अध्याय 7
इसे एक कहानी का रूप दें
आपने अपने वस्त्रों या यूनिफॉर्म के संदर्भ में कई बार 'सिलाई' और 'बुनाई' शब्द सुने होंगे। इनका क्या अर्थ है?
कॉलिन्स शब्दकोश के अनुसार सिलाई का अर्थ है वस्तुओं को जोड़ना, विशेष रूप से वस्त्रों को टाँकों की सहायता से जोड़ना। ये टाँकें धागे के फंदे या छल्ले अथवा मोड़ होते हैं। इन्हें हाथ से अथवा मशीन से भी बनाया जा सकता है और इनका उपयोग सिलाई, पुनर्निर्माण और सजावट के लिए किया जाता है।
जैसे सुई अलग-अलग बिंदुओं को जोड़ती है वैसे ही कहानी में भी भिन्न-भिन्न परिस्थितियाँ जुड़ी होती हैं। जैसे एक दर्जी भिन्न-भिन्न कपड़ों को एक साथ सिलता है, वैसे ही आप भी विभिन्न परिस्थितियों को एक साथ जोड़कर एक कहानी बना सकते हैं।
आइए, पिछले अध्याय में आपके द्वारा समूह गतिविधियों में बनाई गई स्थितियों को जोड़ कर आरंभ करें। उदाहरण के लिए हम सब्जी-बाजार से प्रारंभ करते हैं। मान लीजिए कि हम कार्यालय तथा घर के दृश्यों को इससे जोड़ना चाहते हैं। विभिन्न दृश्यों को बिना किसी मिलान बिंदु के एक के बाद एक नहीं जोड़ा जा सकता है। अतः आप इसमें एकरूपता कैसे ला सकते हैं?
ऊपर दिए गए तीनों चित्रों को देखिए। यद्यपि ये तीनों एक-दूसरे से पूरी तरह असंगत लगते हैं परंतु आप अपनी रचनात्मकता से इन्हें जोड़ सकते हैं। यही रचनात्मक सिलाई है। आइए सबसे पहले इन स्थितियों का क्रम परिवर्तित करते हैं जिससे अर्थ निकालने में सहायता मिल सके।
क्रम परिवर्तित करने के बाद कहानी कुछ इस प्रकार हो सकती है-राजू विद्यालय जाने के लिए तैयार हो रहा था। जैसे ही वह नाश्ता कर रहा था कि अचानक उसे याद आया कि स्वास्थ्य एवं पोषण पर एक परियोजना के लिए विद्यालय में उसे चार अलग-अलग सब्जियाँ लेकर जानी हैं। जब उसने घड़ी देखी तो उसे बोध हुआ कि अब वह विद्यालय में विलंब से पहुँचेगा। यदि वह बाजार जाता तो वह उस परियोजना में सहभागिता नहीं कर पाता जिसकी योजना उसने अपने मित्रों के साथ बनाई थी और उसका अभ्यास भी किया था। अतः किसी तरह उसने शीघ्रता से भोजन किया और बाजार की ओर दौड़ा। किंतु वह निराश हुआ क्योंकि उसे चार में से केवल दो प्रकार की सब्जियाँ ही मिलीं। कोई अन्य विकल्प न होने पर वह केवल दो प्रकार की सब्जियाँ लेकर विद्यालय गया। किंतु राजू की माँ उसकी सहायता के लिए आगे आई, उन्होंने विद्यालय के शिक्षक को फोन करके पूछा कि राजू के पास परियोजना के लिए सब्जियाँ हैं या नहीं। उन्हें शिक्षक से यह ज्ञात हुआ कि उसे दो और सब्जियाँ चाहिए। राजू की माँ ने शीघ्र ही ऑनलाइन ऑर्डर दिया कि सब्जियाँ सीधे विद्यालय में पहुँचा दी जाएँ। सब्जियाँ सही समय पर विद्यालय पहुँच गईं और राजू ने परियोजना को पूर्ण किया।
ऊपर नारंगी बक्सों में दिए गए चित्र कहानी के प्रवाह को बनाए रखने के लिए जोड़े गए नए भाग हैं, यद्यपि मुख्य स्थितियाँ वही हैं।
अब आप कहानी के प्रवाह को बनाए रखने के लिए स्वयं के विचारों को जोड़कर ऐसी और भी स्थितियों को जोड़ने का प्रयास कर सकते हैं। अब आपने भी मेरी तरह कहानियों को बुनना सीख लिया है। इसे ही कथापट्ट कहा जाता है। कथापट्ट का उपयोग व्यावसायिक और फिल्म निर्माता करते हैं।
कढ़ाई कथापट्ट - वस्त्र पर प्रत्येक पुष्प को एक अलग स्थिति के रूप में सोचिए। धागा एक पुष्प को दूसरे पुष्प से जोड़ता है जिससे 'प्रवाह' बना रहे। इस तरह से कथापट्ट में कई चित्र जुड़े होते हैं।
कथापट्ट पर दृश्य कला गतिविधि (3.5) भी इसमें आपकी सहायता करेगी।
गतिविधि 7.1 चित्रांकन के माध्यम से कहानी
आप पूर्व में चयनित समूहों में कार्य करना जारी रख सकते हैं। प्रत्येक समूह काल्पनिक स्थितियों के साथ आएगा। फिर उन्हें पहले दिए गए उदाहरण की तरह एक साथ जोड़ेगा ताकि स्थितियों के बीच उचित प्रवाह के साथ एक सरल कहानी प्रस्तुत की जा सके।
शिक्षक के लिए निर्देश - भले ही विद्यार्थी कहानी को केवल सुना रहे हों पर उन्हें इसे केवल पढ़कर सुनाने के अतिरिक्त भावना, गतिविधि और अभिव्यक्ति के साथ निभाने के लिए प्रोत्साहित करें। कथापट्ट बनाने से दृश्य की कल्पना करने में सहायता मिलेगी।
विकसित स्तर - विभिन्न प्रकार की स्थितियाँ लिखी हुई पर्चियों को एक कटोरे में संकलित कर समूह के सामने रखा जाता है। यह ऐतिहासिक अथवा दैनिक जीवन से जुड़ी घटना और कोई काल्पनिक स्थिति या पूर्व पठित कोई कहानी भी हो सकती है। प्रत्येक समूह एक पर्ची का चयन करता है और लिखित परिस्थिति को जोड़ने की दिशा में कार्य करता है, चाहे वह कितना भी अनियमित क्यों न हो।
- क्या आपको लगता है कि कथापट्ट कॉमिक्स की तरह हैं? यदि नहीं तो वे किस प्रकार भिन्न हैं?
- इस अभ्यास का सबसे चुनौतीपूर्ण पहलू क्या था?
- कक्षा 3 और 4 में आपने जो दृश्य-कला अनुभाग पढ़ा था, उसमें कौन-कौन से पाठ कथापट्ट बनाते समय आपके लिए उपयोगी थे?
विस्तारित गतिविधि- आपकी कक्षा 4 की अंग्रेजी की पाठ्यपुस्तक संतूर से कथापट्ट।
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आकलन
| अध्याय 7 - इसे एक कहानी का रूप दे | ||||
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| दक्षताएँ
C-2.1- विभिन्न चरित्रों, भूमिकाओं, स्थितियों, स्थानों और प्रारंभिक मंच-सामग्री को मिलाकर दैनिक जीवन की घटनाओं पर आधारित कक्षा में नाटक बनाते और प्रस्तुत करते हैं। C-2.2- नाटक के विषयों और तत्वों तथा कक्षा में सृजित संबंधित कलात्मक अभिव्यक्तियों की तुलना कर समानता और असमानता रेखांकित करते हैं। |
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| पाठ्यचर्या लक्ष्य | दक्षताएँ | अधिगम प्रतिफल | शिक्षक | स्वयं |
| CG-2 | C-2.1 | कहानी के तत्वों को रचनात्मक रूप से दो स्थितियों से जोड़ते हैं। | ||
| C-2.1, 2.2 | कहानी के 'प्रवाह' को समझते हैं और मित्रों की कहानियों से उसकी तुलना करते हैं। | |||
| C-2.2 | कथापट्ट की अवधारणा को समझते है। | |||
| C-2.1 | नई कहानी बनाने के लिए स्थितियों के क्रम को रचनात्मक रूप से परिवर्तित करते हैं। | |||
| C-2.2 | केवल अपने विचारों पर कार्य करने के स्थान पर 'एक साथ' परिदृश्य के निर्माण पर कार्य करते हैं। | |||
| कक्षा में पूर्ण सहभागिता करते हैं। | ||||
शिक्षक-अवलोकन
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अन्य टिप्पणियाँ———————
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