9. जैसा देश, वैसा भेष
इकाई 5
हमारा पर्यावरण
इकाई के विषय में
यह इकाई विद्यार्थियों को विभिन्न भू-रूपों, जीवन-शैलियों और उनके चारों ओर की व्यापक गतिविधियों की विस्तृत श्रृंखला से परिचित करवाती है। यह आकाश व इसमें सम्मिलित सूर्य, चंद्रमा और तारों का भी परिचय करवाती है।
हम जिस धरती पर चलते हैं, उससे लेकर विशाल आकाश तक हमारे चारों ओर का संसार चमत्कारों से भरा हुआ है। 'हमारा पर्यावरण' इकाई विद्यार्थियों को प्रकृति एवं दैनिक जीवन के बीच गहरे संबंधों का अन्वेषण करने के लिए आमंत्रित करती है। विभिन्न भू-रूपों, जैसे-मैदानों, रेगिस्तानों, तटीय क्षेत्रों और पर्वतों के अनुभव विद्यार्थियों को यह जानने में सहायता करते हैं कि कैसे इन क्षेत्रों की प्राकृतिक व्यवस्था उनके खाने-पीने, पहनने और उत्सव मनाने की विधियों को प्रभावित करती है। विद्यार्थी इन क्षेत्रों में पाए जाने वाले विशिष्ट पेड़-पौधों और जीव-जंतुओं का भी अन्वेषण करेंगे, जिससे वे अच्छी तरह यह समझ सकें कि प्रकृति एवं संस्कृति कैसे परस्पर जुड़ी हुई हैं।
वे आकाश में सूर्य, चंद्रमा और तारों पर भी दृष्टि डालेंगे और इनसे संबंधित सांस्कृतिक प्रथाओं का अध्ययन करेंगे। अवलोकनों, प्रयोगात्मक गतिविधियों और रचनात्मक अभिव्यक्तियों के माध्यम से विद्यार्थी अपनी रचनात्मक और विश्लेषणात्मक क्षमताओं को समृद्ध करेंगे। वे प्राकृतिक जगत और उन समाजों के प्रति गहरा जुड़ाव भी विकसित करेंगे जिसके वे अंग हैं।
शिक्षकों के लिए
इस इकाई में अध्याय 9- 'जैसा देश, वैसा भेष' तथा अध्याय 10 - 'हमारा आकाश' सम्मिलित हैं। इन अध्यायों में प्रस्तुत प्रमुख अवधारणाएँ निम्नलिखित हैं --
अध्याय 9
- 'जैसा देश, वैसा भेष' अध्याय विद्यार्थियों को मैदानों, रेगिस्तानों, तटीय क्षेत्रों और पर्वतों के विविध भू-रूपों की सुंदरता का अनुभव कराते हुए उनकी विशेषताओं को जानने में सहायता करता है। यह अध्याय विद्यार्थियों को यह समझने में सहायता करेगा कि ये भौगोलिक स्वरूप लोगों के जीवन के विभिन्न पहलुओं, जैसे- भोजन, वस्त्र, आवास और उत्सवों आदि को कैसे प्रभावित करते हैं। विद्यार्थी इन क्षेत्रों में उपलब्ध विशिष्ट पेड़-पौधों और जीव-जंतुओं का अन्वेषण करेंगे और अपने स्थानीय परिवेश से जुड़ते हुए प्रकृति के साथ अपने सामाजिक-सांस्कृतिक संबंध को गहरा करेंगे।
अध्याय 10
- हमारा आकाश' अध्याय विद्यार्थियों में आकाश और उसमें विद्यमान खगोलीय पिंडों, जैसे- सूर्य, चंद्रमा, ग्रहों एवं तारों के प्रति जिज्ञासा जागृत करता है। अवलोकन एवं गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थी इनका अन्वेषण करने और इनसे संबंधित सांस्कृतिक प्रथाओं तथा पर्वों को जानने में सक्षम होंगे। वे दिन के विभिन्न समय पर बनने वाली छायाओं (परछाइयों) का भी अवलोकन करेंगे और उनकी लंबाई में होने वाले परिवर्तनों के कारण को भी समझ पाएँगे।
सुगमकर्ता के रूप में शिक्षक -
- विद्यार्थियों को कक्षा में अपने यात्रा अनुभवों को साझा करने के लिए प्रोत्साहित करें। उन्हें अपने यात्रा-स्थलों से सामग्री एकत्र करके अनूठी सजावटी वस्तुएँ बनाने के लिए प्रेरित करें। टॉर्च की सहायता से छायाओं का अन्वेषण करने की क्रियात्मक गतिविधियों में विद्यार्थियों की सहायता करें।
- विद्यार्थियों को कुछ दिनों तक चंद्रमा का निरीक्षण कर उसके आकार में आने वाले परिवर्तनों का चित्र बनाने को कहें उन्हें रात में दिखने वाले तारों के पैटर्न बनाने के लिए भी प्रेरित करें।
- विद्यार्थियों के लिए तारों को देखने का एक सत्र आयोजित करें अथवा उन्हें तारामंडल की यात्रा पर ले जाएँ ताकि विद्यार्थियों में खगोलीय पैटर्न का बोध और अधिक स्पष्ट हो सके।
9. जैसा देश, वैसा भेष
अवकाश के पश्चात विद्यालय में आगमन
कक्षा में विद्यार्थियों में बहुत उत्साह था, क्योंकि वे आपस में अपने अवकाश के विषय में बातें कर रहे थे। मेजें रंग-बिरंगे चित्रों से और उन स्थानों से लाई गईं वस्तुओं से भरी थी, जहाँ विद्यार्थी घूमने गए थे। शिक्षक ने उनसे अपने-अपने अनुभव साझा करने को कहा।
चाँदनी ने ओडिशा के एक समुद्र तट की अपनी यात्रा के बारे में बताया। ऋतिका ने राजस्थान के रेगिस्तान के अपने अनुभवों को साझा किया, जबकि गुरप्रीत ने पंजाब के अमृतसर में अपने दादा-दादी के घर की यात्रा की कहानियाँ सुनाईं। अंत में नयन ने अपनी दैनंदिनी से पढ़कर सिक्किम के भव्य पर्वतों की यात्रा का अपना वर्णन सुनाया।
गतिविधि 1
आपने भी संभवतः अवकाश के दौरान कुछ स्थानों की यात्रा की होगी। उन स्थानों के नाम और वहाँ की कोई विशेषता लिखिए। अपने कुछ मित्रों से पूछिए कि वे कहाँ घूमने गए थे और नीचे दी गई तालिका में भरिए -
| मित्र का नाम | स्थान का नाम | क्षेत्र का प्रकार (पर्वत, मैदान, तटीय क्षेत्र, रेगिस्तान आदि) | उस स्थान की विशेष बात |
|---|---|---|---|
| पर्वत | चीड़ के पेड़ | ||
| आपका नाम |
- आपको किस प्रकार के स्थान रोचक लगते हैं?
- आपने और आपके मित्रों ने जिन स्थानों की यात्रा की, उनमें क्या समानताएँ और भिन्नताएँ हैं?
शिक्षण संकेत
जो विद्यार्थी अवकाश में घर पर रहे हैं, उन्हें भी चर्चा में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें। उनसे अपने घर के आस-पास के स्थानों के विषय में अपने अनुभवों और वहाँ की संस्कृति, भोजन, गतिविधियों आदि के विषय में बताने को कहें।
खेत-खलिहानों के प्रदेश में, गुरप्रीत के साथ
ऊपर दिए गए चित्र को ध्यान से देखिए और अपने अवलोकनों को लिखिए -
- इस चित्र में आपको किस प्रकार की भूमि दिखाई दे रही है?
- लोग कौन-कौन से कार्य कर रहे हैं, सूची बनाइए।
- चित्र में आपको कौन-कौन से जंतु दिखाई दे रहे हैं?
- क्या आपने यहाँ के लोगों की वेशभूषा में कुछ विशेष बातें देखीं?
लिखिए
आपके क्षेत्र का सबसे लोकप्रिय भोजन क्या है? क्या आप इसे बनाने में उपयोग की जाने वाली मुख्य सामग्री के नाम बता सकते हैं?
खाद्य पदार्थ का नाम : .................................................
सामग्री : .................................................
स्वर्ण मंदिर को श्री हरमंदिर साहिब के नाम से भी जाना जाता है। यह सिक्खों के सबसे महत्वपूर्ण गुरुद्वारों में से एक है। गुरुद्वारे के ऊपर सोने की परत चढ़ी हुई है और इसके चारों ओर एक शांत सरोवर है। स्वर्ण मंदिर में लंगर सेवा (सामुदायिक रसोई सेवा) की जाती है, जिसमें सभी को निःशुल्क भोजन परोसा जाता है। यह विश्व के सबसे बड़े सामुदायिक सेवा कार्यों में से एक है। यहाँ लोग खाना पकाने, परोसने से लेकर बर्तन धोने तक के कार्य स्वेच्छा से करते हैं।
अनन्त रेत की धरती पर, ऋतिका के साथ
-
दिए गए चित्र को देखिए और अपने अवलोकन लिखिए -
- आपको किस प्रकार की भूमि दिखाई दे रही है?
- चित्र में आपको किस प्रकार के पौधे दिख रहे हैं? वे आपके क्षेत्र में दिखने वाले पौधों से किस प्रकार भिन्न हैं?
- क्या इस गाँव के लोगों की वेशभूषा में कुछ अनूठापन है?
- आपके विचार में रेगिस्तान मे लोग कैसे यात्रा करते होगे?
- आपको चित्र में सबसे अधिक पसंद क्या आया?
रेगिस्तान एक शुष्क स्थान है, जहाँ बहुत कम वर्षा होती है। इस क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के पौधे उगते हैं, जैसे-थोर (कैक्टस), खेजड़ी और बबूल आदि। ये पौधे बहुत कम पानी पर जीवित रह सकते हैं। कैक्टस जैसे कुछ पौधे अपने तनों में पानी जमा कर लेते हैं।
रेगिस्तान में ऊँट, छिपकली, जंगली बिल्ली, अजगर और चील जैसे पशु-पक्षी पाए जाते हैं। ऊँट को रेगिस्तान का जहाज कहा जाता है।
ऋतिका ने सभी को राजस्थान से लाई हुई रंग-बिरंगी चूड़ियाँ और बाँधनी दुपट्टा दिखाया। “महिलाएँ नृत्य करते समय इन्हें सुंदर घाघरों के साथ पहनती हैं। पुरुष रंग-बिरंगी पगड़ियाँ पहनते हैं और खरताल एवं सारंगी बजाते हैं।"
पता कीजिए
अपने परिवार के सदस्यों से अपने क्षेत्र के लोकगीतों और नृत्यों के बारे में पूछिए और उन्हें नीचे दी गई तालिका में लिखिए।
| नृत्य-शैली | लोकगीत |
|---|---|
जैसलमेर का किला
जैसलमेर का किला रेगिस्तानी किले का एक उदाहरण है। इसकी ऊँची और मोटी दीवारें सुनहरे रंग के बलुआ पत्थर से बनी हैं। यह किला इस क्षेत्र के सबसे अधिक जनसंख्या वाले किलों में से एक है। सत्यजीत रे ने अपनी फिल्म 'सोनार केला' में इस किले को व्यापक रूप से दिखाया है।
चर्चा कीजिए
आपके विचार से रेगिस्तान में पानी की कमी क्यों होती है?
समुद्र तट पर, चाँदनी के साथ
नीचे दिए गए चित्र को देखिए और अपने अवलोकन लिखिए -
- लोगों द्वारा की जा रही विभिन्न प्रकार की गतिविधियों की सूची बनाइए।
- समुद्र के आस-पास किस प्रकार के पेड़ पाए जाते हैं और वे रेगिस्तान और मैदानी क्षेत्रों में पाए जाने वाले पेड़ों से किस प्रकार भिन्न होते हैं?
- उन मनोरंजक गतिविधियों की सूची बनाइए जिन्हें आप समुद्र तट पर करना चाहेंगे।
- तटीय क्षेत्रों में लोगों द्वारा पहने जाने वाले परिधानों की क्या विशेषताएँ है?
चाँदनी की स्मृति पुस्तिका से एक पृष्ठ
तटीय क्षेत्रों में अनेक व्यक्ति अपनी आजीविका के लिए मछली पकड़ने पर निर्भर हैं। ओडिशा के लोग पारंपरिक व्यंजनों, जैसे- दालमा, पखाला, छेनापोड़ा, रसगुल्ला आदि का आनंद लेते हैं।
गतिविधि 2
आइए बनाएँ
किसी तटीय सामग्री का उपयोग करके कोई रोचक सजावटी वस्तु बनाइए, जैसे – फोटो-फ्रेम, हार, सजावटी पत्थर, छोटी टोकरी या रेत कला से सजा पात्र। इसमें अपनी रचनात्मकता से कुछ जोड़िए और उसे कक्षा में प्रदर्शित कीजिए। आप सजावटी वस्तुएँ बनाने के लिए स्थानीय रूप से उपलब्ध किसी अन्य सामग्री का उपयोग भी कर सकते हैं।
श्री जगन्नाथ मंदिर
पुरी में श्री जगन्नाथ मंदिर भारत के सबसे लोकप्रिय मंदिरों में से एक है। यह एक सुंदर नक्काशीदार मंदिर है जिसमें बहुत से विशाल द्वार हैं। पुरी शहर रथ-यात्रा के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ एक भव्य रथ-उत्सव होता है जिसमें हजारों लोग जगन्नाथ जी, सुभद्रा जी और बलभद्र जी के विशाल एवं रंगीन रथों को हर्षोल्लास के साथ खींचते हैं।
चर्चा कीजिए
- तटीय क्षेत्र के आस-पास का जीवन रेगिस्तान के जीवन से किस प्रकार भिन्न है, इस पर अपने अवलोकन लिखिए।
- हमारे समुद्र तटों को स्वच्छ रखना क्यों महत्वपूर्ण है?
गतिविधि 3
क्या आप इन जीवों की पहचान कर सकते हैं?
| समुद्री कछुआ | केकड़ा | डॉल्फिन |
| कोरल | समुद्री शैवाल | तारामछली |
चुनौतियों के साथ जीवन
तटीय क्षेत्रों में रहने वाले व्यक्तियों को अनेक प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। चाँदनी ने अपने मित्रों को बताया कि ओडिशा के तटीय इलाकों में प्रायः तीव्र हवाएँ चलती हैं और चक्रवात आते रहते हैं। इससे लोगों, जीव-जंतुओं और पेड़-पौधों के जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
क्या आप जानते हैं?
तटीय राज्यों में समय-समय पर चक्रवात आते रहते हैं। लोग चक्रवातों का अध्ययन करते हैं और जीवन तथा संसाधनों की रक्षा के लिए उपाय ढूंढ़ते हैं। हाल के वर्षों में ओडिशा सरकार ने चक्रवातों के दौरान लोगों को बचाने के लिए प्रारंभिक चेतावनी, अग्रिम तैयारी और प्रभावी प्रबंधन हेतु राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार जीते हैं।
चर्चा कीजिए
- चक्रवात के क्या प्रतिकूल प्रभाव हैं?
- समुदाय ऐसी परिस्थितियों के लिए उचित प्रकार से कैसे तैयार हो सकते हैं?
शिक्षण संकेत
विद्यार्थियों को चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों के चित्र दिखाइए और समझाइए कि चक्रवात किस प्रकार जीवन को प्रभावित करते हैं।
दिए गए चित्र को देखिए और अपने अवलोकन लिखिए -
- चित्र में आपको किस प्रकार के जंतु दिख रहे हैं?
- पहाड़ों में रहने वाले व्यक्तियों द्वारा पहने जाने वाले वस्त्र आपके क्षेत्र में पहने जाने वाले वस्त्रों से किस प्रकार भिन्न हैं?
- पहाड़ों में पाए जाने वाले वृक्षों का वर्णन कीजिए।
स्थान – गंगटोक
मौसम ठंडा था और हवा साफ एवं ताजगी भरी लग रही थी। हम गंगटोक में रुके, जहाँ स्थानीय लोग अच्छे और दयालु थे। कंचनजंगा पर्वत को देखने के लिए वे हमें एक जादुई स्थान पर ले गए। जब सूर्य के प्रकाश ने बर्फ से ढँकी चोटियों को सुनहरा कर दिया तो यह एक भव्य चित्रकारी की भाँति लग रहा था! वहाँ हमने सिक्किम के स्वादिष्ट भोजन, जैसे- गर्म थुकपा और मीठी व मुलायम सेल रोटी का भी आनंद लिया।
स्थानीय लोग बखू, दुमद्यम और गुन्यो चोलो जैसे खूबसूरत पारंपरिक परिधान पहनते हैं। मैंने याक की सवारी का भी आनंद लिया। पहाड़ों पर यात्रा के लिए सामान्यतः याक का उपयोग किया जाता है।
चित्रों में सिक्किम के पेड़-पौधों और जंतुओं की जीवंत विविधता, समृद्ध संस्कृति, विशिष्ट भोजन, पारंपरिक आवास, रंग-बिरंगे परिधान और 'लूसोंग व नाममूंग' के उल्लासपूर्ण पर्व को दर्शाया गया है। यहाँ ओक, चीड़, अखरोट और शाहबलूत जैसे पेड़ भी पाए जाते हैं।
चर्चा कीजिए
- पर्वतीय क्षेत्रों की ठंडी जलवायु लोगों के रहन-सहन और वेशभूषा को किस प्रकार प्रभावित करती है?
- आपके क्षेत्र में कौन-से पारंपरिक परिधान पहने जाते हैं? वे किस प्रकार स्थानीय जलवायु के अनुकूल हैं?
- आपके विचार से चीड़ और बांज (ओक) जैसे कुछ पेड़ पहाड़ों में अच्छी तरह से क्यों विकसित होते हैं?
- सिक्किम की ठंडी जलवायु में याक जैसे जंतु कैसे जीवित रहते हैं?
क्या आप जानते हैं?
'लूसोंग और नाममूंग' सिक्किम के सबसे महत्वपूर्ण पर्व है। ये उल्लासमय पर्व सिक्किम नववर्ष के आरंभ का प्रतीक हैं। यह किसानों के कठिन परिश्रम का उत्सव मनाने का अवसर है। लोग विभिन्न स्थानीय व्यंजनों, पारंपरिक खेलों और चाम नामक मुखौटा पहनकर नृत्य के साथ पर्व का आनंद लेते हैं।
चर्चा कीजिए
- आपके अनुसार सिक्किम में पारंपरिक घर लकड़ी से क्यों बनाए जाते हैं और उनकी छतें तिरछी क्यों होती हैं?
- क्या आपके घर में कोई ऐसी विशेषता है जो पहाड़ों के घरों जैसी है?
- वर्षा ऋतु में पहाड़ों पर भूस्खलन क्यों सामान्य है?
- आपके विचार में भूस्खलन के दौरान लोगों को सुरक्षित रखने के लिए क्या किया जा सकता है?
- समुदाय उन लोगों की सहायता के लिए क्या कर सकता है जो अपना घर खो देते हैं या प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित होते हैं?
मेरे भू-क्षेत्र का जीवन
नीचे दिए गए स्थान पर अपने आस-पास के भू-क्षेत्र का चित्र बनाइए। क्षेत्र का नाम, भू-क्षेत्र का प्रकार, वहाँ के लोगों की कुछ रोचक विशेषताएँ, उनके व्यवसाय, भोजन, आवास, पेड़-पौधों और जंतुओं के विषय में बताइए।
आइए विचार करें
- पेड़-पौधों, जंतुओं, आवासों, परिधानों, भोजनों, पर्वों और कला रूपों में अंतर को दर्शाकर पहाड़ों और मैदानों के जीवन की तुलना कीजिए।
| अंतर की श्रेणियाँ | मैदान | रेगि-स्तान | तटीय क्षेत्र | पहाड़ |
|---|---|---|---|---|
| पेड़-पौधे | ||||
| जंतु | छोटे फर वाली गायें और भैंसें | |||
| आवास | (ढलान दार छतों वाले लकड़ी के घर) | |||
| परिधान | ||||
| भोजन | ||||
| पर्व | ||||
| कला रूप |
- पहाड़ों, मैदानों, तटीय क्षेत्रों और रेगिस्तानों की अपनी प्रिय विशेषताओं को मिलाकर एक भू-क्षेत्र की आकृति का चित्र बनाइए।
- अपने भू-क्षेत्र के लिए आपने इन विशेषताओं को ही क्यों चुना?
- प्रत्येक विशेषता व्यक्तियों, जंतुओं और पौधों को किस प्रकार लाभपहुँचाती है?
- आपके भू-क्षेत्र में रह रहे व्यक्तियों को किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है?
