3
कितने पैर?
आनंदमयी कविता
बच्चे – सुप्रभात अध्यापिका जी!
अध्यापिका – सुप्रभात बच्चो! आज हम धरती पर रहने वाले जीवों के पैरों की संख्या की बात करेंगे। जीवों के पैरों की संख्या शुन्य से लेकर कई सौ तक भी हो सकती है। अच्छा ... कोई बता सकता है की किस जिव के पैर नही होते ?
श्याम – जी हाँ अध्यापिका जी! मझे पता है। बरसात में मैंने बहुत केचुए देखे है | उनके पैर नही होते। वे पेट के बल सरकते हैं।
अध्यापिका – बहुत ठीक! अब कुछ दो पैरों वाले जीवों की बात करेंगे... इन जीवों को द्विपाद कहते हैं। मनुष्य के अतिरिक्त आप और कोई द्विपाद बता सकते हैं?

रमेश – क्यों नही ! सारी चिड़िया द्विपाद ही होती हैं, अध्यापिका जी?
अध्यापिका– बिलकुल सही कहा रमेश! अब हम यदि पशुओ की बात करें तो यह बताइए की आपने कभी किसी
ऐसे पशु का नाम सुना है जिसके दो ही पैर हों?
सविता– जी हाँ अध्यापिका जी! मेरी माँ एक दिन मझे ऑस्ट्रेलिया देश के विषय में बता रही थीं और उन्होंने मुझे वहाँ पाए वाले एक द्विपाद पशु का चित्र दिखाया था जो दो पैरों पर कद-कदकर चलता है।किन्तु मैं उसका नाम भूल गई!
रजनी– हाँ... हाँ, मैंने भी उस द्विपाद पशु के विषय में एक पुस्तक में पढ़ा था जो मैं पुस्तकालय से लाई थी। मझे उसका नाम भी याद है। उसे कगारू कहते हैं। उसके पेट पर एक थैली भी होती है जिसमे वह अपने बच्चे को साथ ले जाता है।
अध्यापिका – वाह! वाह! आप सब बच्चे बड़े बुध्धिमान हैं। आपके पास मेरे सभी प्रश्नों के उत्तर हैं। वह जब तेजी से चलता है तो दो पैरों पर कूदकर चलता है, लेकिन जब वह धीरे चलता है तो झुककर चार पैरो पर चलने लगता है , इसलिए उसे चतुस्पाद भी कहते हैं
और कभी-कभी आगे बढ़ने में वह अपनी पूंछ का भी उपयोग करता है, इसलिए उसे पन्चवाद भी कहते हैं। वैसे अधिकतर पशुओ के तो चार पैर ही होते हैं,
जैसे– गाय, भैंस, और..?
समीर– कुत्ता , बिल्ली , घोड़ा...
वीणा– बकरी, गधा, बंदर...
रफिया - मेंढक, ऊदबिलाव, घडियाल…
रमेश – शेर, चीता…
बिपिन – जे़बरा, जिराफ …
अध्यापिका – बहुत सही बच्चो ! आप सबको तो बहुत सारे पशुओ के नाम आते हैं, लेकिन अब देखते है की भिन्न भिन्न कीटों के पैरों के विषय में आपको कितना पता है! आप सभी ने चींटेऔर चीटिया तो देखी ही हैं। बताइए उनके कितने पैर होते है?
मीना – अध्यापिका जी, मुंझे चींटो को देखने में बड़ा आनद आता है। उनका चलना मैंने बहुत पास से देखा है| मैंने कई बार उनके पैर भी गिन लिए और पता चला की उनके छः पैर होते है|
अध्यापिका – अरे वाह! अब आप स्वंयगिनकर लाई है तो आपका उत्तर सही ही है| आपको पता है की चींटी के अतिरिक्त और भी कई किन्टो के छह पैर होते है जैसे - मक्खी, भंवरा …..और?
राम - तितली?
सिमरन - झींगुर?
अध्यापिका - शाबाश बच्चो ! बहुत सही कहा | आप सब कीटों में इतनी रूचि रखते है तो फिर आप में से कोई किसी ऐशे किट का नाम बता सकता है जिसके छह से अधिक पैर होते है?
रमेश(हँसकर) - मकड़ी
सविता - हाँ! मकड़ी के तो आठ पैर दिखाई देते है, जब वह जाले पर चलती है|
अध्यापिका – बिलकुल सही बताया! अब मैं आपको एक और ऐसे कीट के विषय में बतानाचाहती हु जिसके तीस (३०) से लेकर तिन सौ बयासी (३८२) तक पैर हो सकते हैं अर्थात पद्रह (१५) जोड़ी से लेकर एक सौ इकानवे (१९१) जोड़ी तक पैर हो सकते हैं। इस अद्भुत कीट का नाम है— कनखजूरा आप में से देखा है?
सब विद्यार्थी –नही!!!
अध्यापिका - – वास्तव में घरों में इनका मिलना कठिन है| ये अधिकतर ऐसे स्थानों में रहते हैं जहाँ सीलन और अँधेरा हो, जैसे– गीले पेड़ों के तनों के अदर या गीली घास या पत्तों के ढेर के निचे ।... पर सोचने की बात ये है की इतने सारे पैरो वाला कैसे चलता होगा!
बातचीत के लिए
1. कुछ अन्य जीवों के नाम बताइए, जिनका उललेख इस पाठ में नही है और
साथ ही उन जीवों के पैरों की संख्या भी बताइए।
2. शरीर के कौन-से अंग इधर-उधर आने जाने में सहायता करते हैं?
3. क्या पशु-पछियो और छोटे-छोटे कीटों को भी इधर-उधर जाए में पैर
सहायता करते हैं?
4. केंचुए के अतिरिक्त आप कोई और जीव बता सकते हैं, जिसके पैर नही होते हैं?
5. पैरों के अतिरिक्त, हमारे शरीर में और कौन -कौन से अंग दो की संख्या में
होते हैं?
आपका पैर
अपने पैर और हाथ की बनावट को ध्यान से देखिये। आपके पैर और हाथ की बनावट में क्या समान है औरक्या भिन्न है, पहचानिए और लिखिए —
पैर हाथ
1. ------ ------
2. ------- -------
3. ------- -------
4. ------- -------
5. ------- -------
पाठ के भीतर
1. सही कथन के आगे (>) का चिह्न लगाइए —
(क) सभी जीवों के केवल दो ही पैर होते हैं। -----
(ख) केंचुए अपने पेट केबल सरकते हैं, क्योंकी उनके पैर नहीं होते। -----
(ग) दो पैर वाले जीवों को द्विपाद कहते हैं। ------
(घ) गाय, भैंस, बकरी चतुस्पाद हैं। ------
(ङ) जीवों के पैरों की सख्या शुन्य से लेकर कई सौ तक हो सकती है। -------
2. निम्न दी गई तालिका में पैरों की संख्या के अनुसार जीवों के नाम लिखिए —
शुन्य पैर वाले दो पैर वाले चार पैर वाले छह पैर वाले आठ पैर वाले
------------ ------------- -------------- -------------- ---------------
------------ ------------- -------------- -------------- ---------------
------------ ------------- -------------- -------------- ---------------
आठ से अधिक पैर वाले --------------------------------
3. कैसे रखे पैरों का ध्यान
अपने सहपाठियो से चर्चा करें की हम अपने पैरों का ध्यान कैसे रख सकते हैं—
(क) नाखुनो को नियमित रूप से काटना।
(ख) ..................................
(ग) ..................................
(घ) ................................
भाषा की बात
चार पैर वाले जीवों को चतुस्पाद कहते हैं। चतुस्पाद का प्रचलित शब्द चौपाया है, जिसका अर्थ है— चार पैर वाला।
1. इसी प्रकार, चार की संख्या बताने वाले कुछ और शब्द खोजकर लिखिए —
2. नीचे दिए गए उदाहरण के अनसार तालिका पूरी कीजिये—
| एक |
1 |
१ |
| दो |
2 |
----- |
| तीन |
----- |
३ |
| ---- |
4 |
४ |
| पांच |
---- |
५ |
| छह |
6 |
---- |
| ---- |
7 |
७ |
| आठ |
----- |
८ |
| ---- |
9 |
----- |
| दस |
----- |
१० |
सोचिये और लिखिए
कल्पना कीजिये की एक दिन किसी स्थान पर कनखजूरा, केचुए, चिड़िया और आप एक साथ मिलते है। कनखजूरा अपने पैरों की बात शुरू करता है। सोचकर लिखिए की आप सब के बिच क्या - क्या बाते होंगी।
बातचीत
पहेली से पहले
1. आपने देखा की एक खेत में कुछ भैंसे चार रही हैं। आपने गिना तो उसके कुल मिलाकर बत्तीस (३२) पैर निकले। बताइए कितनी भैंसें हैं?
2. आपने देखा की एक स्थान पर कई मकडिया चल रही हैं। आपने गिनकर देखा तो फिर से कुल बत्तीस (३२) पैर निकले। बताइए कितनी मकडिया हैं?
3. अब, एक और स्थान पर आपने देखा की कई चीटिया और मकड़िया चल रही हैं। आपने गिनकर देखा की उनके कुल मिलाकर चौंतीस (३४) पैर हैं।
बताइए कितनी चीटिया और कितनी मकडिया हैं?
बुझो तो जानें
लालटेन ले पखों में,
उड़े अँधेरी रात में।
जलती बाती बिना तेल के,
ठंड और बरसात में।
|
तीतर के दो आगे तीतर, तीतर के दो पीछे तीतर आगे तीतर, पीछे तीतर, बोलो कितने तीतर?
|
दोस्त के जूते
मेंढक जूते बनाता था। एक दिन
उसकी दुकान के सामने से एक
काला चींटा निकला। चींटे के पास गुड़ की डली थी। मेंढक ने चींटे से
कहा, “थोड़ा गुड़ दे दो । मच्छर
खाते-खाते ऊब गया हँ।” चींटा
बोला, “अगर तूम मेरे दोस्त के लिए जूते बना दो तो आधा गुड़ तुम्हारा।”
मेंढक ने सोचा, गुड़ के बदले छह जूते
बनाना अच्छा सौदा है। उसने हामी भर
ली। चींटे ने आधा गुड़ मेंढक को दे दिया।
अगले दिन चींटा अपने दोस्त के जूतों का
नाप देने मेंढक के पास पहँचा।
चींटे का दोस्त कनखज़ुरा था।
– चदन यादव
(इकतारा ट्रस्ट की पत्रिका ‘प्लूटो’ से साभार)