अध्याय 10
गायन एवं वादन
प्रिय शिक्षक,
जैसे-जैसे हम संगीत शिक्षा की इस यात्रा में आगे बढ़ते हैं, हमें अपने विद्यार्थियों को एक रचनात्मक और आनंददायक मंच प्रदान करने का अवसर प्राप्त होता है। प्रत्येक विद्यार्थी स्वाभाविक रूप से रचनात्मक होता है और एक शिक्षक के रूप में यह हमारा दायित्व है कि हम उन्हें एक ऐसा सुरक्षित स्थान उपलब्ध कक्षायें करवाएँ जहाँ वे बिना किसी भय या आकलन के सीख सकें। यह पुस्तक इस अनुभव को संभव बनाने में आपकी सहायता कर सकती है।
यहाँ कुछ दिशा-निर्देश दिए गए हैं जो एक चमत्कारिक कक्षा अनुभव देने में आपकी सहायता कर सकते हैं-
◆कक्षा का आरंभ मुस्कान और अभिवादन तथा स्वराभ्यास से करें जिससे विद्यार्थियों को सीखने के लिए प्रेरित किया जा सके।
◆सदैव एक तानपूरे (इलेक्ट्रॉनिक या ऐप आधारित) का उपयोग करें ताकि विद्यार्थी गाते समय सुर में रहना सीख सकें।
◆ इस पुस्तक में विभिन्न भाषाओं के गीत सम्मिलित किए गए हैं। आप अपने क्षेत्र की भाषा से भी किसी गीत का चयन कर सकते हैं जिसके अभ्यास से उद्देश्य पूरा हो सके।
◆जहाँ तक संभव हो, यह सुनिश्चित करें कि गतिविधियों के समय विद्यार्थियों को घूमने के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध हो।
◆ विद्यार्थियों के प्रयासों को प्रोत्साहित करें। साथ ही सभी विद्यार्थियों को गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें।
◆ जहाँ तक संभव हो, विद्यार्थियों को विभिन्न शैलियों के संगीत का अनुभव करने के लिए प्रोत्साहित करें।
◆ विद्यालय में किसी संगीत कार्यक्रम का आयोजन करवाएँ और विद्यार्थियों को सीधी संगीत प्रस्तुति या प्रदर्शन में ले जाने हेतु प्रबंध करें।
◆विद्यार्थियों को संगीत और कला के अनुभव में सहयोग कराने हेतु अपने शहर या कस्बे में उपलब्ध अन्य संसाधनों पर प्रकाश डालें।
◆कक्षा के समय और विद्यालय के कार्यक्रमों के दौरान प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की प्रतिभाओं और उनकी क्षमताओं को प्रदर्शित करने का प्रयास करें।
यह आरंभिक स्तर का अंतिम वर्ष है, अतः जहाँ तक संभव हो, पिछले वर्षों की अवधारणाओं को सुदृढ़ करने का प्रयास करें ताकि इस चरण के लिए निर्धारित दक्षताएँ और पाठ्यचर्या संबंधी लक्ष्य पूरे हो सकें।
रचनात्मक आकलन के लिए प्रत्येक अध्याय के अंत में दिशा-निर्देश दिए गए हैं जिन्हें मुख्य रूप से कक्षा में अवलोकन के माध्यम से संचालित किया जाना चाहिए। संगीत अनुभाग के अंत में योगात्मक आकलन के लिए सुझाव दिए गए हैं और इस चरण के लिए दक्षताएँ अगले पृष्ठ पर दी गई हैं। आकलन का उद्देश्य मुख्य रूप से यह देखना है कि विद्यार्थी निर्धारित योग्यताओं तक पहुँचने में सक्षम हैं अथवा नहीं या उन्हें और अधिक सहयोग की आवश्यकता है। विद्यार्थियों के विकास में सहयोग करने के लिए उन्हें गुणात्मक प्रतिपुष्टि प्रदान कीजिए।
तारांकित गतिविधियों को कोई भी शिक्षक या सीमित संसाधनों वाले विद्यालय भी संचालित कर सकते हैं।
आरंभिक स्तर के लिए दक्षताएँ-
C-1.1 जिस संगीत से वे परिचित हैं, उस संगीत का अभ्यास और प्रस्तुति करने के लिए उत्साह व्यक्त करते हैं।
C-1.2 संगीत में सहयोगात्मक रूप से कार्य करते हुए अपने विचारों पर चर्चा करते हैं।
C-2.1 विभिन्न प्रकार की संगीत व्यवस्थाओं (गायन, वादन, एकल, युगल, समूह) में गीतों और लयों का अभ्यास और प्रस्तुति करते हैं।
C-2.2 कक्षा में प्रस्तुत विभिन्न संगीत शैलियों में संगीत तत्वों (लय, ताल, सुर, भाव), बोल और अभिव्यक्तियों की तुलना की पहचान करते हैं।
C-3.1 संगीत में उपयोग की जाने वाली ध्वनियों, वाद्ययंत्रों और आयोजनों के चयन में विकल्प चुनते हैं।
C-3.2 प्रस्तुति के लिए संगीत का चयन करते समय विचारों का योगदान देते हैं और पूर्वाभ्यास में भाग लेते हैं।C-4.1 प्रकृति में निहित संगीत तत्वों को पहचानते हैं और उनके कलात्मक गुणों का वर्णन करते हैं।
C-4.2 स्थानीय कला और संस्कृति के प्रति जिज्ञासा प्रदर्शित करते हैं।
अध्याय 10
गायन एवं वादन
विद्यार्थियों ! पुनः आपका स्वागत है।
आइए अपनी संगीत की यात्रा एक साथ गीत गाते हुए आरंभ करें। इस प्रयोजन हेतु आप किसी ऐसे गीत का चयन कर सकते हैं जिससे आप पहले से परिचित हैं अथवा दिया गया गीत गाने का प्रयास करें।
प्रार्थना गीत - इतनी शक्ति हमें देना दाता
भाषा - हिंदी
इतनी शक्ति हमें देना दाता,
मन का विश्वास कमजोर हो ना
हम चलें नेक रस्ते पे हमसे,
भूलकर भी कोई भूल हो ना।
दूर अज्ञान के हो अँधेरे,
तू हमें ज्ञान की रोशनी दे
हर बुराई से बचके रहें हम,
जितनी भी दे भली जिंदगी दे
बैर हो ना किसी का किसी से
भावना मन में बदले की हो ना
हम न सोचें हमें क्या मिला है
हम ये सोचें किया क्या है अर्पण
फूल खुशियों के बाँटें सभी को
सबका जीवन ही बन जाए मधुबन
अपनी करुणा का जल तू बहा के
कर दे पावन हर एक मन का कोना।
गतिविधि 10.1 सामूहिक गायन
सामूहिक गायन के समय निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान देना आवश्यक है-
1. सभी विद्यार्थियों को गायन का आरंभ एवं समापन एक साथ ही करना चाहिए।
2. सभी को एक ही सुर एवं लय में गाना चाहिए।
गाने से पूर्व कोई एक व्यक्ति जैसे कि आपके शिक्षक आरंभिक स्वर तथा लय देकर सभी को बता सकते हैं कि गायन कब आरंभ करना है।
गायन आरंभ करने के पश्चात यह ध्यान दीजिए कि क्या सभी की ध्वनियाँ आपस में मिश्रित हो रही हैं।
यदि ध्वनियाँ वैसी नहीं आईं जैसी आप चाहते थे तो पुनः प्रयास करें। अभ्यास से ही संगीत उत्तम होता है।
गतिविधि 10.2
खंडों में गायन
आप पूरी कक्षा के साथ मिलकर गा चुके हैं तो आइए अब छोटे समूहों में प्रयास करते हैं।
◆किसी गीत को एक या दो साथियों के साथ मिलकर युगल या त्रयी के रूप में गाएँ। पूर्व में बताए गए समूह गायन के सिद्धांतों को ध्यान में रखें। एकल गायन और बड़े समूह में क्या अंतर है? कौन-सा सरल और कौन-सा कठिन है?
◆ऐसा गीत चुनें जिसमें तीन या चार अंतरे हों और कक्षा के विद्यार्थियों को तीन या चार समूहों में विभाजित कीजिए। प्रत्येक समूह गीत गाने के लिए निर्धारित किए गए अपने-अपने अंतरे पर अलग-अलग अभ्यास कर सकता है। जब आप पूरी तरह तैयार हो जाएँ तो समूहों को जोड़ें और पूरा गीत एक साथ गाएँ।
गीत - मी डोलकर
भाषा - मराठी
वल्हव रे नाखवा हो वल्हव रे रामा
मी डोलकर, डोलकर, डोलकर दर्याचा राजा
घर पान्यावरी बंदराला करतो ये जा
आयबापाची लाराची लेक मी लारी
चोली पिवली गो नेसलंय अंजीरी सारी
माज्या केसान गो मालीला फुलैला चाफा
वास परमालता वाऱ्यानं घेतंय झेपा
नथ नाकानं साजीरवानी
गला भरुन सोन्याचे मनी
कोलिवाऱ्याची मी गो रानी
रात पुनवेला नाचून करतंय् मौजा
मी डोलकर डोलकर, डोलकर दर्याचा राजा
वल्हव रे नाखवा हो वल्हव रे रामा
शिक्षक-संकेत-
प्रत्येक क्षेत्र में पारंपरिक व्यवसायों से संबंधित लोकगीत एवं मछली पकड़ने से संबंधित ( लोकगीत हैं। आप अपने क्षेत्र के पारंपरिक व्यवसायों से संबंधित किसी भी एक गीत का चयन कर सकते हैं।गीत सारांश -
यह एक जीवंत और ऊर्जावान मराठी लोकगीत है जो समुद्र और मछुआरों की भावनाओं को व्यक्त कर रहा है। गीत के बोल मछुआरों को 'समुद्र के राजा' के रूप में वर्णित कर रहे हैं जो गर्व, स्वतंत्रता और समुद्र के साथ गहरे जुड़ाव को व्यक्त कर रहे हैं।गतिविधि 10.3 साथ में ताली बजाना
यह एक ऐसी गतिविधि है जिसे दो व्यक्ति या दो समूहों द्वारा किया जा सकता है। जब एक व्यक्ति या समूह गीत गा रहा हो तो दूसरा समूह लय बनाए रखने के लिए गीत के साथ ताली बजाता रहेगा।
गतिविधि 10.4 वाद्ययंत्र के साथ गायन
किसी ऐसे गीत का चयन करें जिससे आप पूर्णतया परिचित हैं। क्या आप इस गीत को एकल, युगल या समूह में गाना पसंद करेंगे? किसी भी वाद्ययंत्र के साथ इस गीत को गाइए (यदि कोई आपका साथ दे सकता है) या कराओके (ट्रेक) के साथ गाइए। संगतकार के साथ गाते समय यह सुनिश्चित कीजिए कि आप एक ही लय और सुर में रहें। संगतकार के साथ अपनी आवाज में नियमित संतुलन रखने का प्रयास कीजिए।
गतिविधि 10.5 कप गीत
कप गीत एक रोचक गतिविधि है जिसमें आप अपने हाथों से ताली बजाकर और कपों को थपथपाकर तथा घुमाकर गाने की ताल को बजाते हैं। कप गीत का ऑनलाइन वीडियो देखिए और इसे लयबद्ध श्रृंखला में सीखिए। इसमें धाराप्रवाह होने में कुछ समय लग सकता है। जब तक आप धाराप्रवाह न हो जाएँ तब तक अभ्यास करें। जब आप आश्वस्त हो जाएँ तो वीडियो के साथ इसका अभ्यास करें।
अपनी पसंद के आठ मात्रा वाले किसी गीत को कप गीत के साथ गाने का प्रयास करें।
मुख वाद्य
किसी भी अवनद्ध वाद्य की मुख द्वारा थाप को मुख वाद्य कहते हैं।गतिविधि 10.6 लय एवं शब्दों का विन्यास
◆ किसी भी लयात्मक पंक्ति को निबद्ध लय में बोलने का प्रयास कीजिए जैसा – 'एक तितली अनेक तितलियाँ'।
◆ जब गा कर कुछ समय अभ्यास हो जाए तो शब्दों को गाने की लय के अनुसार बदलें। किसी शब्द पर बल देने का प्रयास करें और स्वरों की ध्वनि को कम करें। फिर सुनें और समझें कि यह सुनने में कैसा लग रहा है।
◆धीमी ध्वनि जो मन्द्र स्वर में गाते हैं और वह ध्वनियाँ जो उच्च स्वर वाली हैं, सभी की तुलना करें। शब्द एवं लय का प्रभाव समझें।
कैपेला या ध्वनि वाद्ययंत्र
कैपेला गायन की एक ऐसी शैली है। इसमें किसी वाद्ययंत्र का उपयोग किए बिना गायन किया जाता है।गतिविधि 10.7 कैपेला के साथ प्रयोग
कैपेला गीतों को इंटरनेट पर ढूंढ़िए और सुनिए। अब यह सोचिए कि क्या आप अपने मनपसंद गीत को कैपेला में गा सकते हैं जिसमें सभी वाद्य ध्वनियाँ मुख की आवाजों से बनाई जाएँ।
◆ सर्वप्रथम आपके द्वारा चुने गए गीत को ध्यान से सुनिए और पहचानने का प्रयास कीजिए कि उसमें कितने भाग हैं।
◆विचार कीजिए कि आप ये भाग आपस में किस प्रकार बाँट सकते हैं।
◆प्रत्येक भाग का अलग-अलग अभ्यास करें।
◆ अब सभी भागों को मिलाकर गाएँ। सामान्यतः यदि किसी को समय का ध्यान रखने और आरंभिक सुर देने का दायित्व दिया जाए तो यह सहायक हो सकता है।
◆ यदि आप प्रथम प्रयास में ऐसा नहीं कर पाते हैं तो निराश न हों, यह कठिन हो सकता है परंतु अभ्यास करने से इसमें सुधार होगा।
आकलन
| अध्याय 10 - गायन एवं वादन | |||
|---|---|---|---|
| दक्षताएँ | अधिगम प्रतिफल | शिक्षक | स्वयं |
| C-1.1 | सुर और लय में बिना बाधा के गीत गाने में सक्षम हैं। | ||
| C-1.2 | संगीत की धुन के साथ समूह में गा सकते हैं। | ||
| C-1.1 | स्थिर गति में सरल लय का प्रदर्शन करने में सक्षम हैं। | ||
शिक्षक-अवलोकन
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अन्य टिप्पणियाँ
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