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0431CH03

3 नीम

लहराता-बलखाता नीम,
दिनभर हँसता-गाता नीम।
चिड़िया, कौआ, तोता सबसे,
अपना नेह जताता नीम।
नहीं डॉक्टर फिर भी देखो,
कितने रोग भगाता नीम।
चले प्रदूषित वायु कभी तो,
उसको शुद्ध बनाता नीम।
कड़वे तन में मन को मीठा,
रखना हमें सिखाता नीम।
हवा चले तो झूम-झूमके,
सब का मन बहलाता नीम।
लेता नहीं किसी से कुछ भी,
पर कितना दे जाता नीम।
                - हरीश निगम

बातचीत के लिए

  1. 1. नीम के बारे में आप क्या-क्या जानते हैं?
  2. 2.
  3. आपने अपने परिवेश में बहुत से पेड़-पौधे देखे होंगे। कुछ के नाम बताइए।
  4. 3. आप विभिन्न प्रकार के पेड़-पौधों की पहचान किस आधार पर कर पाते हैं?
  5. 4. पेड़-पौधों से जुड़ा अपना कोई अनुभव सुनाइए, जैसे आपने कोई पौधा लगाया हो या किसी वृक्ष की छाया के नीचे आप खेलते हों।
  6. 5. आपको सबसे अच्छा पेड़ कौन-सा लगता है? आपको यही पेड़ सबसे अच्छा क्यों लगता है?

पाठ के भीतर

  1. 1. इस कविता में किन पक्षियों के नाम आए हैं? उनके नाम लिखिए।

  2. 2. नीम से किन-किन रोगों में लाभ हो सकता है? किन्हीं तीन के नाम पता करके लिखिए।


  3. 3. नीम का वृक्ष सबका मन कैसे बहलाता है?

  4. 4. कविता की निम्नलिखित पंक्तियों को पढ़िए -

  5. “चिड़िया, कौआ, तोता सबसे अपना नेह जताता नीम"
  6. इन पंक्तियों में रेखांकित शब्द 'नेह' का भाव है- प्यार व स्नेह। अब निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए -
  7. (क) नीम का वृक्ष पक्षियों से अपना नेह किस प्रकार जताता है?
  8. (ख) आपके परिवार के सदस्य और अध्यापक आपसे अपना नेह किस प्रकार जताते हैं?

  9. 5. नीचे दी गई कविता की पंक्तियों को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए -
  10. “चले प्रदूषित वायु कभी तो उसको शुद्ध बनाता नीम"

  11. (क) 'प्रदूषित वायु' से आप क्या समझते हैं?
  12. (ख) वृक्ष प्रदूषित वायु को कैसे शुद्ध बनाते हैं?

  13. 6. नीचे लिखे भाव कविता की किन पंक्तियों में आए हैं?

  14. (क) “नीम का वृक्ष डॉक्टर नहीं है, फिर भी बहुत सारे रोगों को भगाता है।"
  15. कविता की पंक्ति - ...............
    .........................................
  16. (ख) “नीम का वृक्ष दिनभर प्रसन्न रहता है।"
  17. कविता की पंक्ति - ...............
    .........................................

भाषा की बात

1. नीचे लिखे वाक्यों पर ध्यान दीजिए -

लड़की पुस्तक पढ़ती है। लड़का पुस्तक पढ़ता है।

इन दोनों वाक्यों में लड़की व लड़का संज्ञा शब्द हैं। आपने ध्यान दिया होगा कि लड़की के लिए 'पढ़ती' और लड़के के लिए 'पढ़ता' क्रिया रूप का प्रयोग किया गया है। यह अंतर 'लिंग' के कारण आया है। 'लिंग' संज्ञा शब्दों के बारे में बताता है कि यह संज्ञा शब्द स्त्रीवाचक है या पुरुषवाचक। इसे नीचे दिए गए उदाहरणों से समझते हैं

माताजी समाचार पढ़ती हैं। पिताजी भाजी काटते हैं। मनीषा पतंग उड़ाती है।
अरविंद झूला झूलता है। टमाटर खट्टा है। इमली खट्टी है।

(क) अब इस कविता में आए उन शब्दों को लिखिए जिनसे पता चलता है कि नीम पुल्लिंग है।




(ख) नीचे रखी टोकरी में बहुत से फल और साग-भाजी दिखाए गए हैं। इन्हें स्त्रीलिंग और पुल्लिंग की श्रेणी में रखिए।

स्त्रीलिंग पुल्लिंग






2. 'प्रदूषित' शब्द में 'प्र' लगा है। ऐसे ही कुछ और शब्द ढूँढ़कर नीचे लिखिए।

अभिनय

'नीम' कविता में बहुत से क्रिया शब्द आए हैं। कविता एक बार पुनः पढ़िए और नीचे लिखे क्रिया शब्दों के भाव के अनुसार अभिनय कीजिए -

  • लहराना
  • हँसना
  • नेह जताना
  • गाना
  • भगाना

वृक्ष एक, गुण अनेक

1. वृक्षों की बहुत-सी विशेषताएँ होती हैं, उन विशेषताओं को लिखिए।

2. नीचे कुछ वृक्षों/पौधों की पत्तियों के चित्र हैं। उनके नाम उलट-पुलट गए हैं। उन्हें पहचानकर मिलान कीजिए। अपनी भाषा में भी उनके नाम पता करके लिखिए।

पत्तियों के चित्र पत्तियों के नाम आपकी भाषा में नाम
बरगद
धनिया
आम
तुलसी
केला
शीशम

3. नीचे दी गई पत्तियों को पहचानिए और इनके नाम तथा विशेषताएँ अपने अध्यापकों तथा अभिभावकों की सहायता से लिखिए -

पत्तियाँ नाम विशेषता
आम बंदनवार बनाने में प्रयोग की "जाती हैं।

4. आपके परिवेश में जो भी पत्ते दिखते हैं, उनका संग्रहण कीजिए। पत्तों को किसी मोटे कागज पर चिपकाइए। उनकी विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए उनके बारे में दो-दो वाक्य लिखिए।

मैं नीम हूँ

1. नीचे नीम के बारे में कुछ आधे-अधूरे वाक्य लिखे हैं। सहपाठियों से चर्चा करके इन वाक्यों को पूरा कीजिए -

  • मेरा एक-एक भाग है।
  • मेरी पत्तियों का आकार और रंग होता है।
  • मेरी पत्तियों के किनारे होते हैं।
  • मेरी पत्तियों को उबालकर उस पानी से नहाने से दूर होते हैं।
  • मेरी कोमल टहनियाँ दाँत इसे करने के काम आती हैं। कहते हैं।
  • मेरे फल को कहा जाता है।
  • मेरी पत्तियों का स्वाद होता है।
  • मेरी पत्तियों को सुखाकर में रखा जाता है।
  • मास में मेरी छटा देखने लायक होती है।
  • आओ, कभी मेरी डाल पर का आनंद लो।

2. आपने नीम के बहुत से गुणों के बारे में जाना। इसकी टहनियों, पत्तियों, निबौरियों में औषधीय गुण पाए जाते हैं। इसलिए इसे औषधीय वृक्ष भी कहते हैं। अपने सहपाठियों से चर्चा करके कुछ और औषधीय पेड़-पौधों एवं लताओं के नाम नीचे लिखिए -

तुलसी ----------
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3. आप नीम की डालियों पर रस्सी डालकर झूला झूलने का आनंद लेना चाहते हैं। आप वहाँ झूला डालने गए। कल्पना कीजिए कि नीम की डालियाँ आपसे बातें करने लगीं। उस संवाद को लिखिए -

  • नीम - अरे ! बहुत दिन बाद आई/आए हो!
  • आप -
  • नीम -
  • आप -
  • नीम -
  • आप -

बूझो तो जानें

पगरी में भी, गगरी में भी, और तुम्हारी नगरी में भी। कच्ची खाओ, पक्की खाओ, सिर पर उसका तेल लगाओ। मैं भाग नहीं सकती फिर भी लोग मुझे बाँधते हैं। बताओ मैं कौन हूँ?
वह क्या है जहाँ नदी, नहर, समुद्र है पर गाड़ियाँ नहीं? वह क्या है जिसे देखा जा सकता है पर छुआ नहीं जा सकता?

मेरा पौधा

आप मिट्टी अथवा टिन का खुले मुँह वाला बर्तन लीजिए (यदि कोई छोटा या बड़ा गमला मिल सकता है तो वह ले सकते हैं)।

बड़ों की सहायता से बर्तन की तली के बीच में एक छेद कीजिए (यह छेद अतिरिक्त पानी के रिसाव के लिए है)।

टूटे हुए घड़े/सुराही आदि के दो-तीन छोटे-छोटे टुकड़े लीजिए। यदि ये टुकड़े न मिलें तो छोटे कंकड़-पत्थर ले लीजिए। इन्हें गमले के छेद पर टिकाइए।

गमले के आकार के अनुसार मिट्टी लीजिए (आप उसमें खाद मिला सकते हैं)।

मिट्टी को भुरभुरा करके गमले या बर्तन में डालिए और मनपसंद पौधे का बीज बोइए।

थोड़ा-सा पानी छिड़किए।

प्रतिदिन अवलोकन कीजिए कि आपके द्वारा लगाया गया बीज कब अंकुरित होता है। अपने पौधे को बढ़ते हुए देखने का आनंद लीजिए।

भाँति-भाँति की पत्तियाँ

पत्तियाँ कई प्रकार की होती हैं।

कुछ छोटी तो कुछ बड़ी।

कुछ गोल और कुछ पक्षी के पंख जैसी।

हाथीकान पौधा (जायंट एलिफेंट-ईयर कोलोकेसिया) अरवी का एक प्रकार है। इसके पत्ते छह फीट तक लंबे होते हैं यानी अधिकतर मनुष्यों से लंबे। इमली की पत्तियाँ इतनी छोटी होती हैं कि हमारी छोटी उँगली के नाखून को भी नहीं ढँक सकतीं। पपीते की पत्तियाँ तारे के आकार की होती हैं। पीपल की पत्तियाँ मनुष्य के हृदय के आकार की होती हैं। नारियल की पत्तियाँ कागजी पंखे जैसी दिखती हैं। सेमल की पत्तियाँ हाथ के पंजे की तरह होती हैं। कचनार की पत्तियाँ ऊँट के पैरों की तरह होती हैं। नागफनी की पत्तियाँ नुकीली और काँटेदार होती हैं। इन पौधों को कम पानी की आवश्यकता होती है। केले के पत्ते इतने बड़े होते हैं कि इनका उपयोग थाली की तरह किया जाता है। अब आप भी अपने आस-पास के पेड़-पौधों की पत्तियों को देखिए और उनके आकारों के बारे में जानिए।                – हरिनी नगेंद्र और सीमा मुंडोली (प्रथम प्रकाशन से साभार)