शिक्षकों के लिए सत्र संरचना
और सुझावात्मक वार्षिक योजना
एन.सी.एफ.-एस.ई. 2023 में शारीरिक शिक्षा और आरोग्य को एक अलग पाठ्यक्रम क्षेत्र के रूप में सूचीबद्ध किया गया है और समय-सारिणी में लगभग 90 घंटे (जो लगभग 40 मिनट के 135 कालांश हैं) आवंटित करने का सुझाव दिया गया है।
कक्षा 4 के लिए खेल योग पाठ्यपुस्तक एन.सी.एफ.-एस.ई. 2023 में परिभाषित दक्षताओं को पर्याप्त रूप से विकसित करने के लिए निर्मित की गई है। पुस्तक में तीन इकाइयाँ और सात अध्याय हैं। आधारभूत गत्यात्मक क्रियाओं, खेल और योग सत्रों को पूरे वर्ष निरंतर और सुसंगत विकास के लिए समानांतर रूप से योजनाबद्ध किया जा सकता है।
गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए सुझावात्मक सत्र संरचना और वार्षिक योजना आगे दी गई है। आप आवश्यकतानुसार योजना को अनुकूलित कर सकते हैं।
कालांश की संरचना और प्रवाह
- यह पुस्तक तीन इकाइयों में विभाजित है। प्रत्येक इकाई में अध्ययन और गतिविधियाँ हैं।
- एन.सी.एफ.-एस.ई. 2023 ने शारीरिक शिक्षा के लिए 150 कालांशों की अनुशंसा की है। सुझावात्मक समय-सारिणी में प्रति सप्ताह 40 मिनट के कम-से-कम पाँच कालांशों का अनुमान लगाया गया है।
- एन.सी.एफ.-एस.ई. शारीरिक शिक्षा और आरोग्य के लिए संयुक्त कालांश (एक साथ दो कालांश) आवंटित करने की अनुशंसा करता है।
- समय-सारिणी में दो प्रकार के अवधि आवंटन के लिए सुझाव निम्नलिखित हैं -
- परिदृश्य 1- समय-सारिणी में प्रति सप्ताह पाँच एकल कालांश आवंटित किए गए हैं।
- परिदृश्य 2– गत्यात्मक कौशल और सामूहिक खेल के लिए दो संयुक्त कालांश और समय-सारिणी में योग के लिए एक एकल कालांश आवंटित किया गया है।
प्रकार 1- खेल अभ्यास के लिए अधिकतम समय प्रस्तावित है।
प्रकार 2- खेल के उपरांत मुक्त चिंतन (सर्कल टाइम) के लिए अधिकतम समय प्रस्तावित है ताकि सोचने और सामाजिक-भावनात्मक पक्ष पर चर्चा करने के लिए अधिक समय मिल सके।
प्रकार 3- एक विशिष्ट कौशल पर ध्यान केंद्रित करने के लिए खेल आधारित अभ्यास पर अधिक समय प्रस्तावित है।
तीनों प्रकारों के लिए प्रतिरूप समय जिसकी अवधि 40 मिनट है, निम्नलिखित है-
| सत्र गतिविधि | प्रकार 1 | प्रकार 2 | प्रकार 3 |
|---|---|---|---|
| ऊष्मीकरण (वार्म-अप) | 5 | 5 | 5 |
| खेल/गतिविधि समय | 25 | 15 | 25 |
| शीतलीकरण (कूल-डाउन) | 5 | 5 | |
| मुक्त चिंतन | 5 | 15 | 5 |
परिदृश्य 2 (अति अनुशंसित) - 80 मिनट के संयुक्त कालांश से खेल, अभ्यास और मुक्त चिंतन पर उच्चतम प्रभाव पड़ सकता है। संयुक्त कालांश के साथ दो प्रकार के सत्रों की योजना बनाई जा सकती है -
प्रकार 4 –
विशिष्ट कौशल को लक्षित करने हेतु खेल आधारित गतिविधि (दलों के बीच खेले जाने वाले छोटे खेल) की योजना बनाई जा सकती है।
| संयुक्त कालांश | खेल आधारित ऊष्मीकरण (वरीयता के अनुरूप) | खेल का समय | खेल आधारित गतिविधि/छोटे खेल | शीतलीकरण | मुक्त चिंतन |
|---|---|---|---|---|---|
| समय (मिनटों में) | 5 | 30 | 20 | 5 | 20 |
प्रकार 5 - एक ही संयुक्त कालांश में दो खेल खेले गए।
| संयुक्त कालांश | खेल आधारित ऊष्मीकरण (वरीयता के अनुरूप) | खेल का समय (दो खेल खेलें) | शीतलीकरण (कूल-डाउन) | मुक्त चिंतन |
|---|---|---|---|---|
| समय (मिनटों में) | 5 | 50 | 5 | 20 |
योग सत्र की संरचना
योग सत्र आरंभ और समाप्त करने के सामान्य निर्देश -- अपनी पीठ सीधी रखते हुए सुखासन में विश्रांति से बैठ जाएँ।
- अपनी आँखें बंद करें, अपने चेहरे को सहज करें और अपनी श्वास पर ध्यान केंद्रित करें।
- अपने हाथों को चिन मुद्रा में रखें, कुछ क्षणों के लिए अपनी स्वाभाविक श्वास का निरीक्षण करें। फिर गहरी और धीमी श्वास लें। श्वास छोड़ते समय धीरे से 'ओम्' का उच्चारण करें।
- सत्रारंभ में आरंभिक प्रार्थना और सत्रांत में समापन प्रार्थना करें।
- ध्यान दें कि प्रार्थना के बाद आप कैसा अनुभव करते हैं।
- अपनी हथेलियों को धीरे से परस्पर रगड़कर बंद आँखों पर रखें और धीरे से आँखों को अपने हाथों की गरमाहट में खोलें।
अपने योग सत्र का आरंभ निम्नलिखित प्रार्थना से करें। यह प्रार्थना विद्यार्थियों और शिक्षकों के परस्पर संबंधों के प्रति सम्मान प्रदर्शित करने हेतु विशेष रूप से की जाती है। साथ ही वह सर्वत्र शांति की कामना करते हुए दिव्य मार्गदर्शन, संरक्षण और मेधा का आह्वान करते हैं।
आरंभिक प्रार्थना
ॐ सह नाववतु ।सह नौ भुनक्तु।
सह वीर्यं करवावहै।
तेजस्विनावधीतमस्तु
मा विद्विषावहै।
ॐ शांतिः शांतिः शांतिः ॥
प्रार्थना का अर्थ
हम दोनों (गुरु और शिष्य) संरक्षित रहें! पोषित रहें। हम ऊर्जा व ओज के साथ प्रयासरत रहें। हमारा अध्ययन फलदायी व ज्ञानदायी हो। हम परस्पर द्वेषरहित रहें।
आरंभिक प्रार्थना के बाद, योग संबंधी विभिन्न गतिविधियों के लिए सत्र योजना का पालन करें। इन गतिविधियों में यम और नियम, सूक्ष्म व्यायाम, शिथिलीकरण व्यायाम, आसन शारीरिक स्थितियाँ, प्राणायाम, प्रत्याहार, विश्राम, धारणा, ध्यान और क्रीड़ा योग सम्मिलित हैं।
प्रत्येक योग सत्र का समापन अगले पृष्ठ पर दी गई प्रार्थना से करें। समापन प्रार्थना विद्यार्थियों में दिनभर सकारात्मकता व प्रसन्नता के साथ ज्ञान आत्मसात करने व ऊर्जावान बने रहने में सहायता करती है।
समापन प्रार्थना
ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः।सर्वे संतु निरामयाः।
सर्वे भद्राणि पश्यन्तु।
मा कश्चिद् दुःख भाग्भवेत्।।
ॐ शांतिः शांतिः शांतिः॥
प्रार्थना का अर्थ
सभी सुखी रहें। सभी रोगमुक्त हों। सभी कल्याणकारी घटनाओं के साक्षी बनें। किसी को दुख न हो। सर्वत्र शांति हो।
योग सत्र आरंभ करने और समाप्त करने के सामान्य निर्देश
- सुखासन मुद्रा में बैठें।
- पीठ सीधी रखें, आँखें बंद रखें और चेहरे पर सौम्य मुस्कान रखें।
- अपने हाथों को चिन मुद्रा में रखें और अपनी श्वास के प्रति सजग रहें। कुछ सेकंड तक श्वास पर ध्यान दें, फिर गहरी श्वास लें और श्वास छोड़ते हुए 'ओम्' का उच्चारण करें।
- अपने हाथों को धीरे से नमस्कार मुद्रा में जोड़ें और प्रार्थना करें।
- प्रार्थना के बाद होने वाले परिवर्तनों का अनुभव करें।
- हथेलियों को धीरे से रगड़ें और उनको कटोरी का आकार देते हुए आँखों पर रखें।
24 सत्रों के लिए सुझावात्मक सत्र योजना
| माह 1 | ||||
| कालांश 3 | कालांश 6 | कालांश 9 | कालांश 12 | |
|---|---|---|---|---|
| दैनिक जीवन के लिए योग | कक्षा 3 की पुनरावृत्ति (10 मिनट) अष्टांग योग का परिचय (10 मिनट) |
आहार, विहार (15 मिनट) | आचार, विचार, निद्रा (15 मिनट) | भगवद्गीता के श्लोक सीखें, 6.17 (10 मिनट) |
| योग साधना | क्रीड़ा योग (15 मिनट) | ऊँट चाल, पंजों पर चलना, कर्क चाल (20 मिनट) | अँगुली शक्ति विकासक, मणिबंध शक्ति विकासक, कपोनी शक्ति विकासक, भुजबंध शक्ति विकासक (20 मिनट) | अर्ध चक्रासन (10 मिनट) पादहस्तासन (10 मिनट) शवासन (5 मिनट) |
माह 2
| कालांश 15 | कालांश 18 | कालांश 21 | कालांश 24 | |
|---|---|---|---|---|
| दैनिक जीवन के लिए योग | अष्टांग योग का परिचय महर्षि पतंजलि श्लोक (15 मिनट) |
यम-सत्य से संबंधित कहानी - लकड़हारा और कुल्हाड़ी (15 मिनट) |
यम-सत्य- सोचें और उत्तर दें (15 मिनट) | यम-सत्य गतिविधि (10 मिनट) |
| योग साधना | प्रारंभिक अभ्यास (10 मिनट) | प्रारंभिक अभ्यास (10 मिनट) | हस्त प्रसारक अभ्यास- क्षैतिज, तिरछा, ऊर्ध्वाधर साँस लेने और छोड़ने के अभ्यास (15 मिनट) |
प्रारंभिक अभ्यास- ऊँट चाल, पंजों पर चलना, कर्क चाल (15 मिनट) उष्ट्रासन, शवासन (5 मिनट) |
| त्रिकोणासन, शवासन (10 मिनट) | शशांकासन, शवासन (10 मिनट) | गहरी श्वास लेना (5 मिनट) | ओम् का जप (5 मिनट) |
माह 3
| कालांश 27 | कालांश 30 | कालांश 33 | कालांश 36 | |
|---|---|---|---|---|
| दैनिक जीवन के लिए योग | नियम-संतोष प्रसन्नता की खोज में (20 मिनट) | नियम-संतोष सोचें और उत्तर दें (15 मिनट) | संतोष गतिविधि (10 मिनट) | मध्यावधि आकलन |
| योग साधना |
प्रारंभिक अभ्यास (5 मिनट)
वक्रासन, शवासन (10 मिनट) |
गहरी श्वास लेना (5 मिनट)
क्रीड़ा योग (15 मिनट) |
प्रारंभिक अभ्यास (5 मिनट)
अर्ध-चक्रासन, पादहस्तासन, शशांकासन उष्ट्रासन, शवासन (15 मिनट) |
माह 4
| कालांश 39 | कालांश 42 | कालांश 45 | कालांश 48 | |
|---|---|---|---|---|
| दैनिक जीवन के लिए योग | आहार, विहार पर पुनरावृत्ति (10 मिनट) | आचार, विचार पर पुनरावृत्ति (10 मिनट) | निद्रा पर पुनरावृत्ति (10 मिनट) | यम - पुनरावृत्ति कहानी (10 मिनट) |
| योग साधना | हस्त प्रसारक अभ्यास हस्त प्रसारण-प्रकुंचन श्वसन अभ्यास (10 मिनट) | प्रारंभिक अभ्यास (5 मिनट) | प्रारंभिक अभ्यास (5 मिनट) | प्रारंभिक अभ्यास (5 मिनट) |
| ओम् का जप करना (15 मिनट) | सेतुबंधासन, शवासन (10 मिनट) | उत्तानपादासन, शशांकासन, शवासन (10 मिनट) | शलभासन, शवासन (5 मिनट) | |
| अनुलोम-विलोम प्राणायाम (10 मिनट) | गहरी श्वास लेने एवं ओम् का जप (10 मिनट) | क्रीड़ा योग (15 मिनट) |
माह 5
| कालांश 51 | कालांश 54 | कालांश 57 | कालांश 60 | |
|---|---|---|---|---|
| दैनिक जीवन के लिए योग | नियम - पुनरावृत्ति -कहानी (10 मिनट) | पतंजलि श्लोक (5 मिनट) | भगवद्गीता का श्लोक सीखना, 6.17 (5 मिनट) | अष्टांग योग की पुनरावृत्ति (10 मिनट) |
| योग साधना | प्रारंभिक अभ्यास (5 मिनट) | प्रारंभिक अभ्यास (10 मिनट) | प्रारंभिक अभ्यास (10 मिनट) | सेतुबंधासन, शवासन (10 मिनट) |
| सरल धनुरासन, शवासन (10 मिनट) | वक्रासन, शवासन (10 मिनट) | वक्रासन, शवासन (5 मिनट) | क्रीड़ा योग (15 मिनट) | |
| भ्रामरी प्राणायाम (10 मिनट) | क्रिया अभ्यास - कर्णरंध्र धौति (10 मिनट) | गहरी श्वास लेना और अनुलोम-विलोम प्राणायाम (10 मिनट) | ||
| क्रिया अभ्यास - कपालरंध्र धौति (5 मिनट) |
माह 6
| कालांश 63 | कालांश 66 | कालांश 69 | कालांश 72 | |
|---|---|---|---|---|
| योग साधना | प्रारंभिक अभ्यास (10 मिनट) | प्रारंभिक अभ्यास (10 मिनट) | प्रारंभिक अभ्यास (10 मिनट) | आकलन |
| सरल धनुरासन, उत्तानपादासन, शवासन (10 मिनट) | सेतुबंधासन, उष्ट्रासन, शवासन (15 मिनट) | सभी आसनों की पुनरावृति (15 मिनट) | ||
| गहरी श्वास लेना, अनुलोम-विलोम प्राणायाम, भ्रामरी प्राणायाम (15 मिनट) | क्रिया अभ्यास- कर्णरंध्र धौति, कपालरंध्र धौति (10 मिनट) | अनुलोम-विलोम प्राणायाम की पुनरावृत्ति (5 मिनट) | ||
| हस्त मुद्राओं का अभ्यास (5 मिनट) |
वार्षिक सत्र योजना
निम्नलिखित तालिका पूरे वर्ष के लिए दिए गए 150 कालांशों में नियोजित गतिविधि का क्रम दर्शाती है। आवश्यक दक्षताओं के प्रभावी विकास के लिए इस क्रम का पालन करना महत्वपूर्ण है। पुस्तक में सरल संदर्भ के लिए सत्र का प्रकार और गतिविधियों की संख्या तालिका में दी गई है।सूचनार्थ - संयुक्त कालांश (ब्लॉक पीरियड) के लिए दो लगातार कालांशों की गतिविधियों को एक साथ जोड़ दें। जहाँ भी संयुक्त कालांश की आवश्यकता होती है, वहाँ हमारे खेल और योग के कालांशों को पहले से ही जोड़ दिया गया है।
योगात्मक आकलन
1. आधारभूत गत्यात्मक क्रियाएँ
निर्देश-
कथनों को पढ़ें और उस संख्या पर चिह्न लगाएँ, जो आपके लिए सबसे उपयुक्त हो।फेंकना
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
| मैं कभी-कभी पास की दूरी पर विभिन्न आकार की गेंदों से लक्ष्यों पर प्रहार कर सकता/सकती हूँ। मुझे उचित पूरक क्रिया का अधिक अभ्यास करने की आवश्यकता है। | मैं अधिकतर अपने साथी को उसकी आँखों में देखते हुए उचित तकनीक से गेंद फेंक सकता/सकती हूँ। मुझे अधिक दूरी तय करने के लिए अधिक बल का उपयोग करने की आवश्यकता है। | मेरी फेंकने की क्रिया मध्यम शक्ति से लक्ष्य तक पहुँचती है। मुझे सटीकता और निरंतरता के लिए अपने लक्ष्य में सुधार करने की आवश्यकता है। | मेरा फेंकना तीव्र, सहज और स्वाभाविक है। | साथियों के साथ बेहतर तरीके से फेंकने के बारे में चर्चा करता/करती हूँ। |
लपकना
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
| मैं कभी-कभी दोनों हाथों और एक हाथ से गेंद लपक लेता/लेती हूँ। जब गेंद मुझसे थोड़ी दूर होती है तो मैं उसका गलत अनुमान लगा लेता/लेती हूँ। | मेरी ध्यान शक्ति बढ़ रही है लेकिन मुझे अच्छे से गेंद लपकने के लिए समन्वय पर काम करने की आवश्यकता है। | मैं अधिकतर गतिशील अवस्था में दोनों हाथों से गेंद लपक सकता/सकती हूँ। मुझे एक हाथ से लपकने के कौशल पर काम करने की आवश्यकता है। | मैं सही तकनीक से अलग-अलग दूरी पर लगातार एक हाथ से गेंद लपक सकता/सकती हूँ। | मैं हमेशा उन सभी विद्यार्थियों की सराहना करता/करती हूँ, जो गेंद अच्छे से लपक लेते हैं। |
विद्यार्थियों द्वारा कौशल करते समय और/या स्व-आकलन करते हुए उपरोक्त बिंदुओं का ध्यान रखते हुए शिक्षक उनका मार्गदर्शन करेंगे।
फेंकना - शरीर को मोड़ें और गेंद फेंकने के लिए हाथ को आगे की ओर घुमाएँ, फिर आगे बढ़ें और गेंद फेंकने के बाद संतुलन बनाएँ।
लपकना - स्थिर मुद्रा में लक्ष्य पर अपनी दृष्टि रखें।किक मारना
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
| मैं छोटी और लंबी दूरी पर उचित तकनीक से विभिन्न प्रकार की गेंदों को किक मार सकता/सकती हूँ। | मुझे अलग-अलग दिशाओं में गेंद को किक मारने में कठिनाई होती है। मेरी सटीकता और शक्ति बदलती रहती है। | मैं मध्यम सटीकता और शक्ति के साथ किक मारकर बेहतर तकनीक दिखाता /दिखाती हूँ। | मैं किसी भी दिशा और दूरी पर उचित पैर और हाथ की गति के माध्यम से अपने साथी की ओर गेंद को किक मार सकता/सकती हूँ। | मैं शिक्षक की बात सुनता हूँ और उनके निर्देशों का पालन करता/करती हूँ। |
प्राप्त करना
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
| मैं अवसर मिलने पर दोनों तरह के छोटे और लंबे पास आसानी से प्राप्त कर सकता/सकती हूँ। | जब गेंद कुछ कदम दूर होती है तो मुझे संतुलन बनाने और गेंद को नियंत्रित करने में कठिनाई होती है। | मैं गेंद को जल्दी और आत्मविश्वास से नियंत्रित कर लेता/लेती हूँ, भले ही वह थोड़ी दूर हो। | मैं किसी भी दिशा से आने वाले पास को आत्मविश्वास से प्राप्त कर सकता/सकती हूँ और उन्हें आसानी से नियंत्रित कर सकता/सकती हूँ। | मैं अभ्यास के बाद गेंदें उठाने में सहायता करता/करती हूँ। |
विद्यार्थियों द्वारा कौशल करते समय और/या स्व-आकलन करते हुए उपरोक्त बिंदुओं का ध्यान रखते हुए शिक्षक उनका मार्गदर्शन करेंगे।
किक मारना - किक मारने वाले पैर को पीछे घुमाएँ और गेंद को किक मारने के लिए आगे लाएँ, फिर विपरीत हाथ को आगे बढ़ाएँ और शरीर का संतुलन बनाए रखें।
प्राप्त करना - गेंद को प्राप्त न करने वाले पैर पर शरीर का भार डालें। गेंद को प्राप्त करने के साथ ही पैर को थोड़ा पीछे की ओर ले जाएँ, फिर नीचे झुककर आवश्यकतानुसार शरीर के भार को समायोजित करते हुए संतुलन बनाए रखें।
प्रहार करना
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
| मैं उचित संतुलन के साथ कम दूरी पर अपने साथी या लक्ष्य की ओर लगातार गेंद प्रहार कर सकता/सकती हूँ। | जब गेंद थोड़ी तीव्र होती है तो मुझे गेंद पर प्रहार करने में कठिनाई होती है तथा शक्ति और गेंद से संपर्क (टाइमिंग) की कमी होती है। | बहुत कम त्रुटियों के साथ, प्रबल शक्ति और सटीकता के साथ गेंद पर प्रहार करने में सक्षम हूँ। | मैं खेल के दौरान आत्मविश्वास से गेंद पर प्रहार कर सकता/सकती हूँ। | खेल में हारने के बाद भी मैं सकारात्मक रहता/रहती हूँ और दोबारा प्रयास करता/करती हूँ। |
प्रहार करना - कंधे की चौड़ाई के समानांतर पैरों को फैलाकर खड़े हो जाएँ, घुटने हल्के मुड़े हों और दृष्टि गेंद पर हो। गैर-प्रमुख पैर से कदम बढ़ाएँ, नितंब और कंधों को घुमाते हुए झूलें, गेंद को प्रहार करने के संपर्क-बिंदु पर बाँहों को पूरी तरह से फैलाएँ, फिर गैर-प्रमुख कंधे के ऊपर समाप्त करते हुए ऊपरी शरीर को घुमाकर पूरक क्रिया करें।
कूदना
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
| मैं एक पैर पर आत्मविश्वास से कूद सकता/सकती हूँ और संतुलन बनाए रखते हुए सहजता से दिशा बदल सकता/सकती हूँ। | मैं नियंत्रण के साथ कई दिशाओं में कूद सकता/सकती हूँ। स्थिरता के लिए शरीर की गतिविधियों को समायोजित कर सकता/सकती हूँ। | मैं शरीर की क्षमता का उपयोग करके सहजता और सुगमता से कूद (हॉप) और उतर (लैंड) सकता/सकती हूँ। | मैं सहजता से मोड़ के साथ तेज और नियंत्रित कूद/हॉप कर सकता/सकती हूँ। | दूसरों के लिए तालियाँ बजाकर उन्हें प्रोत्साहित करता/करती हूँ। |
विद्यार्थियों द्वारा कौशल करते समय और/या स्व-आकलन करते हुए उपरोक्त बिंदुओं का ध्यान रखते हुए शिक्षक उनका मार्गदर्शन करेंगे।
कूदना - विद्यार्थियों को संतुलन, समन्वय और पैरों की शक्ति विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करें। घुटनों को थोड़ा मुड़ा हुआ रखें, संतुलन के लिए भुजाओं का उपयोग करें और हल्के से उतरें।
चलना और दौड़ना
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
| मैं बिना किसी असुविधा के पाँच मिनट तक चल सकता/सकती हूँ। | मैं बिना किसी असुविधा के सात मिनट तक चल सकता/सकती हूँ। | मैं लगातार तीन मिनट तक धीरे-धीरे दौड़ या जॉगिंग कर सकता/सकती हूँ। | मैं लगातार पाँच मिनट तक जॉगिंग कर सकता/सकती हूँ। | मैं दौड़ने और चलने का आनंद लेता/लेती हूँ। |
चलना या दौड़ना – ये क्रियाएँ उचित मुद्रा, स्वाभाविक रूप से हिलती हुई भुजाओं और आगे की ओर दृष्टि के साथ तथा सहज गति सुनिश्चित करते हुए की जानी चाहिए।
2. हमारे खेलनिर्देश-
निम्नलिखित कथन पढ़ें और उस अंक पर चिह्न लगाएँ, जो आपके बच्चे के लिए उपयुक्त हो।
आनंदित होना (खेलने के लिए स्वप्रेरित), मेरा बच्चा -| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
| खेल के दौरान ऊर्जा और आनंद लेते हुए सक्रिय रूप से भाग लेता है। | परिचित एवं नए दोनों तरह के खेलों में संलग्न होने के लिए ऊर्जावान एवं प्रेरित होता है। | खेल शुरू करने के लिए पहल करता है, साथियों को इसमें सम्मिलित होने के लिए प्रोत्साहित करता है एवं विभिन्न भूमिकाएँ निभाने का आनंद लेता है। | दूसरों का मार्गदर्शन करके, नियमों की व्याख्या करके और निष्पक्ष खेल सुनिश्चित करके नेतृत्व का प्रदर्शन करता है। | खेलने के नए-नए तरीके खोजता है, खेलों को अधिक रोचक बनाने के लिए नियमों में बदलाव करता है और सामूहिक कार्यों को प्रोत्साहित करता है। |
सहयोग और दयालुता, मेरा बच्चा -
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
| नियमित रूप से बिना पूछे सहयोग प्रदान करता है। | गहरी सहानुभूति के साथ दूसरों का सहयोग करने में संलग्न रहता है। | प्रसन्नता से दूसरों का सहयोग करता है और दयालुतापूर्ण कार्य करने पर अच्छा अनुभव करता है। | सहानुभूति दर्शाता है और आवश्यकता पड़ने पर सहयोग करने के लिए पहल करता है। | सभी के साथ सम्मान और निष्पक्षता से व्यवहार करके एक सकारात्मक पहल का उदाहरण प्रस्तुत करता है। |
दूसरों के साथ सुरक्षित अनुभव करना, मेरा बच्चा-
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
| दूसरों के साथ सामाजिक गतिविधियों में भाग लेते हुए प्रसन्नता और सुरक्षित अनुभव करता है। | चर्चाओं में सहजता से विचार साझा करता है और दूसरों के साथ सहयोग करता है। | सकारात्मक संबंध बनाता है, सहानुभूति दर्शाता है और सामाजिक परिस्थितियों में दूसरों का समर्थन करता है। | दूसरों को सम्मिलित करने के लिए पहल करता है। यह सुनिश्चित करता है कि प्रत्येक बच्चा मूल्यवान और स्वीकृत अनुभव करे। | दृढ़ता के साथ सामाजिक आत्मविश्वास प्रदर्शित करता है। सभी के लिए स्वागत योग्य और समावेशी वातावरण को बढ़ावा देता है। |
सक्रिय जीवन शैली, मेरा बच्चा-
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
| समन्वय एवं नियंत्रण के साथ सहजता से शारीरिक गतिविधियाँ करता है। | उत्साह बनाए रखता है एवं शारीरिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेता है। | गति, संतुलन एवं आत्मविश्वास के साथ शारीरिक गतिविधियाँ करता है। | चुनौतियाँ स्वीकार करता है, व्यक्तिगत सीमाओं से आगे बढ़ता है एवं गतिविधि आधारित कार्यों का आनंद लेता है। | शारीरिक चुनौतियों में उत्कृष्ट है, दूसरों को प्रेरित करता है एवं सक्रिय रहने का आनंद लेता है। |
उत्तरदायित्व, मेरा बच्चा - दूसरों को दायित्व और अनुशासन की आदतें विकसित करने में सहायता करने के लिए पहल करता है।
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
| स्मरण दिलाए बिना ही विद्यालय का कार्य और दैनिक कर्तव्यों को निपटाने में पहल करता है। | दैनिक व्यक्तिगत एवं साझा कर्तव्यों का दायित्व निर्वहन निरंतरता के साथ करता है। | कुशलतापूर्वक गतिविधियाँ या कार्य करता है और उन्हें स्मरण कराए बिना समय पर पूरा करता है। | सहजता से विभिन्न कर्तव्यों को संतुलित करता है एवं कार्यों का उत्तरदायित्व लेता है। | |
3. योग
सामान्यतः विद्यालय में अष्टांग योग के अभ्यास के आकलन के लिए निम्नलिखित मानदंडों का उपयोग किया जा सकता है-
- 1. यम एवं नियम - आत्म-चिंतन, व्यवहार परिवर्तन।
- 2. आसन - संतुलन, शक्ति, सहनक्षमता, लचीलापन।
- 3. प्राणायाम – फुफ्फुसीय कार्य, जैसे- श्वास लेने और छोड़ने का समय, श्वास रोकने की क्षमता इत्यादि।
- 4. प्रत्याहार- भावनात्मक और सामाजिक जागरूकता।
- 5. विश्राम की तकनीक, ध्यान- तनाव और चिंता का स्तर ।
आहार - खाने की आदतें
शिक्षक, विद्यार्थियों को एक कार्य दे सकते हैं जिसमें प्रत्येक विद्यार्थी अपने नाश्ते, दोपहर के भोजन और रात्रि-भोजन का साप्ताहिक अभिलेख (रिकॉर्ड) रखेगा। उसे यह भी पता होना चाहिए कि क्या उसने भोजन को व्यर्थ किया और क्या किसी वस्तु ने उसके मन को भटकाया। इन प्रविष्टियों के आधार पर शिक्षक निम्नलिखित मानदंडों का उपयोग करके विद्यार्थियों का आकलन करेंगे-
| मानदंड | सदैव (4) | प्रायः (3) | कभी-कभी (2) | (1) शायद ही कभी |
|---|---|---|---|---|
| ताजा और स्वस्थ भोजन करते हैं | प्रतिदिन | सप्ताह में चार से पाँच बार | सप्ताह में दो से तीन बार | कभी-कभार |
| जंक फुड से परहेज करते हैं | कभी नहीं | कभी-कभी | बहुत बार | बार-बार |
| जागरूकता के साथ खाते हैं | बिना भटकाव के | कुछ भटकाव के साथ | कभी-कभी भटकाव होता है। | हमेशा भटकाव के साथ |
| भोजन को व्यर्थ करने से बचते हैं | कभी भी व्यर्थ न करते हों | शायद ही कभी व्यर्थ करते हों | कभी-कभी व्यर्थ करते हों | बार-बार व्यर्थ करते हों |
विहार - दिनचर्या
शिक्षक, विद्यार्थियों को एक कार्य दे सकते हैं जिसमें प्रत्येक विद्यार्थी अपने प्रातः जागने का समय, आसन और प्राणायाम का अभ्यास, बाहर खेलना, दूसरों की सहायता इत्यादि का साप्ताहिक अभिलेख (रिकॉर्ड) रखेगा। इन प्रविष्टियों के आधार पर शिक्षक निम्नलिखित मानदंडों का उपयोग करके विद्यार्थियों का आकलन करेंगे-| मानदंड | सदैव (4) | प्रायः (3) | कभी-कभी (2) | शायद ही कभी (1) |
|---|---|---|---|---|
| जल्दी जागना | प्रतिदिन | सप्ताह में चार से पाँच बार | सप्ताह में दो से तीन बार | कभी नहीं |
| आसन और प्राणायाम का अभ्यास | प्रतिदिन | सप्ताह में चार से पाँच बार | सप्ताह में दो से तीन बार | कभी नहीं |
| बाहर खेलना | प्रतिदिन | सप्ताह में चार से पाँच बार | सप्ताह में दो से तीन बार | कभी नहीं |
| घर पर सहायता करना | प्रतिदिन | प्रायः | कभी-कभी | कभी नहीं |
आचार- व्यवहार शिक्षक, विद्यार्थियों को एक कार्य दे सकते हैं जिसमें विद्यार्थी अपने कार्यों का अवलोकन करेंगे और उनका साप्ताहिक अभिलेख रखेंगे - विनम्र शब्दों का उपयोग करना, दूसरों की सहायता करना, अपने मित्रों के साथ वस्तुओं को साझा करना, पेड़-पौधों को पानी देना और पशु-पक्षियों को खाना देना इत्यादि। इन अवलोकनों के आधार पर शिक्षक निम्नलिखित मानदंडों का उपयोग करके विद्यार्थियों का आकलन करेंगे-
| मानदंड | सदैव (4) | प्रायः (3) | कभी-कभी (2) | शायद ही कभी (1) |
|---|---|---|---|---|
| विनम्रता से बोलना | सदैव | प्रायः विनम्रता से | कभी-कभी | कभी नहीं |
| दूसरों की सहायता करना | सदैव | प्रायः सहायता करते हैं | कभी-कभी | कभी नहीं |
| मित्रों के साथ वस्तुओं को साझा करना | सदैव | प्रायः साझा करते हैं | कभी-कभी | कभी नहीं |
| पेड़-पौधों को पानी देना | सदैव | प्रायः पेड़-पौधों को पानी देते हैं | कभी-कभी | कभी नहीं |
| पशु-पक्षियों को खाना देना | सदैव | प्रायः पशु-पक्षियों को खाना देते हैं | कभी-कभी | कभी नहीं |
विचार
शिक्षक, विद्यार्थियों को एक कार्य दे सकते हैं जिसमें प्रत्येक विद्यार्थी अपने विचारों के संबंध में कुछ जानकारी, जैसे- अच्छी पुस्तक पढ़ना, परिवार के साथ समय व्यतीत करना, बागवानी करना या उद्यान-भ्रमण इत्यादि का साप्ताहिक अभिलेख तैयार कर सकते हैं। इन अवलोकनों के आधार पर शिक्षक निम्नलिखित मानदंडों का उपयोग करके विद्यार्थियों का आकलन करेंगे-
| मानदंड | सदैव (4) | प्रायः (3) | कभी-कभी (2) | शायद ही कभी (1) |
|---|---|---|---|---|
| सकारात्मक सोचना | सदैव | प्रायः | कभी-कभी | प्रायः नकारात्मक सोचना |
| परिवारजनों के साथ समय व्यतीत करना | प्रतिदिन | प्रायः | कभी-कभी | शायद ही कभी |
| अच्छी पुस्तकें पढ़ना | प्रतिदिन | प्रायः | कभी-कभी | शायद ही कभी |
| बागवानी करना या उद्यान भ्रमण करना | प्रतिदिन | प्रायः | कभी-कभी | शायद ही कभी |
निद्रा - सोना
शिक्षक, विद्यार्थियों को एक कार्य दे सकते हैं जिसमें प्रत्येक विद्यार्थी सोने से पहले के समय की निगरानी करेगा, चाहे वे सोने से पहले पुस्तक पढ़ते हों, कहानी सुनते हों या विद्युतीय उपकरणों का उपयोग करते हों इत्यादि, वे इनका साप्ताहिक अभिलेख तैयार करेंगे। इन अवलोकनों के आधार पर शिक्षक निम्नलिखित मानदंडों का उपयोग करके विद्यार्थियों का आकलन करेंगे-| मानदंड | सदैव (4) | प्रायः (3) | कभी-कभी (2) | शायद ही कभी (1) |
|---|---|---|---|---|
| जल्दी सोना | सदैव | प्रायः | कभी-कभी | विलंब से सोना |
| सोने से पूर्व कहानी सुनना व पुस्तकें पढ़ना | सदैव | प्रायः | कभी-कभी | कभी नहीं |
| अच्छी पुस्तकें पढ़ना | सदैव | प्रायः | कभी-कभी | कभी नहीं |
| सोने से पूर्व विद्युतीय उपकरणों से बचना | दैनिक | प्रायः | कभी-कभी | शायद ही कभी |
अष्टांग योग
यम - सत्य और नियम-संतोषकहानी पूर्ण करना
शिक्षक, विद्यार्थियों को समूहों में विभाजित कर सकते हैं। प्रत्येक समूह को एक अधूरी कहानी दी जाती है और उनसे समूह में चर्चा करके कहानी पूरी करने और कक्षा में अपने विचार साझा करने के लिए कहा जा सकता है।
उदाहरण-- (क) एक बच्चा खेल के मैदान में एक खोया हुआ बटुआ पाता है।
- (ख) शरत अपने खिलौनों से खेलने के बजाय हमेशा नए खिलौनों की माँग करता है।
| मानदंड | उत्कृष्ट | अच्छा | सुधार की संभावना |
|---|---|---|---|
| क्या विद्यार्थी सत्यता और संतोष के मूल्यों को समझता है? | स्पष्ट समझ | बहुत स्पष्ट नहीं | कुछ मार्गदर्शन की आवश्यकता है |
| क्या कहानी अच्छी तरह से पूर्ण की गई है? | रचनात्मक और सार्थकता | सार्थक लेकिन रचनात्मकता का अभाव है | अपूर्ण |
| क्या विद्यार्थियों ने समूह चर्चा में भाग लिया और अपने विचारों को साझा किया? | सक्रिय सहभागिता | आंशिक सहभागिता | न्यूनतम सहभागिता |
योग साधना
1. आसन - अर्ध चक्रासन, पादहस्तासन, त्रिकोणासन, शशांकासन, उष्ट्रासन, वक्रासन, सेतुबंधासन, उत्तानपादासन, शलभासन एवं धनुरासन।| मानदंड | उत्कृष्ट | अच्छा | सुधार की संभावना |
|---|---|---|---|
| आसन प्रदर्शित करता है | सभी आसन उचित ढंग से करता है | सभी आसन उचित ढंग से करता है लेकिन थोड़े सुधार की आवश्यकता है | बार-बार मार्गदर्शन की आवश्यकता है |
| निर्देशों का पालन करता है | अति सचेत | सचेत | बार-बार मार्गदर्शन की आवश्यकता है |
| आसनों की पहचान करता है | सभी आसनों की सही पहचान करता है | अधिकांश आसनों की सही पहचान करता है | बार-बार मार्गदर्शन की आवश्यकता है |
2. प्राणायाम
| मानदंड | उत्कृष्ट | अच्छा | सुधार की संभावना |
|---|---|---|---|
| ओम् जप | लयबद्ध | थोड़ा सुधार की आवश्यकता है | बार-बार मार्गदर्शन की आवश्यकता है |
| मुद्राओं की पहचान करना और उनका प्रदर्शन करना | हाँ | पहचान तो कर सकते हैं किंतु प्रदर्शन करने में कठिनाई होती है | बार-बार मार्गदर्शन की आवश्यकता है |
| विभिन्न प्राणायामों की पहचान करना और उनका प्रदर्शन करना | हाँ | पहचान तो कर सकते हैं लेकिन प्रदर्शन करने में कठिनाई होती है | बार-बार मार्गदर्शन की आवश्यकता है |
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