अध्याय - 12
क्या और कैसे करें इसका ?
राष्ट्रीय स्वच्छता दिवस
चर्चा कीजिए
• चित्र में बच्चे और शिक्षक क्या कर रहे हैं?
• वे पार्क की सफाई क्यों कर रहे हैं?
• क्या आपने अपने घर या विद्यालय के आस-पास कभी कचरे के ढेर लगे हुए देखे हैं?
• क्या आपने कभी सोचा है कि यह कचरा कहाँ से आ जाता है?
गतिविधि 1
• पूरे दिन में आप और आपके बड़ों द्वारा किए जाने वाले कार्यों को याद कीजिए। इन कार्यों से कचरा कैसे इकट्ठा हो जाता है? अंत में इस कचरे का हम क्या करते हैं?
• अपने अनुभवों को सहपाठियों के साथ साझा कीजिए।
शिक्षक संकेत
बच्चों को उन कार्यों के बारे में याद दिलाएँ जिनसे अतिरिक्त कूड़ा-कचरा पैदा होता है, जैसे- डिब्बाबंद भोजन व खाने की चीजें, प्लास्टिक व सजावट का सामान आदि।
कचरा कैसे इकट्ठा होता है?
हमारे प्रतिदिन के कामों से घर में बहुत-सा कचरा इकट्ठा होता है। हम पुराने कपड़े, डिब्बे, बोतलें, कागज, सब्जियों और फलों के छिलके, प्लास्टिक के रैपर, पेंसिल की छीलन, पुरानी बैटरी और अन्य भी बहुत सारी चीजें कचरे में फेंकते हैं। इनसे कचरे के ढेर इकट्ठे हो जाते हैं। ये कचरे के वही ढेर हैं जिन्हें आप अपने घर, विद्यालय या आस-पड़ोस में देखते हैं।
• आप इस बारे में क्या सोचते हैं?
• क्या आपको लगता है कि आप इस बारे में कुछ कर सकते हैं?
कचरे का प्रबंधन
हमें कचरे का प्रबंधन सीखना चाहिए। कचरे का प्रबंधन हम पर निर्भर करता है। हममें से प्रत्येक को अपने घर से निकले कचरे का प्रबंधन करना सीखना होगा। हम उन जगहों और लोगों से इस बारे में सीख सकते हैं जहाँ कचरे का प्रबंधन अच्छे तरीके से हो रहा है।
आइए, देखें कि वे क्या करते हैं और कैसे?
कचरे का प्रबंधन करने के तरीके
आपको प्रायः सड़कों के किनारे और घरों के आस-पास आँगनों और अहातों में कचरा पड़ा हुआ मिलता होगा। गाय और अन्य जानवरों की भोजन के साथ कचरे में पड़ी प्लास्टिक को खाने से मृत्यु हो सकती है। कुछ लोग प्लास्टिक को जला देते हैं जिससे हानिकारक गैसे निकलती हैं।
लोग अपने आस-पास पड़े कचरे के कारण बीमार पड़ने लगते हैं। गंदे पानी और नालों को सड़कों पर बहते हुए देखा जा सकता है। इससे मच्छर पैदा हो जाते हैं जिनके काटने से बीमारियाँ हो सकती हैं। गंदे पानी में ऐसे जीवाणु हो सकते हैं जो अन्य कई बीमारियों का कारण बनते हैं।
किंतु कुछ स्थानों पर लोगों ने अपने घरों और आस-पास के परिवेश को साफ रखने के लिए बहुत मेहनत की है। वे यह कैसे करते हैं, इसे हम नीचे पढ़ेंगे और सीखेंगे।
गतिविधि 2
अपने आस-पास के परिवेश का निरीक्षण कीजिए।
चर्चा कीजिए
• आपके विद्यालय का परिवेश कितना स्वच्छ है?
• क्या आपको अपनी कक्षाओं में या उनके बाहर या विद्यालय के मैदान में कचरा पड़ा हुआ मिलता है?
चित्र बनाइए
अपने परिवेश का चित्र बनाइए या फोटो खींचकर चिपकाइए। उन स्थानों को पहचानिए और उन पर लाल रंग का गोला लगाइए जहाँ कचरा, गंदा पानी या धुआँ है। यह पता लगाने की कोशिश कीजिए कि यह कचरा वहाँ कैसे आ जाता है।
यदि आप किसी ऐसी जगह पर रहते हैं जहाँ कचरे का प्रबंधन अच्छी तरह होता है, वहाँ पर बड़ों से पूछिए कि यह कैसे किया जाता है। इस बारे में कक्षा में सभी को बताइए।
आइए, अब उन लोगों के बारे में बात करें जो कचरे का अच्छी तरह से प्रबंधन करते हैं।
कचरा कम करना
बहुत-से लोंग कचरा कम करने के लिए रैपर में पैक किया हुआ खाना और प्लास्टिक की बोतलों में पेय लेना पसंद नहीं करते हैं। वे प्लास्टिक की थैलियों की जगह कपड़े के थैले का उपयोग करते हैं।
क्या आपने कभी ऐसा करने की कोशिश की है?
कम कचरा उत्पन्न करना इसका पहला नियम है, जिसका वे अनुपालन करते हैं।
गतिविधि 3
आप कचरा कम करने में कैसे सहायता कर सकते हैं?
अपने पुराने खिलौने और पुस्तकें ऐसे जरूरतमंद लोगों को दीजिए जो उन्हें खरीद नहीं सकते। इस तरह आप 'स्वच्छता अभियान' का एक हिस्सा बन सकते हैं। आप और किन तरीकों से इसमें सहायता कर सकते हैं?
हम जितनी अधिक वस्तुएँ खरीदते हैं, उतनी ही अधिक वस्तुएँ हम फेंकते भी हैं। इससे और अधिक कचरा पैदा होता है। हमें वही वस्तुएँ खरीदनी चाहिए जिनकी हमें वास्तव में जरूरत है और उनका तब तक उपयोग करना चाहिए जब तक कि वे उपयोग करने के लायक हों।
पुनः उपयोग करना
कचरा कम करने के लिए एक और महत्वपूर्ण काम, जो बहुत-से लोग करते हैं, वस्तुओं का पुनः उपयोग करना है। हमारे दादा-दादी/नाना-नानी कभी भी पुराने कपड़े नहीं फेंकते थे। वे पुरानी साड़ियों से रजाइयाँ और पुराने कपड़ों से थैले बनाते थे। कभी-कभी वे पुराने कपड़े ऐसे लोगों को दे देते थे जिन्हें उनकी जरूरत होती थी।
पुराने अखबार तथा पुराने कपड़ों का उपयोग उपहार लपेटने में किया जा सकता है। यह पर्यावरण के अनुकूल है और इससे हम अपने संसाधनों की बचत भी कर सकेंगे। इस प्रकार के नवीन तरीकों से कचरा तो कम होगा ही, साथ ही यह उस व्यक्ति से जुड़ाव का भाव भी विकसित करेगा।
गतिविधि 4
कचरा कम करने के लिए आप चीजों का पुनः उपयोग कैसे कर सकते हैं?
आप रफ कार्य के लिए एक तरफ इस्तेमाल किए गए कागज का उपयोग कर सकते हैं। पानी की बोतल खरीदने के बजाय स्टील या ताँबे की बोतल में बार-बार पानी भरकर उसका उपयोग किया जा सकता है।
पुराने अखबार, कैलेंडर, बोतलों, डिब्बों आदि से खिलौने और सजावट का सामान बनाया जा सकता है। ऐसा ही एक तरीका यहाँ भी दिया गया है। इसके लिए आपको कुछ अखबार चाहिए। न ही कैंची और न ही गोंद! केवल अखबार!
कागज का थैला बनाने के चरण
शिक्षक संकेत
अखबारों और न काम आने बाली वस्तुओं का उपयोग करके आप बहुत-सी नई बस्तुएँ बना सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए http://arvinedguptatoys.com को देखे।
गतिविधि 5
घर में पड़ी काम न आने वाली बेकार चीजों का उपयोग करके कोई ऐसी चीज बनाइए जिसे आप किसी को उपहार के रूप में दे सकें।
धन्यवाद करें !
अपना बनाया उपहार किसी ऐसे व्यक्ति को दीजिए जो आपके आस-पड़ोस या घर को साफ रखने में सहायता करता हो। उन्हें बताइए कि आपने यह उपहार इसलिए बनाया है जिससे उनका काम और कचरा दोनों ही कम हो सके। उन्हें धन्यवाद देना न भूलिए।
गर्व करने लायक स्थान
अब हम कुछ ऐसे गाँवों या शहरों की बात करेंगे जहाँ पहले सभी जगह कचरा दिखाई देता था, लेकिन अब वे संभवतः देश के सबसे साफ-सुथरे स्थान हैं। इन स्थानों के लोगों ने अपने परिवेश को कैसे बदला?
चलिए, आज हम अरुणाचल प्रदेश के एक सुंदर गाँव सिल्लुक में घूमने के लिए चलते हैं। गाँव में घुसते ही हमने एकदम साफ सड़कें देखीं। सड़कों के किनारे, कोनों में या खुली जगहों पर कोई कूड़ा नहीं था। आस-पास बहुत से पेड़ लगे थे जिससे ऐसा लगा जैसे हम किसी बगीचे में घूम रहे हैं। इस गाँव को सबसे अच्छे तरीके से अपने कचरे का प्रबंधन करने के लिए पुरस्कार भी मिला है। इसे 'कचरा मुक्त गाँव' कहा जाता है।
सिल्लुक की ही तरह हमारे देश में और भी बहुत सारे गाँव हैं जो अपने बेहतरीन कचरा प्रबंधन के लिए जाने जाते हैं। ऐसा ही एक गाँव छोटा नरेना है, जो देश का पहला कचरा मुक्त गाँव था।
देश के बहुत से अन्य शहर और कस्बे जैसे मैसूरु और इंदौर भी अपनी स्वच्छता के लिए जाने जाते हैं।
पता लगाइए
• अपने बड़ों से पता कीजिए कि क्या वे किसी ऐसे गाँव या शहर को जानते हैं जो स्वच्छता के लिए जाना जाता है। इस जानकारी को कक्षा में सभी के साथ साझा कीजिए।
• अपने माता-पिता और शिक्षक से 'स्वच्छ भारत अभियान' के बारे में और जानकारी प्राप्त कीजिए।
विभिन्न तरह के कचरों को अलग करना
यदि आप अपने आस-पास देखें, तो आपको प्रायः दो अलग-अलग रंग के कूड़ेदान (डस्टबिन) रखे मिलेंगे। ये आपके विद्यालय, स्थानीय बाजार, पार्क, बस स्टॉप, रेलवे प्लेटफॉर्म या किसी मेले में रखे हो सकते हैं। ये दो रंग के कूड़ेदान क्यों उपयोग होते हैं? आइए, जानते हैं कि इन कूड़ेदानों में किस तरह का कचरा डाला जाता है।
हरे कूड़ेदान में हम सूखी पत्तियाँ, टहनियों के टुकड़े, फल-सब्जियों के छिलके, अंडों के छिलके आदि डालते हैं। ये सभी चीजें आसानी से सड़कर मिट्टी में मिल जाती हैं। हरे कूड़ेदान के कचरे से मिट्टी में मिलाकर पौधों के लिए खाद तैयार की जा सकती है। इससे मिट्टी में रहने वाले छोटे-छोटे जीवों को भोजन मिल जाता है।
धातु, काँच, प्लास्टिक, कागज से बनी चीजें नीले कूड़ेदान, में डाली जाती हैं। इन फेंकी गई चीजों में मौजूद धातुओं, काँच, प्लास्टिक से नई वस्तुओं को बनाया जा सकता है। इसे पुनर्चक्रण कहते हैं। कुछ जगहों में इन सामग्रियों के लिए अलग-अलग कूड़ेदान होते हैं जिससे इन्हें पुनर्चक्रण के लिए भिन्न-भिन्न स्थानों पर भेजने में सुविधा हो।
जिन गाँवों और शहरों में कचरे को अलग-अलग करके डाला जाता है और पुनर्चक्रण किया जाता है, वे अपने परिवेश को स्वच्छ बनाए रखते हैं। इस तरह से कचरे का सही तरीके से प्रबंधन हो पाता है।
गतिविधि 6
कचरे को अलग-अलग करना
नीचे दो कूड़ेदानों के चित्र बनाए गए हैं। इन दोनों में डाली जाने वाली वस्तुओं के नाम लिखिए।
प्लास्टिक की बोतलें, पत्तियाँ, प्याज के छिलके, बिजली के बल्ब, सड़े हुए फल, कागज, अंडे के छिलके, दूध के प्लास्टिक के पैकेट, कपड़े
हम सभी अपने घर, आस-पड़ोस, विद्यालय, शहर और देश को स्वच्छ बनाए रखने में अपना योगदान दे सकते हैं।
शिक्षक संकेत
शिक्षक इस गतिविधि को यह समझाने के लिए कर सकते हैं कि धारदार या नुकीली हानिकारक चीजें, जैसे- टूटी हुई काँच की वस्तुएँ, सुई आदि को किसी कपड़े या कागज में लपेटकर फेंका जाए जिससे सफाई कर्मचारियों को कोई हानि न पहुँचे।
लिखिए
• आप अपने घर और कक्षा को साफ रखने के लिए क्या कर सकते हैं? सूची बनाइए।
मैं अपने कमरे को साफ रख सकता/सकती हूँ।
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• क्या आपने अपने विद्यालय या आस-पास में सफाई के लिए उपयोग में लाए जाने वाले उपकरणों को देखा है? इन उपकरणों की सूची तैयार कीजिए।
• क्या आपने अपने घर में सफाई के लिए उपयोग होने वाले उपकरण देखे हैं? उनकी सूची बनाइए।
चित्र बनाइए
नीचे दिए गए स्थान में सफाई के लिए प्रयोग होने वाले उपकरणों के चित्र बनाइए।
अपने आस-पास के परिवेश को स्वच्छ रखना
जब आप राष्ट्रीय स्वच्छता दिवस (30 जनवरी) मनाएँ, तो अपने आपको तथा आस-पास के वातावरण को हमेशा स्वच्छ रखने की प्रतिज्ञा लें। याद रखिए कि आपको कचरा नहीं फैलाना है, बल्कि इसका उचित तरीके से प्रबंधन तथा निस्तारण करना है जिससे यह संसार स्वच्छ और हरित बन सके।
हमारा उद्देश्य 'अधिक से बचें, बर्बाद न करें' होना चाहिए।
आइए, मंथन करें!
(क) चर्चा कीजिए
1. कचरा कैसे इकट्ठा होता है?
2. हमें कचरे का प्रबंधन कैसे करना चाहिए?
(ख) लिखिए
1. प्लास्टिक की थैलियों और बोतलों का उपयोग रोकने के लिए अपने घर और विद्यालय को ध्यान से देखिए। प्लास्टिक से बनी सभी वस्तुओं की सूची बनाइए और लिखिए कि उन्हें अन्य सुरक्षित सामग्रियों से बनी वस्तुओं से कैसे बदला जा सकता है।
2. हरे व नीले कूड़ेदानों में फेंकी जाने वाली तीन-तीन वस्तुओं के नाम लिखिए।
(ग) अपनी कॉपी में चित्र बनाइए
किसी ऐसे गाँव या शहर का पोस्टर बनाइए जो अपने कचरे का प्रबंधन बहुत अच्छी तरह से कर रहा है। इसे एक अच्छा-सा शीर्षक भी दीजिए।
(घ) जोड़ी बनाकर अभिनय कीजिए
आप एक स्वच्छ शहर की भूमिका और आपका मित्र एक दुषित शहर की भूमिका निभा सकते हैं। इस दौरान इस पर बातचीत कीजिए कि आप दोनों अपने बारे में क्या सोचते हैं?
(ङ) सोचिए, विचार कीजिए और साझा कीजिए
1. सोचिए कि आपके घर में जन्मदिन की एक पार्टी है। ऐसे क्या तरीके हो सकते हैं जिससे आपकी पार्टी कचरा-रहित हो। इसके लिए, पहले आप यह सोचिए कि जन्मदिन पार्टी में किस तरह का कचरा उत्पन्न हो सकता है और आप इसे कैसे रोक या कम कर सकते हैं।
2. क्या आपने प्रकृति में भी कचरा देखा है? आपको क्या लगता है कि जंगल में जानवरों के अपशिष्ट, सूखी पत्तियों आदि का क्या होता है?
