अध्याय 1
हमारे आस-पास की आकृतियाँ
दीक्षा अपनी गर्मी की छुट्टियों में एक बड़े नगर का भ्रमण करना चाहती थी। अतः उसके पिताजी उसे दिल्ली ले गए और वहाँ उन्होंने इंडिया गेट, कुतुब मीनार, सफदरजंग मकबरा, अक्षरधाम, राष्ट्रीय संग्रहालय, जंतर-मंतर तथा संसद भवन जैसे अनेक नए-पुराने स्मारकों का भ्रमण किया।
अब वह अपने लकड़ी के ब्लॉकों का उपयोग करते हुए इंडिया गेट का एक प्रतिरूप (मॉडल) बनाने का प्रयास कर रही है।
ब्लॉकों का उपयोग करते हुए यहाँ दर्शाए गए भवनों के प्रतिरूप बनाने का प्रयास कीजिए।
- अपने प्रतिरूप में आपने भवन के कौन-कौन से भागों (छत, स्तंभ, आधार इत्यादि) को दर्शाया है?
- आपने इन भागों को क्यों चुना?
- कौन-कौन सी आकृतियाँ इन भागों का उपयुक्त प्रतिरूप बन सकती हैं? ...............
- आपका प्रतिरूप किस प्रकार वास्तविक भवन के चित्र के समान है?......................
- आपका प्रतिरूप किस प्रकार वास्तविक भवन से भिन्न है? ............
चर्चा कीजिए -

यदि आप अपने प्रतिरूप के एक टुकड़े को हटा दें तो क्या होगा?
- क्या यह प्रतिरूप अभी भी वास्तविक भवन जैसा ही दिखाई देगा?
- आप अपने प्रतिरूप को और अच्छा कैसे बना सकते हैं?
विद्यार्थियों को ध्यानपूर्वक किसी सड़क तथा उस पर स्थित मुख्य भवनों का निरीक्षण करके उन्हें दर्शाने वाला एक प्रतिरूप बनाने के लिए प्रोत्साहित कीजिए।
क्या आपको लगता है कि यह कुतुब मीनार जैसा दिखाई दे रहा है?.........
यदि आप कुतुब मीनार का एक प्रतिरूप बनाते हैं तो आप किस-किस आकृति का उपयोग करेंगे? क्यों?.............
आप ऐसी कितनी आकृतियों का उपयोग करेंगे?.............
इन सभी ईंटों में क्या समानता है?.........................

हस्तकला
- कागज की पट्टियों से एक गोले जैसी आकृति बनाइए।
दीक्षा ने एक बक्से को खोलकर समतल कर दिया ताकि यह देखा जा सके कि एक खुला हुआ बक्सा कैसा दिखता है। इसे बक्से का नेट (जाल) कहते हैं। यदि आप इसे बिंदुदार रेखाओं के साथ मोड़ें तो आपको यह बक्सा पुनः प्राप्त हो जाएगा।
-.
- इस पुस्तक के अंत में दिए गए जाल का उपयोग करके नीचे दिए गए प्रतिरूपों को बनाने का प्रयास कीजिए -


सभी प्रिज्मों में कौन-कौन से फलकों (face) की आकृति समान है?
.................................इन प्रिज्मों में अन्य आकृतियाँ कौन-सी हैं?
.....................................प्रत्येक प्रिज्म में ऐसे फलकों की संख्या कितनी है?
.......................सभी पिरामिडों में कौन-कौन से फलकों की आकृति समान है?
..................................सभी त्रिभुजाकार फलक ......................... बिंदु पर मिलते हैं।
प्रत्येक पिरामिड में किसी अन्य आकृति की पहचान कीजिए।
..................................क्या एक घन भी प्रिज्म होता है?
एक प्रिज्म और पिरामिड में क्या अंतर है? चर्चा कीजिए।
- नलिका (स्ट्रॉ) तथा प्लास्टीसीन/धागों का उपयोग करते हुए नीचे दी गई आकृतियों को बनाने का प्रयास कीजिए और सारणी को भरिए -
| आकृति | फलकों की संख्या (F) | कोनों की संख्या(V) | किनारों की संख्या (E) |
|---|---|---|---|
घन/वर्गाकार प्रिज्म![]() |
|||
घनाभ/आयताकार प्रिज्म![]() |
|||
त्रिभुजाकार पिरामिड![]() |
|||
वर्गाकार पिरामिड![]() |
|||
त्रिभुजाकार प्रिज्म![]() |
फलकों की संख्या (F), किनारों की संख्या (E) और कोनों की संख्या (V) के बीच संबंध की पहचान करने का प्रयास कीजिए। प्रत्येक स्थिति में F + V - E परिकलित कीजिए। आपको क्या पता चलता है?
| त्रि-आयामी (3डी) आकृतियों को उनके सपाट फलकों की संख्याओं के अनुसार छाँटिए तथा उनके नाम यहाँ लिखिए। | ||||||
|---|---|---|---|---|---|---|
| फलकों की संख्या | 1 सपाट फलक | 2 सपाट फलक | 4 सपाट फलक | 5 सपाट फलक | 6 सपाट फलक | 8 सपाट फलक |
| आकृति का नाम | ||||||
क्या आप 3 सपाट फलकों से किसी त्रि-आयामी (3डी) आकृति की रचना कर सकते हैं?
| अब त्रि-आयामी (3डी) आकृतियों को उनके सीधे किनारों की संख्याओं के अनुसार छाँटिए तथा उनके नाम यहाँ लिखिए। | ||||
|---|---|---|---|---|
| किनारों की संख्या | 6 सीधे किनारे | 8 सीधे किनारे | 9 सीधे किनारे | 12 सीधे किनारे |
| आकृति का नाम | ||||
आइए अवलोकन करें
-
एक पासा लीजिए। अब उस फलक को देखिए जिस पर 1 लिखा है। 1 लिखे हुए फलक के विपरीत फलक पर 6 होता है।
निम्नलिखित फलकों के विपरीत फलक कौन-से होंगे?
(क) जिस फलक पर 2 लिखा है...................
(ख) जिस फलक पर 3 लिखा है.................
(ग) जिस फलक पर 4 लिखा है.............
- (क) फलक 1 के साथ किन फलकों के किनारे लगते हैं?..................
(ख) कौन-से फलक का फलक 1 के साथ कोई किनारा नहीं लगता है?................
- नीचे दिए गए एक ही घन की तीन विभिन्न स्थितियों को देखिए और बताइए - (क) लाल रंग वाले फलक के ठीक विपरीत फलक का रंग क्या होगा?.................

इस पृष्ठ के किनारों पर दी गई आकृतियों के लिए नीचे दिए गए निर्देशों का अनुपालन कीजिए।
- आयताकार फलक वाली सभी आकृतियों में लाल रंग भरिए।
- त्रिभुजाकार फलक वाली आकृतियों पर स्मितमुद्रा (स्माइली) () बनाइए।
- वक्रीय फलक वाली आकृतियों पर एक तारा () बनाइए।
- ऐसी सभी आकृतियों में नीला रंग भरिए जिनमें कोई कोना नहीं है।
- ऐसी आकृतियों पर घेरा लगाइए जिनके विपरीत फलक समान हैं।
त्रि-आयामी (3डी) आकृतियों का वर्गीकरण
3डी आकृतियों के नाम सही स्थानों पर लिखिए।

आपने त्रिभुजाकार प्रिज्म और आयताकार पिरामिड को किस वृत्त में लिखा?
आइए, एक अन्य विधि से आकृतियों का वर्गीकरण करते हैं।
ऊपर की भाँति ही वृत्तों का उपयोग करते हुए क्या आप आकृतियों को 'वक्रीय फलकों वाली आकृति' और 'सपाट फलकों वाली आकृति' की श्रेणियों में वर्गीकृत कर सकते हैं?
घनों से निर्माण
'जादुई पिटारा' किट अथवा किसी ऐसी ही अन्य सामग्री से घनों को लेकर इन प्रतिरूपों का निर्माण कीजिए -
घन मीनारें
इन घन मीनारों में से प्रत्येक में कितने घन हैं?
एक त्रिभुजाकार बिंदुकित (डॉटेड) कागज पर घनों के चित्रों का निर्माण
क्या आप निम्नांकित घनों को पूरा बना सकते हैं?
- नीचे दिए गए विवरणों का संबंधित चित्रों के साथ मिलान कीजिए तथा आकृतियों के नाम लिखिए।
(क) मेरे 5 फलक और 5 कोने हैं। मेरे 8 किनारे हैं। मेरे फलकों में से 1 फलक वर्ग है और 4 फलक त्रिभुज हैं।
(ख) मेरा 1 सपाट फलक, 1 वक्रीय फलक और 1 किनारा है।
(ग) मेरा 1 वक्रीय फलक है। मेरा कोई किनारा या कोना नहीं है।
(घ) मेरे 2 सपाट फलक, 1 वक्रीय फलक और 2 किनारे हैं। मेरा कोई कोना नहीं है।
(ङ) मेरे 5 फलक, 6 कोने और 9 किनारे हैं। मेरे 2 फलक त्रिकोण हैं।
(च) मेरे 6 फलक, 12 किनारे और 8 कोने हैं।
- निम्नांकित आकृतियों में प्रत्येक अन्य से भिन्न हैं। चर्चा कीजिए कैसे?
- नीचे दी गई आकृतियों के ज्यामितिय जाल (नेट) का मिलान उपयुक्त ठोस आकृतियों से कीजिए।
- नीचे दी गई आकृतियों के नेट में से किन्हें मोड़कर दी गई ठोस आकृति बनाई जा सकती है?
- नितेश एक नेट को उसकी मोड़ रेखाओं पर काटता है जिसके टुकड़े नीचे दिए गए हैं।
ऊपर के टुकड़ों वाला नेट किस ठोस आकृति का हो सकता है?
ईशा ने बहुत-सी नलिकाओं (स्ट्रॉ) से विभिन्न कोने बनाए हैं। हम कह सकते हैं कि दो स्ट्रॉ दो रेखाओं के समान हैं जो एक बिंदु पर मिलती हैं।
जब दो रेखाएँ मिलती हैं, तब वे एक कोण बनाती हैं।
हम योग-आसनों में अनेक कोण देखते हैं।


आइए करते हैं
- निम्नलिखित चित्रों में कोणों को अंकित कीजिए-
- कक्षा में आपको कहाँ-कहाँ कोण दिखाई देते हैं? कुछ उदाहरण दीजिए।
............................
..............................

आइए, कागज के टुकड़े से एक समकोण (Right Angle) बनाएँ जैसा कि चित्र में दर्शाया गया है।

उन कोणों की पहचान कीजिए जो आपके अनुसार समकोण हैं तथा उन पर घेरा लगाइए। अपने समकोण मापक का उपयोग कर जाँच कीजिए।

पुस्तक, खिड़की तथा किसी अन्य वस्तु में समकोणों की जाँच कीजिए।
उन वस्तुओं के नाम लिखिए जिनमें आपको समकोण प्राप्त होते हैं।
................................................................................
आइए करते हैं
1. नीचे दिए गए बिंदु-जाल (ग्रिड) पर कुछ समकोण बनाइए।

न्यून कोण (Acute Angles) समकोण से छोटे होते हैं।
अधिक कोण (Obtuse Angles) समकोण से बड़े होते हैं।
अपनी कक्षा में विद्यमान कुछ ऐसी वस्तुओं के नाम बताइए जिनमें न्यून कोण है।...............
अपनी कक्षा में विद्यमान कुछ ऐसी वस्तुओं के नाम बताइए जिनमें अधिक कोण है।..................
निम्नलिखित अक्षरों में स्थित सभी कोणों की पहचान कीजिए।

आइए करते हैं
- पहले ग्रिड (जाल) में कुछ न्यून कोण बनाइए। नीचे दिए गए दूसरे ग्रिड में दी हुई प्रत्येक रेखा का उपयोग करते हुए एक न्यून कोण बनाने के लिए एक रेखा खींचिए।
पहले ग्रिड (जाल) में कुछ अधिक कोण बनाइए। नीचे दिए गए दूसरे ग्रिड में दी हुई प्रत्येक रेखा का उपयोग करते हुए एक अधिक कोण बनाने के लिए एक रेखा खींचिए।
- नीचे दी गई आकृतियों में न्यून कोणों को लाल रंग से, समकोणों को हरे रंग से तथा अधिक कोणों को नीले रंग से चिह्नित कीजिए।

भिन्न-भिन्न नापों के स्ट्रॉ तथा मिट्टी (क्ले) या प्लास्टीसीन के उपयोग से एक त्रिभुज बनाइए।
जब हम किसी त्रिभुज की एक भुजा को धीरे से सरकाते हैं तो क्या त्रिभुज की आकृति में कोई परिवर्तन होता है? हाँ/नहीं
स्ट्रॉ के उपयोग से बनाए गए त्रिभुजों को अभ्यास-पुस्तिका पर अनुरेखित कीजिए।

एक त्रिभुज के कोण किस प्रकार के होते हैं?
स्ट्रॉ और मिट्टी (क्ले) के उपयोग से एक आयताकार आकृति बनाइए।

इस आयत में आप किस प्रकार के कोण देख रहे हैं?..........
जब हम इसकी एक भुजा को धीरे से सरकाते हैं तो क्या इस आयत की आकृति में कोई परिवर्तन होता है?. हाँ/नहीं

इसी प्रकार वर्ग की एक भुजा को सरकाइए।
क्या ये कोण अभी-भी समकोण हैं? ये किस प्रकार के कोण बन गए हैं?

चर्चा कीजिए - आपने कौन-कौन सी आकृतियाँ बनाई हैं? आपने कितनी आकृतियाँ निम्नलिखित कोणों वाली बनाई हैं -
(क) 1 समकोण
(ख) 2 समकोण
(ग) 3 समकोण
(घ) सभी समकोण
यहाँ कुछ चतुर्भुजीय आकृतियाँ दी गई हैं।
किस प्रकार आयत और वर्ग इन आकृतियों से भिन्न हैं?
एक पंचभुज (Pentagon) को बनाने का प्रयास कीजिए जिसकी सभी भुजाएँ समान हों।
क्या ये कोण समकोण हैं?
जब हम इस पंचभुज की एक भुजा को धीरे से सरकाते हैं तब क्या इस पंचभुज की आकृति में कोई परिवर्तन होता है?
...........हाँ/नहीं
इससे कोणों में किस प्रकार परिवर्तन होता है?
क्या आप नलिका (स्ट्रॉ) के उपयोग से एक वृत्त बना सकते हैं?
इस चित्र को देखिए।

चित्र में प्रत्येक स्ट्रॉ की लंबाई.............. है। (समान/असमान)
यदि हम असमान लंबाइयों की स्ट्रॉ लेंगे तब क्या होगा?.
आइए बनाते हैं
क्या एक वृत्ताकार आकृति को बनाने में आप मापक (स्केल) का उपयोग कर सकते हैं? आइए देखें।
एक बिंदु 'क' अंकित कीजिए।
अब ऐसे अनेक बिंदु अंकित कीजिए जो बिंदु 'क' से समान दूरी पर हैं।

इन बिंदुओं को एक वक्र द्वारा जोड़िए। आपको क्या प्राप्त होता है?
................................
बिंदु 'क' वृत्त का केंद्र है तथा केंद्र (Centre) से वृत्त की परिसीमा तक की रेखा वृत्त की त्रिज्या (Radius) है।
अद्भुत वृत्त
(क) एक वृत्ताकार कागज का टुकड़ा लीजिए।
(ख) अपने इस कागज को आधे में मोड़िए तथा अच्छे प्रकार से मोड़ की रेखा बनाइए।

(ग) इस मोड़ को खोलिए तथा एक धागे के उपयोग से मोड़ की रेखा की लंबाई को मापिए।
(घ) अब अपने कागज को एक भिन्न प्रकार से आधे में मोड़िए तथा अच्छी तरह से मोड़ की रेखा बनाइए।

(ङ) मोड़ को खोलिए तथा पुनः मोड़ की रेखा की लंबाई को मापिए।
(च) अब इसे पुनः एक भिन्न प्रकार से आधे में मोड़िए तथा अच्छी तरह से मोड़ की रेखा बनाइए।

(छ) मोड़ को खोलिए तथा मोड़ की रेखा की लंबाई मापिए।
1. मोड़ की सभी रेखाओं की लंबाइयाँ. हैं। (समान/असमान)
2. ये मोड़ की रेखाएँ वृत्त का व्यास (Diameter) कहलाती हैं।
3. चर्चा कीजिए कि केंद्र कहाँ पर स्थित है। क्या आपने इस ओर ध्यान दिया कि सभी व्यास केंद्र से होकर जाते हैं?

4. केंद्र से वृत्त की परिसीमा तक मोड़ की इन रेखाओं की लंबाइयों को मापिए। यह लंबाई वृत्त की त्रिज्या है।
5. क्या वृत्त की त्रिज्या और उसके व्यास में कोई संबंध है? चर्चा कीजिए।
आइए करते हैं
एक वृत्ताकार कागज को बीच से मोड़िए। इस आधे भाग को पुनः बीच से मोड़िए।

व्यास की लंबाई त्रिज्या की लंबाई की होती है। (आधी/दुगनी)
वृत्त को एक परकार (Compass) की सहायता से सरलता से बनाया जा सकता है। अपने शिक्षक से अनुरोध कीजिए कि वे परकार का उपयोग करने में आपकी सहायता करें। नीचे दिए गए चरणों का पालन करते हुए आकृति बनाइए।

कालीन की इस अभिकल्पना (डिजाइन) को देखिए। एक सुंदर वृत्त है न ये?

इस वृत्ताकार अभिकल्पना के केंद्र, त्रिज्या और व्यास को अपनी इच्छानुसार रंगों से चिह्नित करें।
चित्र में दिए गए पहियों (चक्रों) को ध्यान से देखिए।
सभी पहिए कैसे दिखाई देते हैं?

अब बताइए -
- अधिकतम त्रिज्या वाला पहिया
- न्यूनतम त्रिज्या वाला पहिया
- अधिकतम व्यास वाला पहिया
- न्यूनतम व्यास वाला पहिया
1. छिपी हुई आकृतियों की पहचान कीजिए तथा उनके नाम लिखिए।

...............
...............
...............
...............
...............
...............
2. त्रिभुज को 1 वर्ग और 2 त्रिभुजों में विभाजित करने के लिए 2 रेखाएँ खींचिए।

3. इस वर्ग को 3 त्रिभुजों में विभाजित करने के लिए 2 रेखाएँ खींचिए।

4. दाएँ स्तंभ में दी गई छोटी आकृतियाँ प्राप्त करने के लिए बाएँ स्तंभ में दी गई आकृतियों में आवश्यक कटाव दर्शाती हुई रेखाएँ खींचिए।
| (क) | ![]() |
![]() |
| (ख) | ![]() |
![]() |
| (ग) | ![]() |
![]() |
इस पुस्तक के अंत में दिए द्वि-आयामी (2डी) आकृति पत्रकों (कार्ड्स) को उनके किनारों के अनुसार तीन समूहों में छाँटिए।
नीचे दिए गए स्थानों पर इन छाँटी गई आकृतियों को बनाइए। स्पष्ट कीजिए कि आपने अपनी आकृतियों को इस प्रकार से क्यों छाँटा।
| समूह 1 | |
| समूह 2 | |
| समूह 3 |
आइए प्रयास करते हैं
1. चालाक मकड़ी

चालाक नाम की मकड़ी को विभिन्न आकृतियों के जाले बनाना पसंद है। एक दिन वह त्रिभुजाकार जाले बनाना प्रारंभ करती है।
उसके जाले में कितने त्रिभुज हैं?
वह प्रत्येक दिन प्रातःकाल टहलती है तथा जाँच करती है कि उसके जाले की दीवारें सुदृढ़ हैं या नहीं।
क्या वह बिंदु 'क' से चलना प्रारंभ करते हुए किसी भी दीवार पर एक बार से अधिक चले बिना वापस उसी बिंदु 'क' पर आ सकती है?
अनुरेखण कीजिए तथा चालाक मकड़ी के पथ को दर्शाइए।

उसका भाई चतुर आयतों का उपयोग करते हुए एक जाला बनाता है। उसके जाले में आप कितने आयत देख पा रहे हैं?
वह प्रत्येक दिन सायंकाल में टहलता है तथा जाँच करता है कि उसके जाले की दीवारें सुदृढ़ हैं या नहीं।
क्या वह बिंदु 'क' से चलना प्रारंभ करते हुए, बिंदु 'ख' तक किसी दीवार पर एक से अधिक बार चले बिना पहुँच सकता है?
अनुरेखण कीजिए तथा चतुर के पथ को दर्शाइए।
2. माचिस की 5 तीलियों का उपयोग करते हुए दो त्रिभुज बनाइए। फिर दिए गए स्थान पर इस आकृति का चित्र बनाइए।

3. इन तीलियों में से दो तीलियों का स्थान परिवर्तन करके 4 त्रिभुज बनाइए।

4. इन तीलियों में से 4 तीलियों को इस प्रकार हटाइए कि केवल 3 त्रिभुज शेष बचें।

5. प्रतिरूप चुनौती
क्या आप आकृतियों का एक ऐसा प्रतिरूप बना सकते हैं जिसमें निम्नलिखित का उपयोग किया गया हो -
(क) 12 नलिकाएँ (स्ट्रॉ) और मिट्टी (क्ले) की 8 गोलियाँ

(ख) 9 नलिकाएँ (स्ट्रॉ) और मिट्टी (क्ले) की 6 गोलियाँ
(ग) 15 नलिकाएँ (स्ट्रॉ) और मिट्टी (क्ले) की 10 गोलियाँ
(घ) 10 नलिकाएँ (स्ट्रॉ) और मिट्टी (क्ले) की 6 गोलियाँ
6. इन आकृतियों को कोणों की संख्या के आधार पर वर्गीकृत कीजिए।

भुजाओं की संख्या तथा कोणों की संख्या के बीच आप क्या संबंध देखते हैं? चर्चा करें।
7. एक द्वि-आयामी (2डी) आकृति बनाइए जिसमें 5 से कम कोण हों।
एक द्वि-आयामी (2डी) आकृति बनाइए जिसमें 5 से अधिक कोण हों।
8. इन आकृतियों में समकोणों को अंकित कीजिए तथा प्रत्येक आकृति में समकोणों की संख्या लिखिए।

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उपर्युक्त में से किन आकृतियों में केवल समकोण ही हैं?.................
9. नीचे दी गई आकृतियों को ध्यान से देखें।

उपर्युक्त आकृतियों की पहचान कीजिए जिनमें निम्नलिखित हैं -
- 2 समकोण, 1 न्यून कोण और 1 अधिक कोण ................
- 1 समकोण, 2 अधिक कोण और 1 न्यून कोण ................
- 2 अधिक कोण और 2 न्यून कोण ................
- 4 समकोण ................











