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प्रिय शिक्षको,

संगीत शिक्षा की इस यात्रा पर चलते हुए, हमारे पास अपने विद्यार्थियों को संगीत और कला से प्रेम करने, स्वयं को स्वतंत्र रूप से अभिव्यक्त करने और सीखने में सहायता प्रदान करने का अवसर है | प्रत्येक बच्चा स्वाभाविक रूप से रचनात्मक होता है और शिक्षकों के रूप में हमारी यह भूमिका है कि हम कक्षा को प्रत्येक बच्चे के लिए एक सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराएँ, जहाँ वे बिना किसी भय या निर्णय के सीख सकें और खोज कर सकें | यह पुस्तक आपके लिए एक मार्गदर्शक हो सकती है | यहाँ कुछ दिशानिर्देश दिए गए हैं जो आपको एक उत्तम कक्षा अनुभव के लिए तैयार होने में सहायता कर सकते हैं |

  • कक्षा का आरभ मुस्कान, उत्साह भरे अभिवादन एव प्राथमिक अभ्यास से करें, जिससे बच्चों को सीखने में आसानी हो |
  • गाते समय बच्चो को सुर मिलाने में सहायता करने के लिए सदैव तंबूरा (वाद्ययंत्र, इलेक्ट्रॉनिक या ऐप) या हारमोनियम या कीबोर्ड का उपयोग करें |
  • जहाँ भी संभव हो गतिविधियों की अवधि में विद्यार्थियों के घूमने-फिरने के लिए पर्याप्त स्थान सुनिश्चित करें |
  • विद्यार्थियों के प्रयासों को यथासंभव प्रोत्साहित करें। इसके अतिरिक्त सभी बच्चों को गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए |
  • जहाँ भी संभव हो उन्हें विभिन्न शैलियों के जीवंत संगीत सुनने के लिए प्रोत्साहित करें।
  • विद्यालय में किसी प्रदर्शन या जीवंत संगीत प्रदर्शन के लिए एक शैक्षणिक यात्रा आयोजित करने का प्रयास करें |
  • विद्यार्थियों को संगीत और कला का अनुभव कराने में सहायता करने के लिए अपने शहर या कस्बे में उपलब्ध अन्य दूसरे संसाधनों पर प्रकाश डालें।|
  • यदि कक्षा में प्रतिभाशाली या प्रतिभावान विद्यार्थी हैं तो कुछ कक्षा और विद्यालय कार्यक्रमों के समय उनकी क्षमताओं को प्रदर्शित करने की नई विधि खोजें |
  • इस खंड के गीतों का ऑडियो संस्करण अध्याय के क्यूआर कोड या इंटरनेट से प्राप्त किया जा सकता है |

प्रत्येक अध्याय के अंत में रचनात्मक आकलन के लिए दिशानिर्देश दिए गए हैं, जिन्हें आराम से और व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जाना चाहिए, जो मुख्य रूप से कक्षा में अवलोकन के माध्यम से होना चाहिए | योगात्मक आकलन के लिए सुझाव अनुभाग के अंत में दिए गए हैं और इस चरण के लिए दक्षताएँ नीचे दी गई हैं | आकलन का उद्देश्य मुख्य रूप से यह देखना है कि क्या बच्चे बताई गई दक्षताओं तक पहुँचने में सक्षम हैं या अधिक सहायता की आवश्यकता है| बच्चों को आगे विकसित होने में सहायता करने के लिए सकारात्मक प्रतिक्रिया दें |

प्रारंभिक स्तर के लिए दक्षताएँ

C-1.1- अपने परिचित संगीत का अभ्यास करने और प्रदर्शन करने के लिए उत्साह व्यक्त करना है |
C-1.2- संगीत में सहयोगात्मक रूप से कार्य करते समय अपने विचारों और प्रतिक्रियाओं पर चर्चा करना |
C-2.1 - विभिन्न प्रकार की व्यवस्थाओं (गायन, वादन, एकल, युगल, टुकड़ी/समूह व्यवस्था) में गीतों और लय का अभ्यास तथा प्रदर्शन करना |
C-2.2- कक्षा में प्रस्तुत विभिन्न संगीत शैलियों में संगीत तत्वों (लय, ताल, सुर, भाव) बोल और अभिव्यक्तियों की तुलना और विरोधाभास करना |
C-3.1- संगीत में प्रयुक्त गायन एवं वाद्ययंत्र की ध्वनियों का विभिन्न तरह से उपयोग करना |
C-3.2- प्रदर्शन के लिए संगीत के विभिन्न आयामों का चयन करते समय विचारों का योगदान देना एवं अभ्यास में लगातार भाग लेना |
C-4.1- प्रकृति में संगीत के तत्वों को पहचानना और उनके कलात्मक गुणों का वर्णन करना |
C-4.2 - स्थानीय कला रूपों और संस्कृति के प्रति जिज्ञासा प्रदर्शित करना |

जो गतिविधियाँ तारे के चिह्न से चिह्नित हैं, उन्हें किसी भी शिक्षक द्वारा, यहाँ तक कि सीमित संसाधनों वाले विद्यालयों में भी सुगम बनाया जा सकता है |

अध्याय 9

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गाओ और बजाओ

नमस्कार, युवा कलाकारो ! जैसा कि हम नई कक्षा में प्रवेश कर रहे हैं इसलिए संगीतमय क्षण आ गया है | इस वर्ष आप ध्वनियों, गीतों, वाद्ययंत्रों और भी बहुत कुछ के बारे में नई-नई बातें सीखने जा रहे हैं | तो क्या आप तैयार हैं?

  • किसी भी गायन गतिविधि को आरंभकरने से पहले अपनी आवाज का अभ्यास करना अति आवश्यक है, जिससे हम स्वतंत्रतापूर्वक और आसानी से गा सकें |
  • आपकी आवाज को उत्तम बनाने के लिए यहाँ कुछ सरल अभ्यास दिए गए हैं। इनमें से कुछ आवाजें हास्यजनक हो सकती हैं लेकिन इनमें प्रतिदिन सुधार करने का प्रयास करें |
गतिविधि 9.1

गायन अभ्यास

1. गुनगुनाना

अपने होठों को एक साथ लाएँ और एक स्वर में 'म्म्म्म्म' ध्वनि निकालें| स्वर को स्थिर और लंबा रखने का प्रयास करें| आपको अपने होंठों पर भिनभिनाहट जैसी अनुभूति होगी|
अब पुनः 'म्म्म्म्म' ध्वनि करें लेकिन एक ही साँस में निम्न से उच्च स्वर तक जाएँ और फिर उच्च से निम्न तक जाएँ| ऐसा कुछ समय तक करें| गुनगुनाने का अभ्यास स्वर तंत्रियों सहायता करता है जिससे वे गाने के लिए तैयार हो सकें |

मनोरंजक गतिविधि—सीटी बजाना

क्या आप सीटी बजा सकते हैं? अपने होंठों को बंद करके और हवा फूँककर सीटी बजाने का प्रयास करें|

  • एक बार जब आप सीटी जैसी ध्वनि निकालने में सक्षम हो जाएँ तो एक लंबी और मधुर ध्वनि निकालें| इससे हवा के प्रवाह को नियंत्रित करने में सहायता मिलती है, जो गायन के लिए महत्वपूर्ण है।
  • आप धीमी से ऊँची ध्वनि और ऊँची से धीमी ध्वनि में भी सीटी बजा सकते हैं। इस गतिविधि का आनंद लें।

2. होठों द्वारा विभिन्न स्वर निकालना

अपने होठो को एक साथ दबाएँ और फिर उसमे हवा फूँके, जिससे मोटर बाइक जैसी ध्वनि निकले| हवा के प्रवाह और ध्वनि को यथासंभव स्थिर रखें| आप गुनगुनाने वाले व्यायाम (हमिंग एक्सरसाइज) की तरह ध्वनि को ऊपर और नीचे तक भी ला सकते हैं| इसका आनंद लें| होंठ हिलाना एक महत्वपूर्ण स्वर अभ्यास है और मधुर ध्वनि विकसित करने का एक अच्छा तरीका है|

3. सरगम

अब आप सरल 'सरली वरिसई' या 'शुद्ध स्वर सप्तक' को याद कर सकते हैं, जो आपने पिछले वर्ष सीखा था। नीचे शुद्ध स्वर सप्तक दिया गया है-
सारे ग म प ध निसां
सां नि ध प म ग रे सा
और इसे इस प्रकार लिखा गया है-
सा रे ग म प ध नि सां
यह बार-बार गाइए | यदि हम प्रत्येक स्वर को दो बार गाएँ तो वह 'जन्ति वरिसई' बन जाता है, जिसे हमने पिछले वर्ष सीखा था |
सा सा रे रे ग ग म म प प ध ध नि नि सां सां
सां सां नि नि ध ध प प म म ग ग रे रे सा सा

आप ऑनलाइन और अधिक 'जन्ति वरिसई' ढूँढ़ सकते हैं और उन्हें गाना भी सीख सकते हैं |
आप चाहें तो हर स्वर को तीन बार भी गा सकते हैं। इन अभ्यासों को 'सरगम' भी कहा जाता है | क्या आप सरगम की बनावट को देखते हुए रिक्त स्थान भरने का प्रयास कर सकते हैं?
एक बार जब आप रिक्त स्थान भर लें तो इस सरगम का अभ्यास करें -
1. सारंग सारेग, रेगम रेगम, गमप गमप,
मपध मपध, पधनि पधनि, धनिसां धनिसां
सांनिध सांनिध, नि_प निधप, धपम ध_म, पमग
प_ग, म_रे_गरे,__सा गरेसा

2. सारेगम रेगमप गमपध ____________
सांनिधप निधपम धपमग

गतिविधि 9.2

नाद (ऊँचा-नीचा) का मिलान करें

जब हम गाते हैं तो किसी वाद्ययंत्र, जैसे- तंबूरा, हारमोनियम से स्वर सुर को मिलाना सहायक होता है | अगर आपके पास कोई वाद्ययंत्र नहीं है तो आप फोन या टेबलेट पर तंबूरा या तानपूरा ऐप डाउनलोड कर सकते हैं | जब तानपूरा बज रहा हो तो वही स्वर गाने का प्रयास करें और उसे बिल्कुल उन्हीं स्वरों में मिलाएँ| 'आआहा' या स्वर में मिलाकर गाना प्रारंभ करें |
सा रे ग म प ध नि सां
स्वरों के समूह में मध्य 'सा' से तार 'सां'
तक के स्वर समूहों
को 'सप्तक' के नाम से जाना जाता है |

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गतिविधि 9.3

अपनी सीमा ढूँढ़ें

तानपूरा, हारमोनियम, कीबोर्ड या इसी तरह के किसी अन्य वाद्ययंत्र का उपयोग करके यह देखने का प्रयास करें कि आप कितने सुर गा सकते हैं| सबसे निम्न स्वर से आरंभ करें और जहाँ तक संभव हो, सबसे उच्च स्वर तक आराम से जाएँ| निम्न स्वर लिखें...................
तार सप्तक के स्वर लिखें................................

किसी भी व्यक्ति का गायन या वादन विभिन्न सप्तकों में सीमित है|
अंग्रेज़ी में इसे रेन्ज कहा जाता है|

शिक्षक-संकेत

बच्चों को स्वर, श्रुति नाम या पश्चिमी स्वरों का उपयोग करके उनके गाए/बजाए जाने वाले निम्नतम या उच्चतम स्वरों को पहचानने में सहायता प्रदान करें |


गतिविधि 9.4

पशुओं और पक्षियों की ध्वनियाँ

क्या आप कुछ ऐसे पशुओं और पक्षियों की सूची बना सकते हैं जो ऊँची ध्वनि निकालते हैं?
........................
.................
.......................
क्या आप कुछ ऐसे पशुओं और पक्षियों की सूची बना सकते हैं जो धीमी ध्वनि निकालते हैं? ........................
.................
.......................

क्या आप जानते हैं?

ऊपर दिए गए सूचीबद्ध स्वर अभ्यासों से आ समय के साथ अपनी स्वर-सीमा बढ़ा सक हैं | पंडित जसराज, डॉ. एम. बालमुरलीकृष्ण और परवीन सुल्ताना जैसे कलाकार अपन व्यापक गायन शैली के लिए जाने जाते हैं|

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गीत - आदोना बन्नी पारंपरिक लोकगीत

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हमारे यहाँ बहुत से गीत चंचल और आनंदायक होते हैं| आइए, हम कन्नड़ में एक ऐसा गीत सीखें, जो श्रोताओं को आने, नृत्य करने और आनंद लेने के लिए आमंत्रित करता है
गीत का लिंक - http://tinyurl.com/Aadona-Banni आदोना बन्नी कन्ना मुच्चाले
थूगोना बन्नी उय्यले
जीवनावोंदु नाटक शाले
नावेल्ला कुनियुवा नार्थना शाले
उय्याले, चम्पाले
आदोना बन्नी...
सुत्थलु चेल्लिडे रंगु रंगोले
सुत्थलु चेल्लिडे रंगु रंगोले
बालुकुथा बरुवालु वनमाले
भाराडिंडा बंदू पचेया शाले
तोगादि करेदावु तेंगिना साले
उय्याले, चम्पाले
आदोना बन्नी...
हक्कीगालिनचारा कारियोले
हक्कीगालिनचारा कारियोले
कुनियुथा बरुवालु नववले
इम्पु इम्पीना गम्पु कोगिले
कम्पानु हाराडुवा हुगाला माले
उय्याले, चम्पाले
आदोना बन्नी...
उय्याले चम्पाले
चम्पाले, उय्याले
यह गीत समूह में गाए जाने पर और अधिक आनंददायक लगता है|

आकलन - अध्याय 9- गाओ और बजाओ
दक्षताएँ सीखने के प्रतिफल शिक्षक स्वयं
C-1.1 सुर और लय में बिना रुके गाना गाने में सक्षम होते हैं |
C-1.2 लाइव संगीत या 'कराओके' के साथ एक समूह में गाना गा सकते हैं |
C-1.1 स्वर प्रशिक्षण, सरगम और श्वाँस का अभ्यास कर सकते हैं |
C-1.1 कक्षा में उत्साहपूर्वक भाग लेते हैं |

विद्यार्थियों की क्षमताओं पर शिक्षकों की प्रतिक्रिया ...............
विकास-क्षेत्रों पर शिक्षकों की प्रतिक्रिया....................................
कोई अन्य अवलोकन..................................