अध्याय 5
संदेश का प्रचार-प्रसार
विद्यालयीय कार्यक्रम आनंददायक होते हैं किंतु क्या आपको पता है कि ऐसे कार्यक्रमों के लिए अत्यधिक तैयारी और व्यवस्थित प्रबंधन की आवश्यकता होती है। सामान्यतः हमारी इच्छा होती है कि हमारे कार्यक्रम के विषय में अधिक से अधिक व्यक्तियों को सूचना प्राप्त हो और वे उसमें सम्मिलित हों। कार्यक्रम के विषय में सूचना देने की एक विधि है - वार्ता। वर्तमान में प्रायः पोस्टर, निमंत्रण पत्र और ऑनलाइन संदेश आदि साझा कर भी सूचना दी जा रही है।
एक पोस्टर या निमंत्रण पत्र न केवल आकर्षक दिखना चाहिए अपितु उसमें दी गई सूचना स्मरणीय भी होनी चाहिए।
पोस्टर का उपयोग व्यक्तियों को सड़क-सुरक्षा, व्यक्तिगत सुरक्षा, स्वच्छता, पोषण एवं स्वास्थ्य, अच्छी प्रवृत्ति, विद्यालय के नियम आदि जैसे महत्त्वपूर्ण विषयों को स्मरण कराने के लिए भी किया जा सकता है।
एक भली-भाँति डिजाइन किया गया पोस्टर किसी व्यक्ति के व्यवहार और विचारों पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
इस अध्याय में आप कुछ मूलभूत डिजाइन सिद्धांतों से परिचित होंगे। ये सिद्धांत किसी चयनित विषय पर प्रभावशाली और आकर्षक पोस्टर बनाने में आपकी सहायता करेंगे। ये सिद्धांत आपके द्वारा निर्मित डिजाइन की दृश्यात्मक सुंदरता और प्रभाव को उत्कृष्टता प्रदान करेंगे।
पोस्टर डिजाइन के मूल तत्व
पोस्टर सूचना और जागरूकता संदेशों को प्रस्तुत करते हैं। इनमें चित्रों और शब्दों का संयोजन इस प्रकार होता है कि वे अनायास ही ध्यान आकर्षित करते हैं तथा शीघ्रता से एवं प्रभावी रूप से संदेश को पहुँचाते हैं।
इस पृष्ठ पर दिए गए पोस्टरों को ध्यान से देखिए।
◆ विभिन्न पोस्टरों में प्रयुक्त सामान्य तत्वों की पहचान कीजिए।
◆ प्रत्येक पोस्टर में मुख्य संदेश को सरलता से समझने में कौन-से तत्व सहायता करते हैं?
◆ प्रत्येक पोस्टर में सर्वप्रथम आपकी दृष्टि किस बिंदु पर जाती है और क्यों?
पोस्टर कुछ ही शब्दों में प्रभावी रूप से संदेश का प्रसार करते हैं। पोस्टर में शब्दों और चित्रों की संरचना डिजाइन के सिद्धांतों पर आधारित होती है। ये सिद्धांत हमें प्रभावी डिजाइन के संदर्भ में निर्णय लेने में सहायता करते हैं।
प्रमुखता (Emphasis) डिजाइन का एक सिद्धांत है जिसमें किसी एक भाग को अन्य भागों से अधिक महत्त्व दिया जाता है। यह सिद्धांत दर्शक का ध्यान उस मुख्य संदेश पर केंद्रित करने में सहायक होता है जिसे चित्र और शब्द मिलकर व्यक्त करते हैं।
◆दाहिनी ओर दिए गए पोस्टर में उस चित्र अथवा शब्द की पहचान कीजिए जिसे प्रमुखता दी गई है।
◆उस भाग को कैसे प्रमुख बनाया गया है?
◆आप निम्नलिखित बिंदुओं को पहचान सकते हैं-
•उसका आकार बड़ा है।
•उसका रंग अन्य भागों की तुलना में अधिक चमकदार एवं आकर्षक है।
•वह भाग रेखांकित है अथवा विशेष रूप से उभारा गया है।
•दिए गए पोस्टर में प्रमुखता किस प्रकार सहायता करती है?
प्राथमिकता क्रम एक अन्य डिजाइन सिद्धांत है। उदाहरण के लिए— समाचार-पत्र में शब्दों को भिन्न-भिन्न आकार में मुद्रित किया जाता है। मुख्य समाचारों के शीर्षक बड़े और गाढ़े होते हैं ताकि उन्हें पहले पढ़ा जाए। कम महत्त्वपूर्ण बातों को छोटे आकार में मुद्रित किया जाता है।
एक लापता हुए पालतू पशु के विषय में बने पोस्टर में पशु के चित्र को अधिक स्थान दिया जाता है। इसके बाद अति महत्त्वपूर्ण विवरण हो सकता है- 'लापता' लिखा हुआ शब्द। ये दोनों बातें देखने वाले का ध्यान मुख्य विषय की ओर खींचती हैं।
अन्य सूचनाएँ जैसे कि पशु के स्वामी का संपर्क-विवरण महत्त्वपूर्ण होती हैं परंतु उन्हें कम महत्त्व दिया जाता है और इसलिए वे छोटे आकार में या कम स्थान में दिए जाते हैं।
किसी भी पोस्टर को पुनः ध्यान से देखिए और उसमें प्रयुक्त तत्वों के महत्त्व का क्रम समझने का प्रयास कीजिए।
नीचे दिए गए पोस्टर में विभिन्न तत्वों के प्राथमिकता क्रम को पहचानिए और लिखिए।
गतिविधि 5.1 अपना पोस्टर बनाइए
डिजाइन के सिद्धांतों 'प्रमुखता और प्राथमिकता' का उपयोग करके अपना पोस्टर बनाइए।
चरण 1एक संदेश का चयन कीजिए जिसे आप अपने सहपाठियों तक पहुँचाना चाहते हैं। उदाहरण के लिए, कक्षा की स्वच्छता, सड़क-सुरक्षा अथवा दैनिक स्वच्छता।
चरण 2योजना बनाइए कि आप इसमें कौन-कौन से चित्र सम्मिलित करेंगे और उनका आकार क्या होगा।
चरण 3अपने संदेश के लिए एक वाक्य या वाक्यांश लिखिए। व्याकरण और वर्तनी की जाँच के लिए अपने शिक्षक की सहायता लीजिए।
चरण 4चित्रों और शब्दों के लिए प्राथमिकता क्रम निर्धारित कीजिए कि कौन-सा भाग अति महत्त्वपूर्ण है अथवा कौन-सा भाग कम महत्त्वपूर्ण है।
चरण 5अपने पोस्टर की एक प्रारंभिक रूपरेखा बनाइए, जैसे- कौन से शब्द कहाँ रखे जाएँगे और वे कितना स्थान लेंगे आदि।
चरण 6अपनी प्रारंभिक रूपरेखा को देखिए और जाँच कीजिए कि क्या आपका अति महत्त्वपूर्ण तत्व सबसे अधिक प्रभावशाली दिख रहा है? क्या वह सबसे पहले ध्यान आकर्षित कर रहा है? क्या आपको पोस्टर उस क्रम में दृष्टिगत होता है जैसी आपने योजना बनाई थी?
चरण 7एक A3 आकार का कागज लीजिए और उसके चारों ओर 3 सेंटीमीटर की सीमा खींचिए। शब्दों को परस्पर एक सीध में लिखने के लिए समांतर रेखाएँ खींचिए।
चरण 8उस पर चित्र बनाइए, विवरण जोड़िए और रंग भरिए।
नीचे दिए गए स्थान में अपने पोस्टर की प्रारंभिक रूपरेखा तैयार कीजिए।
डिजाइन सिद्धांत का उपयोग मात्र पोस्टरों में ही नहीं किया जाता है अपितु विज्ञापनों में भी किया जाता है।
पुराने समाचार-पत्र एवं पत्रिकाएँ एकत्रित कीजिए और उनमें से छोटे-छोटे विज्ञापन काटकर दिए गए स्थान पर चिपकाइए। ध्यान से देखिए और लिखिए कि डिजाइन में प्रमुखता और प्राथमिकता का क्रम क्या है?
आकलन
| अध्याय 5 - संदेश का प्रचार-प्रसार | ||||
|---|---|---|---|---|
| पाठ्यचर्या लक्ष्य | दक्षताएँ | अधिगम प्रतिफल | शिक्षक | स्वयं |
| CG-1 | C-1.1 | दैनिक जीवन से जुड़ी समस्याओं और घटनाओं को संबोधित करने वाले पोस्टर बनाते हैं। | ||
| CG-2 | C-2.1 | पोस्टर बनाते समय डिजाइन सिद्धांतों का उपयोग करते हैं। | ||
| CG-3 | C-3.2 | पोस्टर बनाने के लिए विभिन्न संदर्भों पर विचार करते हैं और उसी के अनुसार योजना बनाते हैं। | C-3.2 | |
| कक्षा में पूर्ण सहभागिता करते हैं। | ||||
शिक्षक-अवलोकन
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अन्य टिप्पणियाँ
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योगात्मक आकलन
आकलन
हेतु
गतिविधि (उदाहरण)
आकलन
के
मापदंड
व्यक्तिगत
पारिवारिक अवसर के लिए एक निमंत्रण-पत्र बनाइए, जैसे- गृहप्रवेश, नामकरण संस्कार, विवाह, वर्षगाँठ अथवा किसी अन्य शुभ अवसर हेतु।
•पत्र के आकार के विषय में विचार करें।
•इसके प्रारूप पर विचार करें (सामने और पीछे, एक बार मोड़ने वाला इत्यादि)।
•एक आकर्षक किनारा या सीमांकन (बॉर्डर) डिजाइन बनाइए।
•आयोजन को दर्शाने वाले चित्र बनाइए और पत्र में उपयुक्त स्थान पर लगाइए।
•निमंत्रण-पत्र के लिए उपयुक्त पंक्ति पर विचार कीजिए और लिखिए।
पत्र के आकार और प्रारूप की उपयुक्तता को समझते हैं।
•डिजाइन सिद्धांतों का उपयोग करते हैं।
•चित्र और पाठ के मध्य संबंध समझते हैं।
•स्वच्छता और पूर्णता का ध्यान रखते हैं।
सामूहिकचार विद्यार्थियों का एक समूह बनाइए और मिलकर एक बड़ी कलाकृति बनाइए (चार्ट पेपर का आकार - 8.5 * 11 इंच)।
•ऐसी किसी कहानी का चयन कीजिए जिसमें कोई काल्पनिक जीव हो।
•परस्पर चर्चा द्वारा कहानी से किसी एक दृश्य को चुनें।
•चयनित दृश्य की रचना इस प्रकार कीजिए कि उसमें अग्रभूमि, मध्यभूमि और पृष्ठभूमि स्पष्ट रूप से दिखाई दें।
•कहानी के मुख्य चरित्र और दृश्य के अन्य तत्वों को चित्रित कीजिए।
•चित्रांकन में कोलाज, रेखाचित्र, रंग भरना, छपाई जैसे विभिन्न माध्यमों और प्रक्रियाओं का प्रयोग कीजिए।
•आपके द्वारा बनाए गए चित्र को कक्षा में प्रदर्शित कीजिए और अन्य समूहों द्वारा बनाए गए चित्रों को भी ध्यान से देखिए।
•काल्पनिक जीव वाली कहानी की कल्पना और चित्रण करते हैं।•चित्र संरचना में अग्रभूमि, मध्यभूमि और पृष्ठभूमि का उपयोग करते हैं।
•विभिन्न सामग्रियों, उपकरणों और तकनीकों का उपयोग करते हैं।
•सहभागिता, संवाद और प्रतिपुष्टि प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी करते हैं।
