आप कौन-सी संरचनाएँ बनाना पसंद करेंगे?
• आपने स्वयं के बारे में कौन-सी नई बात सीखी?
घेरा समय की टिप्पणियाँ
क्या आपने देखा कैसे रचनात्मकता आपकी नवीन अभिव्यक्ति वस्तुएँ बनाने में सहायक होती है? बिना बोले अपने विचारों को प्रस्तुत करने के लिए अधिक रचनात्मकता की आवश्यकता होती है। आपने बहुत अच्छे ढंग से अपना काम किया। आपने अपनी बात कहने के लिए अपने शरीर के अंगों का प्रयोग किया, इसे 'आंगिक भाषा' कहते हैं। आप अपने हाथों, पैरों, सिर एवं धड़ का उपयोग भाषा में शब्दों के रूप में कर रहे हैं। यह रचनात्मकता है।
प्रत्येक समूह अपने मित्रों के साथ रचनात्मकता पर विचार- विमर्श करें। यह देखें कि 'कैसे सबसे अलग सोचना' कितना अद् भुत है! अपने घर और अलग-अलग परिस्थितियों के अनुभवों को उदाहरण सहित साझा करें। अगली गतिविधि रचनात्मक होने के महत्वपूर्ण पहलूओं में से किसी एक महत्वपूर्ण पहलू पर केंद्रित होगी। चलिए, अगली गतिविधि करते हैं।
गतिविधि 6 जादुई गड्ढा (वस्तु)
निर्देश- आइए, हम एक घेरे में बैठें। इसके बाद सबकी गिनती कर लेंगे। शिक्षक कोई भी एक अंक बोलेंगे। जब आपका अंक बोला जाए तो आपको घेरे के मध्य में जाना होगा। जहाँ अदृश्य जादुई गड्ढा है। अब उस अदृश्य जादुई गड्ढे से किसी काल्पनिक वस्तु को निकालने और उपयोग करने का अभिनय करें। अन्य छात्र उस वस्तु का अनुमान लगाएँगे।
सुझाव
ना केवल आपकी शारीरिक क्रिया (आंगिक भाषा), सुझाव अपितु आपकी अभिव्यक्ति भी लोगों को बेहतर ढंग से समझाने में सहायक होगी। उदाहरण के लिए चित्र देखें।
क्या वह गेंद पकड़ रही है या कोई भारी पत्थर उठा रही है? (अभिनय में दोनों संभव है, लेकिन अभिव्यक्ति में अंतर होगा)। आप क्या सोचते हैं?
स्तर 1
कलम, पुस्तक, कॉफी का मग इत्यादि (क्रियाओं को करने के लिए सुझाई गई वस्तुएँ हैं)। उदाहरण के लिए कलम से लिखना, पुस्तक से पढ़ना और पन्ने पलटना, मग से कॉफी पीना और कॉफी के बहुत गर्म होने का अभिनय करना।
स्तर 2
कील और हथौड़ा, सब्जी और चाकू, टूथब्रश और पेस्ट (छात्र दोनों वस्तुओं का उपयोग साथ-साथ दर्शाएँ)।
वह हाथ में धनुष-बाण लेकर युद्ध का मैदान दिखाने का प्रयास कर रही है। इस चित्र में क्या बदलाव किया जा सकता है?
आइए, घेरा बनाएँ
चर्चा एवं प्रतिक्रिया
• आप कितनी वस्तु-क्रिया अभिनय का अनुमान लगा पाए?
• कौन-सी वस्तु-क्रिया का अभिनय करना सबसे कठिन था?
• वह कौन-सी वस्तुएँ हैं जिन्हें आप जादुई गड्ढे से प्राप्त करना चाहते हैं?
• इस गतिविधि से आपने कौन-सी नई बात सीखी?
घेरा समय की टिप्पणियाँ
रंगमंच कहानियाँ बनाता और उन्हें दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत करता है। इसलिए यदि आप रचनात्मक विचारों में कुशल हैं तो आपको यह सीखना चाहिए कि इन्हें दूसरों के समक्ष कैसे प्रदर्शित किया जाए और उनके साथ कैसे साझा किया जाए?
रंगमंच के साथ नियमित रूप से जुड़े रहने से न केवल आपकी रचनात्मकता बेहतर होगी बल्कि आपके संचार कौशल में भी सुधार होगा। यदि आप अच्छे ढंग से अभिव्यक्ति कर पाते हैं तो आपके विचारों को भी बेहतर ढंग से समझा जा सकेगा। अब हम इस रचनात्मकता और संचार को अगले स्तर पर ले जाएँगे।