इकाई 3
प्रकृति के उपहार
इकाई के विषय में
पेड़-पौधों तथा जीवों के अतिरिक्त हमें प्रकृति में पानी और भोजन जैसी बहुत-सी वस्तुएँ मिलती हैं। ये स्वस्थ जीवन के लिए बहुमूल्य संसाधन हैं।
इस इकाई में पानी और भोजन के बारे में बातचीत की गई है। हमारा लक्ष्य स्वस्थ आहार ग्रहण करना तथा स्वच्छ जल पीना होना चाहिए। स्वच्छ रहने और व्यायाम से हमें अच्छा महसूस करने और स्वस्थ रहने में सहायता मिलती है। हमें भविष्य के लिए पृथ्वी के संसाधनों को संरक्षित रखना भी सीखना होगा।
शिक्षकों के लिए
यह इकाई प्रकृति के उपहारों के विषय में है। इस इकाई के अध्यायों में दी गई प्रमुख अवधारणाएँ इस प्रकार हैं-
अध्याय 7 - 'पानी है अनमोल' अध्याय इस बात पर केंद्रित है कि किस प्रकार बारिश हमें यह अनमोल उपहार प्रदान करती है, जिसे विभिन्न तरीकों द्वारा संग्रहित किया जाता है। हम इस पानी की स्वच्छता सुनिश्चित करके इसे घरों तक वितरित करते हैं। प्रत्येक घर में दैनिक उपयोग के लिए पानी का भंडारण और रख-रखाव किया जाता है तथा कई तरीकों से इसका उपयोग किया जाता है। हालाँकि पानी की गुणवत्ता और उपलब्धता, दोनों को लेकर ही हमारे सामने चुनौतियाँ बनी हुई हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए हम जल संसाधनों के संरक्षण हेतु विभिन्न उपाय करते हैं।
अध्याय 8- 'हमारा भोजन' अध्याय स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए भोजन की महत्वपूर्ण भूमिका को समझने में हमारी सहायता करता है। हम विभिन्न स्रोतों से प्राप्त विविध प्रकार के खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं। खाद्य पदार्थ हमें कुछ आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करते हैं जो हमारे शरीर के लिए किसी विशेष रूप में लाभप्रद होते हैं। हमारी विविध संस्कृतियों में विभिन्न खाद्य पदार्थों के पोषण तत्वों के बारे में बहुमूल्य ज्ञान निहित है। यह स्वस्थ आहारीय विकल्पों के चयन में मार्गदर्शन प्रदान करता है।
अध्याय 9- 'स्वस्थ रहो, प्रसन्न रहो' अध्याय स्वच्छता और अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखने के महत्व पर बल देता है। हम अपने घरों और आस-पास की साफ-सफाई को सुनिश्चित करने के लिए स्वच्छता और सफाई के आवश्यक सिद्धांतों को सीखते हैं। नियमित व्यायाम हमारी दिनचर्या का हिस्सा बन जाता है तथा हमारे शारीरिक स्वास्थ्य और भावनात्मक विकास दोनों को बढ़ावा देता है। अपने पर्यावरण के नियमों-विनियमों को समझकर और उनका पालन करके हम खुद को संभावित नुकसान से बचा सकते हैं।
• कक्षा में एक 'भोजन-मेले' की योजना बनाएँ। इसमें विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थ, जैसे- अनाज, मसाले, फल, सब्जियाँ आदि प्रदर्शित करने का प्रयास करें।
• जल संग्रह के लिए उपयोग में लाए जाने वाले विभिन प्रकार के पात्रों तथा बर्तनों की एक प्रदर्शनी का आयोजन करें। आप उनके चित्र भी प्रदर्शित कर सकते हैं।
• भोजन, पानी, स्वच्छता और स्वस्थ आदतों से संबंधित प्रामाणिक और आयु-अनुरूप लघु वीडियो और फिल्में, कहानी की पुस्तकें और कविताएँ अपने पास तैयार रखें।
• शैक्षणिक भ्रमण/आगंतुकों से बातचीत- अपने आस-पड़ोस में विभिन्न जल स्रोतों को देखने के लिए सुरक्षित तरीके से वहाँ जाने की योजना बनाएँ। अच्छे स्वास्थ्य के लिए किसी योग प्रशिक्षक क़ो योगासनों के प्रदर्शन के लिए आमंत्रित करें। बच्चों से साफ-सफाई और स्वच्छता बनाए रखने के विषय में बात करने के लिए किसी स्वास्थ्य विशेषज्ञ को आमंत्रित करें। भोजन मेले के दौरान अपने पारंपरिक व्यंजनों के बारे में जानकारी साझा करने तथा उनके बारे में बताने के लिए अभिभावकों तथा समुदाय के अन्य सदस्यों को आमंत्रित करें।
अध्याय 7
पानी है अनमोल
बरसो रे, मेघा - मेघा!
वह क्या है, जो नीचे तो आता है,
लेकिन कभी ऊपर नहीं जाता?
आसमान को प्रतिदिन एक सप्ताह तक देखिए। क्या आज वर्षा होगी? आपका अनुमान किसी दिन सही हो सकता है और किसी दिन गलत भी।
क्या ऐसे कुछ संकेत हैं जिनसे आप यह अनुमान लगा सकते हैं कि वर्षा होगी? अपने बड़ों से पूछिए कि वे यह अनुमान कैसे लगाते हैं? इन संकेतों को लिखिए।
लिखिए
मुझे लगता है कि आज बारिश होगी क्योंकि...
(कम से कम दो संकेत लिखिए)
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मुझे लगता है कि आज बारिश नहीं होगी क्योंकि ...
(कम से कम दो संकेत लिखिए)
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लो, आ गई बारिश!
शिक्षक संकेत
इस अध्याय का पहला भाग तब पढ़ाया जाए जब आपके क्षेत्र में वर्षा हो रही हो। तब बच्चे स्वतंत्रता से इसका अवलोकन कर सकते हैं। वे प्रश्न पूछने, अनुमान लगाने, चर्चा करने, चित्र बनाने तथा अपने अवलोकनों को दर्ज करने जैसे अनुभव प्राप्त कर सकते हैं।
गतिविधि 1
बारिश के बारे में अपने-आप से अधिक से अधिक प्रश्न पूछिए -
• बारिश बहुत तेज है या धीमी?
• बारिश की बूँदें बड़ी हैं या छोटी?
• बूँदें तेजी से नीचे आ रही हैं या धीरे-धीरे?
• क्या बारिश इतनी तेज है कि उसकी बूँदों के बजाय आपको पानी रेखा की तरह या चादर की तरह दिखता है?
• क्या बारिश जमीन पर सीधी गिर रही है या फिर यह तिरछी है? क्या यह अपनी दिशा बदल रही है? सोचिए, क्यों?
• किसी बर्तन में बारिश का पानी इकट्ठा कीजिए। यह साफ दिख रहा है या गंदा?
चित्र बनाइए
आपने जो बारिश होते हुए देखी है, उसका चित्र बनाइए।
पता लगाइए
• क्या आपको लगता है कि आज या कल फिर बारिश होगी? आपको ऐसा क्यों लगता है?
• क्या बारिश आपके ही क्षेत्र में हुई या आस-पास भी हुई? अनुमान लगाइए और फिर पूछकर पता कीजिए।
• बारिश से जुड़े कुछ गीत पता कीजिए और अपनी या किसी अन्य भाषा में एक गीत लिखिए। बारिश से जुड़े कुछ गीत गाइए।
• क्या आप बारिश होने से खुश हुए? क्या इससे सभी खुश हुए?
बारिश के पानी का क्या हुआ?
जब बारिश हुई, तब बहुत-सा पानी धरती पर गिरा। आइए, पता करें कि वह सारा पानी कहाँ गया?
अलग-अलग तरह की सतहों पर वर्षा का पानी गिर रहा है। सोचिए कि इन अलग-अलग सतहों पर इस पानी का क्या होता होगा?
क्या बारिश का पानी मिट्टी में चला गया या यह गड्ढों में इकट्ठा हो गया या फिर बहकर कहीं दूर चला गया? क्या आपने कभी देखा कि यह किसी छोटी-सी धारा या नदी में जाकर मिल गया?
क्या होता है जब बारिश रूक जाती है और सूरज निकल आता है? बारिश के इस सारे पानी का क्या होता है? इस बात का अनुमान लगाइए।
जब मिट्टी बारिश का पानी सोख लेती है तो यह पानी धीरे-धीरे भूमि के अंदर ही अंदर बहकर किसी धारा या तालाब में मिल जाता है। कुछ पानी भूमि के नीचे चट्टानों और मिट्टी के बीच इकट्ठा हो जाता है। यही भूमि के नीचे वाला पानी हमारे कुओं में आता है।
धाराओं में बहता हुआ यह पानी जाकर नदियों में मिल जाता है। बारिश का कुछ पानी गड्ढों, तालाबों, झीलों, सागरों और महासागरों में भी चला जाता है।
पता लगाइए
• क्या आपके गाँव या शहर के पास कोई धारा, नदी, तालाब या झील है? उसका नाम और उसके बारे में कुछ बातें पता कीजिए। किसी बड़े के साथ वहाँ जाइए और उसका चित्र भी बनाइए। उसके आस-पास दिखने वाले किसी पशु-पक्षी या पेड़ का चित्र बनाइए।
• नदी के बारे में कोई कविता पता कीजिए और कक्षा में उसे गाइए।
पानी है अनमोल !
पानी हमें आसमान से मिलने वाला एक अनमोल उपहार है। यह उपहार हमारे घरों में अलग-अलग तरीकों से पहुँचता है।
हम इस उपहार की देख-रेख कैसे करते हैं? हम इसका भंडारण कैसे करते हैं? हम इस पानी का क्या करते हैं? आइए, इसका पता करें।
सूर्या और बरखा को अधिकतर अपने घर के नलों से ही पानी मिलता है। विद्यालय में भी उन्हें नलों से ही पानी मिलता है।
इन सभी नलों में पानी पाइपों के द्वारा पहुँचता है। इन पाइपों में पानी कहाँ से आता है? सूर्या और बरखा ने पाइपों के रास्ते को ध्यान से देखा। उन्हें पता चला कि छत पर एक टंकी है। अब वे यह जानने को उत्सुक हो गए कि पानी पहले इस टंकी में कैसे आया?
शिक्षक संकेत
जल-चक्र के बारे में बच्चों को कक्षा 4 में बताया जाएगा। अभी बच्चों को केवल यही बताएँ कि पक्की सतहों पर बरसात का पानी सूरज की गर्मी से सूख जाता है। बरसात का वह पानी जिसे मिट्टी सोख लेती है, बहुत महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि यह हमारे पानी के स्रोतों को फिर से भर देता है और पेड़-पौधों के बढ़ने में सहायता करता है।चर्चा कीजिए
आपको पानी कहाँ से मिलता है?
क्या आपको नल से पानी मिलता है? यदि हाँ, तो अपने घर में बड़ों से पता कीजिए कि नल में पानी कहाँ से आता है। वे आपको छत या थोड़ी दूर स्थित किसी टंकी के बारे में बता सकते हैं।
क्या आपको किसी ऐसी टंकी के बारे में पता चला जिसमें पानी को इकट्ठा किया जाता है? उन टंकियों तक पानी कैसे पहुँचा? क्या कुछ ऐसे बड़े-बड़े पाइप हैं जिनसे इन टंकियों में पानी आता है? ये पाइप कहाँ से आते हैं?
क्या आपको पानी किसी कुएँ या हैंडपंप से मिलता है? देखो, कि कुएँ से पानी कैसे निकलता है। यह एक घिरनी, हैंडपंप या बिजली के पंप की सहायता से निकाला जा सकता है। फिर से सोचिए कि कुओं में पानी कहाँ से आता है?
क्या आपके घर में आने वाला पानी किसी नल, कुएँ, नदी या झील से आता है? यह पानी कौन लेकर आता है? वे पानी कैसे लेकर आते हैं? आपके लिए पानी लाने वाले उन लोगों को 'धन्यवाद' कहिए!
पता लगाइए
• क्या आपको पानी टैंकर से मिलता है? यदि हाँ, तो पता कीजिए कि ये टैंकर पानी कहाँ से लाते हैं? क्या आपके घर में पानी पास के ही किसी गाँव या शहर के कुएँ, नदी या झील से आता है?
• क्या आप किसी ऐसे व्यक्ति या परिवार को जानते हैं जिसे पानी लेने में प्रतिदिन मुश्किलों का सामना करना पड़ता है?
हमारे दैनिक जीवन में पानी
लिखिए
• उन सभी कार्यों की सूची बनाइए जिनके लिए हमें पानी की आवश्यकता होती है।
• अपने दाँत साफ करने के लिए आपको कितने मग पानी की आवश्यकता पड़ती है? आप नहाने में कितना पानी उपयोग करते हो?
क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है जब आपको बिल्कुल भी पानी न मिला हो। तब आपने क्या किया?
सूर्या और बरखा के साथ भी एक दिन ऐसा ही हुआ। क्या आप जानते हैं, तब उन्होंने क्या किया?
पता लगाइए
अपने दादा-दादी/नाना-नानी या किसी बड़े से पूछिए -
• उन्हें पानी कहाँ से मिलता था? क्या वे भी पानी का उपयोग उसी तरह करते थे, जैसे आप करते हैं?
• वे घर में पानी का रख-रखाव कैसे करते थे?
• उनसे बात करके आपको जो पता चला, उसके बारे में एक कहानी लिखिए।
हम पानी को तब ही भरकर रखते हैं, जब हमें ये पता चलता है कि पानी हर समय नहीं आएगा। कुछ स्थानों पर लोगों को नलों और पाइपों से अपने घरों में पानी नहीं मिलता। उन्हें किसी नदी या कुएँ से पानी लाना पड़ता है। कभी-कभी पानी टैंकरों से भेजा जाता है और इसे घर में भरकर रखते हैं।
बहुत वर्ष पहले, पूरी दुनिया में कहीं भी पाइप या नल नहीं थे। इसलिए लोगों ने पानी को भरकर रखने के लिए बर्तन बनाना सीखा। यहाँ कुछ ऐसे बर्तन दिखाए गए हैं जिन्हें हम आज के समय में पानी का संग्रह करने के लिए घरों में उपयोग में लाते हैं। ये अलग-अलग सामग्री से बने होते हैं।
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| मिट्टी का घड़ा | मिट्टी की सुराही | |
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| ताँबे का बर्तन | पीतल का घड़ा | |
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| स्टील का घड़ा | एल्युमीनियम का बर्तन | |
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| काँच की बोतल | प्लास्टिक की बोतल | प्लास्टिक की बाल्टी |
गतिविधि 3
प्रदर्शनी लगाइए
• अपने घर में उन बर्तनों की पहचान कीजिए जिनमें पानी भरकर रखा जाता है।
• अपने परिवार में बड़ों से पूछिए कि वे पानी का संग्रह करने के लिए किन बर्तनों का उपयोग करते थे।
• क्या वे बर्तन अब उपयोग होने वाले बर्तनों से भिन्न थे?
• क्या उन बर्तनों के नाम भी अलग-अलग थे?
• एक अलग कागज पर उस बर्तन का चित्र बनाइए जो आपको बहुत अच्छा लगा हो और अपनी भाषा में इसका नाम भी लिखिए।
• शिक्षक की सहायता से इस चित्र को कक्षा की प्रदर्शनी में लगाइए।
• कक्षा की प्रदर्शनी में अपने सहपाठियों द्वारा बनाए गए चित्र भी देखिए।
• विभिन्न प्रकार के कितने बर्तनों के चित्र बनाए गए हैं?
• क्या आपको इन बर्तनों पर कुछ नमूने दिखाई दिए?
एक पल रूकिए और सोचिए !
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• धरती पर पानी बारिश के रूप में आता है। • यह पानी के प्राकृतिक स्रोतों को धीरे-धीरे भर देता है, जैसे- जल-धाराएँ, नदियाँ, तालाब, झील, कुएँ तथा भूमिगत जल आदि। • इन स्रोतों से हम अनेक तरीकों से पानी को अपने घरों में लाते हैं। • हम कई तरीकों से इसका संग्रह करते हैं। • हम बहुत तरह से इसका उपयोग करते हैं। • हमारे उपयोग करने के बाद इस पानी का क्या होता है? |
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पानी हमें चीजों को साफ रखने में सहायता करता है। यह हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत आवश्यक है। इस उपयोग के बाद पानी गंदा हो जाता है। हम पीने और खाना पकाने के लिए इस गंदे पानी का उपयोग नहीं कर सकते, परंतु हम इस पानी को पौधों तथा शौचालय के लिए फिर से उपयोग कर सकते हैं।
हमें सोच-समझकर पानी का उपयोग करना चाहिए तथा जितना संभव हो सके, उसका फिर से उपयोग करना चाहिए।
हमें पानी में बहुत अधिक साबुन और ऐसे ही अन्य रसायनों को नहीं डालना चाहिए। आइए, आसमान से मिले इस अनमोल उपहार का सावधानी से उपयोग करें!
हर बूँद है अनमोल
पानी हमारे लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह हमारे जीवित रहने के लिए बहुत ही आवश्यक है। हम बिना पानी के तीन दिन से अधिक जीवित नहीं रह सकते। यही कारण है कि जो भी व्यक्ति हमारे घर आते हैं, उन्हें हम पहले पानी पीने को देते हैं।
कुछ स्थानों पर, जहाँ बारिश बहुत कम होती है और पानी के बड़े-बड़े स्रोत भी नहीं हैं, वहाँ लोगों को पानी लेने के लिए दूर-दूर तक पैदल जाना पड़ता है।
क्या आपको नहीं लगता कि सभी को हर समय और हर जगह पर पीने के लिए साफ पानी मिलना चाहिए?
आओ कुरें!
जो भी आपके घर आए, आप उसे पीने के लिए साफ पानी दें। ये डाक देने वाले, सामान पहुँचाने वाले या सफाई का काम करने वाले लोग हो सकते हैं। बहुत-सी जगहों पर घरों के बाहर पानी से भरे बर्तन रखे जाने की भी परंपरा है, जिससे किसी भी प्यासे व्यक्ति को पानी मिल सके। यह विशेष रूप से गर्मी के मौसम में रखा जाता है।
जानवरों के पीने के लिए पानी का हौद
लोगों के लिए निःशुल्क पीने का पानी
पक्षियों के नहाने और पीने के लिए पानी का बर्तन (बर्डबाय)
गतिविधि 4
बर्डबाथ बनाइए - गर्मी के महीनों में पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था
बर्डबाथ के लिए एक खुले बर्तन में पानी रखते हैं जो पक्षियों के पानी पीने व उन्हें ठंडक देने के लिए रखा जाता है।
• एक कम गहरा और चौड़ा बर्तन लीजिए (कोई भी पुराना बर्तन या मिट्टी के घड़े का निचला भाग या छोटी बाल्टी जो 10 से.मी. से कम गहरी हो)।
• पक्षियों के बैठने के लिए इसमें कुछ कंकड़ रखिए। आप किनारों पर कुछ छोटे-छोटे कंकड़-पत्थर रखकर इसे ढालदार बना सकते हैं। ऐसा करने से कीटों को भी इस पानी का उपयोग करने में सहायता मिलती है।
• अब इसमें साफ पानी भरकर अपनी बालकनी या छत पर रखिए।
• इस बर्तन का पानी समय-समय पर बदलते रहें।
• सप्ताह में दो बार किसी कड़े ब्रश से इसे साफ करें। ध्यान रहे, इस ब्रश को रसोईघर के बर्तनों को साफ करने के लिए उपयोग में न लाया जाए। इसे केवल बगीचे में उपयोग के लिए ही रखें।
आइए, मंथन करें!
(क) लिखिए
1. आपने बरसात का इंतजार किया और देखा कि बारिश की बूँदें धरती पर कैसे गिरती हैं। आपने बरसात का पानी इकट्ठा किया और देखा कि यह साफ है या गंदा। आपने देखा कि अलग-अलग जगहों पर गिरने वाले बरसात के पानी का क्या हुआ। अब, बरसात से संबंधित आपके जो अवलोकन हैं, उस पर कुछ पंक्तियाँ लिखिए।
2. आपने आस-पास की किसी जल-धारा, नदी, कुएँ, तालाब या झील का नाम और उसके बारे में कुछ बातें पता की हैं। इस बारे में कुछ पंक्तियाँ लिखिए। क्या यह पानी पीने के लिए उपयोग में लाया जाता है? यदि हाँ, तो यह पानी आपके घर तक कैसे लाया जाता है? यदि इसका उपयोग पीने के लिए नहीं किया जाता, तो क्यों? क्या पहले कभी इसका उपयोग किया जाता था?
(ख) चित्र बनाइए
आपके द्वारा बनाए बर्डबाथ का चित्र बनाइए। उन पक्षियों और कीटों के नाम लिखिए जो आपके बनाए बर्डबाथ में पानी पीने के लिए आते हैं।
(ग) चर्चा कीजिए
पानी बहुत अनमोल है। हमें इसके उपयोग में सावधानी बरतनी चाहिए। हमें पानी की एक बूँद भी खराब नहीं करनी चाहिए। आपस में चर्चा कीजिए तथा अपने घर या बाहर होने वाले उन कार्यों की सूची बनाइए जिसके कारण पानी गंदा या बर्बाद होता है। हम पानी की बर्बादी को कैसे रोक सकते हैं? अपने समूह में किन्हीं तीन तरीकों के बारे में सोचिए तथा उन्हें अपनी कॉपी में लिखिए।















