अध्याय 16
लय के साथ नृत्य
ताल क्या है?
किसी भी गति की निश्चित एवं नियमित श्रृंखला को ताल कहा जाता है। अब आप चार मात्रा में स्थिरता का अभ्यास सीख चुके हैं।
शिक्षक-संकेत - इस गतिविधि के लिए शिक्षक विद्यार्थियों के छोटे समूह बना सकते हैं और प्रत्येक समूह को यह गतिविधि करने के लिए कह सकते हैं।
गतिविधि 16.1
ताल के साथ नृत्य
शिक्षक आपको पूर्व में अभ्यास किए चार मात्राओं वाला ताल देंगे और आप परिचित पद संचलन के साथ ताल पर नृत्य करेंगे। शिक्षक के थम जाने पर भी आपको उसी ताल पर थिरकते हुए ताली, पैरों की थाप अथवा थाप के साथ अपनी लय बनाए रखनी होगी। इस गतिविधि को कई बार दोहराया जा सकता है।
लय क्या है?
संगीत में गति को लय कहते हैं। लय में तीव्र या धीमी गति के परिवर्तन को लय में परिवर्तन कहा जाता है।
गतिविधि 16.2
लय के साथ नृत्य
स्तर 1- पैरों की थाप करते हुए 'चलने' एवं 'तीव्र गति से चलने' जैसे अपने दैनिक क्रियाकलाप करने का प्रयास करें। ताली बजाते हुए स्पंदन को बनाएँ रखें। कक्षा में (4+4) अर्थात 8 मात्रा पर स्थिर गति से घूमें। अब उन्हीं 8 मात्राओं पर दोगुनी गति से चलें। क्या आप अंतर समझ पाए? जब आप चलते हैं तो गति धीमी होती है परंतु जब आप उसी मात्रा पर दोगुनी गति से चलते हैं तो लय तीव्र हो जाती है।
उदाहरण के लिए, साधारण चाल और तीव्र गति की चाल के थाप तुलना करने पर दोनों ही 8 मात्रा ताल में उपयुक्त होते हैं किंतु गति लय के साथ परिवर्तित होती है।
आइए, ताल को और अधिक रोमांचक पद्धति से समझें।
स्तर 2- लय के साथ नृत्य आरंभ करें - लय को बाँधकर रखने के लिए ताली अथवा चुटकी बजाते हुए आठ मात्रा दोहराएँ।
लय 1- मात्रा के साथ चलना
आठ मात्राओं की ताल के अनुसार कक्षा में शिक्षक के निर्देशानुसार घूमें।
उदाहरण- (1) पद (2) पद (3) एड़ी (4) पैरों की थाप (5) पद (6) पद (7) एड़ी (8) पैरों की थाप दाहिना (दा) और बायाँ (बा)
लय 2- मात्रा को दोगुना करें- आठ मात्रा में आठ पद के स्थान पर उन्हीं आठ मात्राओं में 16 बार जल्दी से पद उठाएँ। अब आप दोगुनी गति से आगे बढ़ रहे हैं। क्या आप ऊर्जा में परिवर्तन अनुभव कर सकते हैं?
आप प्रत्येक लय में संचलन के समय कैसा अनुभव कर रहे हैं? आपको किसमें अधिक आनंद आया? क्या आप लय के साथ तालमेल बैठा पा रहे हैं? आइए, अब इसका संगीत के साथ प्रयास करें। आप अपने क्षेत्र या संगीत कक्षा से कोई ऐसा लोकगीत चुनें जो चार मात्रा की लय में निबद्ध हो और इसे ऊपर बताए गए अभ्यास के अनुसार धीमी और तीव्र लय के साथ अपने नृत्य में सम्मिलित करें।
गतिविधि 16.3
हाथ और पैरों के साथ जोड़ें
आइए, दो विभिन्न गतिविधियों का हाथों और पैरों का एक साथ उपयोग करते हुए प्रदर्शन करें।
हस्त संचालन के लिए चार-मात्रा का ताल जोड़कर संचलनों का एक क्रम बनाएँ और संगीत कक्षा में सीखी गई सरगम गाएँ। हाथ और पैरों के संचलनों का अभ्यास करने के लिए 'सा रे ग म प ध नी सां' का ताल के रूप में उपयोग करें और हाथों को दो अलग-अलग लय में घुमाएँ।
उदाहरण के लिए-
लय 1 – आइए 'सा रे ग म प ध नि सां' गाते हुए हाथों को नीचे से ऊपर की ओर गोलाकार गति में ले जाएँ और उसी प्रकार 'सां नि ध प म ग रे सा' गाते हुए हाथों को ऊपर से नीचे की और लाएँ।
लय 2 – आइए गाएँ
सा रे ग म – हाथों को नीचे से ऊपर की ओर उठाएँ। -
प ध नि सां – हाथों को ऊपर से नीचे की ओर लाएँ। -
सां नि ध प – हाथों को नीचे से ऊपर की ओर उठाएँ।
म ग रे सा – हाथों को ऊपर से नीचे की ओर लाएँ। -
हाथ की प्रत्येक गति के साथ विभिन्न लयों में सरगम गाने का प्रयास कीजिए और आनंद की अनुभूति कीजिए।
उछलना और चक्राकार घूमना
क्या आपको कक्षा 4 में भिन्न-भिन्न प्रकार से उछलना और चक्राकार घूमना स्मरण है? इस गतिविधि में सीखी गई उछाल और चक्रगति को ताल के साथ करें ताकि नृत्य शैलियों का अधिकाधिक आनंद लिया जा सके।
गतिविधि 16.4
निश्चित गति से उछलना
उछलते समय चार मात्राएँ गिनें। उछलने की तकनीक के लिए नीचे दी गई तालिका का पालन करें। उछलने के विभिन्न युग्मों को चार मात्राओं के साथ जोड़कर आनंद लें।
| दाएँ पैर से आरंभ करें | बाएँ पैर से आरंभ करें | ||||||
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 1. दायाँ (झम) | 2. दायाँ (झम) | 3. बायाँ (झम) | 4. दायाँ (झम) | 1. बायाँ (झम) | 2. बायाँ (झम) | 3. दायाँ (झम) | 4. बायाँ (झम) |
| उछलना | पैरों की थाप | पैरों पर घूमना | पैरों की थाप | उछलना | पैरों की थाप | पैरों पर घूमना | पैरों की थाप |
गतिविधि 16.5
ताल के साथ घूमना
उछलने के पश्चात अब चार मात्रा की ताल में घूमने की प्रक्रिया को समझें।
| दाएँ पैर से आरंभ करें | बाएँ पैर से आरंभ करें | ||||||
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 1. दाएँ (थेई) | 2. बाएँ (थेई) | 3. दाएँ (थेई) | 4. बाएँ (थेई) | 1. बाएँ (थेई) | 2. बायाँ (झम) | 3. दायाँ (झम) | 4. बायाँ (झम) |
| पैरों की थाप करते हुए घूमना | पैरों की थाप | पैरों की थाप | पैरों की थाप | पैरों की थाप करते हुए घूमना | पैरों की थाप | पैरों की थाप | पैरों की थाप |
उछलने और घूमने के विभिन्न प्रकारों
का चार मात्राओं के तालाघात के
साथ प्रयास कीजिए।
गतिविधि 16.6
तीन मात्राओं के साथ पद संयोजन
अब तीन मात्राओं के आधार पर पैरों के संचलन का प्रयास कीजिए।
यग्म 1
| दाएँ पैर से आरंभ करें | बाएँ पैर से आरंभ करें | ||||
|---|---|---|---|---|---|
| 1. दायाँ (दी) | 2.बायाँ (दी) | 3. दाएँ (दी) | 1. बायाँ (दी) | 2. दायाँ (दी) | 3. बायाँ (दी) |
| पैरों पर घूमना | पैरों की थाप | पैरों की थाप | पैरो पर घूमना | पैरों की थाप | पैरों की थाप |
| दाएँ पैर से आरंभ करें | बाएँ पैर से आरंभ करें | ||||
|---|---|---|---|---|---|
| 1. दायाँ (दी) | 2.बायाँ (दी) | 3. दाएँ (दी) | 1. बायाँ (दी) | 2. दायाँ (दी) | 3. बायाँ (दी) |
| एड़ी सामने की ओर | पैरों की थाप | पैरों की थाप | एड़ी सामने की ओर | पैरों की थाप | पैरों की थाप |
आकलन
| अध्याय 16 – लय के साथ नृत्य | ||||
|---|---|---|---|---|
| पाठ्यचर्या लक्ष्य | दक्षताएँ | अधिगम प्रतिफल | शिक्षक | स्वयं |
| CG-1 | C-1.2 | हाथों और पैरों की गतियों के साथ ताल का समन्वय करते हैं। | ||
| CG-1 | C-1.2 | विभिन्न तकनीकों को समझते हैं और उत्साहपूर्वक उनका उपयोग करते हैं। | ||
| CG-2 | C-2.2 | ताल और लय की अवधारणा और संबंध को समझते हैं। | ||
| CG-2 | C-2.2 | नृत्य में नियमित लय के साथ उछलना और चक्कर लगाना सीखते हैं। | ||
| CG-2 | C-2.2 | अपनी कल्पनाशीलता और सचेतना से नृत्य में नए पदों का समावेश करते हैं। | ||
शिक्षक-अवलोकन
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अन्य टिप्पणियाँ———————
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