8. वस्तुओं का निर्माण
कक्षा 3 में हमने पढ़ा था कि हमारे आस-पास की वस्तुएँ भिन्न-भिन्न सामग्रियों से बनी होती हैं। क्या आप यह जानना चाहते हैं कि इन वस्तुओं का निर्माण कैसे होता है? उदाहरण के लिए, आइए पीहू के साथ जानें कि कागज कैसे बनता है!
रविवार का दिन था और पीहू अपनी कला पुस्तिका में चित्र बनाने में व्यस्त थी। उसकी माँ समाचार पत्र पढ़ रही थीं। जब पीहू ने ऊपर देखा तो उसे समाचार पत्र के पहले पृष्ठ पर वृक्षों के कुछ चित्र दिखाई दिए।
गतिविधि 1
पुराने कागजों से नया कागज बनाना
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कुछ सामग्रियाँ एकत्रित कीजिए, जैसे- पुराने समाचार पत्र, मेथी के कुछ बीज और पानी।
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कागज की लुगदी तैयार कीजिए। इसके लिए समाचार पत्रों को छोटे-छोटे टुकड़ों में फाड़कर पानी में भिगो दीजिए। इनमें थोड़ी मात्रा में मेथी के बीज डालकर रातभर भीगने के लिए छोड़ दीजिए। मेथी के बीज को बंधनकारी सामग्री के रूप में उपयोग किया जाता है।
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पीसने की मशीन (ग्राइंडर) की सहायता से भीगे हुए कागजों और मेथी के बीजों को पीसकर गीला मिश्रण तैयार कीजिए। भीगे हुए कागजों को हाथों या किसी दूसरे उपलब्ध उपकरण से भी कुचला जा सकता है। पीसने के लिए आप सिलबट्टे का उपयोग भी कर सकते हैं।
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बिलकर फैलाइए - गीले मिश्रण को समतल सतह पर फैलाइए और बेलकर इसके पतले पत्रक बनाइए।
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बेलकर बनाए गए कागज के पतले पत्रक को सूखने के लिए छोड़ दीजिए। आपके पुराने कागजों से बना हुआ नया कागज उपयोग के लिए तैयार है!
गतिविधि 2
आपने जो कागज बनाए हैं, उनमें रंग भरिए और फिर उनका उपयोग करके विभिन्न आकृतियाँ (डिजाइन) बनाइए।
प्राकृतिक रंगों का प्रयोग
पुराने कागजों से बनाए कागज को एक ही आकार के टुकड़ों में काट लीजिए। नीचे दी गई तालिका में बताई गई प्राकृतिक सामग्रियों का उपयोग करके उन्हें विभिन्न रंगों मे रंग लीजिए। आप किसी अन्य प्राकृतिक सामग्री का भी उपयोग कर सकते हैं। सुनिश्चित कीजिए कि कागज के प्रत्येक टुकड़े को रंगने के लिए उपयोग की जाने वाली सामग्री की मात्रा समान हो। नीचे दी गई तालिका में अपने अवलोकन लिखिए।
| उपयोग की गई प्राकृतिक सामग्री | बनाए गए कागज की एक नमूना प्रति (यहाँ चिपकाइए) | रंग और चमक (धुँधला/चमकदार) |
|---|---|---|
| हल्दी | पीला, फीका/धुंधला | |
| पालक | ||
| चुकंदर | ||
| मेंहदी |
कागज को प्राकृतिक रंगों और कृत्रिम रंगों से भी रंगा जा सकता है। प्राकृतिक रंग पौधे के विभिन्न भागों, जैसे- पत्ती, फूल, जड़, बीज, तने आदि से बनाए जाते हैं। इस प्रकार उत्पादित प्राकृतिक रंग उपयोग के लिए सुरक्षित होते हैं। इनका उपयोग कपड़ों और पात्रों जैसी विभिन्न सामग्रियों को रंगने के लिए भी किया जाता है।
एक विशेष उपहार
पीहू ने अपनी माँ को एक सुंदर अभिनंदन पत्र (ग्रीटिंग कार्ड) बनाकर उपहार में दिया।
पीहू : माँ, मुझे पुराने कागजों से नया कागज बनाना सिखाने के लिए धन्यवाद! इस कागज से मैंने एक अभिनंदन पत्र बनाया है।
माँ :अरे वाह, पीहू! यह बहुत प्यारा है! यह मेरे लिए एक विशेष उपहार है।
गतिविधि 3
पुनर्चक्रित कागज से अभिनंदन पत्र, कागज का मुखौटा या ऐसी ही कोई अन्य वस्तु बनाइए।
शिक्षण संकेत
विद्यार्थियों का एक ही आकार के कागज के टुकड़ों तथा प्राकृतिक सामग्रियों का समान मात्रा में उपयोग करने के लिए मार्गदर्शन कीजिए। उन्हें प्राकृतिक सामग्रियों का उपयोग करके रंग बनाने के लिए और कागज के विभिन्न उपयोगों के विषय में रचनात्मक रूप से सोचने के लिए भी प्रोत्साहित कीजिए।
अब आप जानते हैं कि पुनर्चक्रित कागज कैसे बनाया जाता है। पुस्तकों में हम जो कागज देखते हैं, वह पुनर्चक्रित कागज से भिन्न दिखाई पड़ता है, क्योंकि यह लकड़ी की लुगदी से बनाया जाता हैं। कागज तैयार करने के लिए बड़ी संख्या में पेड़ों को काटा जाता है।
इस कागज को तैयार करने के चरण पुनर्चक्रित कागज को बनाने के चरणों के समान ही हैं। कागज बनाने के लिए बहुत सारे पेड़ों, बहुत सारे पानी तथा बहुत-सी ऊर्जा की आवश्यकता होती है। कागज और अन्य सामग्रियों का सदुपयोग करना हमारा दायित्व है। (केवल आवश्यकता पड़ने पर ही इनका उपयोग करें।)
क्या आप जानते हैं?
पहले के समय में लोग कागज के स्थान पर विभिन्न अन्य वस्तुओं का उपयोग करते थे। वे लिखने के लिए कपड़ों, पत्तों और लकड़ी के तख्तों का उपयोग करते थे। भारत में लोग ताड़ के पत्तों का भी उपयोग करते थे, जिन्हें ताड़पत्र कहा जाता है।कागज बनाने के लिए केले के रेशे जैसी पर्यावरण-अनुकूल सामग्री का भी उपयोग किया जा सकता है! ये विकल्प वृक्षों को बचाते हैं और हमारे पर्यावरण की रक्षा करते हैं।
चर्चा कीजिए
- क्या आपको लगता है कि हम कागजों को व्यर्थ में नष्ट करते हैं?
- हम कागज के अपव्यय को कैसे कम कर सकते हैं?
शिक्षण संकेत
यदि संभव हो तो शिक्षक विद्यार्थियों को पास की कोई कागज मिल दिखाने के लिए ले जा सकते हैं।
गतिविधि 4
कागज के विभिन्न प्रकार और उनके उपयोग
हम अपने दैनिक जीवन में विभिन्न प्रकार के कागजों का उपयोग करते हैं, जैसे कि लेखन पत्र, समाचार पत्र, कला पत्र (आर्ट पेपर), गत्ता (कार्डबोर्ड) और टिश्यू पेपर। नीचे दिए गए स्थानों पर विभिन्न प्रकार के कागजों के छोटे टुकड़े चिपकाइए और उनका उपयोग लिखिए।
| कागज के प्रकार (यहाँ चिपकाइए) | उपयोग |
|---|---|
हम अलग-अलग प्रयोजनों के लिए भिन्न-भिन्न प्रकार के कागज का उपयोग करते हैं, उदाहरण के लिए टिश्यू पेपर का उपयोग स्वच्छता के लिए किया जाता है, क्योंकि यह बहत पतला व मुलायम होता है और तुरंत पानी सोख लेता है।
वहीं, गत्ता मोटा और सख्त होता है। अतः इसका प्रयोग विभिन्न वस्तुओं को रखने के लिए बक्से बनाने में किया जाता है।
क्या आप जानते हैं?
ब्रेल प्रणाली दृष्टिबाधित लोगों को ब्रेल पेपर पर छोटे-छोटे उभारों से बने विभिन्न पैटर्न को महसूस करके पढ़ने और लिखने में सहायता करती है। ये पैटर्न भिन्न-भिन्न संख्याओं, अक्षरों और विराम चिह्नों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
समझदारी से चुनाव करना
अपने दैनिक जीवन में हम कचरे को कम करने के लिए पाँच चरणीय योजना का पालन कर सकते हैं। इन्हें कचरा प्रबंधन के पाँच करणीय कार्य (5R) कहा जाता है।
ये पाँच करणीय कार्य (5R) हैं --
अस्वीकार करना (Refuse) -ऐसी वस्तुओं का उपयोग करने से मना करना
जो कचरा उत्पन्न करती हैं। उदाहरण के लिए, एक ही बार उपयोग किए जा सकने वाली कागज की कटोरियाँ के उपयोग के लिए 'ना' कहना।
कम करना (Reduce) - वस्तुओं का सावधानीपूर्वक उपयोग करना ताकि हम जो कचरा उत्पन्न करते हैं, उसे कम कर सकें। उदाहरण के लिए, नोट्स बनाने या लिखने में कागज के दोनों तरफ का उपयोग करना।
पुनः उपयोग (Reuse) – किसी वस्तु को फेंकने से पहले उसे अनेक बार उपयोग में लाना। उदाहरण के लिए, किसी उपहार बैग को फेंकने के बजाय किसी अन्य अवसर पर फिर से उपयोग में लाना।
पुनः प्रयोजन (Repurpose) - किसी वस्तु का नए और नवाचारी ढंग से उपयोग करना। उदाहरण के लिए, पुराने समाचार पत्रों का उपयोग करके खिलौने या सजावटी सामान बनाना।
पुनर्चक्रण (Recycle) – पुनर्चक्रण एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें कुछ चरणों का अनुपालन कर किसी पुरानी वस्तु को एक नई वस्तु में बदला जा सकता है। उदाहरण के लिए, पुराने समाचार पत्रों को पुनर्चक्रित करके हस्तनिर्मित कागज बनाया जा सकता है।
आइए, इन पाँच करणीय कार्यों (5R) के विषय में थोड़ा और जानें।
शिक्षण संकेत
शिक्षक, विद्यार्थियों को गतिविधियों हेतु प्रयुक्त कागज या कागज के छोटे टुकड़े लाने के लिए मार्गदर्शित कर सकते हैं।
गतिविधि 5
अपने सहपाठियों के साथ निम्नलिखित स्थितियों पर चर्चा कीजिए और लिखिए कि ये पाँच करणीय कार्यों में से किससे संबंधित हैं -
| उदाहरण | अपशिष्ट प्रबंधन के पाँच करणीय कार्य (5R) |
|---|---|
| एक परिवार किराने की दुकान पर प्लास्टिक के थैलों के स्थान पर अपने स्वयं के कपड़े के थैले लाता है। | पुनः उपयोग |
| माया, नारियल पानी पीने के लिए प्लास्टिक की स्ट्रॉ का उपयोग नहीं करती है। | |
| कागज का अपव्यय रोकने के लिए रोहन अपनी पुरानी लेखन-पुस्तिका के खाली पृष्ठों का उपयोग करता है। | |
| सारा अपनी पुरानी पुस्तकें छोटी कक्षा के विद्यार्थियों को उपयोग के लिए देती है। | |
| कबीर एक पुरानी बोतल का उपयोग फूलदान के रूप में करने के लिए उसे चित्रित करता है। | |
| प्रिया अपनी पुस्तकें ले जाने के लिए पुराने कपड़े काटकर उनसे एक थैला बनाती है। | |
| एक दुकानदार पुराने समाचार पत्रों को कागज के थैलों में बदल देता है। |
अपने जीवन में ये छोटे-छोटे परिवर्तन करके हम अपने पर्यावरण को संभाल सकते हैं, अपने संसाधनों को बचा सकते हैं और अपशिष्ट उत्पादों से होने वाले प्रदूषण को भी कम कर सकते हैं।
आइए, कागज से कछ रचनात्मक कार्य करें
पुराने कागजों से कई वस्तुएँ बनाई जा सकती हैं। यहाँ पुराने समाचार पत्रों का प्रयोग करके खिलौने और सजावट की वस्तुएँ बनाने के कुछ रचनात्मक विचार दिए गए हैं।
आइए विचार करें
- कागज की लुगदी का उपयोग करके आप कौन-सी वस्तुएँ बना सकते हैं? अपने शिक्षकों और बड़ों से इस संबंध में और सझाव माँगिए।
- अपशिष्ट प्रबंधन के पाँच करणीय कार्यों (5R) में से प्रत्येक के लिए आप जो एक कदम उठा सकते हैं, उसे उसके सामने दिए गए रिक्त स्थान में लिखिए।
- कागज के अपव्यय से बचने के लिए पाँच करणीय कार्यों के नियम का उपयोग करके आप अपने दैनिक जीवन में क्या परिवर्तन ला सकते हैं, चर्चा कीजिए। इन परिवर्तनों को लाने के लिए अपने विचारों को व्यक्त करते हुए तालिका पूरी कीजिए।
| अस्वीकार करना | |
| कम करना | |
| पुनः उपयोग | |
| पुनः प्रयोजन | |
| पुनर्चक्रण |
