इकाई 2
हमारे खेल
खेल एक स्वाभाविक प्रक्रिया है और जब हम साथ होते हैं, हम सभी को खेलना अच्छा लगता है। खेल सहयोग एवं साहचर्य की भावना के साथ एक-दूसरे को समझने में सहायक होते हैं। इस इकाई में खेलों को खेलते समय हम परस्पर संवेदनशीलता एवं समानुभूति के भाव के साथ व्यवहार करना सुनिश्चित करेंगे।
आइए, हम सभी खेल अपने मित्रों, शिक्षकगण एवं पारिवारिक सदस्यों के साथ खेलें।
अध्याय 5 स्थानीय एवं पारंपरिक खेल
परिचयहम सभी अपने पड़ोसी मित्रों के साथ बहुत से खेल खेलते हैं। हमारे देश के प्रत्येक क्षेत्र में कुछ ऐसे खेल हैं जो उस क्षेत्र के लिए विशिष्ट होते हैं। इस अध्याय में हम, हमारे देश के विभिन्न क्षेत्रों में खेले जाने वाले कुछ खेलों को खेलना व उनका आनंद लेना सीखेंगे। इन खेलों को आनंदपूर्वक खेलते हुए हम एक-दूसरे के साथ करुणा एवं विनम्रता से व्यवहार करना सीखेंगे और मानवता के उत्तम गुण को आत्मसात करेंगे।
हमारे खेल 1
अंटी पिल
कंचे का यह खेल पूरे देश में खेला जाता है। देश के विभिन्न भागों में इसे भिन्न-भिन्न नामों से जाना जाता है, जैसे-गुल्ली खेला, कंची आदि।
कैसे खेलें ?- विद्यार्थियों को समान सदस्यों वाले दलों में विभाजित करके प्रत्येक दल, सतह पर एक छोटा गोल गड्ढा बनाएगा, जिसे हम 'पिल' या 'गुज्जा' के नाम से जानते हैं।
- शिक्षक प्रत्येक विद्यार्थी को एक कंचा देंगे और वे सभी उसे दल के एक विद्यार्थी को दे देंगे। जिस विद्यार्थी ने कंचे एकत्र किए हैं, वह उन्हें हाथ में अच्छे से हिलाकर पिल की ओर भूमि पर फेंक देगा। विद्यार्थी के प्रहार का क्रम पिल से कंचे की निकटता के आधार पर निर्धारित किया जाएगा।
- अब विद्यार्थी क्रमानुसार अपने-अपने कंचों को पिल में डालने का प्रयास करते हैं।
- इस प्रयास में विद्यार्थी अपने कंचे के स्थान पर अपना हाथ का अँगूठा रखेगा, कंचे को अपनी तर्जनी, मध्यमा अथवा अनामिका से धनुष की तरह पीछे खींचते हुए लक्ष्य (पिल) की ओर छोड़ेगा।
- कंचे को पिल में डालने के उपरांत विद्यार्थी अन्य विद्यार्थियों के कंचे पर निशाना लगा सकता है। जिस भी विद्यार्थी के कंचे पर निशाना लग जाएगा, वह विद्यार्थी खेल से बाहर हो जाएगा। यदि निशाना लगाने वाला विद्यार्थी निशाना लगाने में असफल रहता है तो अन्य विद्यार्थी जिसका कंचा अब पिल के सबसे समीप है, उसको यही प्रक्रिया दोहराने का अवसर मिलेगा।
- खेल में अंत तक बना रहने वाला विद्यार्थी विजेता होगा।
शिक्षक के लिए निर्देश
विद्यार्थियों की चोट से सुरक्षा सुनिश्चित करना।
सूक्ष्म गत्यात्मक क्रियाओं, एकाग्रता एवं सटीकता को विकसित करना।
- कठिनाई को बढ़ाने के लिए समूह में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ा सकते हैं।
- कंचों की संख्या बढ़ाई या घटाई जा सकती है।
अपने खेल-क्षेत्र को बनाने और शिक्षक द्वारा निर्धारित मानदंडों का पालन करने के अनुभवों पर चर्चा करें।
हमारे खेल 2 कैसे खेलें? सभी विद्यार्थी एक गोले में बैठेंगे और दाँव देने वाला विद्यार्थी
हमारे खेल 2
माझ्या मामाचं पत्र हरवलां ते सापडलां आम्हाला
यह खेल 'कोकिला छिपाके', 'भाद्र माशेर ताल पोड़लो, घोड़ा बादाम खाई, पीछे देखे मार खाई' आदि के नाम से भी लोकप्रिय है परंतु पूरे भारतवर्ष में इसके भिन्न-भिन्न नाम व संस्करण हैं।
कैसे खेलें?
- सभी विद्यार्थी एक गोले में बैठेंगे और दाँव देने वाला विद्यार्थी घड़ी की विपरीत दिशा में गोले के बाहर चलेगा।
- दाँव देने वाले विद्यार्थी के हाथ में रूमाल होगा। गोले बनाकर बैठे विद्यार्थी 'माझ्या मामाचं पत्र हरवलां' (मेरे मामा का पत्र खो गया है) बोलेंगे व गोले के बाहर चलने वाला विद्यार्थी 'ते सापडलां आम्हाला' (मुझे खोया हुआ पत्र मिल गया है) बोलेगा।
- दाँव देने वाला विद्यार्थी किसी भी एक विद्यार्थी के पीछे चुपके से रूमाल को रख देगा व गोले के चारों ओर दौड़ेगा।
- विद्यार्थी रूमाल को उठाकर दाँव देने वाले विद्यार्थी को पकड़ने के लिए उसके पीछे दौड़ेगा।
- यदि विद्यार्थी दाँव देने वाले विद्यार्थी को पकड़ लेता है तो दाँव देने वाले विद्यार्थी को पुनः दाँव देना होगा और यदि दाँव देने वाला विद्यार्थी गोले के बाहर दौड़ते हुए पकड़ने वाले विद्यार्थी के स्थान पर आकर बैठ जाता है तो पकड़ने वाला विद्यार्थी दाँव देगा।
- यदि बैठे हुए विद्यार्थी का ध्यान रूमाल पर नहीं जाता है तो दाँव देने वाला गोले का एक चक्र पूर्ण कर रूमाल को उठा लेगा व बैठे हुए विद्यार्थी की पीठ उसी रूमाल से थपथपाना शुरू करेगा।
- बैठा हुआ विद्यार्थी तुरंत उठकर बचने के लिए गोले का एक चक्र पूरा करने हेतु दौड़ेगा व चक्र पूर्ण करने पर रूमाल हाथ में लेकर नया दाँव शुरू करेगा।
संभावित खतरे के प्रति पूर्वानुमान और सतर्कता विकसित करना।
दाँव देने वाले की संख्या बढ़ा सकते हैं।
चर्चा करें कि आप कैसे अनुमान लगा सकते हैं कि रूमाल आपके पीछे गिरा दिया जाएगा।
हमारे खेल 3
इंदुर बेराल
भारत में इस खेल को कई नामों से जाना जाता है, जैसे – पूर्वी क्षेत्र में 'छि-छत्तर' और हिमालयी क्षेत्र में 'छीला-दाओमा'।
कैसे खेलें ?- 8 से 10 विद्यार्थी एक-दूसरे का हाथ पकड़कर घेरा बनाएँगे।
- दो विद्यार्थियों को चुनें। एक इंदुर (चूहा), जो घेरे के अंदर रहेगा और एक स्थान से दूसरे स्थान पर दोनों हाथों व पैरों को सतह पर रखते हुए गति करेगा। दूसरा विद्यार्थी बेराल (बिल्ली) जो घेरे के बाहर रहेगा।
- बेराल इंदुर को पकड़ने का प्रयास करेगा। घेरा बनाए विद्यार्थी बेराल को घेरे के अंदर न आने देने और इंदुर की रक्षा करने का प्रयास करेंगे।
- यदि बेराल घेरे के अंदर आने में सक्षम हो जाता है तो इंदुर घेरे के बाहर भाग जाएगा और विद्यार्थी बेराल को घेरे से बाहर जाने से रोकेंगे।
- जब तक बेराल इंदुर को पकड़ नहीं लेता तब तक पीछा करने का प्रयास जारी रहेगा।
विद्यार्थियों के मध्य समूह-भावना, सहयोग व पूर्वानुमान विकसित करना।
चूहे और बिल्लियों की संख्या में भिन्नता कर सकते हैं।
चर्चा करें कि हम समूह-भावना से चूहे को बिल्ली से कैसे बचा सकते हैं।
हमारे खेल 4
तेकेली बोंगा
यह असम का पारंपरिक खेल है और यह माघ बिहू के उत्सव पर खेला जाता है।कैसे खेलें ?
- 10 मीटर की दूरी पर दो रेखाएँ चिह्नित करें और बीच में एक मध्यम आकार की गेंद रखें।
- चार-चार विद्यार्थियों के दल बनाएँ और उन्हें किसी भी पंक्ति में खड़े रहने को कहें।
- प्रत्येक दल को एक छड़ी दें और पहले दल के एक विद्यार्थी की आँखों पर पट्टी बाँध दें।
- कठिनाई स्तर को बढ़ाने के लिए लक्ष्य की ओर बढ़ने से पहले आँखों पर पट्टी बाँधे विद्यार्थी को तीन-चार बार गोल घुमाएँ।
- प्रत्येक विद्यार्थी को 10 सेकंड के दो अवसर मिलेंगे। इसका उद्देश्य आँखों पर पट्टी बाँधकर गेंद को छड़ी से मारना है।
- संबंधित दल के सदस्य गेंद की दिशा में जाने हेतु आँखों पर पट्टी बाँधे अपने साथी का मार्गदर्शन करेंगे।
- यदि विद्यार्थी निर्धारित समय के अंदर गेंद पर प्रहार कर देता है तो उसके दल को एक अंक मिलेगा। समय पूर्ण होने तक प्रहार नहीं कर पाने पर शून्य अंक मिलेगा।
- दूसरे दल का भी प्रतिनिधि इसी प्रक्रिया को दोहराएगा।
- अधिकतम अंक लेने वाला दल विजेता होगा।
शिक्षक के लिए निर्देश विद्यार्थियों की चोट से सुरक्षा सुनिश्चित करना।
विद्यार्थियों में समूह भाव, समानुभूति और न्यायसंगत भाव विकसित करना।
- विद्यार्थियों की संख्या में विविधता ला सकते हैं।
- विद्यार्थियों और गेंद के मध्य की दरी में विविधता ला सकते हैं।
- आँखों पर पट्टी बाँधने के उपरांत गेंद के स्थान की पहचान करने तथा गेंद पर प्रहार करने की प्रक्रिया के दौरान आपके सामने आई चुनौतियों की पहचान करें।
- इस कार्य को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए बनाई गई रणनीतियों तथा दिशासूचकों ने आपका किस प्रकार सहयोग किया, इस पर चर्चा करें।
हमारे खेल 5
रिंकी पिंकी बोलिए, मन चाहे रंग खोजिए
यह खेल कई रूपों में खेला जा सकता है। रंग के स्थान पर लकड़ी, पत्थर या धातु का उपयोग कर सकते हैं।
कैसे खेलें?- विद्यार्थी एक निर्धारित स्थान पर खड़े होंगे और एक विद्यार्थी दाँव देने वाला होगा।
- दाँव देने वाले के अतिरिक्त अन्य विद्यार्थी पूछेंगे, “रिंकी पिंकी पोंक, आपको कौन-सा रंग चाहिए?"
- उदाहरण के लिए, दाँव देने वाला कहेगा कि मुझे नारंगी रंग चाहिए और विद्यार्थी दौड़कर नारंगी रंग की वस्तुएँ ढूँढ़ने व छूने का प्रयास करेंगे।
- दाँव देने वाला किसी भी विद्यार्थी को रंग छूने से पहले पकड़ने का प्रयास करेगा।
- यदि कोई विद्यार्थी पकड़ा जाता है तो वह विद्यार्थी दाँव देने वाला बन जाएगा अन्यथा वही विद्यार्थी दाँव देने वाला बना रहेगा।
शिक्षक के लिए निर्देश रंग, ध्वनि आदि विभिन्न संकेतों की व्याख्या करें।
संवेदी विकास के साथ त्वरित सोच विकसित करना।
किसी रंग को पुकारने के स्थान पर अलग-अलग वस्तुओं का नाम भी लिया जा सकता है। उदाहरण के लिए, “रिंकी पिंकी पोंक, तुम्हें क्या चाहिए?" और विद्यार्थी उत्तर देगा, "मुझे पत्थर या लकड़ी चाहिए।"
चर्चा करें कि आप रंग या वस्तु को कैसे शीघ्रता से पहचान सकते हैं तथा कैसे आप उस वस्तु तक शीघ्रता से पहुँच सकते हैं।
हमारे खेल 6
सुंद्रिकू आभूषणम कुथल
यह आँख पर पट्टी बाँधकर खेला जाने वाला खेल है, जो विशेष अवसरों पर भारत के दक्षिणी भागों में खेला जाता है।कैसे खेलें?
- कक्षा के विद्यार्थियों को युग्मों में विभाजित करें।
- श्यामपट्ट अथवा बोर्ड पर पाँच ब्लॉक अंकित किए जाएँगे।
- प्रत्येक युग्म का एक विद्यार्थी ब्लॉक में एक चेहरा बनाएगा।
- युग्म का अन्य विद्यार्थी बोर्ड पर दूरी, ऊँचाई और स्थान का अनुमान लगाने का प्रयास करेगा।
- एक मिनट के बाद जब बोर्ड पर चित्र बन जाएगा तो देखने वाले विद्यार्थियों की आँखों पर पट्टी बाँध दी जाएगी।
- आँखों पर पट्टी बाँधने के बाद उन्हें बोर्ड तक पहुँचने और सही स्थान पर बिंदी, नाक की लौंग व कान की बाली बनाने के लिए एक मिनट का समय दिया जाएगा।
- यदि सही तरीके से बनाया जाए तो टीम को दो अंक मिलेंगे। यदि बहुत निकट बनाया जाए तो एक अंक दिया जाएगा।
- अंत में अधिकतम अंक वाला दल जीत जाएगा।
आनंददायक स्थिति में स्थान की समझ, संतुलन, समूह भावना एवं भारतीय संस्कृति को जानना।
- विद्यार्थियों व चित्र के मध्य दूरी की भिन्नता ला सकते हैं।
- चित्र की ओर बढ़ने से पहले घुमावों की संख्या में भिन्नता ला सकते हैं।
उपलब्धि एवं आकांक्षा।
हमारे खेल 7
गेंद तोरा
इस खेल के भारतवर्ष में कई रूप हैं, जैसे- उत्तरी भारत में 'गिर' और पूर्वोत्तर भारत में 'मुकना कंगजी'। यह हॉकी का भारतीय संस्करण है।
कैसे खेलें?- नीचे दिए चित्र के अनुसार कम-से-कम 10-15 मीटर की दूरी पर या विद्यार्थियों की संख्या और खेल के मैदान के क्षेत्रफल के अनुसार क्षेत्र को चिह्नित करें।
- दो दल बनाएँ और उन्हें एक छड़ी दें, जिसका सिरा मुड़ा हो।
- खेलने के लिए कपड़े से बनी गेंद का उपयोग करें।
- खेल की शुरुआत कपड़े की गेंद को एक ओर से दल के किसी एक साथी को पास करके की जाएगी।
- इसका उद्देश्य गेंद को दो शंकुओं के बीच से मारना है।
- अंत में सबसे अधिक गोल करने वाला दल खेल जीत जाएगा।
युग्म और स्थान की समझ विकसित करना।
मैदान के आकार में भिन्नता ला सकते हैं। कपड़े की गेंद को हल्की सामग्री या प्लास्टिक गेंद से बदला जा सकता है।
चर्चा करें कि आप कैसे गेंद को सटीक तरीके से प्राप्त कर सकते हैं और प्रतिद्वंद्वी के गोल पोस्ट क्षेत्र में मार सकते हैं। विभिन्न आकार और भार की गेंदों को मारने में अंतर की पहचान करें।
हमारे खेल 8
छो छो
यह हॉर्नबिल त्योहार के अवसर पर पूर्वोत्तर भारत के लोगों द्वारा खेला जाने वाला पारंपरिक खेल है।
कैसे खेलें ?- विद्यार्थियों से एक घेरा बनाने को कहें।
- दल एक मार्गदर्शक का चयन करेगा, जो मध्य में खड़ा होगा तथा अन्य विद्यार्थी उसके चारों ओर घेरा बनाकर बैठेंगे।
- मार्गदर्शक ऊपर की ओर संकेत करके पूछेगा, "यह क्या है?”
- विद्यार्थी खड़े होकर बोलेंगे- 'आकाश'। सबसे अंत में खड़ा होने वाला विद्यार्थी दाँव देने वाला होगा।
- दाँव देने वाला क्षेत्र के अंदर भालू की तरह चलेगा और अन्य विद्यार्थी 'छो छो' बोलते हुए उसे चकमा देने का प्रयास करेंगे। वे घेरे के बाहर नहीं जा सकते।
- दाँव देने वाला शरीर के तीन अंगों को भूमि पर रखते हुए किसी भी दिशा में किक मार सकता है या एक हाथ से छू सकता है।
- जिसे भी भालू द्वारा पकड़ा जाएगा, वह अगला दाँव देने वाला बनेगा।
- जो विद्यार्थी अंत तक दाँव देने वाला नहीं बनेगा, वह विजेता होगा।
अंगों का एक साथ उपयोग करना सीखना तथा समग्र शक्ति का विकास करना।
- विद्यार्थियों की संख्या में परिवर्तन कर सकते हैं।
- एक भालू टीम और एक दौड़ने वाली टीम बना सकते हैं। एक निश्चित समय में कितने विद्यार्थी पकड़े जाते हैं, उसके आधार पर अंक दिए जा सकते हैं।
उपलब्धि एवं आकांक्षा।
हमारे खेल 9
पूछी खेला
यह खेल ओडिशा का पारंपरिक खेल है जो कुमार पूर्णिमा के अवसर पर खेला जाता है।
कैसे खेलें?- विद्यार्थी एक साथ उकडू बैठने की स्थिति में गोल घेरा बनाकर मैदान में बैठें।
- पूछी खेला लयबद्ध खेल है जिसे गीत या लय के साथ समन्वय स्थापित करते हुए खेलते हैं।
- गीत बजते ही विद्यार्थी अपने दाएँ व बाएँ पैर को गीत के अनुसार बढ़ाएँगे।
- अगर विद्यार्थी थक जाता है तो वह रुककर घेरे से बाहर निकल जाएगा।
- जो विद्यार्थी अंतिम समय तक मैदान में टिका रहेगा, वह विद्यार्थी जीत जाएगा।
मानसिक दृढ़ता एवं लय की भावना का विकास करना।
- विद्यार्थियों की संख्या भिन्न हो सकती है।
- गीत की लय और ताल को धीमे से तीव्र किया जा सकता है।
उपलब्धि एवं आकांक्षा।
हमारे खेल 10
मूक कबड्डी
यह मनोरंजक खेल विद्यार्थियों के सामाजिक कौशल को बेहतर करने के लिए एक आदर्श खेल है।
कैसे खेलें?- दो दल बनाएँ। मध्य में एक रेखा खींचकर दोनों दलों को एक-दूसरे के सामने खड़ा करें।
- प्रत्येक विद्यार्थी बारी-बारी से कबड्डी के खेल की तरह अपने विरोधी के क्षेत्र में जाएगा।
- रेडर चेहरे पर भाव शून्यता रखते हुए मौन रहेगा।
- विरोधी दल के विद्यार्थी रेडर को हँसाने या चेहरे के हाव-भाव बदलने के लिए नकल करने, बातें करने या गाने आदि प्रयास करेंगे।
- अगर रेडर हँसता, मुस्कुराता या चेहरे के हाव-भाव बदलता है तो वह खेल से बाहर हो जाएगा और विरोधी दल को एक अंक प्राप्त होगा। अंत तक अपने चेहरे के हाव-भाव न बदलने पर रेडर एक अंक प्राप्त करेगा।
- अधिकतम अंक प्राप्त करने वाला दल जीत जाएगा।
विद्यार्थियों में सामाजिक-भावनात्मक कौशल का विकास करना।
रेडर के लिए समय-सीमा में बदलाव कर सकते हैं।
चर्चा करें कि विरोधी दल की किन टिप्पणियों ने आपको सबसे अधिक प्रभावित किया और आपने उन पर प्रतिक्रिया देने से कैसे परहेज किया।
हमारे खेल 11
धोप खेल
यह दो दलों के बीच गेंद लपक कर खेला जाने वाला खेल है और इसे देश के विभिन्न भागों में अलग-अलग नामों से जाना जाता है।
कैसे खेलें?- दो दल बनाएँ और मैदान को दो समान भागों में बाँट लें।
- प्रत्येक दल रबड़ की गेंद को विरोधी दल के पाले में फेंकेगा, जो उस गेंद को लपकने का प्रयत्न करेगा।
- अगर विरोधी दल के विद्यार्थी गेंद को लपकने में असमर्थ होते हैं या गेंद विद्यार्थी की कमर से नीचे लगती है तो वह विद्यार्थी गेंद फेंकने वाले दल में आ जाएगा।
- अब विरोधी दल का विद्यार्थी गेंद को वापस फेंकेगा और विरोधी दल का आया हुआ विद्यार्थी गेंद को पुनः लपकने का प्रयत्न करेगा तथा गेंद को लपकने के दौरान विद्यार्थियों के लिए व्यवधान उत्पन्न करेगा और अपने साथियों की ओर या पाले की मध्य रेखा की ओर दौड़ेगा।
- विरोधी दल विद्यार्थी को मध्य रेखा पार करने से पहले रोकने का प्रयत्न करेगा।
- खेल का उद्देश्य विरोधी दल के सभी विद्यार्थियों को अपने दल में लाना है।
- जो दल पहले ऐसा कर लेगा, वह विजयी होगा।
शिक्षक के लिए निर्देश
शिक्षक को विद्यार्थियों को खुले स्थान में गेंद फेंकने की रणनीतियों पर चर्चा करने में सहायता करनी चाहिए। उदाहरण के लिए शरीर के हाव-भाव, दृष्टि का उपयोग आदि।
लपकते समय स्थान, स्फूर्ति और पूर्वानुमान विकसित करना।
- खेलने के स्थान को छोटा या बड़ा किया जा सकता है।
- गेंद का आकार और सामग्री अलग-अलग हो सकते हैं।
- चर्चा करें, आप कैसे अनुमान लगाते हैं कि आपके साथी आपके लिए कहाँ गेंद फेंकने वाले हैं ताकि आप गेंद लपक सकें अथवा अपने दल की ओर वापस दौड़ सकें।
- खुली जगह में गेंद फेंकने के विचारों पर चर्चा करें।
हमारे खेल 12
एंडिंग ओका
यह खेल देश के विभिन्न भागों में मेलों एवं उत्सवों में खेला जाता है।
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कैसे खेलें?
- शारीरिक भार एवं कद के अनुसार दो-दो विद्यार्थियों के दल बनाएँ।
- उन्हें अपने घुटनों को मोड़े बिना एक-दूसरे के पैरों को मिलाकर आमने-सामने बैठने के लिए कहें, जैसे कि नीचे दिए गए चित्र में दर्शाया गया है।
- विद्यार्थी एक छड़ी इस प्रकार पकड़ेंगे कि वह छड़ी सीधे उनके पैरों के ऊपर रहे।
- सीटी बजने पर विद्यार्थी छड़ी को खींचना शुरू करेंगे, जब तक कि कोई एक विद्यार्थी असंतुलित न हो जाए या छड़ी छोड़ न दे।
शिक्षक के लिए निर्देश
शिक्षक को सुनिश्चित करना चाहिए कि विद्यार्थी सीटी बजने से पहले छड़ी न खींचें और खेल की शुरुआत निष्पक्ष हो।
विद्यार्थी की शक्ति और पकड़ में सुधार करना।
छड़ी को गेंद से बदल सकते हैं ताकि गेंद पकड़े रहना कठिन हो जाए।
चर्चा करें कि किस चीज ने आपको छड़ी पकड़ने और थक जाने पर भी हार न मानने में सहायता की।
हमारे खेल 13
तुरई कर
यह खेल हिमालयी क्षेत्रों में खेला जाता है। 'तुरई कर' का अर्थ है- अपना सर्वश्रेष्ठ करें और यह प्रकृति के प्रति प्रेम और करुणा को प्रोत्साहित करता है।
कैसे खेलें?- विद्यार्थियों को दो दलों में बाँटें- रक्षक और आक्रमणकर्ता। प्रत्येक दल में कम-से-कम चार सदस्य होंगे।
- रक्षक दल, आक्रमणकर्ताओं से पेड़ की रक्षा करने का प्रयास करेगा।
- रक्षक दल अपनी कोहनियों को फंसाकर एक उल्टा घेरा बनाएगा, जैसा कि चित्र में दर्शाया गया है।
- आक्रमणकर्ता पेड़ के पास आकर उसके तने को छूने का प्रयास करेंगे।
- रक्षक लगातार दाएँ से बाएँ दिशा में एक घेरे में घूमते हुए पेड़ की रक्षा करेंगे।
- इस प्रक्रिया में यदि आक्रमणकर्ता किसी रक्षक को छू लेते हैं तो वह आक्रमणकर्ता खेल से बाहर हो जाएगा।
- यदि आक्रमणकर्ता पेड़ के तने को छूने में सफल होते हैं तो दलों की भूमिकाएँ बदल दी जाएँगी।
शिक्षक के लिए निर्देश शिक्षक पर्यावरण से संबंधित चर्चा की शुरुआत करें।
पर्यावरण की सुरक्षा के प्रति जागरूकता विकसित करना।
- शिक्षक खेलने के स्थान को छोटा या बड़ा कर सकते हैं।
- शिक्षक खेल को कठिन बनाने के लिए दलों को असमान रूप में विभाजित कर सकते हैं।
चर्चा करें कि आप पर्यावरण की रक्षा के लिए क्या कर सकते हैं और इसी खेल के समान अन्य खेलों के बारे में सोचें।
विद्यार्थी एवं अभिभावकों हेतु निर्देशित स्व-आकलन
इस अभ्यास का उद्देश्य माता-पिता और अभिभावकों को शारीरिक शिक्षा के माध्यम से अपने बच्चे के सामाजिक और भावनात्मक विकास पर दृष्टि रखने में सहायता करना है और ये सामाजिक और भावनात्मक गुण आरंभिक स्तर से बच्चे के दैनिक जीवन को कैसे परिवर्तित करते हैं। यह आकलन प्रतिस्पर्द्धा के स्थान पर व्यक्तिगत उन्नति पर ध्यान केंद्रित करते हुए किया गया है। आकलन मानदंड प्रगतिशील प्रकृति के हैं। यदि माता-पिता आकलन करने में असमर्थ हैं तो वे शिक्षकों को अपनी प्रतिक्रिया दे सकते हैं जो बाद में आकलन पत्रक भरते हैं।
निर्देशनिम्नलिखित कथन पढ़ें और उस अंक पर चिह्न लगाएँ, जो आपके बच्चे के लिए उपयुक्त हो।
आनंदित होना (खेलने के लिए स्वप्रेरित), मेरा बच्चा-| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
| खेल के दौरान ऊर्जा और आनंद पैदा करते हुए सक्रिय रूप से भाग लेता है। । | परिचित एवं नए दोनों तरह के खेलों में संलग्न होने के लिए ऊर्जावान एवं प्रेरित होता है। | खेल शुरू करने के लिए पहल करता है, साथियों को इसमें सम्मिलित होने के लिए प्रोत्साहित करता है एवं विभिन्न भूमिकाएँ निभाने का आनंद लेता है। | दूसरों का मार्गदर्शन करके, नियमों की व्याख्या करके और निष्पक्ष खेल सुनिश्चित करके नेतृत्व का प्रदर्शन करता है। | खेलने के नए-नए तरीके खोजता है, खेलों को अधिक रोचक बनाने के लिए नियमों में बदलाव करता है और सामूहिक कार्यों को प्रोत्साहित करता है |
सहयोग और दयालुता, मेरा बच्चा-
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| नियमित रूप से बिना पूछे सहयोग प्रदान करता है। | गहरी सहानुभूति के साथ दूसरों का सहयोग करने में लगा रहता है। | प्रसन्नता से दूसरों का सहयोग करता है और दयालुतापूर्ण कार्य करने पर अच्छा अनुभव करता है। | सहानुभूति दर्शाता है और आवश्यकता पड़ने पर सहयोग करने के लिए पहल करता है। | सभी के साथ सम्मान और निष्पक्षता से व्यवहार करके एक सकारात्मक पहल का उदाहरण प्रस्तुत करता है। |
दूसरों के साथ सुरक्षित अनुभव करना, मेरा बच्चा-
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| दूसरों के साथ सामाजिक गतिविधियों में भाग लेते हुए प्रसन्नता और सुरक्षित अनुभव करता है। | चर्चाओं में सहजता से विचार साझा करता है और दूसरों के साथ सहयोग करता है। | सकारात्मक संबंध बनाता है, सहानुभूति दर्शाता है और सामाजिक परिस्थितियों में दूसरों का समर्थन करता है। | दूसरों को सम्मिलित करने के लिए पहल करता है। यह सुनिश्चित करता है कि प्रत्येक बच्चा मूल्यवान और स्वीकृत अनुभव करे। । | दृढ़ता के साथ सामाजिक आत्मविश्वास प्रदर्शित करता है। सभी के लिए स्वागत योग्य और समावेशी वातावरण को बढ़ावा देता है |
सक्रिय जीवन-शैली, मेरा बच्चा-
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| समन्वय एवं नियंत्रण के साथ सहजता से शारीरिक गतिविधियाँ करता है। । | उत्साह बनाए रखता है एवं शारीरिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेता है। | गति, संतुलन एवं आत्मविश्वास के साथ शारीरिक गतिविधियाँ करता है। | चुनौतियाँ स्वीकार करता है, व्यक्तिगत सीमाओं से आगे बढ़ता है एवं गतिविधि आधारित कार्यों का आनंद लेता है। | शारीरिक चुनौतियों में उत्कृष्ट है, दूसरों को प्रेरित करता है एवं सक्रिय रहने का आनंद लेता है |
उत्तरदायित्व, मेरा बच्चा-
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| स्मरण दिलाए बिना ही विद्यालय का कार्य और दैनिक कर्तव्यों को निपटाने में पहल करता है। | दैनिक व्यक्तिगत एवं साझा कर्तव्यों का दायित्व निर्वहन निरंतरता के साथ करता है। | कुशलतापूर्वक गतिविधियाँ या कार्य करता है और उन्हें स्मरण कराए बिना समय पर पूरा करता है। | सहजता से विभिन्न कर्तव्यों को संतुलित करता है एवं कार्यों का उत्तरदायित्व लेता है। | दूसरों को दायित्व और अनुशासन की आदतें विकसित करने में सहायता करने के लिए पहल करता है। |
