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 पंचतंत्र

पंचतंत्र ऐसी कहानियों का एक संग्रह है जो संस्कृत भाषा में दो हजार वर्ष से भी पहले लिखी गई थीं|  इस संग्रह को प्रसिद्ध संस्कृत विद्वान विष्णु शर्मा ने रचा था | उन्होंने इसकी रचना सभी व्यक्तियों के लिए, विशेष रूप से बच्चों को बड़े ही मित्रवत तरीके से नैतिकता व मूल्यों का पाठ पढ़ाने के उद्देश्य से की थी। शब्द 'पंच' का अर्थ है- पाँच और 'तंत्र' का अर्थ है- संहिता या सिद्धांत |

पंचतंत्र की सभी कहानियाँ पाँच समूहों में विभाजित हैं| ये कहानियाँ इतनी लोकप्रिय हैं कि सदियों से दुनियाभर के बच्चे इन्हें पढ़ते आए हैं। इन कहानियों का अनुवाद सभी भारतीय भाषाओं एवं कई विदेशी भाषाओं, जैसे- अंग्रेजी, जर्मन, इटालियन, अरबी, जापानी, स्पेनिश और अन्य भाषाओं में हुआ है |

अगले पृष्ठ पर पंचतंत्र की एक रोचक कहानी दी गई है-


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इस कहानी के माध्यम से आपने क्या सीखा?
शाबाश! अब जैसे ही आप दृश्य कला, संगीत, रंगमंच और नृत्य में नई-नई अवधारणाएँ सीखना आरंभ करेंगे, आप उन गतिविधियों के लिए इस कहानी का उल्लेख करेंगे | क्या यह रोमांचक नहीं है कि पंचतंत्र की एक कहानी सभी कला रूपों को जोड़ती है? इसलिए इस कहानी को ध्यान में रखिए और सभी गतिविधियों का आनंद लीजिए!
जब भी आप इसे देखें, इसका अर्थ है कि आपको 'खरगोश और शेर' की कहानी को याद रखना है।


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बाँसुरी कक्षा 4

प्रिय शिक्षको,

आइए, हम अपने विद्यार्थियों को एक ऐसे स्थान पर ले जाएँ, जहाँ वे स्वतंत्र रूप से निरीक्षण, कल्पना, अभिव्यक्ति एवं अपनी रचनात्मकता को दृश्य कला के माध्यम से व्यक्त कर सकें। प्रत्येक विद्यार्थी के लिए सर्वोत्तम सीखने के अनुभव को सृजित करने के लिए कुछ बिंदुओं का ध्यान रखना आवश्यक है।

कक्षा की आवश्यकताएँ

1. विद्यार्थियों के लिए आरामदायक कार्य करने के लिए पर्याप्त स्थान |
2. पर्याप्त प्रकाश एवं वायु संचालन|
3. कला सामग्रियों के लिए उचित भंडारण तथा उन तक आसान पहुँच; जैसे-उपकरण, मूलभूत स्टेशनरी एवं ऑडियो-विजुअल सुविधाएँ आदि |
4. कला कार्यों को प्रदर्शित करने के लिए स्थान, जो नियमित रूप से बदला जाए |

दृश्य कला शिक्षण पद्धति

1. अवधारणाओं तथा प्रक्रियाओं का परिचय देते समय कहानियों और दैनिक उदाहरणों का उपयोग कीजिए |
2. विद्यार्थियों को उनके मौलिक विचारों, कल्पनाओं, भावनाओं एवं जिज्ञासाओं को कला के माध्यम से स्वतंत्र रूप से व्यक्त करने के लिए प्रोत्साहित कीजिए |
3. विद्यार्थियों को दैनिक जीवन एवं प्रेरणा को ध्यान से देखने के लिए प्रोत्साहित कीजिए तथा अन्य चित्रों या फोटोग्राफों से नकल करने के लिए हतोत्साहित कीजिए |
4. विद्यार्थियों को निरीक्षण, जाँच, प्रयोग, सहयोग एवं कक्षा में संवाद करने की अनुमति दीजिए |
5. बाहरी गतिविधियों तथा क्षेत्र भ्रमण को सम्मिलित करें, जिससे विद्यार्थी अपने आस-पास के जीवन और संस्कृति को देख सकें |
6. संग्रहालय, स्थानीय मेलों एवं कला कार्यशालाओं के लिए क्षेत्र भ्रमण आयोजित कीजिए |

7. स्थानीय कलाकारों और शिल्पकारों को आमंत्रित करें तथा व्यावहारिक सत्रों एवं व्यावहारिक कार्यशालाओं का आयोजन कीजिए|
8. विद्यार्थियों को साफ-सफाई, प्रयुक्त सामग्रियों को व्यवस्थित करने और कला सामग्रियों को सावधानी से सँभालने जैसी आदतों के लिए प्रोत्साहित कीजिए|
9. विद्यार्थियों को कक्षा प्रदर्शनी के लिए कलाकृतियों का चयन करने में भाग लेने और निर्णय लेने के लिए प्रोत्साहित कीजिए |

दृश्य कला आकलन

समय आवंटन एवं आकलन के अनुभाग को कृपया आगे के विवरण के लिए देखिए-
1. आकलन को प्रारंभिक स्तर के लिए अधिगम प्रतिफलों तथा दक्षताओं के साथ संरेखित किया जाना चाहिए |
2. प्रत्येक विद्यार्थी को अपनी कलाकृतियों का पोर्टफोलियो बनाने और उसका सही से रखरखाव करने के लिए प्रोत्साहित कीजिए। यह शिक्षक को उनकी प्रगति पर ध्यान रखने में सहायता करेगा |
3. रचनात्मक आकलन को 'परीक्षा दिवस' पर नहीं, बल्कि कक्षा गतिविधियों के भीतर आयोजित किया जाना चाहिए; जैसे- गुणात्मक प्रतिक्रिया देना, जिसमें विद्यार्थियों की शक्तियों एवं सुधार के क्षेत्रों का उल्लेख हो
औपचारिक तथा अनौपचारिक संवादों में विद्यार्थियों की कला चर्चाओं में भागीदारी को संग्रहीत करना |
क्षेत्र भ्रमण के समय विद्यार्थियों को सरल कार्य सौंपकर उनकी अवलोकन तथा कला गतिविधियों में रुचि का आकलन करना
4. योगात्मक आकलन प्रत्येक सत्र के अंत में परियोजना कार्य या व्यावहारिक कार्यों के माध्यम से किया जाना चाहिए। आकलन के लिए सुझाए गए उदाहरण 'दृश्य कला' खंड के अंत में दिए गए हैं|

प्रारंभिक स्तर के लिए दक्षताएँ

C-1.1 विभिन्न प्रकार की छवियाँ बनाने के लिए उत्साह व्यक्त क है जो उनके दैनिक जीवन की भावनाओं तथा कल्पना को दर्शाते है |
C-1.2 दृश्य कला में सहयोगात्मक रूप से काम करते हुए विि विचारों और प्रतिक्रियाओं पर चर्चा करते हैं |
C-2.1 अपने दैनिक अवलोकनों, व्यक्तिगत अनुभवों एवं भावन को चित्रित करते हुए, रचनात्मक रूप से दृश्य तत्वों (रेखा, रूप, स्थान, बनावट) के विभिन्न संयोजनों का उपयोग करते हैं
C-2.2 कक्षा में साझा किए गए कला कार्यों के दृश्य तत्वों, विषयों और अभिव्यक्तियों की तुलना करते हैं |
C-3.1 सामग्रियों, उपकरणों और दृश्य कला में प्रयुक्त तकनीकों के साथ कार्य करते समय निर्णय लेते हैं |
C-3.2 व्यक्तिगत और सहयोग से कलाकृति बनाते हुए, योजना, निष्पादन और प्रस्तुतीकरण के चरणों का अभ्यास करते हैं |
C-4.1 प्रकृति में दृश्य तत्वों की पहचान करता है तथा उनकी कलात्मक विशेषताओं का वर्णन करते हैं |
C-4.2 स्थानीय कला रूपों एवं संस्कृति के प्रति जिज्ञासा प्रदर्शित करते हैं |

अध्‍ययनों में आकलन योग्य सीखने के प्रतिफल
पाठ्यचर्या लक्ष्य दक्षताएँ सीखने के प्रतिफल शिक्षक स्वयं
1 C-1.2 सहयोग से कार्य करना एवं सहपाठियों के साथ विचारों का आदान-प्रदान करते हैं।
2 C-2.2 कला कार्यों में देखे गए आकार, रंग, पैटर्न, बनावट आदि में समानताएँ एवं भेद पहचानते हैं।
3 C-3.1 चित्रण, रंगाई, कोलाज आदि के लिए उपयुक्त सामग्रियों का चयन करते हैं।
4 C-4.1 प्रकृति में पैटर्न और बनावट को पहचानते हैं।
4 C-4.2 कला कार्य को देखते समय प्रश्न पूछते हैं।

जो गतिविधियाँ तारे के चिह्न से चिह्नित हैं, उन्हें किसी भी शिक्षक द्वारा, यहाँ तक कि सीमित संसाधनों वाले विद्यालयों में भी सुगम बनाया जा सकता है|
अध्याय 1

वस्तुओं की व्यवस्था

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ध्यान दीजिए कि जब फर्नीचर और अन्य वस्तुओं को कलात्मक ढंग से कमरे या दुकान में रखा जाता है तो वे कितने अच्छे लगते हैं। साथ ही उनकी पृष्ठभूमि में कपड़े जोड़ने से हमारा ध्यान आकर्षित होता है |
इस अध्याय में आप अपने आस-पास मिलने वाली विभिन्न वस्तुओं को व्यवस्थित करेंगे| चित्रण करते समय, आप वस्तुओं के चारों ओर के स्थान को देखिए तथा विभिन्न आकार, रूप और रंगों की तुलना कीजिए |
क्या आपने कभी कागज पर लुका-छिपी का खेल खेला है? जल्द ही आप अपनी दृश्यात्मक लुका-छिपी चित्रों के माध्यम से बना सकेंगे। अपनी सामग्री व उपकरणों को एकत्रित कीजिए, क्योंकि उनका उपयोग भी चित्र बनाने में किया जाएगा |

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गतिविधि 1.1

चित्र को पूरा कीजिए

कुछ पशुओं ने मिलकर एक संगीत मंडली बनाई |
दिए गए चित्र में अनुपस्थित संगीत वाद्ययंत्र और वस्तुओं को चित्रित कीजिए |
चित्र में रंग भरकर उसे रोचक बनाइए |
इस चित्र के लिए अपनी भाषा में एक कविता लिखिए |
आप इस मंडली में अन्य पशु भी जोड़ सकते हैं |

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गतिविधि 1.2
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नंदलाल बोस

चित्रशाला

शिक्षक संकेत

चित्रों में वस्तुओं और संगीत वाद्ययंत्रों को ढूंढने में विद्यार्थियों की सहायता कीजिए |


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दिए गए चित्रों को देखिए। ये चित्र प्रसिद्ध चित्रकार नंदलाल बोस द्वारा बनाए गए हैं| इन चित्रों में उन्होंने विभिन्न व्यवसायों में लगे व्यक्तियों को चित्रित किया है |
निम्नलिखित संगीत वाद्ययंत्रों को आप किस-किस चित्र में देखते हैं? चित्र संख्या लिखिए -
तानपूरा .....................
ढाक....................................
घटम.....................................................
सिंगा..........................................
नीचे उन अन्य वस्तुओं की सूची बनाइए, जिन्हें आप चित्र में देखते हैं (जैसे – उपकरण और आभूषण)|
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गतिविधि 1.3

वस्तुओं को व्यवस्थित कीजिए तथा उनके चित्र बनाइए

नीचे दिए गए विषयों में से किसी एक का चयन कीजिए-
प्रकृति भ्रमण के लिए आवश्यक वस्तुएँ (हमारा अद्भुत संसार की पाठ्यपुस्तक का अध्याय 4 देखिए) |
स्टेशनरी - पेंसिल, रबर, पुस्तकें, बैग, कैंची, गोंद आदि |
खेती, बढ़ईगिरी, नलसाजी, सिलाई आदि में प्रयुक्त उपकरण |
वस्त्र और जूते |
बर्तन और उपयोगी वस्तुएँ |
प्रसाधन के लिए प्रयुक्त वस्तुएँ-टूथब्रश, टूथपेस्ट, कंघी, नेल कटर, साबुन, तेल की बोतलें, बाल्टी, मग आदि |

वस्तुओं को आकर्षक ढंग से व्यवस्थित कीजिए और चित्र बनाइए|
कागज पर वस्तुओं के बड़े आकार के चित्र बनाइए
आप पहले वस्तुओं में रंग भरें, उसके बाद वस्तुओं के आस-पास के खाली स्थान में भी रंग भरें|
आप अपने विद्यालय में उपलब्ध किन्हीं भी तीन संगीत वाद्ययंत्रों को भी व्यवस्थित कर सकते हैं और उनका चित्र भी बना सकते हैं |
क्षेत्र भ्रमण - बाजार का भ्रमण कीजिए और ध्यान दीजिए कि विक्रेताओं ने वस्तुओं को कैसे व्यवस्थित और प्रदर्शित किया है | वहाँ का चित्र भी बनाइए |

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गतिविधि 1.4

वस्तुओं के साथ दृश्य लुका-छिपी

दैनिक जीवन की वस्तुओं का उपयोग करके लका-छिपी का खेल बनाइए -

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चरण 1- एक कागज पर दो या तीन वस्तुओं के चित्र बनाइए। सुनिश्चित कीजिए कि वे एक-दूसरे को न ढकें |

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चरण 2- एक टेढ़ी-मेढ़ी रेखा खींचिए, जो पूरे पृष्ठ पर वस्तुओं के ऊपर इधर से उधर गुजरे। यह रेखा प्रत्येक वस्तु को छोटी-छोटी आकृतियों में विभाजित कर देगी |

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चरण 3- प्रत्येक वस्तु के लिए एक विशिष्ट चिह्न और रंग चुनिए। उदाहरण के लिए, मटके के लिए लाल बिंदु (•)-बाल्टी के लिए नीले रंग में गलत (×) का चिह्न और ताले के लिए पीले रंग में जमा (+) के चिह्न का उपयोग कीजिए |

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चरण 4- उन सभी आकृतियो को चिह्नित कीजिए, जो वस्तुओं को चुने गए चिह्नों तथा रंगों के साथ विभाजित करती हैं। आप प्रत्येक वस्तु के लिए एक ही रंग के हल्के और गहरे रंग की टोन (रंग छटा) को चुन सकते हैं |

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चरण 5– प्रत्येक वस्तु में चुने गए रंग में दो विभिन्न पैटर्नी के साथ आकृतियों को भरिए |

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चरण 6– इसी तरह पृष्ठभूमि के लिए एक रंग चुनिए और दो विभिन्न पैटर्नी के साथ पृष्ठभूमि को भरिए |

चित्र बनाने का स्थान

क्या आपके मित्र आपके द्वारा बनाए गए चित्र में प्रदर्शित वस्तुओं को पहचान सकते हैं?

गतिविधि 1.5

डायोरामा (Diorama) बनाइए

डायोरामा एक त्रि-आयामी (3डी) कलाकृति होती है, जिसमें वस्तुओं को इस तरह व्यवस्थित किया जाता है कि एक दृश्य बन जाए |
एक पुराने डिब्बे या जूते के डिब्बे का उपयोग करके आप आसानी से डायोरामा बना सकते हैं |
कल्पना से एक कमरे की रूपरेखा बनाइए और उसे दिए गए स्थान में चित्रित कीजिए |
बने हुए चित्र के आधार पर कमरे में रखी जाने वाली वस्तुएँ बनाइए उदाहरण के लिए - माचिस की खाली डिब्बियों से फर्नीचर बनाइए, पुराने कपड़ों से परदे बनाइए, अपनी कल्पना से अन्य वस्तुएँ भी बनाइए |
अपने कमरे को सुंदर ढंग से व्यवस्थित कीजिए |

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अध्‍ययनों में आकलन योग्य सीखने के प्रतिफल
पाठ्यचर्या लक्ष्य दक्षताएँ सीखने के प्रतिफल शिक्षक स्वयं
1 C-1.1 विभिन्न वस्तुओं के समूहों को देखकर उन्हे व्यवस्थित और चित्रित करते हैं |
1 C-2.1 वस्तुओं को उनके स्थान, आकार, रेखाओं, आकृतियों, रंग और पैटर्नी के साथ कल्पनाशील तरीके से व्यवस्थित करके चित्रित करते हैं |
कक्षा में पूर्ण सहभागिता करते हैं |

विद्यार्थियों की क्षमताओं पर शिक्षकों की प्रतिक्रिया ...............................................................................

विकास-क्षेत्रों पर शिक्षकों की प्रतिक्रिया.............................................................................................

कोई अन्य अवलोकन ..............................