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हम अनेक किंतु एक
आनंदमयी कविता
हैं कई प्रदेश के , किंतु एक देश के,
विविध रूप-रंग हैं, भारत के अंग हैं|
भारतीय वेश एक
हम अनेक किंतु एक|
बोलियाँ हजार हैं,
टोलियाँ हजार हैं,
कंठ भी अनेक हैं,
राग भी अनेक हैं,
किंतु गीत-बोल एक
हम अनेक किंतु एक|
एक मातृभूमि है,
एक पित्रभूमि है,
एक भारतीय हम, चल रहे मिला कदम,
लक्ष्य के समक्ष एक
हम अनेक किंतु एक|

बातचीत के लिए
- आप किस देश में रहते हैं? आपका प्रदेश कौन-सा है?
- आपके घर में कौन-सी भाषा बोली जाती है?
- आपके घर के आस-पास के लोग कौन-सी भाषा बोलते हैं?
- सभी प्रदेश अलग हैं, लेकिन सबका देश एक है| आपके मित्रों की
टोली में कौन-कौन हैं?
सोचिए और लिखिए
- ‘हम अनेक हैं किंतु एक हैं’, उदाहरण देकर इस बात को समझाइए|
- कविता में भारत के विविध रूप-रंग के बारे में बताया गया है| विविध रूप-रंग का क्या अर्थ है?
- ‘चल रहे मिला कदम’ इस पंक्ति में किनके कदम मिलाकर चलने की बात कही गई है?
शब्दों का खेल
1. कविता से समान ध्वनि वाले शब्द छाँटकर लिखिए—
प्रदेश ..................,
.................. हम ..................,
..................
रं
ग ..................,
.................. बोलियाँ ..................,
..................
2. समान ध्वनि वाले कुछ शब्द अपने मन से लिखिए—
बोली ......................,
......................,
......................,
......................
एक ......................,
......................,
......................,
......................
राग ......................,
......................,
......................,
......................
3. भूमि शब्द जोड़कर नए शब्द बनाइए—
.....................................
.....................................
.....................................
.....................................
.....................................

समझिए और लिखिए
1. कविता की पंक्तियाँ पूरी कीजिए—
2. सही अर्थ की जोड़ी बनाकर लिखिए—
कंठ वेश-भूषा ...........................
पहनावा सामने ...........................
विविध गला ...........................
समक्ष कई प्रकार के ............................
3. सही अर्थ वाले वाक्य पर सही (✓) का चिन्ह लगाइए—
(क) ‘भारतीय वेश एक’ का अर्थ है—
• सभी भारतीयों का एक ही पहनावा है| 
• भारत में अनेक प्रकार की वेश-भूषा है, लेकिन
सभी भारतीय एक हैं| 
(ख) ‘बोलियाँ हजार हैं’ में हजार का अर्थ है—
• बहु
त सारी बोलियाँ हैं| 
• हजार बोलियाँ हैं| 
पढ़िए और जानिए
चित्र आधारित प्रश्न
• मणिपुर की अथोइबी को खाने में क्या पसंद है?
..................................................................................................................
• महाराष्ट्र की पूर्वा कौन-सी भाषा बोलती है?
..................................................................................................................
• तमिलनाडु
के वेंकट को खाने में क्या पसंद है?
..................................................................................................................
• गुजरात की हंसा को कौन-सा न ं तृ्य पसं
द है?
..................................................................................................................
पता कीजिए
आप अपने प्रदेश के आस-पास के तीन-चार प्रदेशों की भाषा, खान-पान,
वेश-भूषा, तीज-त्योहारों के बारे में पता कीजिए और साथियों के साथ
चर्चा कीजिए|
मिलकर गाइए
हिन्द देश के निवासी
हिन्द देश के निवासी सभी जन एक हैं,
रंग, रूप, वेश, भाषा चाहे अनेक हैं|
बेला, गुलाब, जूही, चम्पा, चमेली,
प्यारे-प्यारे फूल गँथे माला में एक हैं|
कोयल की कूक प्यारी, पपीहे की टेर प्यारी,
गा रही तराना बुलबुल, राग मगर एक है|
गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र, कृष्णा, कावेरी,
जाके मिलीं सागर में, हुर्इं सब एक हैं|






