Skip to content

10. हमारा आकाश

क्या आपने कभी आकाश की ओर देखा है? दिन के अलग-अलग समय पर आकाश भिन्न-भिन्न दिखाई देता है। सुबह, दोपहर और रात में आकाश का रंग परिवर्तित होता हुआ दिखाई देता है। सूर्य का रंग भी बदलता हुआ दिखाई देता है। यहाँ तक कि चंद्रमा का आकार और आकृति भी समय के साथ बदलती हुई दिखाई देती है। पक्षियों, जंतुओं, पेड़ों और मनुष्यों की गतिविधियाँ भी दिन के समय परिवर्तित होती रहती हैं।

आकाश के छायाचित्र

Icon

चित्र बनाइए

नीचे दिए गए स्थानों पर सुबह, दोपहर और रात के आकाश का चित्र बनाइए।

Image
Icon

लिखिए

नीचे दी गई तालिका में सुबह, दोपहर और रात के समय आकाश में आप जो देखते हैं, उसके विषय में लिखिए। आपके लिए कुछ बॉक्स पहले से भरे हुए हैं। आप इनमें नई बातें जोड़कर अपनी तालिका को बढ़ा सकते हैं।

सुबह का आकाश दोपहर का आकाश रात का आकाश
नारंगी रंग का आकाश
सूर्य का तेज प्रकाश चंद्रमा और तारे
नारंगी सूर्य
  • सहपाठियों के साथ अपने अवलोकनों को साझा कीजिए और उनके अवलोकनों से इनकी तुलना कीजिए।
  • क्या आपने दिन के अलग-अलग समय पर जंतुओं और पौधों की गतिविधियों में और उनके व्यवहार में कोई परिवर्तन देखा है? इन परिवर्तनों पर अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए और एक सूची बनाइए।

क्या आप आकाश में सबसे चमकीली वस्तु का अनुमान लगा सकते हैं? यह सूर्य है! वास्तव में, यह इतना चमकीला है कि जब यह आकाश में उपस्थित होता है, तब हमें अन्य तारे दिखाई नहीं देते हैं। सूर्य हमें प्रकाश और ऊष्मा देता है।
आकाश में सूर्य सबसे स्पष्ट रूप से दिखाई देने वाला तारा है। सूर्य सुबह के समय उगता हुआ प्रतीत होता है। जब तक कि यह सिर के ऊपर नहीं आ जाता, तब तक यह ऊपर की ओर बढ़ता है। धीरे-धीरे यह आकाश में दूसरी ओर ढलता हुआ अदृश्य हो जाता है। हम सभी आकाश में सूर्य की इस दृश्य यात्रा से आनंदित होते हैं।

Icon

चर्चा कीजिए

क्या आपने सूर्योदय और सूर्यास्त के समय होने वाले परिवर्तनों को देखा है?

जब सूर्य उगता है तब -

  1. आकाश कैसा दिखाई देता है?
  2. पक्षी और जंतु क्या करते हैं?
  3. घर पर हमें क्या-क्या परिवर्तन दिखाई देते हैं?

Image

जब सूर्य डूबता है तब -

  1. आकाश कैसा दिखाई देता है?
  2. पक्षी और जंतु क्या करते हैं?
  3. घर पर हमें क्या-क्या परिवर्तन दिखाई देते हैं?
Image

शिक्षण संकेत
विद्यार्थियों को पौधों, जंतुओं एवं मनुष्यों की गतिविधियों तथा व्यवहार में दिन के अलग-अलग समय पर होने वाले परिवर्तनों का अवलोकन करने एवं उन्हें साझा करने के लिए प्रोत्साहित कीजिए।

छाया

क्या आपने कभी अपनी छाया को अपने साथ चलते हुए देखा है? यदि आप दौड़ते हैं तो आपकी छाया भी आपके साथ दौड़ती हुई दिखाई देती है। यदि आप अलग-अलग मुद्राएँ बनाते हैं तो छाया का आकार भी बदल जाता है। आइए, छाया के विषय में कुछ रोचक बातें जानते हैं।

Image Image Image

ऊपर दिए गए चित्रों की छायाओं में क्या अंतर है? सुबह की छाया लंबी होती है, दोपहर की छाया छोटी होती है और शाम की छाया फिर से लंबी हो जाती है। यद्यपि सायंकाल की छाया सुबह की छाया के विपरीत दिशा में दिखाई देती है।

Image
Icon

पता कीजिए

आइए कुछ रोचक करने का प्रयास करते हैं -

  1. एक टॉर्च और एक छड़ी लीजिए। दरवाजे और खिड़कियाँ बंद करके कमरे में अंधेरा कीजिए।
  2. एक हाथ में छड़ी पकड़िए और टॉर्च को जलाइए। टॉर्च के प्रकाश को छड़ी पर डालिए।
  3. निम्नलिखित परिस्थितियों में छड़ी की छाया में होने वाले परिवर्तनों का अवलोकन कीजिए -
    • छड़ी को आगे-पीछे करने पर।
    • टॉर्च की दिशा में परिवर्तन करने पर।
Image

सोचिए और निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए -

  • यदि हम छड़ी (वस्तु) और प्रकाश के स्रोत के बीच की दूरी को परिवर्तित करें तो छाया कैसे परिवर्तित होती है?
  • यदि हम टॉर्च (प्रकाश के स्रोत) की दिशा को बदलते हैं तो छाया कैसे परिवर्तित हो जाती है?

यदि वस्तु प्रकाश के स्रोत के समीप होती है तो छाया बड़ी होती है। यदि प्रकाश के स्रोत की दिशा बदलती है तो छाया की दिशा भी बदलती है। हम सुबह और शाम की छाया को अलग-अलग दिशाओं में बनते हुए देखते हैं। ऐसा क्यों होता है?

Icon

चित्र बनाइए

नीचे दिए गए चित्रों में सूर्य की स्थिति और उसकी छाया को चित्रित कीजिए।

Image Image Image

प्रातःकाल के समय सूर्य पूर्व से उगता हुआ प्रतीत होता है और दोपहर तक सिर के ऊपर आ जाता है, फिर दोपहर के बाद धीरे-धीरे पश्चिम की ओर बढ़ता है। छाया की दिशा भी सूर्य की गति के कारण परिवर्तित होती है।

सूर्य द्वारा छाया-निर्माण

Image
प्रातः
Image
मध्याह्न
Image
सायं

क्या आप जानते हैं?

हम छाया को देखकर समय का पता लगा सकते हैं। प्राचीन समय में लोगों ने इस घटना को समझा और समय बताने के लिए एक उपकरण बनाया। इसे सूर्यघड़ी कहा जाता है।
राजा जयसिंह ने जयपुर, उज्जैन, दिल्ली, वाराणसी तथा मथुरा में जंतर-मंतर बनवाया। इसमें एक सूर्यघड़ी है, जिसे सम्राट यंत्र कहा जाता है। यह छाया के आधार पर समय को सटीक रूप से बता सकता है। Image

छाया के साथ खेलना

छाया से अलग-अलग आकृतियाँ बनाना बहुत रोचक है। अपने मित्रों के साथ करके देखिए।

Image

शिक्षण संकेत
विद्यार्थियों को प्रदर्शनीय आकृतियाँ (कट आउट) बनाने और छाया-कठपुतली का प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित कीजिए।

छाया-कठपुतली भारत में लंबे समय से प्रचलित है।

Image

रात्रि का आकाश

Image

सूर्यास्त के बाद आकाश हजारों टिमटिमाते तारों से चमकता है। हम रात्रि के आकाश में तारों के विभिन्न पैटर्न देखते हैं। नीचे दिए गए बॉक्स में अपने देखे हुए एक पैटर्न का चित्र बनाइए -

अपनी चित्रकारी को अपने मित्रों के साथ साझा कीजिए और तारों के विभिन्न सामान्य पैटर्नो पर चर्चा कीजिए।

शिक्षण संकेत
विद्यार्थियों द्वारा देखे गए पैटर्न सामान्य रूप से पहचाने जाने वाले पैटर्नी जैसे कि सप्तऋषि आदि से अलग हो सकते हैं। इसका उद्देश्य उन्हें आकाश देखने के लिए प्रोत्साहित करना है।

चंद्रमा, रात्रि के आकाश में सबसे बड़ा प्रतीत होने वाला तारा है। इसका सौंदर्य एवं रहस्य मनुष्यों को हमेशा से मुग्ध करता रहा है।

Icon

चित्र बनाइए

आकाश में चंद्रमा को देखिए और इसकी उन आकृतियों के चित्र बनाइए जो आपने अलग-अलग रातों में देखी हैं।

Icon

चर्चा कीजिए

अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि -

  • क्या चंद्रमा के आकार में परिवर्तन का कोई पैटर्न है?
  • क्या कभी ऐसा भी होता है जब चंद्रमा आकाश में दिखाई नहीं देता?

चंद्रमा का आकार प्रत्येक रात्रि में भिन्न-भिन्न दिखता है। पंद्रह रातो मे यह एक पूर्ण वृत्त होता है, जिसे पूर्णिमा कहा जाता है। कुछ अन्य रातों में यह अक्षर 'C' की आकृति जैसा दिखता है। कुछ रातों में ऐसा प्रतीत होता है, जैसे यह बीच से कट गया हो। कभी-कभी रात को चंद्रमा बिल्कुल नहीं दिखता है,

Image

इसे अमावस्या कहा जाता है। यह आवधिक रूप से होता है। प्राचीन संस्कृतियों के लोग चंद्रमा के आकार का उपयोग दिनों की गिनती के लिए करते थे। इससे प्राचीन काल में तिथिपत्रों का आरंभ हुआ।
हम चंद्रमा के दिखाई देने के आधार पर अनेक पर्व मनाते हैं। दीपावली उस दिन मनाई जाती है, जब आकाश में चंद्रमा नहीं होता। रक्षाबंधन, गुरु पूर्णिमा और बुद्ध पूर्णिमा तब मनाए जाते है जब आकाश में पूर्ण चंद्रमा दिखाई देता है। ईद उस दिन मनाई जाती है, जब अमावस्या के बाद पहली रात को चंद्रमा दिखाई देता है।

Image
छठ पूजा
Image
करवा चौथ
Image
ईद
Image
पोंगल
Image
दीपावली
Icon

लिखिए

क्या आप अपने परिवार या समुदाय में सूर्य या चंद्रमा से संबंधित कोई पर्व मनाते हैं? आप उन्हें अपनी भाषा में क्या कहते हैं?
.....................................................
.....................................................
.....................................................

Image

भारत का चंद्रयान मिशन

आपने कक्षा 3 की अंग्रेजी और हिंदी पाठ्यपुस्तकों में चंद्रयान मिशन के बारे में पढ़ा होगा। 23 अगस्त 2023 को भारत का विक्रम लैंडर चंद्रमा पर सफलतापूर्वक उतरा और चंद्रमा की सतह के आँकड़े एकत्र किए।

आइए विचार करें

  1. निम्नलिखित के मध्य दो अंतर बताइए -
    • दिन और रात
    • प्रात:कालीन आकाश और सायंकालीन आकाश
    • दिन और रात के समय हमारी गतिविधियाँ
    • दिन और रात के समय जंतुओं की गतिविधियाँ
  2. कुछ बातों की जाँच कीजिए

    एक शिक्षक ने कहा कि दिन के समय सूर्य पूर्व से पश्चिम की ओर चलता हुआ प्रतीत होता है। इस कथन के बारे में मीरा की कुछ जिज्ञासा है और वह अपने शिक्षक से प्रश्न पूछना चाहती है। कम-से-कम दो ऐसे प्रश्न लिखिए, जो वह पूछ सकती है।

  3. समझाइए

    मान लीजिए, आप सुबह और दोपहर के समय एक ही स्थान पर खड़े हैं। सुबह आपकी छाया एक दिशा में होगी, जबकि दोपहर को दूसरी दिशा में, ऐसा क्यों? क्या आपकी छाया की लंबाई दोनों समय समान होगी?

  4. शब्दों के साथ रचनात्मक बनिए
    • आकाश की सुंदरता से प्रेरित होकर एक कविता लिखिए।
    • पहेली पूर्ण कीजिए और उसका उत्तर दीजिए -
रंग में एक, आकार अनेक
उजाले में दिखता, जैसे हो रहस्य कोई विशेष।
................................................
................................................
यह क्या है?
..................

टिप्पणी