4. हमारा विद्यालय - एक आनंदमय स्थान
हरित विद्यालय
आशा और मोहित एक साथ विद्यालय जा रहे थे।
“क्या तुम्हें विद्यालय जाना पसंद है?” आशा ने पूछा।
मोहित ने प्रसन्नता के साथ मुस्कुराते हुए कहा, "मुझे विद्यालय जाना बहुत पसंद है, यहीं मैं अपने मित्रों से मिलता हूँ, खेलता हूँ और प्रत्येक दिन कुछ नया सीखता हूँ। यह मेरा आनदंमय स्थान है।
हमारा विद्यालय एक ऐसा स्थान है जहाँ हम स्वयं को सुरक्षित अनुभव करते हैं और हमारी देखभाल की जाती है। यह वह स्थान है जहाँ हम बहुत कुछ सीखते हैं।
आशा ने कहा, “मेरा विद्यालय हमें सिखाता है कि पेड़-पौधों और पशुओं की देखभाल कैसे करनी है। मैं अपने विद्यालय को एक हरित विद्यालय बनाना चाहती हूँ।"
मोहित ने पूछा, "हरित विद्यालय क्या होता है?”
आशा बोली, “मेरे भाई ने एक बार मुझे बताया था कि हरित विद्यालय एक ऐसा विद्यालय होता है जहाँ हम हमारे अपशिष्ट का प्रबंधन करते हैं, जल संरक्षित करते हैं, विद्युत का विवेकपूर्ण उपयोग करते हैं और अधिक संख्या में पेड़ लगाकर परिसर को हरा-भरा बनाते हैं तथा उनकी देखभाल करते हैं।"
आशा और मोहित ने यह विचार अपने सहपाठियों के साथ भी साझा किया। सभी उत्सुक हो गए। क्या हम अपने विद्यालय को भी हरित विद्यालय बना सकते हैं।
विद्यार्थियों की बात सुनकर उनके 'हमारे आस-पास की दुनिया' विषय के शिक्षक अनुपम बोले, "मुझे आपकी चर्चा अच्छी लगी। मैं जानना चाहता हूँ कि आप यह कैसे आरंभ करेंगे?"
आशा ने सहपाठियों के साथ अपने सुझाव साझा किए, “आइए हम अपने विद्यालय को ध्यान से देखें और यह विचार करें कि हम अपने विद्यालय को आनंददायी, सुरक्षित और हरित विद्यालय बनाने के लिए क्या कर सकते हैं।”
क्या आप जानते हैं?
गतिविधि 1
लिखिए
- मुझे अपने विद्यालय में सबसे अच्छा क्या लगता है?
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_________________________ - मैं अपने विद्यालय को हरित कैसे बना सकता हूँ?
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_________________________ - यदि विद्यालय में कोई समस्या होती है तो मैं किससे बात करूँ या किसे सूचित करूँ?
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विद्यालय अन्वेषक बनें!
आप और आपके सहपाठी 'विद्यालय अन्वेषक समूह' बना सकते हैं।
नीचे कुछ दायित्व सुझाए गए हैं। आप अपने समूहों के लिए इनका चयन कर सकते हैं।
- जल-प्रहरी
- ऊर्जा-रक्षक
- अपशिष्ट-योद्धा
- हरित-संरक्षक
- यातायात-प्रहरी
अन्वेषण आरंभ करने से पूर्व प्रत्येक समूह को यह निर्णय करना होगा कि क्या अन्वेषण करना है?
नीचे कुछ सुझाव दिए गए हैं-
ऊर्जा-रक्षक
- जब कक्ष में कोई नहीं होता तो क्या पंखे और बत्तियाँ चालू रहते हैं?
- क्या कक्षाओं में प्राकृतिक प्रकाश आता है?
- दिन के समय विद्यालय का कौन-सा स्थान सबसे गर्म और सबसे ठंडा होता है?
हरित-संरक्षक
- क्या विद्यालय में पेड़-पौधे हैं?
- उनकी देखभाल कौन करता है?
- हम और कहाँ अधिक पौधे लगा सकते हैं?
- क्या इन स्थानों पर पक्षी या तितलियाँ आते हैं?
- क्या विद्यालय में खाद का गड्ढा है?
जल-प्रहरी
- क्या किसी नल से रिसाव हो रहा है?
- क्या कहीं जल व्यर्थ हो रहा है?
- क्या पानी की टंकियाँ स्वच्छ और ढकी हुई हैं?
- क्या कहीं जल एकत्रित हो रहा है जहाँ मच्छर पनप सकते हैं?
यातायात-प्रहरी
- विद्यालय प्रवेश द्वार के पास आने-जाने के समय क्या होता है?
- क्या सड़क पार करने के लिए पैदल पार पथ (जेब्रा क्रॉसिंग) या पैदल पथ है?
- क्या विद्यालय के सामने वाहन तीव्र गति से चलते हैं?
अपशिष्ट-योद्धा
- आपको विद्यालय में कूड़ा कहाँ-कहाँ दिखाई देता है? वहाँ आपको किस प्रकार का कूड़ा दिखाई देता है?
- क्या विद्यालय में पर्याप्त कूड़ेदान हैं?
- क्या विद्यार्थी इन कूड़ेदानों का सही उपयोग कर रहे हैं? यदि हाँ तो कैसे? यदि नहीं तो क्यों नहीं?
- क्या खाद्य पदार्थों के कचरे और अन्य कचरे के लिए अलग-अलग कूड़ेदान रखे हुए हैं?
अन्वेषण पूरा होने पर कक्षा में एक साथ बैठकर अपने निष्कर्षों पर चर्चा कीजिए।
- आपने क्या निष्कर्ष निकाला?
- क्या कुछ ऐसा था जिसे देखकर आपको लगा कि उस पर ध्यान देने की आवश्यकता है?
- क्या किसी बात ने आपको आश्चर्यचकित किया? बताइए वह बात क्या थी?
- ऐसी कौन-सी बात थी जिससे आप गौरवान्वित हुए? आइए, हम उन सभी वस्तुओं को अच्छी तरह से समझें जिनका हमने अन्वेषण और अध्ययन किया है।
अपशिष्ट-प्रबंधन
हम केवल आवश्यक वस्तुओं के उपयोग द्वारा वस्तुओं का पुनः उपयोग कर और उपयोगी वस्तुओं को न फेंककर अपशिष्ट को कम कर सकते हैं।
यद्यपि कुछ अपशिष्ट, जैसे- खाने के छिलके, जूठन और कागज अभी भी बच जाते हैं। हमने पिछली कक्षाओं में अपशिष्ट का भली-भाँति प्रबंधन करने हेतु और अपने आस-पास के परिवेश को स्वच्छ रखने के लिए उसे सूखे कचरे और गीले कचरे में वर्गीकृत करना सीखा है।
लिखिए
क्या आप निम्नलिखित पंक्ति के लिए उपयोग किए जाने वाले कूड़ेदान का रंग बता सकते हैं? सूखा कचरा __________ गीला कचरा __________
क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि पुराने समाचार-पत्र जैसी वस्तुएँ सामान्यतः कूड़ेदान में नहीं डाली जातीं? इन्हें अलग रखा जाता है और पुनर्चक्रणकर्ताओं को दे दिया जाता है। वे इन वस्तुओं को दोबारा उपयोग में लाने के लिए इन्हें एकत्रित करते हैं। प्रत्येक पुनर्चक्रणकर्ता भिन्न-भिन्न प्रकार की वस्तुएँ एकत्रित करता है- कागज, प्लास्टिक और धातु की वस्तुएँ आदि। आपके मोहल्ले में ऐसे पुनर्चक्रणकर्ताओं को किस नाम से जानते हैं? पता लगाइए कि वे कौन-कौन सी वस्तुओं को एकत्रित करते हैं।
लिखिए
- आपके विद्यालय से कौन-सी वस्तुएँ पुनर्चक्रणकर्ताओं को दी जाती हैं?
_________________________ - अपने माता-पिता से पूछिए और पता लगाइए कि क्या उन्होंने ऐसी कुछ वस्तुएँ अलग रखी हैं जिन्हें वे पुनर्चक्रणकर्ता को देना चाहते हैं? वे कौन-सी वस्तुएँ हैं?
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शिक्षण संकेत
इस चर्चा को पुनरूपयोग या पुनर्चक्रण की प्रक्रिया तक विस्तारित करें और कक्षा 4 की कागज के पुनर्चक्रण की गतिविधि से जोड़ें। साथ ही विद्यार्थियों में श्रम की गरिमा का मूल्य स्थापित करने के लिए उन्हें पुनर्चक्रणकर्ता और स्वच्छता कर्मियों के योगदान के विषय में विचार करने के लिए प्रोत्साहित कीजिए।
गतिविधि 2
अपशिष्ट को छाँटने का खेल
नीचे दी गई वस्तुओं के नाम लिखकर या उनके चित्र बनाकर छोटी-छोटी 30-40 पर्चियाँ बनाइए। अपने विद्यालय और घर के आस-पास देखी गई वस्तुओं के आधार पर इसमें अन्य नाम भी जोड़िए। वहीं तीन खाली डिब्बे लीजिए और उनमें वही नाम-पट्टी लगाइए - गीले अपशिष्ट के लिए हरी और सूखे अपशिष्ट के लिए नीली और तीसरे में 'पुनर्चक्रण के लिए वस्तुएँ' नाम पट्टी लगाइए।
एक-एक कर पर्चियाँ उठाइए और सही बक्से में डालिए। पर्चियाँ डिब्बे में डालने के बाद एक समय में एक डिब्बा लीजिए और इस बात पर चर्चा कीजिए कि क्या इन्हें सही डिब्बे में रखा गया है या नहीं।
आइए देखें कि गीले कूड़े का क्या होता है।
गीले कचरे का प्रबंधन कैसे किया जाता है?
- विद्यालय में
_________________________ - घर में
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चर्चा कीजिए
- यदि हम अपशिष्ट को अलग-अलग नहीं रखते हैं तो क्या होता है?
- हम स्वच्छता कर्मचारियों के काम को सरल और सुरक्षित बनाने के लिए क्या कर सकते हैं? अपनी कक्षा में एक स्वच्छता कर्मचारी को आमंत्रित करने के लिए अपने शिक्षक से अनुरोध करें। उनसे जानने का प्रयास करें कि वे क्या कार्य करते हैं, उन्हें किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और अपशिष्ट प्रबंधन में हम कैसे अच्छे नागरिक की भूमिका निभा सकते हैं।
आइए शीतलता का अनुभव करें
क्या आपने कभी सोचा है कि कुछ कक्ष अन्य कक्षों की अपेक्षा गर्म क्यों होते हैं आइए पता लगाएँ कि कुछ कमरे शीतल क्यों होते हैं?
छायादार वृक्ष और कक्षाओं की हवादार खिड़कियाँ कक्षों को शीतल रखने में सहायक हो सकती हैं। श्वेत छत भी कमरे को शीतल बना सकती हैं क्योंकि यह सूर्य की गर्मी को परिवर्तित कर देती हैं। वहीं दूसरी ओर काले रंग की सतह गर्मी अवशोषित करती है।
गतिविधि 3
लिखिए
यदि आप अपने विद्यालय या घर की छत को श्वेत रंग से पेंट करेंगे तो क्या होगा?
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चर्चा कीजिए
यदि आपके क्षेत्र में गर्मी बढ़ रही है तो क्षेत्र को ठंडा रखने के लिए क्या किया जा सकता है?
जल रिसाव
हमें प्रतिदिन बहुत से कार्यों के लिए जल की आवश्यकता होती है। जल एक अमूल्य निधि है। किंतु क्या हम इसका विवेकपूर्वक उपयोग करते हैं?
आप पहले ही अपने विद्यालय में और आस-पास टपकते हुए नलों को देख चुके हैं। फिर भी क्या आपने कभी सोचा है कि बूंद-बूंद करके कितना जल व्यर्थ हो सकता है? यहाँ तक कि धीरे-धीरे होने वाला मामूली रिसाव भी बहुत अधिक जल व्यर्थ कर सकता है। आइए पता लगाएँ।
गतिविधि 4
एक ऐसा नल ढूंढ़िए जिससे जल का रिसाव होता हो अथवा उपयोग की हुई पानी की बोतल में जल भरकर एक छोटा छेद करें और जल को टपकने दें। टपकते जल को एक गिलास में इकट्ठा करें और सावधानीपूर्वक गिलास भरने में लगे समय पर ध्यान दें।
गिलास भरने में लगा समय_____________________
1 दिन में कितने गिलास भर जाएँगे?_____________________
आपको आश्चर्य होगा कि जल कितनी शीघ्रता से गिलास में भर जाता है और बिना किसी को पता चले प्रतिदिन कितना जल व्यर्थ हो जाता है।
चर्चा कीजिए
- जल को व्यर्थ होने से रोकने के लिए हम अपने विद्यालय में कौन-से सरल उपाय अपना सकते हैं?
- घर अथवा विद्यालय में वर्षा जल का संचय और उपयोग कैसे कर सकते हैं?
क्या आप जानते हैं?
'जल शक्ति अभियान' जल-संरक्षण अभियान है। इस अभियान का उद्देश्य पौधारोपण करने, वर्षा जल एकत्रित करने और जल के विवेकपूर्ण उपयोग को प्रोत्साहित करना है। विद्यालय विद्यार्थियों की रिसाव ठीक करने, वर्षा जल एकत्रित करने और जल का विवेकपूर्ण उपयोग सीखने में सहायता कर सकते हैं।
विद्यालय ज्ञानवर्धन और छोटी-छोटी सावधानियों द्वारा जल-संरक्षण में सहायता कर सकते हैं और सभी को जल-संरक्षण की आवश्यकता के प्रति जागरूक कर सकते हैं।
हरित परिवेश
लिखिए
- अपने परिवेश अथवा अपने विद्यालय के निकट विद्यमान वृक्षों के नाम लिखिए?
_________________________ - अपने विद्यालय अथवा परिवेश के पौधों एवं वृक्षों के आस-पास आपने किन पक्षियों और कीड़ों को देखा है?
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वृक्ष बहुत से जीवों के घर होते हैं। वृक्ष वायु को स्वच्छ रखते हैं, पक्षियों और कीड़ों को भोजन तथा छाया प्रदान करते हैं। ये वातावरण को शीतल रखने में भी सहायता करते हैं। आइए पता लगाएँ!
गतिविधि 5
- जल से भरे दो गिलास लीजिए। अपने शिक्षक के मार्गदर्शन में तापमापी का उपयोग करते हुए तापमान मापिए। अपने मापों को अंकित कीजिए।
- एक गिलास को वृक्ष की छाया और दूसरे को गिलास को धूप में रखिए। एक घंटे बाद तापमान पुनः मापिए। प्राप्त मापों को लिखिए।
इन मापों से हमें क्या ज्ञात होता है?जल/तापमान आरंभ में एक घंटे बाद वृक्ष के नीचे धूप में
______________________ - अपने अध्यापक की सहायता से पता लगाएँ कि ऐसे कौन से वृक्ष और पौधे हैं जो पक्षियों और तितलियों को आकर्षित करते हैं। अपने विद्यालय में एक तितली उद्यान बनाने का प्रयास कीजिए।
आशा, मोहित और अन्य विद्यार्थी अपने विद्यालय के कार्यों में सक्रियता से सम्मिलित होकर आनंदित होते हैं और साथ ही अपशिष्ट-प्रबंधन और जल-संरक्षण की विधियाँ भी सीखते हैं। विद्यालय की सभा में उनकी कक्षा की प्रशंसा की गई।
अपने विद्यालय को 'आदर्श हरित विद्यालय' बनाने के उनके सपने ने उन्हें अपने समुदाय और समाज की समस्याओं पर विचार करने के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने अनुभव किया कि विद्यार्थी के रूप में वे जीवन को कठिन बनाने वाली समस्याओं के विषय में जागरूकता फैलाकर एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
थॉमस ने सड़क दुर्घटनाओं के विषय में बताया। कल विद्यालय से घर जाते हुए उसने एक सड़क दुर्घटना देखी। मोहित ने कहा, "मेरा मानना है कि लोग यातायात के नियमों का पालन नहीं करते हैं जबकि हम अपनी पहले की कक्षा में ही यातायात नियमों के विषय में पढ़ चुके हैं।"
मोहित ने जो कहा उस विषय पर आपके क्या विचार हैं?
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यातायात संकेत
सड़क पर कई दुर्घटनाएँ इसलिए होती हैं क्योंकि लोग यातायात के नियमों का सही से पालन नहीं करते हैं। यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि हम इन नियमों के विषय में जानें और उनका पालन करें।
लिखिए
- यातायात के तीन नियमों के विषय में पता लगाइए और लिखिए।
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_________________________ - अपने विद्यालय के द्वार पर आपने जो देखा उसके बारे में सोचिए और लिखिए।
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अब आप अपने विद्यालय के द्वार के लिए एक संकेत-पट्टिका तैयार करने हेतु छोटे-छोटे समूहों में कार्य कीजिए। आपके द्वारा बनाए गए संकेत-पट्टिका से वाहन चालकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों को स्पष्ट संदेश प्राप्त होना चाहिए तथा इससे क्षेत्र को अधिक सुरक्षित बनाने में सहायता भी मिलनी चाहिए।
आप संकेत-पट्टिका बनाने के लिए सरल शब्दों, चित्रों और प्रतीकों का उपयोग भी कर सकते हैं।
नीचे दिए गए स्थान में यातायात संबंधी संकेत-पट्टिका बनाइए।
चर्चा कीजिए
संकेत-पट्टिका तैयार करने के अतिरिक्त हम अपने विद्यालय के आस-पास के यातायात को सुगम बनाने के लिए और क्या कर सकते हैं?
मोहित के विद्यालय में अग्नि सुरक्षा पर एक सत्र का आयोजन किया गया। कक्षा के सभी विद्यार्थियों ने इस सत्र में सहभागिता की।
अग्नि सुरक्षा
आग जैसे खतरे से सुरक्षा उपायों के विषय में जानना अत्यंत आवश्यक है। यद्यपि इस प्रकार के संकट सामान्यतः घटित नहीं होते परंतु इसके लिए पहले से तैयार होने से व्यक्ति में अधिक आत्मविश्वास और सुरक्षा की भावना उत्पन्न होती है।
लिखिए
- आपके विद्यालय में अग्निशमन यंत्र कहाँ स्थित है?
_________________________ - आग लग जाने की स्थिति में आपके विद्यालय में एकत्रित होने का स्थान अथवा सभास्थल कहाँ स्थित है?
_________________________ - यदि आग लग जाए अथवा आपको धुएँ की गंध आए तो आप क्या करेंगे?
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आइए अभ्यास करें
अपने शिक्षक की सहायता से अग्नि से सुरक्षा का अभ्यास कीजिए।
- निकटतम निकास मार्ग तक शीघ्रता और शांति से जाएँ। घबराएँ और दौड़ें नहीं।
- धुएँ से बचने के लिए अपने मुँह पर कपड़ा बाँधकर, झुककर, घुटनों के बल या रेंगकर चलें ताकि आप स्वच्छ वायु में श्वास ले सकें।
- किसी बंद स्थान अथवा स्नानागार में ना छिपें।
- यदि सुरक्षित लगे तो दूसरों की सहायता करें परंतु एक बार भवन से बाहर निकल जाने के बाद पुनः अंदर प्रवेश न करें।
- सभास्थल पर जाएँ और अपने समूह के साथ रहें।
- एक बार जब आप सभास्थल तक पहुँच जाएँ तो किसी व्यक्ति के लापता अथवा घायल होने पर कर्मचारियों अथवा शिक्षकों को तत्काल सूचित करें।
यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि हम क्या करते हैं?
जिस प्रकार हमें अच्छा और सुखद अनुभव करने के लिए सुरक्षा, देखभाल और सम्मान की आवश्यकता होती है, उसी प्रकार विद्यालय, घर या सार्वजनिक स्थानों पर हम दूसरों के साथ जो व्यवहार करते हैं, वह भी बहुत महत्वपूर्ण है।
हमारा व्यवहार इन स्थानों को शांतिपूर्ण और स्वागत योग्य या फिर असहज और अप्रिय बना सकता है। आइए कुछ दैनिक स्थितियों के माध्यम से इस पर विचार करें कि क्या सही है और क्या नहीं।
गतिविधि 6
छोटे-छोटे समूहों में नीचे दी गईं स्थितियों पर चर्चा कीजिए। प्रत्येक समूह एक परिस्थिति पर चर्चा करेगा। प्रत्येक समूह से एक विद्यार्थी संपूर्ण कक्षा के समक्ष अपने विचार प्रस्तुत करेगा।
- दो विद्यार्थी पेयजल के स्थान के पास धक्का-मुक्की कर रहे हैं और पंक्ति में नहीं खड़े हैं जबकि अन्य विद्यार्थी प्रतीक्षा कर रहे हैं।
- एक विद्यार्थी कक्षा की मेज पर कलम से लिख रहा है। दूसरा विद्यार्थी यह सब देखता तो है किंतु कुछ कहता नहीं है।
- कोई विद्यार्थी खेल के मैदान में कूड़ा फेंक देता है। छोटे बच्चे भी उसका अनुसरण करते हैं।
- एक विद्यार्थी दूसरे विद्यार्थी को चिढ़ाता है और उसका मजाक उड़ाता है।
- विद्यार्थियों का एक समूह सार्वजनिक उद्यान में शोर मचा रहा है और पास में योग कर रहे समूह को परेशान कर रहा है।
प्रत्येक समूह चर्चा करे
- यदि आपके समक्ष ऐसी स्थिति बने तो आप क्या करेंगे?
- ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए हम क्या कर सकते हैं?
हमारा व्यवहार यह दिखाता है कि हम किस प्रकार के व्यक्ति हैं। सम्मान और दयालुता केवल शब्द नहीं हैं- हम इन्हें अपने व्यवहार से अर्थात् अपनी बारी की प्रतीक्षा करके, मधुर शब्दों में बोलकर, किसी की सहायता करके और अपने आस-पास के परिवेश को स्वच्छ रखकर प्रदर्शित करते हैं। जब हम दयालु और विनम्र होते हैं तब सभी आनंद की अनुभूति करते हैं।
हमने अपने विद्यालय को आनंददायक बनाने की विभिन्न प्रक्रियाओं के विषय मे सीखा है, जैसे- जल-संरक्षण, अपशिष्ट-प्रबंधन, वातावरण को शीतल बनाना और पौधों, स्थानों तथा अपने आस-पास के व्यक्तियों की देख-रेख करना आदि। आइए, हम सब मिलकर अपने विद्यालय को एक आनंददायक स्थान बनाएँ।
आइए विचार करें
- आपके विद्यालय की सभी कक्षाओं में से आपको कौन-सी कक्षा सबसे अच्छी लगती है और क्यों?
- प्रसन्नता का वृक्ष बनाइए-
किसी दीवार या चार्ट पेपर पर एक बड़ा वृक्ष बनाइए जिसमें कई शाखाएँ हों। प्रत्येक विद्यार्थी उसमें एक-एक 'पत्ता' जोड़े और उस पर एक छोटा-सा कार्य लिखे जो विद्यालय को अधिक आनंददायक बना सकता है (जैसे किसी को प्रणाम करना, बत्तियाँ बंद करना, स्थान साझा करना आदि)। - अपनी भावनाएँ व्यक्त करना बहुत रोमांचक होता है। अपने शिक्षक को 'हमारा विद्यालय - एक आनंदमय स्थान' पर एक पत्र लिखिए।
- आप अपने घर, पड़ोस और समुदाय को आनंददायक स्थान बनाने के लिए कौन-से कार्य करेंगे? उनमें से किसी एक कार्य का विस्तार से वर्णन कीजिए।
- विद्यालय में एक दिन किसी और के दृष्टिकोण से कल्पना कीजिए। निम्नलिखित में
से किसी एक को चुनें-
- पहिये वाली कुर्सी (व्हीलचेयर) का उपयोग करके विद्यालय में आने वाला दिव्यांग/सक्षम विद्यार्थी।
- भिन्न मातृभाषा बोलने वाला विद्यार्थी।
- विद्यालय का स्वच्छता कर्मचारी।
- यदि आप एक दिन के लिए अपने विद्यालय के प्राधानाचार्य बनें तो आप अपने विद्यालय में आनंद, सुरक्षा और हरियाली बढ़ाने के लिए कौन-से तीन परिवर्तन करेंगे?
- चार-पाँच विद्यार्थियों के समूह में निम्नलिखित नाट्य-प्रस्तुति करें-
- एक विद्यार्थी कठिन परिस्थिति में भी दयालुता दिखा रहा है।
- एक समूह विद्यालय में जल व्यर्थ होने की समस्या का समाधान कर रहा है।
- एक विद्यार्थी अपने संकोची सहपाठी की सभी के साथ मिलने-जुलने में सहायता कर रहा है।
आपने क्या देखा? आपको क्या प्रेरणादायक लगा? क्या ऐसा वास्तविक जीवन में संभव है? - अपनी प्रातःकालीन सभा के लिए 'मेरे सपनों का विद्यालय' पर एक मिनट का भाषण लिखिए। इसमें बताएँ कि यह विद्यालय किस कारण से विशेष है, इसे ऐसा बनाए रखने में कौन-कौन सहायता करता है और प्रत्येक विद्यार्थी इसमें किस प्रकार सहायता कर सकता है?
- एक त्वरित सर्वेक्षण कीजिए और पाँच विद्यार्थियों एवं एक शिक्षक से पूछिए-
- विद्यालय में ऐसी कौन-सी एक बात है जो उन्हें प्रसन्नता का अनुभव कराती है?
- ऐसी कौन-सी एक बात है जिसे सुधारा जा सकता है?
- विद्यालय में आज उन्होंने ऐसा कौन-सा एक दयालुतापूर्ण कार्य देखा?
