इकाई 2
जीवन आस-पास
इकाई के विषय में
हम अपने आस-पास के स्थानों पर अनेक प्रकार के पेड़-पौधे और पशु-पक्षियों को देखते हैं। हम एक-दूसरे की सहायता करते हैं और अपने आस-पास के पौधों और जानवरों की विभिन्न विशेषताओं और व्यवहारों को देखकर आनंदित होते हैं।
हम उन्हें जितना अधिक देखते हैं, उतना ही अधिक हम उनके मनोहरी जीवन के बारे में सोचते हैं। यह जिज्ञासा हमें और अधिक खोजबीन करने, नई तथा रोमांचक चीजों का पता लगाने की प्रेरणा देती है। पेड़-पौधों और पशु-पक्षियों के कल्याण के बारे में सोचना और उनका सम्मान करना, पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने तथा एक सहृदय समाज बनने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए आवश्यक है।
शिक्षकों के लिए
जीवन आस-पास' नामक यह इकाई हमारे आस-पास के जीवन के बारे में है। यह इकाई तीन अध्यायों में विभाजित है। इन अध्यायों के अंतर्गत दी गई प्रमुख अवधारणाएँ और विषयवस्तु इस प्रकार हैं-
अध्याय 4 - 'कुछ खोज पेड़-पौधों की' अध्याय अपने आस-पास उगने वाले विविध प्रकार के पेड़-पौधों से हमारा परिचय कराता है जिनके अवलोकन के माध्यम से बच्चे उनकी भौतिक विशेषताओं, महत्व तथा विविधता से परिचित होते हैं। वे पत्तियों, फूलों, फलों और पौधों के अन्य भागों का उपयोग करके अपनी रचनात्मकता को बढ़ाते हैं। इसके साथ ही, वे पौधों के जीवित रहने के लिए आवश्यक चीजों का भी पता लगाते हैं तथा यह सुनिश्चित करते हुए कि उन्हें आवश्यक देखभाल और पोषण मिल रहा है, उन्हें पोषित करने के लिए सक्रिय कदम उठाते हैं।
अध्याय 5- 'पेड़-पौधे और पशु-पक्षी हैं साथ' अध्याय अवलोकन के माध्यम से पौधों और जानवरों के बीच के परस्पर संबंध को दर्शाता है। बच्चे अपने आस-पास के विविध प्रकार के जीव-जंतुओं की खोज करते हैं तथा उनकी आदतों और आवास का अध्ययन करते हैं। प्रकृति के साथ सामंजस्य पर बल देते हुए वे मिट्टी, पशुओं और पौधों के पोषण को प्राथमिकता देते हैं तथा साझे पारिस्थितिक तंत्र के भीतर संतुलित सह-अस्तित्व को बढ़ावा देते हैं।
अध्याय 6- 'निर्भरता एक-दूसरे पर' अध्याय दर्शाता है कि हम सभी पौधों तथा जानवरों के साथ गहनता से जुड़े हुए हैं। इनमें से कुछ पौधे और जानवर हमारे घरों के पास रहते हैं, जबकि कुछ दूर रहते हैं। सभी जीवित प्राणियों के प्रति करुणा रखना, उनका पोषण करना तथा उनकी देखभाल करना आवश्यक है। प्रकृति के साथ अपने संबंधों में संतुलन और सामंजस्य को बढ़ावा देकर हम सामूहिक सुख और कल्याण का मार्ग प्रशस्त करते हैं।
• जानवरों के गतिशील तथा छत से लटकते हुए मुखौटों का प्रदर्शन करें। जानवरों और गमलों में लगे पौधों के लघु चित्रों का उपयोग करके पशु क्षेत्र तथा हरित क्षेत्र बनाएँ।
• जानवरों, पक्षियों, कीटों, फूलों तथा पौधों के फ्लैश कार्ड बनाएँ।
ऊपर दी गई अवधारणाओं से संबंधित प्रामाणिक और आयु-अनुरूप लघु वीडियो और फिल्में, कहानी की किताबें तथा कविताएँ अपने पास तैयार रखें।
• शैक्षणिक भ्रमण/आगंतुकों से बातचीत- किसी प्रकृति उद्यान, खेत, पशुशाला या पौधशाला में जाने की या वहाँ कार्य करने वाले ऐसे लोगों से बात करने की योजना बनाएँ जो बच्चों से बात कर सकें।
अध्याय 4
कुछ खोज पेड़-पौधों की
तरह-तरह के पेड़-पौधे
गोपू, सिम्मी और राज प्रतिदिन पैदल ही स्कूल जाते हैं। रास्ते में वे सुंदर-सुंदर फूल, पहाड़ और जल-धाराएँ देखते हैं।
एक दिन गोपू खुश होते हुए जोर से बोला, "यह प्रकृति भी बड़ी ही अनोखी है। यहाँ कितनी ही तरह के पेड़-पौधे, पक्षी और जीव-जंतु हैं... कितना अच्छा होता कि ये हमें अपनी कहानियाँ सुनाते !"
सिम्मी - "हाँ, पौधे तरह-तरह के आकार और आकृतियों वाले होते हैं - बहुत छोटे, छोटे, बड़े, झाड़ीदार..."
राज ने कहा, "कुछ पतले और मुड़े हुए, तो कुछ सीधे और लंबे हैं..."
गोपू ने कहा, "कुछ पेड़-पौधों की पत्तियाँ खुरदरी हैं, तो कुछ की एकदम चिकनी। इन्हें छूना और सूँघना मुझे अच्छा लगता है।"
सिम्मी ने कहा, "देखो, इस जामुन के पेड़ की पत्तियाँ थोड़ी मोटी और चमकदार हैं। राज, यह तुम्हारा खास पेड़ है, न?"
राज ने कहा, "हाँ, है तो। तुम्हें इसके छोटे-छोटे सफेद फूल याद हैं न? फिर हमने छोटे-छोटे हरे रंग के फल देखे जो बाद में गहरे लाल और जामुनी रंग के हो गए थे। हमने यहाँ पेड़ से जामुनी रंग के पके हुए फलों को तोड़ने का आनंद भी लिया था।"
सिम्मी मुस्कुराई, "इन पेड़ों की ठंडी छाँव में घूमना अच्छा लगता है।"
पेड़
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| आम | नारियल | खेजड़ी | कटहल |
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| बरगद | अमलताश | पीपल | चिनार |
लिखिए
कुछ ऐसे पेड़ों के नाम लिखिए जिन्हें आप पहचानते हैं। याद कीजिए कि आपने उन्हें कहाँ देखा है। इनमें से किन पेड़ों को आपने अपने घर और स्कूल के आस-पास देखा है?
झाड़ी
"सभी पौधे पेड़ों की तरह बड़े-बड़े नहीं होते। इस सुंदर लाल फूलों वाले पौधे को देखो। इसका पेड़ की तरह बड़ा-सा तना नहीं है", गोपू ने कहा।
"बल्कि इसमें भूरे रंग के कई तने होते हैं", राज ने कहा।
"इन झाड़ीदार दिखने वाले पौधों को झाड़ियाँ कहते हैं। हमारे घर में तुलसी का पौधा भी एक झाड़ी ही है", सिम्मी ने बताया।
झाड़ियाँ मध्यम आकार के वे पौधे हैं जिनमें कई तने होते हैं। इनकी शाखाएँ धरती के पास ही फैली होती हैं।
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| गुड़हल | गुलाब | तुलसी | मीठा नीम |
क्या आप जानते हैं?
जो दालें हम खाते हैं, जैसे- अरहर, मसूर, मूँग और उड़द, इन सभी में झाड़ियों के ही बीज होते हैं।
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| अरहर | मसूर | मूँग | उड़द |
लिखिए
• कुछ झाड़ियों के नाम लिखिए। क्या आपने ऊपर चित्र में दिखाई गई झाड़ियों में से किसी झाड़ी को देखा है?
• क्या आप जानते हैं कि आपकी बोल-चाल की भाषा में इन्हें क्या कहते हैं?
जड़ी-बूटियाँ और घास
"हमारे घर में टमाटर और पुदीने के पौधे हैं। उनके तने बहुत ही कोमल और हरे हैं", राज ने कहा।
"मेरी दादी ने मुझे बताया कि जिन पौधों के तने कोमल होते हैं और कभी लकड़ी जैसे सख्त नहीं बनते, उन्हें जड़ी-बूटियाँ कहते हैं", गोपू ने बताया।
सिम्मी ने घास की ओर दिखाते हुए कहा, "इन तरह-तरह की घासों को देखो। इनके तने भी हरे और कोमल हैं। इनकी पत्तियाँ लंबी, पतली और चपटी हैं।"
"सिम्मी, तुम ठीक कह रही हो। क्या तुम्हें पता है कि घास भी एक तरह की जड़ी-बूटी ही है?" गोपू ने पूछा।
जड़ी-बूटियाँ बहुत ही छोटे पौधे होते हैं। इनके तने बहुत ही मुलायम होते हैं और कभी भी लकड़ी जैसे सख्त नहीं बनते। घास भी जड़ी-बूटियों का ही एक प्रकार है।
घास के पत्ते पतले और चपटे होते हैं और इनके तने खोखले होते हैं। अपने आस-पास अलग-अलग तरह की घास देखिए। आपने कितनी तरह की घास देखी हैं?
जड़ी-बूटियाँ
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| पुदीना | टमाटर | धनिया | सरसो |
घास
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| जंगली घास | |
क्या आप जानते हैं?
चावल, गेहूँ, बाजरा, ज्वार, रागी आदि जैसे अनाज, जो आप खाते हैं, बड़ी-बड़ी घास के ही बीज हैं।
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| धान | गेहूँ | बाजरा | रागी | ज्वार |
गन्ना और बाँस भी एक तरह की घास हैं। बाँस एक विशेष प्रकार की घास है जो एक वर्ष से भी अधिक समय तक सूखती नहीं है।
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| गन्ना | बाँस |
लिखिए
कुछ ऐसी जड़ी-बूटियों के नाम लिखिए जिन्हें आपने देखा है। यह भी लिखिए कि आपने उन्हें कहाँ देखा है?
लताएँ और बेलें
"देखो! इस बड़े से पेड़ के चारों ओर एक लता लिपटी हुई है।" राज ने प्रसन्नता से कहा।
गोपू ने सहमति जताई, "वाह! मेरे दोस्त जॉर्ज के घर में भी मनी प्लांट का एक पौधा है। मैं यह देखकर बहुत आश्चर्यचकित हो गया कि वह ऊपर की ओर कैसे बढ़ रहा है? ऐसा लगता है, जैसे यह धीरे-धीरे दीवार पर चढ़ रहा है।"
सिम्मी ने बताया, "मनी प्लांट का तना भी बहुत ही लंबा और पतला होता है। यह अपने आप खड़ा नहीं हो सकता। यदि इसे ऊपर जाने के लिए कोई सहारा नहीं मिलता, तो यह धरती पर ही फैलकर बढ़ने लगता है।"
"कदू का पौधा भी बेल ही होता है। मैंने इसके तने को धरती पर फैलते हुए देखा है", राज ने बताया।
लताएँ
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| मनी प्लांट | चमेली | लौकी |
बेलें
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| तरबूज | कद्दू |
सोचिए और बूझिए
• आप इसे अपनी भाषा में क्या कहते हैं?
• यह एक बेल है या लता?
लिखिए
• कुछ लताओं या बेलों के नाम लिखिए जिन्हें आपने देखा है। यह भी लिखिए कि आपने उन्हें कहाँ देखा है? क्या उनमें से कोई इन चित्रों में भी हैं? इनके नाम अपनी भाषा में लिखिए।
• नीचे दिए गए पौधों के नाम अपनी भाषा में बताइए। यह भी बताइए कि ये पेड़, झाड़ी, लता या बेल में से क्या हैं?
| गेंदा (तेलुगू में बाँथी) |
नीम (कन्नड़ में बेव गिडा) |
जुजुबे या बेर (मणिपुरी में बोरोई) |
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गतिविधि 1
• अपने विद्यालय या विद्यालय के पास ही किसी पेड़ या झाड़ी के सामने दो-दो या चार-चार के समूह में खड़े हों।
• अब अपने आस-पास जहाँ तक देख सकते हैं, वहाँ तक देखने की कोशिश कीजिए। अपने पैरों के पास भी देखना न भूलें। आप कितनी तरह के पेड़-पौधे, झाड़ियाँ, जड़ी-बूटियाँ, घास, बेलें और लताएँ देख सके?
शिक्षक संकेत
स्थानीय पौधों के नाम स्थानीय भाषा में भी बताएँ। बच्चों को वास्तविक लताएँ एवं बेलें दिखाते हुए उनमें अंतर स्पष्ट करें। यह चर्चा करवाई जा सकती है कि क्या कद्दू, तरबूज और खरबूजे की बेलें भी लताएँ हो सकती हैं। बच्चों को विचार-विमर्श करने दें।
गतिविधि 2
पौधे से मित्रता !
कोई एक पौधा चुनिए। यह पौधा मोटे तने वाली कोई झाड़ी या ऐसा पेड़ हो सकता है जिससे आप मित्रता करना चाहते हैं। इसे आप स्वयं या अपने सहपाठियों के समूह में कर सकते हैं।
• अपने चुने हुए पौधे का नाम रखिए जैसे आप अपने पालतू जानवर का नाम रखते हैं।
• अब अपने मित्र पेड़ पौधे में प्रतिदिन पानी देकर इसकी देखभाल कीजिए।
• एक मित्र की तरह इसकी रक्षा कीजिए।
• अपने मित्र पौधे की पत्तियों, फूलों और फलों को ध्यान से देखिए।
• अवलोकन कीजिए कि आपके मित्र पौधे पर पत्तों, फूलों की संख्या अधिक है, कम है या बिल्कुल नहीं है। अपने अवलोकन को नीचे दी गई तालिका में लिखिए।
अवलोकन का समय और दिनांक __________
महीना __________
अवलोकन अंकित किए जाने के दिन का मौसम __________
जितनी बार संभव हो सके, अपने मित्र पौधे के पास जाइए और इसे ध्यानपूर्वक देखिए।
अब आपने जो देखा उसे तालिका में भरिए -
| पौधे के भाग | उनकी संख्या (अधिक, कम या बिल्कुल नहीं) | रंग | आकृति (लिखिए या चित्र बनाइए) | कुछ अन्य बातें जो आपने देखीं |
| पत्तियाँ | ||||
| फूल | ||||
| फल |
गतिविधि 3
• क्या आपको पौधे पर नई पत्तियाँ दिखीं? क्या पत्तियों के बड़े होने के साथ उनके रंग में कोई बदलाव आया?
• क्या पुरानी भूरे रंग की पत्तियाँ धरती पर गिर जाती हैं?
• क्या आपको पौधे पर कोई फूल या फल दिखा?
• आपने और क्या-क्या बातें देखीं?
अपने अवलोकन को लिखिए।
लिखिए
अपने पौधे के बारे में कॉपी में लिखिए।
सभी पौधों की पत्तियाँ अलग-अलग रंगों, आकृतियों एवं आकारों की होती हैं।
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| पीपल | आम | कमल | खेजड़ी |
गतिविधि 4
आइए, कुछ और भी पता करें!
• अपने आस-पास के परिवेश में पत्तों को देखिए।
• अपनी कॉपी में उन पत्तों के चित्र बनाकर रंग भरिए और उनके नाम लिखिए।
• अपनी कक्षा में किसी मित्र को उन पत्तों के रंग, आकार, आकृति, सतह और गंध के विषय में बताइए।
• यह गतिविधि करने के बाद हम पत्तों के बारे में क्या कह सकते हैं?
"सभी पत्तों की गंध अलग-अलग होती है। मैंने यह पाया कि तुलसी, धनिया, मीठा नीम, पुदीना और लेमन ग्रास सबकी गंध अलग-अलग है", राज ने सिम्मी को बताया।
सिम्मी ने राज से पूछा, "क्या तुमने कभी आम के पत्ते को मसलकर सूँघा है? मुझे यह गंध बहुत अच्छी लगती है।"
राज ने कहा, "इस बातचीत से मुझे आम की प्वारी-सी खुशबू याद आ गई! मेरा भाई देख नहीं सकता, लेकिन अपने आस-पास आम, अनानास, कटहल, अमरूद और जामुन जैसे फलों को सूंघकर जल्दी से पहचान लेता है।"
गतिविधि 5
अपनी आँखों पर पट्टी बाँधिए। फिर आपका एक मित्र आपके बिल्कुल पास कोई फल लाएगा। आप अपनी बंद आँखों से कितनी दूर से फल को उसकी खुशबू से पहचान सकते हैं? अब कटे हुए फल के टुकड़ों से इसी गतिविधि को दोहराइए। क्या साबुत फल की अपेक्षा कटे हुए फल को पहचान पाना आसान था? आप किस फल को अधिक दूरी से पहचान पाए? यह गतिविधि घर में भी कीजिए।
पौधों के भाग
पौधों के बारे में जानते समय हमने उनके विभिन्न भागों, जैसे- जड़, तना, पत्ती, फूल, फल और बीज का उपयोग किया। आइए, अब एक टमाटर के पौधे के चित्र में उसके विभिन्न भागों को ध्यान से देखें!
• पौधे के कौन-कौन से भाग हैं?
• नीचे दिए गए चित्र में पौधे के भागों के सामने उनके नाम लिखिए।
टमाटर का पौधा
| फूल | ![]() |
| पत्ती | ![]() |
| फल | ![]() |
| बीज | ![]() |
गतिविधि 6
छाल के बारे में जानना
किसी पेड़ की छाल को ध्यान से देखिए और स्पर्श कीजिए। क्या आपको इस पर कोई जीव, कीट या पौधे दिखाई दिए? एक कागज लेकर उसे छाल पर रखिए और दबाइए। रंग या पेंसिल से इस पर बाएँ से दाएँ की तरफ बार-बार रगड़िए। देखिए, इस पर क्या बन गया?
कागज के दूसरी तरफ अपने पेड़ का नाम लिखिए। अब अपने सभी मित्रों का कागज इकट्ठा कीजिए और देखिए कि क्या इस छाल के छापे से पेड़ की पहचान कर सकते हैं?
• छाल का छापा लेते समय क्या आपने अपने पेड़ पर किसी अन्य जीव-जंतु, पक्षी या कीट को देखा?
• वे क्या कर रहे थे?.
क्या आप जानते हैं?
• गन्ने के तने से गुड़ बनाया जाता है।
• बाँस सबसे बड़ी घास है।
• मिजोरम में पाया जाने वाला फूल रेफलोशिया सबसे बड़ा फूल है और यह एक छाते जितना बड़ा होता है।
रेफलोशिया का फूल
आइए, मंथन करें!
(क) चर्चा कीजिए
1. यदि पेड़-पौधे न होते, तो क्या होता?
2. पेड़-पौधों के बढ़ने में जड़ किस तरह से सहायता करती है?
3. पेड़ के लिए तना क्या कार्य करता है?
(ख) लिखिए
1. आपने अपने विद्यालय के बगीचे, पार्क या घर के आस-पास बहुत सारे पेड़-पौधे देखे होंगे। उनके नामों की सूची बनाइए और पहचानिए कि वे क्या हैं- पेड़, झाड़ी, जड़ी-बूटी, घास, बेल या लता?
2. पौधे के किस विशेष भाग से आप उसे पहचान पाए?
3. अपने सबसे प्रिय पेड़ के बारे में लिखिए। यह आपका सबसे प्रिय पेड़ क्यों है?
(ग) चित्र बनाइए
आपने अपने आस-पास के परिवेश में तरह-तरह की पत्तियाँ देखी हैं, उनके चित्र बनाइए -
(घ) रंगोली बनाइए
धरती पर गिरी हुई पत्तियों और फूलों को इकट्ठा कीजिए। उन्हें अलग-अलग तरह से सजाकर रंगोली बनाइए। आप इन पत्तियों से अलग-अलग पशु-पक्षियों की आकृतियाँ भी बना सकते हैं।
पत्तियों का चिड़ियाघर
स्रोत-http:/arvindguptatoys.com










































