2. एक नदी की यात्रा
कहाँ से मेरा उद्गम है, कहाँ मैं बहती हूँ?
चलती जाऊँ बिना पाँव के
लंबे रास्ते खेत-गाँव के
ऊपर देखो चाँद सितारे
मुझमें चम-चम चमके सारे।
प्यास बुझाती, चलती जाती
जीवन देती, बढ़ती जाती
पर्वत से सागर तक देखो
मैं लहराती, बहती जाती।।
मैं कौन हूँ?
हाँ, मैं एक नदी हूँ।
मैं गोदावरी नदी हूँ। महाराष्ट्र के त्र्यंबकेश्वर में ऊँचाई पर स्थित पश्चिमी घाटों से मेरी यात्रा आरंभ होती है।
यद्यपि मैं एक धारा के रूप में आरंभ करती हूँ किंतु जब मैं भूमि पर आगे बढ़ती जाती हूँ तो वर्षाजल और अन्य धाराएँ मुझसे जुड़ती चली जाती हैं जो मुझे अधिक विशाल और बलवती बनाती हैं। मुझसे जुड़ने वाली छोटी धाराएँ मेरी उपनदियाँ हैं।
बंगाल की खाड़ी में मिलने से पहले मैं 1456 किलोमीटर की यात्रा करती हूँ। गंगा नदी के बाद मैं भारत की दूसरी सबसे लंबी नदी हूँ।
नीचे दिए गए चित्र को देखिए और निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
- उन राज्यों के नाम बताइए जिनसे होकर गोदावरी नदी बहती है।
______________________ - गोदावरी के मार्ग में आने वाले एक बाँध और एक वन्यजीव अभयारण्य का नाम बताइए।
______________________ - कौन-सी अन्य छोटी नदियाँ गोदावरी की यात्रा में उसके साथ जुड़ जाती हैं?
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रामायण और पुराणो मे मुझसे जुड़ी हुई अनेक रोचक कथाएँ है। मुझे दक्षिण गंगा भी कहा जाता है क्योंकि मैं दक्षिणी भारत से होकर प्रवाहित होती हूँ और मुझे पवित्र माना जाता है।
मेरे उद्गम स्थल के समीपस्थ नासिक तथा इसके आस-पास के क्षेत्रों में सभी स्थानों से व्यक्ति गोदावरी-पुष्करम् जैसे अवसरों पर मेरे पवित्र जल में डुबकी लगाने आते हैं।
मुझमें रचा-बसा जीवन
वर्षभर अनवरत बहते रहने के कारण मैं एक बारहमासी नदी हूँ। कुछ नदियाँ वर्षा ऋतु में जल भरने पर ही प्रवाहित होती हैं जिसके कारण वे मौसमी नदियाँ कहलाती हैं।
मैं ऐसे वनों से होकर बहती हूँ जो अपने वन्य जीवन और बाघ, काकड़ (भौंकने वाला हिरण), भारतीय सुनहरी छिपकली (इंडियन गोल्डन गेको) तथा प्रसिद्ध लाल चंदन के वृक्षों से समृद्ध हैं। आपने पिछले अध्याय में पढ़ा है कि मीठे जल के स्रोतों में अनेक पौधों और जंतुओं के घर होते हैं।
जब मैं सागर पर पहुँचती हूँ तो मैं अनेक छोटी धाराओं में फैल जाती हूँ। ये धाराएँ नदीमुख-भूमि (डेल्टा) बनाती हैं। यहाँ मीठा जल समुद्र के लवणीय जल में मिलता है। यह स्थान कोरिंग मैंग्रोव वन कहलाता है। यहाँ पहुँचकर मेरी यह यात्रा समाप्त हो जाती है।
मैं जीवन को अनेक प्रकार से पोषित करती हूँ
प्राचीन काल से ही लोगों ने अपने घर सदैव नदियों या जल-निकायों के निकट बनाए हैं। क्या आप अनुमान लगा सकते हैं कि ऐसा क्यों है?
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क्या आप जानते हैं कि मैं प्रतिदिन किस प्रकार से व्यक्तियों की सहायता करती हूँ? मेरे निकटस्थ शहरों और गाँवों के लोग मुझसे ही जल प्राप्त करते हैं।
सभी घरों, विद्यालयों और खेतों में पानी मुझसे ही आता है। मैं लोगों की केवल पीने, खाना पकाने और धुलाई इत्यादि में ही सहायता नहीं करती हूँ अपितु फसल उगाने और कारखानों में वस्तुओं को निर्मित करने में भी उनकी सहायता करती हूँ। मैं अनेक व्यक्तियों की आजीविकाओं को चलाने में भी सहायक हूँ।
मेरे जल को पाइपों और नहरों में ले जाकर जन-जन तक वितरित किया जाता है।
पारिस्थितिक पर्यटन (इको टूरिज्म) का अर्थ प्राकृतिक स्थलों, जैसे- वनों, नदियों अथवा पहाड़ों का भ्रमण करना है जिससे उनके सौंदर्य का आनंद लिया जा सके एवं पशुओं और पक्षियों को देखा जा सके और पर्यावरण को हानि पहुँचाए बिना प्रकृति के विषय में जाना जा सके।
- मनुष्य किस प्रकार से गोदावरी नदी पर निर्भर हैं। कोई तीन निर्भरताएँ बताएँ।
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- गोदावरी नदी के आस-पास के व्यक्ति किन-किन व्यवसायों से जुड़े हुए हैं?
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- गोदावरी नदी के आस-पास के क्षेत्रों में आप किन-किन फसलों को देखते हैं?
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- आपके क्षेत्र में कौन-सी फसलें उगाई जाती हैं? इन फसलों की सिंचाई हेतु जल कहाँ से आता है?
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गतिविधि 1
बाँध - मेरे जल का संग्रहण और मेरे प्रवाह का परिवर्तन
क्या आप जानते हैं कि 900 से अधिक ऐसे बाँध हैं जो मेरे जल का संग्रहण करते हैं। इनके माध्यम से व्यक्ति शुष्क ऋतुओं में भी पीने, फसल उगाने और विद्युत-उत्पादन हेतु मेरे भंडारित जल का उपयोग कर सकते हैं।
क्या आपने कभी सोचा है कि बाँध के निर्मित हो जाने पर मेरा क्या होता है? मेरे आस-पास के वनों, प्राणियों और वहाँ रह रहे व्यक्तियों का क्या होता है?
बाँध एक विशाल भित्ति जैसा होता है जो मेरे प्रवाह को रोक देता है और एक बड़े जल-निकाय में जल का भंडारण करता है जिसे जलाशय कहते हैं। यह भंडारित जल अनेक व्यक्तियों की सहायता तो करता ही है परंतु कई बार यह प्राणियों और मनुष्यों की आवास भूमि को जलमग्न भी कर देता है। जब बाँध निर्मित किए जाते हैं तो अनेक व्यक्तियों को अपने आवास छोड़कर अन्यत्र स्थानांतरित होना पड़ता है।
जब आप नल खोलकर जल प्राप्त करते हैं तो उस जल की यात्रा की कल्पना करना भी आपके लिए कठिन होता है जो उसने आप तक पहुँचने के लिए की है और इसके लिए कितने त्याग किए गए हैं। अतः हम सभी के लिए जल का विवेकपूर्ण उपयोग करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए आप कभी भी जल को व्यर्थ न करें।
लिखिए
बाँध के निर्मित होने के पश्चात क्या-क्या समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं? उनका समाधान कैसे किया जा सकता है?
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मुझे क्या प्रदूषित करता है और यह क्यों महत्वपूर्ण है
मेरे तटों के आस-पास व्यक्तियों और कारखानों की अधिकता होने के कारण अपशिष्ट, प्लास्टिक और दूषित जल मुझे प्रदूषित करते हैं। कभी-कभी मुझमें से दुर्गंध आती है एवं मैं निर्मल नहीं दिखती हूँ। फिर भी लोग मेरे उस अशुद्ध जल का उपयोग करते हैं जिससे वे अस्वस्थ हो सकते हैं। काश! मैं उन्हें बता सकती कि वे मुझे स्वच्छ और अपशिष्ट-मुक्त रखने में सहायता करें।
ऐसा करने की एक महत्वपूर्ण युक्ति यह है कि पारिस्थितिकी के अनुकूल उत्पादों का उपयोग करके अपशिष्ट-उत्पादन को कम किया जाए।
मेरे अंदर रहने वाली मछलियों, कछुओं और समीप में रहने वाले पशु-पक्षियों के लिए इसके अतिरिक्त अन्यत्र कहीं स्थान नहीं है। धीरे-धीरे इनके लुप्त होने के कारण मैं बहुत व्यथित हूँ।
लिखिए
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हम जिन प्लास्टिक के रैपर और थैलियों को कचरे में फेंकते हैं, उनका अंत में क्या होता है?
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आपके घर में किस प्रकार के साबुन, शैम्पू, प्राकृतिक या रासायनिक फर्श परिमार्जक फ्लोर क्लीनर) का उपयोग किया जाता है? इन परिमार्जकों में प्रयुक्त अस्वच्छ जल कहाँ जाता है?
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चर्चा कीजिए
अपने माता-पिता और अपने बड़ों से पूछिए कि जब वे आपकी आयु के थे तो घर के आस-पास के जल-निकायों की स्थिति कैसी थी? आज इन जल-निकायों की स्थिति कैसी है?
गतिविधि 2
गतिविधि 3
आपने क्या देखा? कौन-सा जल स्वच्छ दिखाई देता है?
ये प्रयोग दर्शाता है कि कुछ वस्तुएँ जल में घुल जाती हैं और कुछ नहीं घुलती हैं। क्या आप कुछ ऐसी वस्तुओं की सूची बना सकते हैं जो -
जल में घुल जाती हैं
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जल में नहीं घुलती हैं
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हानिकारक वस्तुएँ, जैसे- रसायन अथवा साबुन का गंदा पानी मुझ जैसी नदियों में जाता है। अतः मेरा जल स्वच्छ दिखाई देने पर भी उसमें ऐसे तत्व हो सकते हैं जो सजीवों को हानि पहुँचा सकते हैं।
गतिविधि 4
कभी-कभी फसल उगाने के लिए उपयोग किए जाने वाले उर्वरक प्रवाहित हो कर मेरे जल में मिल जाते हैं। ये पौधों और अन्य जीवों की वृद्धि को बहुत तेज कर देते हैं। इसके पश्चात एक हरित आवरण की भाँति मेरी पूरी सतह को ढंक लेते हैं जिससे धीरे-धीरे मेरे अंदर के समस्त जीवों का दम घुटने लगता है। मछलियों के लिए श्वास लेना कठिन हो जाता है। मेरा जल लोगों के पीने के लिए असुरक्षित हो जाता है।
मैं कहना चाहती हूँ कि अनेक व्यक्ति मेरे जल को स्वच्छ रखने में सहायता करने के प्रयास कर रहे हैं। मेरी यात्रा में भी कुछ स्थानों पर लोग मेरे जल में अपशिष्ट को मिलाए जाने से रोकने का प्रयास कर रहे हैं। आपके द्वारा उठाया गया एक छोटा-सा कदम भी मुझे स्वच्छ और जीवन से भरपूर रखने में सहायक है। मैं यह देखकर प्रसन्न हूँ कि मेरे जल को स्वच्छ रखने के लिए अनेक प्रयास किए जा रहे हैं।
क्या आप जानते हैं?
लिखिए
क्या आप ऐसे तीन कार्यों की सूची बना सकते हैं जो आप अपने आस-पास के जल-निकायों को सुरक्षित रखने के लिए कर सकते हैं?
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जब नदी बाढ़ लाती है
अधिकतर समय मैं मंद गति से बहती हूँ और अपने आस-पास के जीवन की वृद्धि में सहायता करती हूँ परंतु मैं यह कभी नहीं भूलती कि मैं बलवती भी हूँ। जब अधिक वर्षा होती है तो मैं विस्तृत हो जाती हूँ और अधिक तीव्र, गहरी और विशालकाय हो जाती हूँ। मैं प्रचंड रूप धारण कर इतनी अधिक वेगवती और निरंकुश हो जाती हूँ जिसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। ऐसे में मैं अपने तटों से ऊपर बहने लगती हूँ और विशाल क्षेत्रों को जलाप्लावित (बाढ़ग्रस्त) कर देती हूँ।
अत्यधिक वर्षा होने पर समस्त जल मुझमें समाता है और मेरे जल का विस्तार घरों, खेतों और सड़कों को बाढ़ग्रस्त कर देता है जिससे बहुत क्षति और विनाश होता है। व्यक्तियों और पशुओं को सुरक्षित रहने के लिए प्रायः अपने घरों और आवासों को छोड़ना पड़ता है।
गतिविधि 5
टिप्पणी - एक समस्या एक से अधिक वस्तुओं को प्रभावित कर सकती है।
| बाढ़ की समस्या | यह किसे प्रभावित करती है |
|---|---|
| (i) अस्वच्छ जल | (क) व्यक्तियों को आश्रय |
| (ii) टूटी हुई सड़कें | (ख) सुरक्षित पेयजल |
| (iii) फसल नष्ट होना | (ग) शिक्षा एवं सीखना |
| (iv) विद्युत आपूर्ति नहीं होना | (घ) यात्रा और परिवहन |
| (v) रोगों का फैलना | (ङ) बिजली, पंखा और फोन |
| (vi) घरों का क्षतिग्रस्त होना | (च) जन-स्वास्थ्य |
| (vii) विद्यालय बंद होना | (छ) खाद्य आपूर्ति |
गतिविधि 6
बाढ़ से सुरक्षा के लिए सुझाव
बाढ़ से पहले
स्थानीय समाचारों से सूचना प्राप्त करते रहें
भोजन, दवाइयाँ और फ्लैश लाइट जैसी वस्तुएँ रखकर एक आपातस्थिति पेटी तैयार करें
स्थान को खाली करने और सुरक्षित वैकल्पिक मार्गों के विषय में जानें
बाढ़ का पानी भरने से पहले उस स्थान से कहीं और चले जाएँ
बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में उपयोगी वस्तुओं को घर में रखें ऐत की बोरियाँ सीढी रस्मी इत्यादि)बाढ़ के समय
विद्युत उपकरणों और गैस को बंद कर दें
बाढ़ के पानी में न चलें और न ही गाड़ी चलाएँ
अधिक ऊँचे स्थान पर जाएँ
स्थान को खाली करने के आदेशों का पालन करें
पशुओं को खोलकर उन्हें अधिक सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाएँबाढ़ के पश्चात
बाढ़ के पानी से संपर्क में आने और तैरने से बचें
बिजली के तारों को न छुएं
सुरक्षित घोषित किए जाने तक अपने चरों या आपदाग्रस्त क्षेत्रों पर न जाएँ
अपने परिवारजनों को सूचित करें कि आप सुरक्षित हैं
घर लौटकर आने पर सभी सतहों और वस्तुओं को साफ और रोगाणमक्त करें
गतिविधि 7
गतिविधि 6 में दिए गए बाढ़ से सुरक्षा के सुझावों को पढ़िए और एक नाट्यरूप (रोल प्ले) का आयोजन कीजिए जिसमें आप गाँव के सरपंच अथवा शहर के नगर निगम पार्षद की भूमिका में हों।
चर्चा कीजिए कि आप निम्नलिखित के लिए क्या कार्यवाही करेंगे-
- बाढ़ से बचाव करने के लिए
- बाढ़ के कारण होने वाली क्षति से बचाव करने के लिए
- वृद्धजनों और विशेष आवश्यकता वाले व्यक्तियों को सुरक्षित रखने के लिए
- पशुओं को सुरक्षित रखने के लिए
आपदा की आपातस्थिति के लिए पेटी तैयार रखें।
जब नदी सूख जाती है
जब मैं बाढ़ग्रस्त हो जाती हूँ तो लोगों को बहुत-सी बातों की चिंता होती है किंतु जब मैं सूख जाती हूँ तब लोगों को अत्यधिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
कल्पना कीजिए कि यदि आपको एक दिन जल के बिना रहना पड़े तो क्या होगा। यह सरल नहीं होगा, है ना?
1. यदि आपके घर में पूरे एक दिन जल नहीं होगा तो आप क्या करेंगे?
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2. क्या होगा यदि एक सप्ताह तक जल नहीं होगा? आप जल पीने, नहाने, खाना पकाने अथवा सफाई के कार्य कैसे करेंगे? आप जल लेने के लिए कहाँ जाएँगे?
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बहुत लंबे समय तक जल की उपलब्धता नहीं होती है तो परिवारों को अपने घर छोड़कर उन स्थानों पर जाना पड़ता है जहाँ जल की उपलब्धता है। इससे केवल व्यक्ति ही नहीं अपितु जंतु भी कष्ट पाते हैं। सुयोग से उनके लिए मैं बारहमासी हूँ और वर्षभर बहती हूँ। इसलिए मैं अपने मार्ग में सभी की देखभाल करती हूँ।
क्या आप जानते हैं?
कुछ स्थानों पर लोग जल ए.टी.एम. का उपयोग करते हैं। ये विशेष मशीनें हैं जिनमें जब आप कार्ड या सिक्का डालते हैं तो स्वच्छ जल निकलता है। यह जल के विवेकपूर्वक उपयोग और उसे भविष्य के लिए संरक्षित करने में सहायक है।
'राष्ट्रीय जल मिशन' देशभर में जल के उचित प्रबंधन और विवेकपूर्ण उपयोग में लोगों की सहायता करता है।
मेरी कहानी सुनने के लिए आपका धन्यवाद। परंतु मुझे आपकी सहायता की आवश्यकता है। यदि आप जल का संरक्षण करते हैं, एक पौधा लगाते हैं अथवा अपशिष्ट को मुझ तक आने से रोकते हैं तो ऐसा करके आप मेरे प्रति प्रेम प्रदर्शित करते हैं। स्मरण रहे कि छोटे-छोटे कार्यों से भी बड़े परिवर्तन हो सकते हैं।
आप में से प्रत्येक विद्यार्थी प्रतिदिन कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर जल के संरक्षण में सहायता कर सकते हैं।
- जल का समुचित उपयोग कीजिए। उसको व्यर्थ मत बहाइए।
- अपने दाँतों का मंजन करते समय नल को बंद रखिए।
- पेयजल को व्यर्थ मत कीजिए।
- अपने से बड़ों की सहायता से नलों से जल का रिसाव या टपकना बंद कीजिए।
- फलों या सब्जियों को धोने पर बचे स्वच्छ जल का पुनरुपयोग पौधों को सींचने के लिए कीजिए।
- अपने परिवारजनों और मित्रों को भी जल-संरक्षण के लिए कहिए।
- याद रखिए कि जल की प्रत्येक बूँद महत्वपूर्ण है।
आइए विचार करें
- पता कीजिए कि आपके राज्य से होकर कौन-सी नदियाँ बहती हैं?
- इनका उपयोग किन कार्यों में किया जा रहा है?
- क्या उन पर बाँध बनाए गए हैं?
- अपने दादा-दादी या माता-पिता से अपने क्षेत्र की नदियों से संबंधित कहानियों अथवा उत्सवों के विषय में सूचना प्राप्त कीजिए और विद्यालय में उस पर प्रस्तुति दीजिए।
- अपने परिवार के बड़ों से पूछिए-
- जब आप बच्चे थे तो नदियों की स्थिति कैसी थी?
- तब से अब तक क्या परिवर्तन हुआ हैं?
- आपके विचार से पहले के लोग क्यों नदियों के निकट घर बनाते थे और शहरों को बसाते थे? क्या आज भी नदियाँ उसी प्रकार से महत्वपूर्ण हैं?
- यदि आप अपने शहर या गाँव में नदियों की सुरक्षा के लिए एक नया नियम बनाएँ तो क्या नियम बनाएँगे?
- उस समय के बारे में सोचिए जब आपने जल को व्यर्थ किया था। आप इससे अलग क्या कर सकते थे?
- क्या आप दैनिक उपयोग में आने वाली वस्तुओं से एक सादा जल निस्यंदक (वॉटर फिल्टर) बना सकते हैं? इसमें आप क्या-क्या सम्मिलित करेंगे और क्यों?
- कल्पना कीजिए कि आप नदी के समीप एक नया नगर बनाने की योजना बना रहे हैं। आप निम्नलिखित के लिए क्या कदम उठाएँगे?
- नदी को स्वच्छ रखने के लिए
- भारी वर्षा के दौरान बाढ़ से बचाव के लिए
- यह सुनिश्चित करने के लिए कि गर्मियों में भी प्रत्येक व्यक्ति के लिए सदैव पर्याप्त जल उपलब्ध रहे।
