6. स्वस्थ रहो, प्रसन्न रहो
हम सभी अलग-अलग समय पर और अलग-अलग कारणों से प्रसन्नता का अनुभव करते हैं। आप प्रसन्नता का अनुभव कब करते हैं? नीचे दिए गए गोलों में अपने उत्तर लिखिए।
मैं कब प्रसन्न होता हूँ?
हम विभिन्न अवसरों पर प्रसन्न होते हैं, जैसे तब जब हम अपनी पसंद का भोजन करते हैं। हमें विभिन्न अनाज, दालों, सब्जियों आदि से बने खाद्य पदार्थ खाना अच्छा लगता है।
गतिविधि 1
नीचे दिए गए व्यंजनों को उन्हें बनाने के लिए उपयोग की गई खाद्य सामग्रियों से मिलाइए -
| व्यंजन | खाद्य सामग्री | व्यंजन |
|---|---|---|
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अनाज की यात्रा
यह जानना रोचक है कि प्रत्येक खाद्य पदार्थ हम तक कैसे पहुँचता है। आइए, हमारे भोजन के अंग चावल या गेहूँ (अनाज) के दानों की यात्रा को देखें। नीचे दिए गए चित्र इस यात्रा को दर्शाते हैं।

अनाज खेत से हमारी थाली तक पहुँचने में एक लंबी यात्रा करता है। अनेक व्यक्तियों (किसानों, दुकानदारों आदि) और पालतू पशुओं के श्रम से यह यात्रा हमारे लिए संभव हो पाती है। इस प्रक्रिया में पानी, मिट्टी और धूप की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
गतिविधि 2
पिछले पृष्ठ पर दिए गए अनाज की यात्रा से संबंधित चित्रों को ध्यान से देखिए और निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए -
- उन तत्वों पर सही (√) का चिह्न लगाइए जो अनाज की यात्रा में सहायता करते हैं -
| मिट्टी | पत्थर | हवा | लकड़ी | पानी | बाघ |
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| किसान | केंचुए | पहा डियाँ | आग | कीट | चम गादड़ |
- इस प्रक्रिया में किसानों की क्या भूमिका है?
- उन सहायक तत्वों की सूची बनाइए जो ऊपर दी गई तालिका में सम्मिलित नहीं है।
.......................................
.......................................
.......................................
.......................................
लिखिए
बीज रोपने से लेकर भोजन की थाली में पहुँचने तक की अनाज की यह यात्रा अद्भुत होती है। क्या आप इस यात्रा में सम्मिलित विभिन्न तत्वों की भूमिकाओं को सूचीबद्ध कर सकते हैं'-
- मिट्टी : ...............................
- पानी : ...............................
- किसान : ............................
- पशु : .................................
- दुकानदार : .........................
- परिवार के सदस्य : ...............
- अन्य कोई : .........................
शिक्षण संकेत
कक्षा में भोजन संबंधी चर्चा को प्रोत्साहित करें ताकि बच्चे भोजन-उत्पादन की पूरी प्रक्रिया और
इसमें लगे परिश्रम का महत्व समझ सकें।
गतिविधि 3
सभी का धन्यवाद!
आप जो भोजन करते हैं, उसके लिए आप किस-किसको धन्यवाद देना चाहेंगे? कृपया नीचे दिए गए रिक्त स्थानों पर अपने उत्तर लिखिए।
जब हम अनाज के भोजन की थाली तक पहुँचने की यात्रा में योगदान देने वाले सभी व्यक्तियों को प्रेम और आभार के साथ याद करते हैं तो हमें हर दाने का महत्व समझ आता है और हमें भोजन के स्वाद का और अधिक आनंद आता है।
ध्यानपूर्वक भोजन करना
एक दिन शिक्षिका ने अपने विद्यार्थियों से घेरा बनाकर बैठने और अपनी आँखें बंद करने को कहा। इसके बाद शिक्षिका ने प्रत्येक विद्यार्थी की हथेली पर एक-एक दाना रखा। प्रत्येक विद्यार्थी ने अपनी हथेली पर रखी वस्तु का अनुभव किया। कुछ विद्यार्थियों ने तत्काल उस वस्तु को पहचान लिया और समझ गए कि यह मूँगफली है।
विद्यार्थियों ने अपनी आँखें बंद रखते हुए ही शिक्षक के इन निर्देशों का ध्यानपूर्वक पालन किया -
- खाद्य/भोज्य वस्तु को धीरे से मुँह में डालिए।
- जीभ और मुँह के द्वारा भोजन की सतह को महसूस कीजिए।
- इसे अपने दाँतों से धीरे-धीरे चबाइए।
- अपनी जीभ, नाक और अन्य इंद्रियों का उपयोग करके स्वाद एवं सुगंध का अनुभव कीजिए।
- चबाते समय स्वाद को याद रखिए।
- निगलने से पहले भोजन की प्रकृति को याद रखिए।
चर्चा कीजिए
- इस प्रक्रिया में आपकी जीभ की क्या भूमिका है?
- भोजन के साथ आपके दाँत क्या करते हैं?
- इस प्रक्रिया के दौरान आपके मुँह के अंदर भोजन का क्या होता है?
ध्यानपूर्वक भोजन करने से तात्पर्य है कि हम इस बात पर ध्यान दें कि हम क्या खाते हैं और खाते समय कैसा अनुभव करते हैं। जब हम धीरे-धीरे खाते हैं और प्रत्येक ग्रास पर ध्यान केंद्रित करते हैं तो हम अपने भोजन का और अधिक आनंद ले सकते हैं। यह हमारे पास उपलब्ध भोजन को समझने एवं स्वस्थ विकल्प का चयन करने में हमारी सहायता करता है। अतः अगली बार जब आप भोजन करें तो आप जो खाते हैं, उस पर ध्यान केंद्रित करने का प्रयास करें तथा अपने भोजन को अच्छी तरह चबाएँ और प्रत्येक ग्रास का पूरा आनंद लें।
शिक्षण संकेत
शिक्षक, कक्षा में मूँगफली अथवा स्थानीय रूप से उपलब्ध खाद्य पदार्थों का उपयोग करके ध्यानपूर्वक भोजन करने का अभ्यास करा सकते हैं। इससे विद्यार्थी ध्यानपूर्वक भोजन करने की प्रक्रिया का अनुभव कर सकेंगे और उसका आनंद ले सकेंगे।
भोजन को महत्व देना
अन्न के प्रत्येक दाने का महत्व होता है। क्या आप अपनी थाली में परोसे गए खाने के प्रत्येक दाने को खाते हैं? जब हम खाना व्यर्थ करते हैं तो हम उन सभी व्यक्तियों के परिश्रम के प्रति असम्मान दिखाते हैं, जिनके कारण हमें भोजन प्राप्त हुआ है।
अपने एक सप्ताह के सुबह, दोपहर और रात के भोजन को अभिलेखित कीजिए।
गतिविधि 4
प्रत्येक भोजन के बाद नीचे दी गई तालिका में प्रविष्टि भरिए। यदि आपने अपनी थाली का पूरा खाना खा लिया है, तो 'हाँ' लिखिए और एक प्रसन्न मुद्रा संकेत बनाइए। यदि आपने कुछ खाना छोड़ दिया है, तो 'नहीं' लिखिए और एक दुखित मुद्रा संकेत बनाइए।
| दिन | सुबह का भो-जन | दोप-हर का भो-जन | रात का भो-जन | क्या आपने पूरा भो-जन कर लिया? | क्या आपने भो-जन व्यर्थ किया? | आप को कैसी अनु-भूति हुई? |
| 1. | ||||||
| 2. | ||||||
| 3. | ||||||
| 4. | ||||||
| 5. | ||||||
| 6. | ||||||
| 7. |
लिखिए
आप क्या करेंगे -
- यदि कोई आपको आवश्यकता से अधिक भोजन परोसे?
- यदि आपको अपनी थाली में रखा हुआ कोई खाद्य पदार्थ पसंद नहीं है?
....................................
....................................
लिखिए
खेल का आनंद
नीचे दिए गए चित्र को देखिए और बच्चों द्वारा की जा रही गतिविधियों की पहचान कीजिए।
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..........................................
..........................................
चर्चा कीजिए
- आप अपने दैनिक जीवन में कौन-सी शारीरिक गतिविधियाँ करते हैं?
- उस दिन आपको कैसा अनुभव होता है, जब आप बहुत अधिक खेलते हैं?
पता कीजिए
क्या आप नीचे दिए गए चित्रों में दर्शाए गए खेलों के नाम बता सकते हैं?
गतिविधि 5
अपने शिक्षक के मार्गदर्शन में नीचे दिए गए सरल योगासनों का एक सप्ताह तक अभ्यास कीजिए और अपने अवलोकनों को लिखिए।
हमें स्वस्थ रहने के लिए अच्छे खान-पान के साथ-साथ नियमित रूप से व्यायाम करने की भी आवश्यकता होती है। मित्रों के साथ खुले मैदान में खेलना, दौड़ना, कूदना, साइकिल चलाना और रस्सी कूदना जैसी नियमित शारीरिक गतिविधियाँ हमें सुदृढ़, सक्रिय एवं ऊर्जावान बनाए रखने के लिए अनिवार्य हैं। इसी प्रकार योग जैसी अन्य शारीरिक गतिविधियाँ हमारे अंग-विन्यास को सुधारती हैं और हमें प्रसन्न और सक्रिय रखती हैं।
आपकी 'शारीरिक शिक्षा एवं आरोग्य' पर आधारित पाठ्यपुस्तक खेल योग में अनेक रोचक व्यायाम और खेल उपलब्ध हैं।

अच्छी नींद भी लें!
किसी ऐसे दिन के विषय में सोचिए जब आपने भरपूर व्यायाम किया हो और जी भर कर खेला हो। आपको क्या लगता है कि यदि आप उसके बाद ठीक से न सोएँ तो क्या होगा?
गतिविधि 6
नीचे दी गई तालिका को पूरा कीजिए -
| दिन | आप कब सोए? | आप कब उठे? | नींद की अवधि | आपको दिनभर कैसा अनुभव हुआ? (क, ख, ग) |
|---|---|---|---|---|
| कल | ||||
| परसों | ||||
| उसके पहले |
(क) तरोताजा लगा (ख) आलस आया (ग) नींद महसूस हुई
चर्चा कीजिए
- आपके अनुसार हमारे शरीर को आराम की आवश्यकता क्यों होती है?
- क्या आपको लगता है कि व्यायाम और खेल के एक व्यस्त दिन के बाद आराम करना महत्वपूर्ण है? क्यों?
हमारे शरीर को हर दिन पर्याप्त नींद की आवश्यकता होती है। अच्छी नींद हमारी थकान दूर करती है और हमें तरोताजा महसूस कराती है। जब हम पर्याप्त नींद नहीं लेते हैं तो हमारे लिए काम करना अथवा खेल पर ध्यान केंद्रित करना कठिन हो जाता है। हम थकावट, नींद और चिड़चिड़ापन महसूस करते हैं। अतः पर्याप्त नींद लेना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि स्वस्थ भोजन करना और व्यायाम करना।
सुरक्षा का अनुभव
हम पहले ही स्वस्थ और प्रसन्न रहने के विभिन्न प्रकारों की चर्चा कर चुके हैं। यद्यपि ऐसे अवसर भी हो सकते हैं, जब कोई व्यक्ति दुखी, असुरक्षित या असहज महसूस करता है।
गतिविधि 7
नीचे दी गई अलग-अलग स्थितियों के चित्रों को देखिए। जिस स्थिति में बच्चा सहज महसूस करेगा, उसके लिए सही (√) का चिह्न लगाएँ और जिस स्थिति में बच्चा असहज महसूस करेगा, उसके लिए गलत (X) का चिह्न लगाएँ।
सुरक्षित स्पर्श और असुरक्षित स्पर्श के मध्य अंतर जानना महत्वपूर्ण है। सुरक्षित स्पर्श आपकी माँ या परिवार के किसी अन्य सदस्य से मिलने वाले आरामदायक स्नेहिल भाव का होता है, जो आपको प्रसन्न, सहज एवं सुरक्षित महसूस कराता है।
आपके परिचित अथवा अपरिचित, किसी भी व्यक्ति के द्वारा किया गया ऐसा स्पर्श जिससे आप असहज, डरा हुआ, भ्रमित, असुरक्षित अथवा असुविधाजनक महसूस करते हैं, वह असुरक्षित स्पर्श होता है।
लिखिए
- यदि किसी के स्पर्श से आपको असहजता का अनुभव हो, तो आप क्या करेंगे?
........................................... - यदि आप किसी असुरक्षित स्थिति का सामना करते हैं, तो आप किसे बताएँगे?
........................................... - ऐसी दो परिस्थितियाँ बताइए जहाँ आप दृढ़ता से 'नहीं' कहेंगे।
...........................................
यदि आप कभी भी असुरक्षित अनुभव करें तो बोलिए! याद रखिए, यदि कभी भी कोई आपको असहजता का अनुभव कराता है, तो उसका विरोध करना और अपने शिक्षक अथवा माता-पिता जैसे किसी विश्वसनीय वयस्क व्यक्ति को इस बारे में बताना ठीक होता है। आपको असहज होने या किसी प्रकार से अपराध भाव (अपनी गलती) का अनुभव करने की कोई आवश्यकता नहीं है। इसमें आपकी कहीं कोई गलती नहीं है।
प्रसन्न और स्वस्थ जीवन के लिए उचित समय पर उचित भोजन करना अनिवार्य है। साथ ही शारीरिक गतिविधियाँ करना, आराम करना और शांतचित्त रहना भी उतना ही आवश्यक है। यदि हम अपने शरीर और मन का ख्याल रखें, तो हम प्रसन्न, स्वस्थ और आनंदित रह सकते हैं।
आइए विचार करें
- यदि निम्नलिखित लुप्त हो जाएँ, तो खाद्यान्न का क्या होगा?
- अपनी पसंद के खाद्य पदार्थों से अपनी रुचि के अनुसार संतुलित आहार की एक थाली तैयार कीजिए। (याद रखिए कि हमें भोजन व्यर्थ नहीं करना चाहिए।)
सुबह के भोजन की थाली दोपहर के भोजन की थाली रात के भोजन की थाली - आपको 'ध्यानपूर्वक भोजन' के दौरान कौन-सी गतिविधियाँ पसंद आईं?
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.......................................... - आप अपने शरीर को सुदृढ़ कैसे रख सकते हैं? उन व्यायामों और खेलों के नाम लिखिए जिनका आप अभ्यास करेंगे -
- आप दैनिक रूप से कौन-सी आदतें अपनाना चाहेंगे? अपनी योजना को निम्नांकित तालिका में भरिए -
गतिविधि आपकी योजना प्रातः जल्दी उठना योग और व्यायाम करना समय पर संतुलित आहार लेना शारीरिक गतिविधियाँ करना और खेलना टीवी और मोबाइल का कम उपयोग करना पुस्तक पढ़ना शांतिपूर्वक सोना
तत्व
पानी: ...............................
सूर्य का प्रकाश: .................
केंचुआ : ...........................
दुकानदार: .......................
रसोइया: ..........................
व्यायाम : .............................
खेल : .................................













