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7 नकली हीरे

काननपुर के बुद्धिमान और वृद्ध राजा का एक ही बेटा था।
मैं अधिक दिन जीवित नहीं रहूँगा। मुझे अपने पुत्र के लिए कोई सलाहकार ढूँढ़ना चाहिए।

सो, एक सुबह उसने सब दरबारियों को दरबार में बुलवाया -
मैं आप सबसे एक प्रश्न पूछना चाहता हूँ। कृपा करके स्पष्ट उत्तर दीजिएगा।

प्रश्न है- क्या मैं बुद्धिमान और ईमानदार राजा हूँ?

सब दरबारियों ने बारी-बारी से यही उत्तर दिया -
निस्संदेह महाराज, संसार में आप-सा बुद्धिमान और ईमानदार राजा और कोई नहीं है।

हर दरबारी को राजा ने एक-एक हीरा दिया।
आपके उत्तर के लिए धन्यवाद।

सब दरबारी प्रसन्न होकर चले गए। पर एक दरबारी चुपचाप एक कोने में खड़ा रहा।
आप चुप क्यों हैं? आपका उत्तर क्या है?

महाराज, दूसरों ने तो आपको प्रसन्न करने वाले उत्तर दिए... पर क्षमा कीजिएगा, मेरा उत्तर वैसा नहीं है।
फिर भी, हम सुनना चाहते हैं।

इसमें कोई संदेह नहीं है महाराज कि आप बुद्धिमान और ईमानदार हैं। पर आपसे भी श्रेष्ठ राजा हो चुके हैं जो बुद्धिमत्ता और ईमानदारी में आपसे बढ़-चढ़कर थे।

हमें आपका उत्तर सुनकर बहुत प्रसन्नता हुई। यह लो आपका हीरा।

अगली सुबह, काननपुर के सारे दरबारी दरबार में वापस आए -

महाराज, हमने इन हीरों की जाँच जौहरी से करवाई। पता चला कि सारे हीरे तो नकली हैं!,

आपने हमारे साथ ऐसा क्यों किया महाराज ?

ठहरिए... मैं समझाता हूँ।
आप सबने मेरे प्रश्न का झूठा उत्तर दिया... इसलिए हीरे भी आपको नकली दिए गए।

पर इस नौजवान ने सीधा-सादा उत्तर दिया। इसलिए इसे असली हीरा दिया गया...

... और मेरे बाद यही मेरे बेटे का विश्वस्त सलाहकार रहेगा।

- नीरा बेनेगल
('टिंकल' पत्रिका से साभार)

बातचीत के लिए

  1. 1. राजा ने अपने पुत्र का सलाहकार किसे और क्यों चुना?
  2. 2. दरबारियों ने राजा के उपहार की जौहरी से तुरंत जाँच करवाई। इससे उनके बारे में कौन-कौन सी बातें पता चलती हैं?
  3. 3. नवयुवक दरबारी राजा का प्रश्न सुनकर भी चुपचाप क्यों खड़ा था?
  4. 4. चित्रकथा के अनुसार काननपुर का राजा बहुत बुद्धिमान था। क्या आप इस बात से सहमत हैं? आपको ऐसा क्यों लगता है?
  5. 5. जब राजा ने अपने पुत्र के सलाहकार की घोषणा की, तब सभी दरबारियों को कैसा लगा होगा? उन्होंने क्या-क्या सोचा होगा?

सोचिए और लिखिए

1. चित्रकथा के दिए गए अंश को ध्यान से देखिए -

इस अंश के बारे में अपने समूह में चर्चा कीजिए। अब नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए -

  • चित्रकथा के इस अंश में कुल कितने चित्र-खंड हैं?
  • यहाँ मुख्य पात्र कौन-कौन हैं?
  • बीच वाले चित्र-खंड में क्या हो रहा है?
  • यहाँ केवल चित्रों को देखकर कौन-कौन सी बातें पता चल रही हैं?

2. इस चित्रकथा का नाम 'नकली हीरे' क्यों रखा गया है? आप भी इस चित्रकथा का कोई उपयुक्त शीर्षक दीजिए।

3. राजा ने नकली हीरों का पुरस्कार किन्हें और क्यों दिया?

4. राजा ने एक को छोड़कर अन्य सभी दरबारियों को नकली हीरे क्यों दिए? अपने उत्तर का कारण भी लिखिए।

बातचीत के लिए

नीचे दिए गए शब्दों को उनके उपयुक्त अर्थों के साथ रेखाएँ खींचकर मिलाइए -

वृद्ध सर्वोत्तम
निस्संदेह रुकना
बुद्धिमान बूढ़ा
श्रेष्ठ संदेह न होना
ठहरना विवेकवान

हमारी समझ

इन प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर पर सूरज का चित्र (☆) बनाइए -

(क) नवयुवक दरबारी का उत्तर सुनकर राजा -

  1. i. प्रसन्न हो गया।
  2. ii. अप्रसन्न हो गया।
  3. iii. भयभीत हो गया।
  4. iv. चिंतित हो गया।

(ख) सबसे अलग उत्तर देने वाले दरबारी के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा वाक्य सही है?

  1. i. वह सदैव झूठ बोलता था।
  2. ii. वह राजा के पुत्र का सलाहकार बनना चाहता था।
  3. iii. वह अन्य दरबारियों से अलग दिखना चाहता था।
  4. iv. वह एक विनम्र नवयुवक था।

भाषा की बात

1. 'काननपुर के बुद्धिमान और वृद्ध राजा का एक बेटा था।'
'काननपुर के बुद्धिमान और वृद्ध राजा का एक ही बेटा था।'

  1. (क) इन दोनों पंक्तियों को ध्यान से देखिए। दोनों में क्या अंतर है?
  2. (ख) आप भी कक्षा में पाँच-पाँच के समूह बनाकर 'ही' शब्द वाले चार वाक्य अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए।

2. नीचे दिए गए वाक्यों में से जो आपको अपने लिए सबसे उपयुक्त लगते हैं, उनके सामने सही का चिह्न (√) लगाइए -

  • मुझे कहानियाँ और कविताएँ पढ़ना पसंद है। [ ]
  • मुझे रोचक कहानियाँ सुनाना या लिखना पसंद है। [ ]
  • मुझे पहेलियाँ हल करना पसंद है। [ ]
  • मुझे गणित के खेल और प्रश्न हल करना रुचिकर लगता है। [ ]
  • मुझे चित्रकारी करना पसंद है। [ ]
  • मुझे घूमने-फिरने और खेलने में आनंद आता है। [ ]
  • मुझे अभिनय या नृत्य करना पसंद है। [ ]
  • मुझे गीत गाना या वाद्ययंत्र बजाना अच्छा लगता है। [ ]
  • मुझे संगीत सुनना पसंद है। [ ]
  • मुझे दूसरों के साथ काम करना और मित्र बनाना पसंद है। [ ]
  • मुझे अपने सहपाठियों की सहायता करना अच्छा लगता है। [ ]
  • मुझे प्रकृति और जानवरों के बारे में जानना पसंद है। [ ]
  • मुझे बागवानी पसंद है। [ ]

3. अब ऊपर दी गई सूची में से अपनी मनभावन गतिविधि को चुनकर उस पर एक अनुच्छेद लिखिए। आप एक से अधिक गतिविधियाँ भी चुन सकते हैं।

4. "सब दरबारियों ने बारी-बारी से यही उत्तर दिया।"
उपर्युक्त पंक्ति में 'बारी' शब्द का दो बार प्रयोग हुआ है। आप भी नीचे दिए ऐसे शब्दों से वाक्य बनाइए -

  • धीरे-धीरे - ------------------------
  • भिन्न-भिन्न - -----------------------
  • साथ-साथ - -----------------------
  • बार-बार - ------------------------

5. "कृपा करके स्पष्ट उत्तर दीजिएगा।" कृपा जैसे शब्दों का प्रयोग विनम्रता दर्शाने के लिए किया जाता है। नीचे दिए गए ऐसे ही शब्दों का प्रयोग करते हुए वाक्य बनाइए और अपने समूह में एक-दूसरे से बातचीत करते हुए उनका प्रयोग कीजिए -

  • कृपया - ---------------------------
  • धन्यवाद - -------------------------
  • क्षमा कीजिए - -------------------
  • आपका आभार - -----------------

पाठ की विशेषताएँ

नीचे इस चित्रकथा की कुछ विशेषताएँ दी गई हैं। आप भी इस पाठ्यपुस्तक में से किसी कहानी अथवा कविता की विशेषताएँ लिखिए -

पाठ का नाम - नकली हीरे मेरी रुचि का पाठ ------------------
चित्र - सुंदर, रंग-बिरंगे, स्पष्ट ------------------
रचनाकार - नीरा बेनेगल ------------------
रोचकता - आनंददायक ------------------
अंत - सकारात्मक ------------------

आपकी चित्रकथा

नीचे दी गई चित्रकथा के संवाद लिखिए। इसके लिए आप अपनी मातृभाषा का प्रयोग भी कर सकते हैं।

खोजिए और आनंद लीजिए

1. नीचे दिए गए एक जैसे चित्रों में पाँच अंतर खोजिए-

2. नीचे दिए गए चित्र में पाठ में आए पाँच शब्द छिपे हैं। खोजकर लिखिए -

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पुस्तकालय से

1. क्या आपने कोई चित्रकथा पढ़ी है? यदि हाँ तो अपने सहपाठियों को उसके विषय में बताइए।

2. अपने विद्यालय के पुस्तकालय में से कोई अन्य चित्रकथा ढूंढ़िए और अपने सहपाठियों के साथ पढ़िए।

हवा और धूल

हवा धूल को छेड़के भागी सोती धूल अचानक जागी उड़ी हवा के पीछे-पीछे हवा हो गई धूल के नीचे

धूल खोजती आँखें मींचे दाएँ-बाएँ आगे-पीछे हवा चल रही साँसें खींचे नीचे-नीचे धूल के नीचे

लगा धूल को कुछ है गड़बड़ धूल धप्प से नीचे आई धूल की आँख में धूल झोंककर हवा हो गई हवा-हवाई!
- श्याम सुशील