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अध्याय 17 राष्ट्रीय नृत्य

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भारत में नृत्य की अनेक शैलियाँ प्रचलित हैं। इसके प्रत्येक क्षेत्र में नृत्य के विभिन्न प्रकार पाए जाते हैं। इनमें से कुछ नृत्य पारंपरिक हैं तथा कुछ लोक आधारित हैं तो कुछ आनुष्ठानिक हैं। इसके विषय में आपने अपनी पाठ्यपुस्तक हमारा अद्भुत संसार में भी सीखा है। आइए चित्रों, दिनदर्शक (कैलेंडर), वीडियो और जो भी अन्य रूप आप कक्षा में दिखाने के लिए ला सकते हैं, उनके माध्यम से भारतीय नृत्य शैलियों के विषय में सूचना प्राप्त करें।

गतिविधि 17.1 मेरा नृत्य कोलाज

◆ नृत्यों के चित्र एकत्रित कीजिए और उन्हें इस पृष्ठ के दाहिने भाग में चिपकाइए या हाथ से बनाइए ।

◆ अध्याय 16 में नृत्य की विभिन्न गतियों एवं मुद्राओं के चित्र दिए गए हैं उनका अनुकरण कीजिए।

गतिविधि 17.2 मेरे नृत्य की तालबद्ध विविधता

नृत्यों को उनके भौगोलिक स्थानों से जोड़िए और राज्यों के अनुसार भारत के मानचित्र में अंकित कीजिए।


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गतिविधि 17.3 नृत्यों का राज्यों से मिलान

एक घूमने वाला पहिया बनाइए जिसमें तीररूपी संकेतक लगा हो। उस पहिए पर विभिन्न क्षेत्रीय नृत्यों के नाम लिखिए।

पहिए को घुमाइए और जब यह रुक जाए तो तीर के समक्ष इंगित नृत्य के अनुरूप क्षेत्र की पहचान कीजिए।

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गतिविधि 17.4 अपने नृत्य में समाहित

प्रसार भारती अभिलेखागार से 'मिले सुर मेरा तुम्हारा' का वीडियो ऑनलाइन देखें।

आपने पूर्व में जो विभिन्न हस्त-मुद्राएँ और नृत्य के चरण सीखे हैं, उन्हें पहचानिए? अब अपनी रुचि की नृत्य शैलियों के साथ गीत पर अपनी नृत्य रचना कीजिए, जिसमें पहले सीखे गए नृत्य के सभी तत्व विद्यमान हों। यह भी सुनिश्चित कीजिए कि क्या आप वीडियो में देखे गए नृत्यों में से अपनी पसंद की पैरों की थाप और एक हस्त मुद्रा अपनी नृत्य रचना में सम्मिलित कर सकते हैं।

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नृत्योत्सव

उत्सव सभी को प्रसन्नता एवं उत्साह का अनुभव कराते हैं। भिन्न-भिन्न प्रसंगों और अवसरों को मनाने की अनेक विधियाँ हैं। क्या आपने कभी राष्ट्रीय पर्वों के अवसर पर विशेष नृत्य की प्रस्तुति दी है? संभवतः आपने इन अवसरों को अपने परिवार, संबंधियों या मित्रों के साथ मनाया होगा।

क्या आपने कभी अनुभव किया है कि ये उत्सव नृत्य के बिना अधूरे हैं? नृत्य प्रत्येक प्रसंग और परिस्थिति में जीवंतता ला देता है। इसमें सभी आयु वर्ग के व्यक्तियों को एकजुट करने की शक्ति विद्यमान होती है।


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गतिविधि 17.5 देशभक्ति नृत्य

आइए एक और नृत्योत्सव की चर्चा करते हैं। इस गतिविधि में आपको देश के प्रति सम्मान और प्रेम व्यक्त करते हुए हमारे राष्ट्रीय पर्वों को मनाना है। नृत्य कला के माध्यम से आप अपनी भावनाओं को सुंदरता से व्यक्त कर सकते हैं।

कक्षा के विद्यार्थियों को तीन या चार समूहों में विभाजित करें। प्रत्येक समूह को गीत से एक अंतरा चुनने के लिए कहें। सभी एक समूह के रूप में एक साथ आएँ और गीत के लिए उपयुक्त हस्त-मुद्राओं और गतियों की पहचान करें। अंत में गीत की लय, ध्वनि, संगीत के अनुसार भिन्न-भिन्न पैरों की थाप करें।

प्रत्येक समूह गीत की धुन पर अपने चुने हुए अंतरे पर प्रस्तुति देते हुए एक साथ मिलकर संपूर्ण नृत्य प्रस्तुत करे। उदाहरण के लिए, आप 'वंदे मातरम्' अथवा सी. सुब्रमण्यम भारती का 'पारुकुल्ले नल्ला नाडु' या आपकी क्षेत्रीय भाषा का कोई देशभक्ति गीत प्रस्तुति के लिए चुन सकते हैं।


आकलन

अध्याय 17 - राष्ट्रीय नृत्य
पाठ्यचर्या लक्ष्य दक्षताएँ अधिगम प्रतिफल शिक्षक स्वयं
CG-1 CG-1.2 विभिन्न नृत्य शैलियों को जानने और सीखने की पहल करते हैं और प्रयास करते हैं।
CG-1 C-1.2 सामूहिक रूप से एक देशभक्ति नृत्य का संयोजन कर उसकी प्रस्तुति देते हैं।
CG-2 C-2.2 उत्साहपूर्वक विभिन्न क्षेत्रों के नृत्य सीखते हैं।

शिक्षक-अवलोकन

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अन्य टिप्पणियाँ

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