पंचतंत्र, हितोपदेश और जातक कथाओं की कई कहानियाँ जंगलों में घटित होती हैं | प्रकृति में अद्भुत आकृतियाँ, रंग, रूप, पैटर्न और बनावटें होती हैं |
बनावटों को हम स्पर्श करके अनुभव कर सकते हैं, जैसे-खुरदरी, चिकनी, उभरी, मुलायम या कुछ और बनावटें |
इस अध्याय में आप अपने आस-पास प्रकृति में विभिन्न बनावटों की खोज करेंगे |
इसके बाद आप अपना कल्पवृक्ष यानी काल्पनिक वृक्ष बनाएँगे और कुछ नई तकनीकें सीखेंगे, जैसे-
फ्रोटाज (Frottage) - बनावट वाली सतह पर रगड़कर उसका पैटर्न बनाना |
कोलाज (Collage) - पत्तियाँ, कागज आदि को काटकर सतह पर चिपकाना |
लीफ प्रिंटिंग (Leaf Printing) - पत्ती की सतह पर
रंग लगाकर उसे कागज पर दबाना |
कल्पवृक्ष की कल्पना कीजिए
अपने आस-पास के पेड़ों को देखिए या पेड़ों के चित्रों को देखिए और निम्नलिखित
बातों पर चर्चा कीजिए-
उनके आकार – क्या वे लंबे हैं, बड़े हैं या छोटे?
उनके अंग – तना, शाखाएँ, पत्तियाँ, फूल, फल, काँटे, जड़ें आदि |
आपको किस प्रकार की रेखाएँ, आकृतियाँ, रंग और बनावटें दिखाई देती हैं?
कल्पना कीजिए कि आप एक जादुई जंगल में हैं, जहाँ आप अपना कल्पवृक्ष या इच्छा पूरी करने वाला पेड़ बना सकते हैं!
पेड़ हमें बहत कुछ देते हैं, जैसे- साँस लेने के लिए ऑक्सीजन, फल, छाया और भी बहुत कुछ |
आप किस प्रकार का पेड़ बनाना चाहेंगे?
आपके द्वारा बनाए जाने वाला यह पेड़ किसी भी आकार, रूप या रंग का हो सकता है |
अपने पेड़ के लिए दो-तीन तरह के स्केच बनाइए |
क्या आप जानते हैं?
प्राचीन ग्रंथों में कल्पवृक्ष को एक ऐसा वृक्ष बताया गया है जो इच्छाएँ पूरी करता है।
दिए गए स्थान पर आप अपने वृक्ष का स्केच बनाइए |
फ्रोटाज
किसी सतह पर रगड़कर उसकी बनावट को उभारने की प्रक्रिया को फ्रोटाज कहा जाता है |
इस कार्य के लिए आप पेंसिल, रंगीन पेंसिल या मोम रंग (क्रेयॉन) का उपयोग कर सकते हैं |
इस गतिविधि के लिए सामग्री एकत्रित कीजिए |
अलग-अलग बनावटों का स्पर्श करें और जानें -
बाहर जाकर अलग-अलग प्रकार की सतहों को स्पर्श करें, जैसे- मिट्टी, कंकड़, पत्थर, पत्तियाँ, फूल, पेड़ों की छाल आदि |
क्या पेड़ की छाल की बनावट पत्ते जैसी लगती है?
विभिन्न बनावटों की रेखाओं, आकृतियों और रंगों को ध्यान से देखिए |
हर बनावट से बनने वाले रेखाचित्रों की तुलना कीजिए |
पत्तियों की रेखाओं को ध्यान से देखिए, जैसा कि हमारा अद्भुत संसार पुस्तक के अध्याय 4 में दिखाया गया है |
फ्रोटाज बनाने के लिए अगले पृष्ठ पर दिए गए निर्देशों का पालन कीजिए |
फ्रोटाज बनाने की प्रक्रिया
1. चुनी हुई सतह पर कागज का पन्ना रखिए |
2. पन्ने को सतह पर पकड़े रहें और उस पर रंगीन पेंसिल या मोम रंग घिसें |
3. जो कलाकृति है, उसे ध्यान से देखिए |
4. और स्पष्टता से प्राप्त करने के लिए बलपूर्वक घिसें |
5. पन्ने को अलग-अलग सतहों पर रखिए और इन्हीं चरणों को दोहराइए |
अपनी सभी फ्रोटाज कलाकृतियाँ एकत्रित कीजिए, जिससे अगली गतिविधि में उनका उपयोग किया जा सके |
तने व शाखाओं का कोलाज
किसी भी सतह पर विभिन्न सामग्रियों को चिपकाकर कलाकृति बनाने की प्रक्रिया को कोलाज कहा जाता है |
कोलाज बनाने की प्रक्रिया
1. कागज के पन्नों को जोड़कर एक बड़ी सतह तैयार कीजिए | आप पुराने समाचार-पत्रों या बड़े आकार के बेकार कपड़ों का भी उपयोग कर सकते हैं |
2. प्रारंभिक रेखाचित्रों (स्केच) के आधार पर तना और शाखाएँ बनाकर अपने कल्पवृक्ष की रूपरेखा बनाइए |
3. फ्रोटाज कलाकृतियों को लीजिए (आप विभिन्न बनावटों वाली सामग्री भी इसमें सम्मिलित कर सकते हैं) |
4. अपने मित्रों के साथ साझा कर और आदान-प्रदान करके अपने फ्रोटाज कार्य से बनी बनावटों का चयन कीजिए |
5. तने और शाखाओं की रूपरेखा में फ्रोटाज कार्य को व्यवस्थित कीजिए और चिपकाइए |
शिक्षक-संकेत
यह गतिविधि 4 से 5 विद्यार्थियों के छोटे-छोटे समूहों में भी करवाई जा सकती है |
| आकलन - अध्याय 2- प्रकति में बनावटें | ||||
|---|---|---|---|---|
| पाठ्यचर्या लक्ष्य | दक्षताएँ | सीखने के प्रतिफल | शिक्षक | स्वयं |
| 1 | C-1.2 | वृक्षों में पाए जाने वाली आकृतियों एवं बनावटों को दर्शाते हैं | | ||
| 2 | C-2.2 | कार्य को पूरा कर प्रदर्शित करने से पूर्व प्रारंभिक चित्र बनाते हैं एवं उसमें सुधार करते हैं | | ||
| 3 | C-3.1 | कक्षा में पर्ण सहभागिता करते हैं | | ||
विद्यार्थियों की क्षमताओं पर शिक्षकों की प्रतिक्रिया.......................................
विकास-क्षेत्रों पर शिक्षकों की प्रतिक्रिया...........................................
कोई अन्य अवलोकन.................................................