अध्याय 4 काल्पनिक जीव
हमारी कल्पनाशक्ति हमें उन वस्तुओं को देखने की शक्ति प्रदान करती है जो विद्यमान ही नहीं हैं। अतीत में परिश्रम, दृढ़ता और समर्पण के माध्यम से ऐसी अनेक कल्पनाएँ साकार हुई हैं। उदाहरण के लिए, पक्षियों की तरह उड़ने का सपना हमें वायुयान के आविष्कार तक ले गया। क्या आप ऐसे अन्य आविष्कारों के विषय में सोच सकते हैं जिनसे हम मछलियों की भाँति तैर सकें, मकड़ियों की तरह जाल बुन सकें और केंचुओं की तरह धरती में सुरंग बना सकें।
एक कलाकार के रूप में आप न केवल वह बना सकते हैं जो आपके
चारों ओर विद्यमान है अपतुि वह भी बना सकते हैं जिसकी आप कल्पना करते हैं या स्वप्न देखते हैं। भारतीय कला में हमें प्रायः ऐसे काल्पनिक जीव मिलते हैं जो कई अलग-अलग जीवों के अंगों से मिलकर बने होते हैं।
उनके चारों ओर बहुत-सी कथाएँ बुनी जाती हैं। संभवतः आपने ऐसी कहानियों का आनंद लिया होगा। जैसे-जैसे उनके प्रतीकों के रहस्य खुलते हैं, वे और भी रोचक बनते जाते हैं।
गतिविधि 4.2
मेरा आदर्श जीव
किसी ऐसे व्यक्ति, पशु और पौधे के विषय में विचार कीजिए जिनकी कुछ विशेषताएँ आपको बहुत पसंद आती हैं।
| व्यक्ति | पशु | पौधे | वस्तु | |
|---|---|---|---|---|
| उनकी विशेषताएँ लिखिए |
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| उनके ऊपरी शरीर का चित्र बनाइए |
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| उनके मध्य शरीर का चित्र बनाइए |
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| उनके निचले शरीर का चित्र बनाइए |
अब अपने नेत्र बंद कीजिए और इन तीनों की विशेषताओं को एक साथ मिलाकर एक जीव की कल्पना कीजिए। संभव है कि ऐसा आदर्श जीव वास्तव में अस्तित्व में न हो परंतु आप अपनी कला द्वारा उसे साकार कर सकते हैं।
गतिविधि 4.3 काल्पनिक जीव का निर्माण
आपके द्वारा बनाए गए चित्रों को ध्यानपूर्वक देखिए।
विभिन्न संयोजनों के विषय में विचार कीजिए- उदाहरण के लिए, उसका सिर किसी पशु का हो सकता है, शरीर किसी व्यक्ति का और पैर किसी पौधे का निचला भाग हो सकता है या किसी वस्तु के हो सकते हैं।
आप अन्य संयोजनों की रचना करने का भी प्रयास कीजिए। यदि आप चाहें तो एक से अधिक सिर, पैर या अन्य अंग भी बना सकते हैं।
◆ जो चित्र आपको सबसे अधिक पसंद आए, उसे अगले पृष्ठ पर बनाइए।
◆ उसमें वस्त्र, आभूषण और अन्य सजावटी वस्तुएँ जोड़िए एवं साथ ही उसमें आकर्षक रंग भरिए।
◆अपने काल्पनिक जीव के लिए ऐसा नाम सोचिए जो उसका वर्णन करता हो और उसके विषय में रचनात्मक रूप से लिखिए।
नीचे दिए गए स्थान में अपने काल्पनिक जीव का चित्रण कीजिए।गतिविधि 4.4
मेरे काल्पनिक जीव का संसार
जिस संसार में हम रहते हैं उसमें वायु, सूर्य, जल, ऑक्सीजन, नदियाँ, धरती और वृक्ष जैसे भौगोलिक तत्व विद्यमान हैं। अपने जीवन को सुखद बनाने के लिए हम घर, सड़कें और अन्य उपकरण बनाते हैं।
अपने काल्पनिक जीव के लिए एक ऐसे संसार की कल्पना कीजिए जिसमें वे आराम से निवास और भ्रमण कर सकें।
आपके द्वारा बनाए गए काल्पनिक जीव को अपने मित्रों को दिखाइए और उन्हें प्रश्न पूछने का अवसर प्रदान कीजिए-
◆ इस जीव का रुचिकर भोजन क्या है?
◆क्या यह सोता है?
◆ इसका हृदय कहाँ है?
यह कहाँ रहता है?
◆ यह कैसे चलता-फिरता है?
◆ इसकी छाया कैसी दिखाई देती है?
इन प्रश्नों के उत्तर देने की प्रक्रिया में आप अपने काल्पनिक जीव को भली-भाँति समझ पाएँगे और उसके लिए एक उपयुक्त संसार की रचना कर पाएँगे।
◆ एक ऐसा चित्र बनाइए अथवा पहले से बनाए गए चित्र में परिवर्तन कीजिए जिसमें आपका काल्पनिक जीव आपके काल्पनिक संसार में विद्यमान हो।
◆ इसे कोई क्रियाकलाप करते हुए दर्शाइए और इसकी छाया को रचनात्मक रूप से बनाइए ।
◆ यथासंभव अधिकाधिक विवरण जोड़िए और इस चित्र में अपनी इच्छानुसार रंग भरिए।
नीचे दिए गए स्थान में अपने काल्पनिक जीव को उसके संसार में चित्रित कीजिए।आकलन
| अध्याय 4 - काल्पनिक जीव | ||||
|---|---|---|---|---|
| पाठ्यचर्या लक्ष्य | दक्षताएँ | अधिगम प्रतिफल | शिक्षक | स्वयं |
| CG-2 | C-2.1 | पशुओं, पौधों, मनुष्यों और वस्तुओं के विभिन्न भागों को मिलाकर काल्पनिक जीवों का निर्माण करते हैं। | ||
| CG-4 | C-4.2 | पौराणिक चरित्रों की कहानियों को सुनाते हैं और उन पर चर्चा करते हैं। | ||
| कक्षा में पूर्ण सहभागिता रखते हैं। | ||||
शिक्षक-अवलोकन
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अन्य टिप्पणियाँ———————
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