प्रिय शिक्षक,
आइए हम अपने विद्यार्थियों को एक ऐसे स्थान पर ले चलें जहाँ वे दृश्य-कलाओं में सक्रिय भागीदारी कर सकें और अपनी कल्पनाओं को व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से अभिव्यक्त कर सकें। दृश्य-कला के आनंददायक अनुभव को प्राप्त करने और साझा करने के लिए यह आवश्यक है कि विद्यार्थियों को स्वतंत्रता और स्वेच्छा से कार्य करने की अनुमति दी जाए।
कक्षा की आवश्यकताएँ1. विद्यार्थियों के सहज रूप से कार्य करने के लिए पर्याप्त हवादार स्थान।
2. कला-सामग्री, उपकरण, आवश्यक स्टेशनरी, श्रव्य दृश्य (ऑडियो-विजुअल) सुविधाओं तथा उनके समुचित भंडारण हेतु उपयुक्त स्थान की उपलब्धता।
3. कलाकृतियों की समय-समय पर प्रस्तुति एवं प्रदर्शनी के लिए समुचित स्थान।
दृश्य-कला का शिक्षणशास्त्र1. अवधारणाओं और प्रक्रियाओं को समझाने के लिए कथा-कथन और दैनिक जीवन के उदाहरणों का उपयोग करें।
2. विद्यार्थियों को अपनी मौलिक कल्पनाएँ, भावनाएँ, विचार और जिज्ञासाएँ अपनी कलाकृतियों के माध्यम से स्वतंत्रतापूर्वक व्यक्त करने के लिए प्रोत्साहित करें।
3. विद्यार्थियों को दैनिक जीवन का सजग अवलोकन करने हेतु प्रेरित करें और फोटोग्राफ या अन्य स्रोतों से चित्रों का अनुकरण करने की प्रवृत्ति को हतोत्साहित करें।
4. विद्यार्थियों को कक्षा में अपने विचारों पर समन्वेषण, प्रयोग, सहयोग और संवाद करने की स्वतंत्रता दें।
5. अपने परिवेश की संस्कृति और जीवन को देखने-समझने के लिए बाह्य गतिविधि और शैक्षणिक भ्रमण सम्मिलित करें।
6. पढ़ाई जा रही विषय-वस्तु से संबंधित विभिन्न कलाकारों और कलाकृतियों से विद्यार्थियों को परिचित कराएँ।
7. विद्यालय परिसर में कला से संबंधित कार्यशालाओं का आयोजन करें।
8. स्थानीय कलाकारों और शिल्पकारों को आमंत्रित कर उनके साथ संवादात्मक सत्रों और व्यावहारिक कार्यशालाओं का आयोजन करें।
9. विद्यार्थियों में सरल व्यावहारिक प्रवृत्ति विकसित करें, जैसे- कला-सामग्री का सावधानी से उपयोग के पश्चात सामग्री को यथास्थान रखें और गतिविधि के बाद प्रयुक्त स्थान को स्वच्छ करें।
10. प्रदर्शन हेतु कलाकृतियों का चयन करते समय विद्यार्थियों को सहभागिता हेतु एवं निर्णय लेने के लिए प्रोत्साहित करें।
दृश्य-कला आकलनकृपया सभी कला-रूपों के लिए आकलन निर्देश पढ़ें।
1. आकलन अधिगम प्रतिफलों पर आधारित होना चाहिए जो प्रारंभिक स्तर की दक्षताओं से संरेखित हो।
2. प्रत्येक विद्यार्थी को अपनी कलाकृतियों के लिए एक पोर्टफोलियो बनाना और उनका अनुरक्षण करना सीखना चाहिए। इससे विद्यार्थी एवं शिक्षक को सीखने और प्रगति मापने में सहायता प्राप्त होगी।
3. रचनात्मक आकलन के लिए एक अलग परीक्षा तिथि न होकर इसे कक्षा की गतिविधियों के साथ निम्नवत समेकित होना चाहिए-
- विद्यार्थियों को गुणात्मक प्रतिपुष्टि देकर उनकी शक्ति और सुधार के क्षेत्रों को स्पष्ट करना।
- विद्यार्थियों की कला-विषयक औपचारिक और अनौपचारिक चर्चाओं में सहभागिता को रिकॉर्ड करना।
- उनकी अवलोकन क्षमता और कला गतिविधियों में रुचि का आकलन करने के लिए शैक्षिक भ्रमण के दौरान सरल कार्य देना।
4. एक सत्र के अंत में आकलन परियोजना कार्य या प्रायोगिक गतिविधियों के माध्यम से योगात्मक आकलन किया जाना चाहिए। दृश्य-कला अनुभाग के अंत में कुछ सुझावात्मक उदाहरण दिए गए हैं।
आरंभिक स्तर के लिए दक्षताएँC-1.1 - अपने दैनिक जीवन, भावनाओं और कल्पनाओं को दर्शाने वाली विभिन्न छवियों को बनाने में उत्साह व्यक्त करते हैं।
C-1.2 - दृश्य-कला में सहयोगात्मक रूप से कार्य करते हुए विभिन्न विचारों और प्रतिक्रियाओं पर चर्चा करते हैं।
C-2.1 - अपने दैनिक अवलोकनों, व्यक्तिगत अनुभवों और भावनाओं को चित्रित करते समय दृश्य तत्वों (रेखा, आकार, रंग, स्थान, निर्मित) के विभिन्न संयोजनों का रचनात्मक उपयोग करते हैं।
C-2.2 - कक्षा में प्रस्तुत की गई कलाकृतियों के दृश्यात्मक तत्वों, विषयों और अभिव्यक्तियों की तुलना करते हैं।।
C-3.1 - दृश्य-कला में प्रयुक्त सामग्रियों, उपकरणों और तकनीकों के साथ कार्य करते समय उपयुक्त का चयन करते हैं।
C-3.2 - व्यक्तिगत और सहयोगात्मक रूप से दृश्य-कलाकृति बनाते समय योजना निर्माण, क्रियान्वयन और प्रस्तुतिकरण के चरणों का अभ्यास करते हैं।
C-4.1 – प्रकृति में दृश्यात्मक तत्वों को पहचानते हैं और उनकी कलात्मक विशेषताओं का वर्णन करते हैं।
C-4.2 - स्थानीय शिल्प कला और संस्कृति के प्रति जिज्ञासा प्रदर्शित करते हैं।
| सभी अध्यायों में आकलनीय अधिगम प्रतिफल | ||||
|---|---|---|---|---|
| पाठ्यचर्या लक्ष्य | दक्षताएँ | अधिगम प्रतिफल | शिक्षक | स्वयं |
| CG-1 | C-1.2 | कलाकृति बनाने और प्रस्तुत करने की प्रक्रिया का सहयोगात्मक रूप से विश्लेषण करते हैं। | ||
| CG-2 | C-2.2 | विभिन्न कलाकृतियों की संरचना की तुलना करते हैं तथा यह जाँचते हैं कि ये कलाकृतियाँ विभिन्न विचारों और भावनाओं को कैसे व्यक्त करती हैं। | ||
| CG-3 | C-3.1 | दृश्य-कला-सामग्री और उपकरणों का उचित उपयोग करते हैं। | ||
| CG-4 | C-4.1 | विभिन्न प्राकृतिक रूपों के दृश्यात्मक संयोजन का अवलोकन और वर्णन करते हैं। | ||
| CG-4 | C-4.2 | कलाकृतियों के विषय में अपने अवलोकनों और व्याख्याओं को प्रकट करते हैं तथा कलाकारों द्वार उपयोग की गई विधियों और प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं। | ||
अध्याय 1
गतिशील वस्तुएँ
क्या आपने कभी किसी मेले में विशालकाय चर्खी झूला (फेरिस पहिया) की सवारी की है?
पहिया मानवता के सबसे महत्त्वपूर्ण आविष्कारों में से एक है। 5000 वर्ष पूर्व यह मिट्टी के पात्र बनाने वाले चाक के रूप में अस्तित्व में आया। बाद में इसका उपयोग गाड़ियों और रथों में व्यक्तियों को और सामान को ढोने के लिए होने लगा।
सोचिए कि आप अपने आस-पास किन-किन वस्तुओं और स्थानों में पहियों को देखते हैं? क्या आप पहियों के बिना जीवन की कल्पना कर सकते हैं?
यह अध्याय परिवहन के संसार को जानने एवं समझने में आपकी सहायता करेगा। वाहन हिचकोले खाते हुए निरंतर गतिमान हैं। आप रोमांचक गतिविधियों के माध्यम से वाहनों का अवलोकन करेंगे और विभिन्न कलाकृतियाँ बनाएँगे जो उन्हें नवीन आकार, रंग, रूप और क्रियात्मकता प्रदान करती हैं।
गतिविधि 1.1
वाहन का चित्र बनाइएआपने अपने परिवार के साथ किसी स्थान पर घूमने के लिए या किसी व्यक्ति से मिलने जाने के लिए संभवतः यात्रा की होगी।
◆आपने यातायात के किन साधनों का उपयोग किया?
◆ क्या आपको अलग-अलग वाहनों में यात्रा करना अच्छा लगा?
◆आपको सबसे अधिक आनंद किस वाहन में आया और क्यों? प्रत्येक वाहन का अपना विशेष उद्देश्य, विन्यास (डिजाइन) और विशेषता होती है।
◆ अपनी रुचि का कोई भी वाहन चुनिए।
◆वाहन को ध्यान से देखते हुए उसमें छिपे ज्यामितीय आकार को पहचानिए और उनके चित्र बनाइए।
◆अपने चित्र में अतिरिक्त विवरण जोड़िए।
◆ वाहन का चित्र बनाइए।
◆ वाहन में अपनी इच्छानुसार रंग भरिए।
◆कलाकृति को सड़क सुरक्षा का संदेश लिखकर पूरा करिए।
गतिविधि 1.2
वाहन के अलग-अलग भागों से प्रतिरूप बनानाक्या आप कभी किसी मोटर गाड़ी की कार्यशाला में गए हैं? वहाँ मिस्त्री मोटर साइकिल, कार और अन्य वाहनों के विभिन्न भागों को अलग करके उनमें सुधार करते हैं।
जिस प्रकार वाहनों के अलग-अलग भाग होते हैं उसी प्रकार चित्रों और कलाकृतियों के भी भाग होते हैं जिन्हें दृश्यात्मक तत्व कहा जाता है।
ऊपर दिए गए चित्र में साइकिल के भागों की और दृश्यात्मक तत्वों की पहचान कीजिए।
एक अलग कागज पर किसी वाहन के दो या तीन भागों, जैसे - सीट, घंटी, पेडल, दर्पण, हत्था (हैंडल), संचालन चक्र (स्टीयरिंग व्हील) या किसी अन्य वाहन के भाग का उपयोग करके अपना प्रतिरूप बनाइए। इसमें रंग भर कर इसे और अधिक आकर्षक बनाइए।
गतिविधि 1.3
पहेली सुलझाइएपृष्ठ में दाहिनी ओर एक वाहन के अनेक भाग दिए गए हैं।
क्या आप इन भागों को देखकर अनुमान लगा सकते हैं कि यह कौन-सा वाहन है?
वाहन को पूर्ण निर्मित करने के लिए अपने चित्र में इन भागों को एक साथ सम्मिलित करें।
गतिविधि 1.4
मेरा स्वप्न वाहनयदि आप अपने सपनों का कोई वाहन बना सकते तो वह कैसा दिखता? क्या वह उड़ता या तैरता या फिर सरकता? क्या उसमें बहुत-से लोग सवार होते या केवल आप होते? क्या वह बच्चों, वृद्धों एवं पशुओं के लिए भी उपयुक्त होता? अपने इस सपनों के वाहन का एक रेखाचित्र बनाइए।
अपने सपनों के वाहन का एक प्रतिरूप (मॉडल) बनाइए सामग्री - पुराना गत्ता, माचिस की खाली डिब्बियाँ, बोतलों के ढक्कन, अनुपयोगी डिब्बे, लकड़ी की छड़ियाँ, कैंची, गोंद और टेप।
सावधानियाँ - नुकीले अथवा धारदार उपकरणों का उपयोग करते समय सतर्क रहें और आवश्यकता हो तो किसी बड़े से सहायता लें और बड़ों के पर्यवेक्षण में इस कार्य को करें।
अपने चित्र को संदर्भ मानकर अपने सपनों के वाहन का प्रतिरूप बनाइए।
◆ प्रतिरूप बनाते समय आवश्यकता के अनुसार परिवर्तन करें।
◆ जब आपका स्वप्न वाहन बनकर तैयार हो जाए तो रंगों और अन्य सामग्रियों की सहायता से उसकी सजावट करें। संभवतः आपने साइकिलों, ऑटो रिक्शाओं और ट्रकों को सजा हुआ देखा होगा। यह सजावट सामान्यतः चालक या वाहन के स्वामी की पहचान को दर्शाती है। जब आपका वाहन तैयार हो जाए तो अपनी रुचि के अनुसार उसकी सजावट करें।
गतिविधि 1.5
बस स्टॉपलोग प्रायः बस स्टॉप पर बस की प्रतीक्षा करते हैं।
छोटे-छोटे समूह बनाएँ तथा बस स्टॉप पर बस की प्रतीक्षा के अपने अनुभवों पर चर्चा करें।
◆ बस स्टॉप कहाँ स्थित था?
◆ क्या वहाँ आपके साथ विभिन्न आयु वर्ग के व्यक्ति भी प्रतीक्षा कर रहे थे?
◆ क्या उनमें से किसी को बस में चढ़ने में कोई कठिनाई हुई?
◆ क्या वहाँ सभी के लिए पर्याप्त स्थान था?
◆ क्या बस स्टॉप आरामदायक था? (क्या वहाँ छत, रैंप, बेंच आदि की सुविधा थी?)
आप एक सुविधाजनक बस स्टॉप की रूपरेखा कैसे तैयार करेंगे?◆ अपने लिए बस स्टॉप पर प्रतीक्षा को अधिक सुखद बनाने हेतु आप कौन-सी सुविधाएँ बनाएँगे।
◆बस स्टॉप पर वृद्धों, बच्चों या दिव्यांग व्यक्तियों के लिए कौन-कौन सी सुविधाएँ आवश्यक होंगी?
अपने बस स्टॉप का चित्र बनाइए।
इस चित्र को अपने समूह के साथ साझा करें।
अब सभी सदस्यों के विचारों को सम्मिलित करते हुए एक बस स्टॉप का साझा चित्र तैयार करें।
संदर्भ के रूप में चित्र का उपयोग करते हुए बस स्टॉप का त्रि-आयामी प्रतिरूप बनाएँ।
जब आपका बस स्टॉप का प्रतिरूप तैयार हो जाए तब कुछ खिलौना वाहन एकत्रित करें या अपने स्वयं के वाहन बनाएँ।
बस स्टॉप पर एक व्यस्त दिन की कल्पना करें और उस दृश्य का वर्णन करें।
अपनी कल्पना से बस स्टॉप का चित्र बनाइए।
आकलन
| अध्याय 1 – गतिशील वस्तुएँ | ||||
|---|---|---|---|---|
| पाठ्यचर्या लक्ष्य | दक्षताएँ | अधिगम प्रतिफल | शिक्षक | स्वयं |
| CG-1 | C-1.1 | द्वि-आयामी और त्रि-आयामी कलाकृतियों के माध्यम से विभिन्न संदर्भों में वस्तुओं का और उनके डिजाइन का चित्रण करते हैं। | ||
| C-2.1 | CG-2 | वस्तुओं के भागों को अपनी कल्पना से जोड़कर नए आकार, प्रतिरूप और अन्य वस्तुएँ बनाते हैं। | ||
| CG-3 | C-3.2 | सहपाठियों से प्राप्त परामर्शों के आधार पर दृश्य-कलाकृति के एक से अधिक संस्करण बनाने का प्रयास करते हैं। | ||
| कक्षा में पूर्ण सहभागिता करते हैं। | ||||
शिक्षक-अवलोकन
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अन्य टिप्पणियाँ
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