Skip to content
0431CH04

4 हमारा आहार

कैसा हो अपना आहार,
आओ मिलकर करें विचार।
चावल, दाल और सब्जी खाओ,
तन में चुस्ती-फुर्ती लाओ।

केवल आलू तुम मत लाना,
भिंडी, परवल, नेनुआ भी खाना।
दूध-दही तुम छककर खाओ,
फल-फूलों के बाग लगाओ।

आम-अमरूद, पपीता खाओ,
केला, बेल भी घर ले आओ।
खरबूज, तरबूज, ककड़ी, खीरा,
गरमी की हरते हैं पीड़ा।

खूब करो पानी का व्यवहार,
इसकी महिमा अपरंपार।
भोजन में हो खूब सलाद,
इसका है अपना अंदाज।

मूली, टमाटर, गाजर खाना,
पालक को भी भूल न जाना।
भँजा-सत्तू नियमित खाएँ,
वैद्य-हकीम घर न आएँ।

पेट से ज्यादा जब कोई खाए, खाकर वह पीछे पछताए।

ताजा खाना हरदम खाओ, नहीं बहाना कभी बनाओ।

जब खाते हैं ढंग से खाना,
व्याधि को ना मिले बहाना।
ऐसा हो अपना आहार,
खाकर हम ना पड़ें बीमार।
- कोंपल, भाग 2, कक्षा 4 (रा.शि.शो.प्र.प., बिहार से साभार)

बातचीत के लिए

दिए गए चित्र पर बातचीत कीजिए -

  1. 1. चित्र में आपको क्या-क्या दिख रहा है?
  2. 2. आपके लिए आहार क्यों महत्वपूर्ण है?
  3. 3. आपको क्या खाना पसंद है?
  4. 4. खाने में सावधानी रखना क्यों आवश्यक है?
  5. 5. क्या आपको लगता है कि केवल आहार ही हमें स्वस्थ रख सकता है या स्वस्थ रहने के लिए कुछ और भी आवश्यक है? अपने उत्तर का कारण भी बताइए।

कविता के आधार पर

1. नीचे एक तालिका दी गई है। दिए गए उदाहरण के आधार पर तालिका को पूरा कीजिए -

फलों के नाम साग-भाजियों के नाम दूध से बने उत्पादों/सामानों के नाम सलाद की सामग्री के नाम
आम परवल दही गाजर
 
 
 

1. नीचे एक तालिका दी गई है। दिए गए उदाहरण के आधार पर तालिका को पूरा कीजिए -

(क) चावल, दाल और साग-भाजी खाने के लाभ हैं -

  1. i. शरीर मोटा होता है।
  2. ii. शरीर सुस्त रहता है।
  3. iii. शरीर चुस्त और फुर्तीला बनता है।
  4. iv. शरीर पतला बनता है।

(ख) गरमी के मौसम में किन वस्तुओं का भरपूर सेवन करना चाहिए?

  1. i. खरबूज
  2. ii. ककड़ी
  3. iii. खीरा
  4. iv. चाय-कॉफी

(ग) हम खाकर कब पछताते हैं?

  1. i. जब कम खाते हैं।
  2. ii. जब अधिक खाते हैं।
  3. iii. जब दूसरा अधिक खाता है।
  4. iv. इनमें से सभी

(घ) किन खाद्य पदार्थों को नियमित खाने का सुझाव दिया गया है?

  1. i. नमकीन और चिप्स
  2. ii. भँजा और सत्तू
  3. iii. बर्फ़ और आइसक्रीम
  4. iv. पकौड़े और पराठे

3. नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए -

  1. (क) हमें फलों और फूलों के बगीचे क्यों लगाने चाहिए?
  2. (ख) हमें भूख से अधिक क्यों नहीं खाना चाहिए?
  3. (ग) “ताजा खाना हरदम खाओ, नहीं बहाना कभी बनाओ।" इस पंक्ति के माध्यम से क्या संदेश दिया गया है?
  4. (घ) भोजन का सेवन किस प्रकार करने की सलाह दी गई है और क्यों?

4. मिलान कीजिए -

पेट से ज्यादा जब कोई खाए, खाकर हम ना पड़ें बीमार।
खरबूज, तरबूज, ककड़ी, खीरा, इसका है अपना अंदाज।
ऐसा हो अपना आहार, व्याधि को ना मिले बहाना।
भोजन में हो खूब सलाद, खाकर वह पीछे पछताए।
जब खाते हैं ढंग से खाना, गरमी की हरते हैं पीड़ा।

5. चित्र में दी गई साग-भाजियों को पहचानिए और उनके नाम नीचे दिए गए रिक्त स्थानों में लिखिए -

.............. .............. ..............
.............. .............. ..............
.............. .............. ..............
.............. .............. ..............

6. नीचे दिए गए कथनों को 'हाँ जी हाँ' और 'ना जी ना' से पूरा कीजिए -

(क) तुम केवल आलू ही लाना, मुझको है बस आलू खाना।

..........ना जी ना, ना जी ना..........

(ख) दूध-दही तुम छककर खाना, हरी सब्जियाँ भूल ना जाना। ...............................

(ग) खरबूज, तरबूज, ककड़ी, खीरा, खाने पर होती है पीड़ा। ...............................

(घ) भोजन में हो खूब सलाद, चौबीस घंटे रखना याद। ...............................

(ङ) ताजा खाना हरदम खाओ, रोग-व्याधि को दूर भगाओ। ...............................

अनुमान और कल्पना

  1. 1. अगर आपके पास एक छोटा-सा खेत होता तो आप उसमें कौन-से फल और साग-भाजी उगाते और क्यों?
  2. 2. अगर आप इस कविता में कुछ और खाद्य पदार्थ जोड़ सकते तो आप क्या जोड़ते और क्यों?
  3. 3. कल्पना कीजिए कि आपने स्वस्थ आहार से संबंधित एक प्रतियोगिता में भाग लिया है। प्रतियोगिता में आप कौन-से तीन सबसे अच्छे खाद्य पदार्थ चुनेंगे?

भाषा की बात

1. रेखांकित शब्दों के विपरीत अर्थ वाले शब्द से रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए -

  1. (क) खाने में सलाद अधिक और तले हुए व्यंजन ................ खाएँ।
  2. (ख) अच्छी आदतों को भूलना नहीं, .............. रखना चाहिए।
  3. (ग) गरमी के मौसम में सूती और .............. के मौसम में ऊनी कपड़े पहनने चाहिए।
  4. (घ) सही समय पर सोइए और सही समय पर ..............

2. 'नियमित' शब्द 'नियम' में 'इत' जोड़कर बना है। ऐसे ही नीचे दिए गए शब्दों में 'इत' लगाकर नए शब्द बनाइए -

(क) नियम नियमित (ख) प्रमाण ..............
(ग) शिक्षा .............. (घ) मोह ..............
(ङ) चर्चा .............. (च) सुगंध ..............

3. वर्ग पहेली में नीचे दिए गए शब्दों के समान अर्थ वाले शब्द ढूंढ़िए और उनसे वाक्य बनाइए -

आहार - भोजन, हरदम - .... बाग - ....
सब्जी - .... पीड़ा - .... अपरंपार - ....

भोजन – भयैा ने बहुत स्वादिष्‍ट भोजन बनाया है।

......... – ......................................

......... – ......................................

......... – ......................................

......... – ......................................

......... – ......................................

4. नीचे दिए गए शब्दों में से आपको केवल वर्ण बदलकर फल अथवा साग-तरकारी का नाम लिखना है। ध्यान रखिए कि मात्रा न बदले -

पता लगाइए

अपने माता-पिता/शिक्षकों की सहायता से पता लगाइए कि आपके यहाँ तालिका में दी गईं साग-तरकारियों को क्या कहा जाता है। इनके अतिरिक्त अन्य साग-तरकारियों के भी प्रचलित तथा स्थानीय नाम लिखिए -

साग-तरकारी का प्रचलित नाम आपका प्रदेश/क्षेत्र स्थानीय नाम
प्याज महाराष्ट्र कांदा
कद्दू
तोरई
टिंडा
फूलगोभी
भिंडी
करेला
 
 

समझिए और लिखिए

1. शिक्षक की सहायता से पौधे के विभिन्न भागों की पहचान कीजिए तथा उनके नाम लिखिए -

2. नीचे दिए चित्र को देखकर उस पर दस वाक्य अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए -

आनंदमयी गतिविधि

1. नीचे दी गई सारणी में आपको स्वस्थ और अस्वस्थ खाद्य/पेय पदार्थों के नाम लिखने हैं। आपको यह तय करना है कि कौन-सा खाद्य पदार्थ स्वास्थ्यवर्धक है और कौन-सा हानिकारक ।

क्रम संख्या स्वास्थ्यवर्धक हानिकारक
1. ताजा फल/छाछ कोल्ड ड्रिंक
2.
3.
4.
5.

2. पुरानी पत्रिकाओं और समाचार पत्रों से भिन्न-भिन्न फलों और साग-भाजियों के चित्र काटिए। इन चित्रों का कोलाज बनाकर उसे कोई प्यारा-सा नाम भी दीजिए।

3. एक डिब्बे में कागज की पर्चियाँ लीजिए जिन पर कुछ फलों और साग-भाजियों के नाम लिखे होंगे। डिब्बे में से एक पर्ची निकालिए। अब आप उस पर्ची पर लिखे हुए फल या साग-भाजी के गुण और विशेषताएँ बताइए। आप उस फल या साग-भाजी की विशेषताएँ ऐसे बताएँ, जैसे आप ही वह फल या साग-भाजी हैं।

बूझो तो जानें

कड़वी भाजी मैं कहलाता, रहता सदा अकेला। मध्य हटे कला बन जाऊँ, प्रथम हटे तो रेला।
हरी थी, मन भरी थी, लाख मोती जड़ी थी। किसानों के खेत में, दुशाला ओढ़े खड़ी थी।
तीन अक्षर का मेरा नाम, खाने के आता हूँ काम। मध्य कटे हवा हो जाता, अंत कटे तो हल कहलाता।