अध्याय 7:
आकार और प्रतिरूप
चटाइयों को बुनना
आपने विभिन्न प्रकार की बुनी हुई टोकरियाँ देखी होंगी। यदि आप उन्हें ध्यान से देखेंगे तो आपको प्रत्येक टोकरी पर बुनाई के विभिन्न प्रतिरूप (पैटर्न) दिखाई देंगे।
हम कागज की पट्टियों से कुछ चटाई बुनने का प्रयत्न करेंगे।
- आइए कागज की चटाइयाँ बनाते हैं।
- क्या आप पता लगा सकते हैं कि इस चटाई को कैसे बनाया जाए? आइए पहली दो पंक्तियों में प्रतिरूप को देखकर यह समझने का प्रयत्न करें कि इस चटाई को कैसे बुना गया है।
- नीचे दिए गए नियम का उपयोग करते हए एक प्रतिरूप को बनने का प्रयत्न कीजिए।
- क्या आप इनमें से किसी भी बनावट (डिजाइन) के लिए चरणों का अनुमान लगा सकते हैं एवं प्रतिरूप बुन सकते हैं? अपनी अभ्यास पुस्तिका में प्रत्येक पंक्ति के लिए प्रतिरूप के चरणों को तब तक लिखिए, जब तक कि उन चरणों का दोहराव प्रारंभ न हो जाए।
आपको एक रंगीन कागज (30 सेंटीमीटर लंबा व 20 सेंटीमीटर चौड़ा) एवं दो भिन्न रंगों की आठ कागज की पट्टियों (3 सेंटीमीटर चौड़ी व 20 सेंटीमीटर से अधिक लंबी) की आवश्यकता होगी।
(क) 30 सेंटीमीटर लंबा व 20 सेंटीमीटर चौड़ा एक रंगीन कागज लीजिए।
(ख) रंगीन कागज को लंबाई की ओर से आधा मोड़िए।
(ग) बंद सिरे की ओर से समान दूरी पर लंबवत रेखाएँ खींचिए और कागज के ऊपरी सिरे पर 3 सेंटीमीटर की दूरी छोड़ते हुए काटिए।
(घ) कागज को ध्यानपूर्वक खोलिए। कागज के ऊपरी सिरे व निचले सिरे की ओर से कटा हुआ नहीं होगा।
(ङ) अब 2 रंगों में 3 सेंटीमीटर चौड़ी कागज की आठ पट्टियाँ काटिए जिनकी लंबाई 20 सेंटीमीटर से थोड़ी अधिक हो।
(च) एक रंग की पट्टी लीजिए और इसे स्लिट में एक बार नीचे व एक बार ऊपर और पुनः एक बार नीचे व एक बार ऊपर ले जाते हुए बुनिए। इसे पहली पंक्ति के लिए दोहराइए।
(छ) अन्य रंग की एक और पट्टी लीजिए इसे स्लिट में एक बार ऊपर व एक बार नीचे और पुनः एक बार ऊपर व एक बार नीचे ले जाते हुए बुनिए। इसे दूसरी पंक्ति के लिए दोहराइए।
(ज) सभी पट्टियों को समान एकांतर प्रतिरूप में बुनिए। पट्टिका के बचे हुए भाग को कागज की चटाई के पीछे सावधानी से मोड़ दीजिए। आपकी कागज की चटाई तैयार है!
शिक्षण संकेत – विद्यार्थियों को यह समझने के लिए प्रोत्साहित कीजिए कि जब हम किसी संख्या को 10 से गुणा करते हैं तो वह 10 गुना हो जाती है और प्रत्येक अंक एक स्थानीय मान बाईं ओर चला जाता है। 100 से गुणा करने पर संख्या 100 गुना बड़ी हो जाती है और प्रत्येक अंक दो स्थानीय मान बाईं ओर चला जाता है। उन्हें स्थानीय मान तालिका में शून्यों के प्रतिरूप पर ध्यान देने दीजिए।
पंक्ति 1 - 2 ऊपर, 1 नीचे, 2 ऊपर, 1 नीचे, ...
पंक्ति 2 - 2 नीचे, 1 ऊपर, 2 नीचे 1 ऊपर, ... -
प्रत्येक पंक्ति के लिए आप एक पट्टी ले सकते हैं इसके लिए आप समान रंग की पट्टियाँ या 2 भिन्न रंगों की पट्टियों का भी उपयोग कर सकते हैं।
पंक्ति 1 – 2 ऊपर, 1 नीचे, 2 ऊपर, 1 नीचे,... (दोहराइए)
पंक्ति 2 - 1 नीचे (दोहराना नहीं है), 3 ऊपर, 3 नीचे, 3 ऊपर, 3 नीचे, ... (दोहराइए)
पंक्ति 3 - 2 नीचे, 1 ऊपर, 2 नीचे, ... (दोहराइए)
पंक्ति 4 – 1 ऊपर (दोहराना नहीं है), 3 नीचे, 3 ऊपर, ... (दोहराइए)
इसी क्रम में बुनना जारी रखिए।
आइए प्रयत्न करें
एक बिंदुकित कागज पर दिए गए प्रतिरूप को बनाइए। आपको प्रतिरूप का कुछ हिस्सा बनाकर दिखाया गया है। अब पूरी बनावट (डिजाइन) प्राप्त करने के लिए बिंदुकित कागज के बचे हुए भाग को पूर्ण कीजिए।
टाइल्स लगाना व उन्हें प्रतिरूप में व्यवस्थित करना
हम किसी स्थान पर प्रायः समान आकार की या आकारों के संयोजन की टाइल्स का प्रयोग करते हैं। आप इस आकृति में पंचभुज (5 भुजाओं वाली आकृति) देख सकते हैं।
चूँकि इसकी सभी भुजाएँ समान हैं, अतः यह एक सम पंचभुज है। आकृतियाँ जिनकी सभी भुजाएँ समान हों, वे सम आकृतियाँ कहलाती हैं। हमने एक बिंदु के चारों ओर 3 पंचभुज रखे हैं। क्या हम रिक्त स्थान में एक और पंचभुज रख सकते हैं?
पंचभुज किसी भी जगह को रिक्त स्थान छोड़े बिना नहीं भर सकते हैं। अतः हम कह सकते हैं कि सम पंचभुज किसी प्रतिरूप में व्यवस्थित नहीं किए जा सकते हैं।
आइए पता लगाएँ
क्या सम त्रिभुज किसी बिंदु पर रिक्त स्थान छोड़े बिना व्यवस्थित हो सकते हैं? कितने त्रिभुज एक साथ व्यवस्थित हो सकते हैं? (पस्तक के अंत में एक प्रतिदर्श त्रिभज दिया गया है।)
क्या आपने देखा कि दिखाए गए उचित बिंदुओं पर सम त्रिभुज व्यवस्थित रूप से है।
सम त्रिभुजों को जब किसी बिंदु के चारों ओर व्यवस्थित किया जाता है तो कोई रिक्त स्थान नहीं बचता और कोई आच्छादन भी नहीं होता है। जिन त्रिभुजों की सभी भुजाएँ समान होती है उन्हें सम त्रिभुज भी कहा जाता है। अतः सम त्रिभुजों को किसी प्रतिरूप में व्यवस्थित किया जा सकता है। क्या वर्ग (एक सम 4-भुजीय आकृतियाँ) किसी बिंदु के चारों ओर रिक्त स्थान छोड़े बिना या आच्छादन के बिना व्यवस्थित हो सकते है? वर्गों के कटआउट (पुस्तक के अंत में एक प्रतिदर्श वर्ग दिया गया है) के साथ इसे करने का प्रयत्न कीजिए। आपको कितने वर्गों की आवश्यकता हुई?
क्या पाँच वर्ग किसी बिंदु के चारों ओर बिना किसी रिक्त स्थान या आच्छादन के व्यवस्थित हो सकते हैं? यदि 'हाँ तो क्यों और 'नहीं' तो क्यों नहीं?
क्या सम षट्भुज (समान भुजाओं वाली 6-भुजीय आकृति) किसी बिंदु के चारों ओर बिना किसी रिक्त स्थान छोड़े या आच्छादन के बिना व्यवस्थित किए जा सकते हैं? प्रयत्न कीजिए व देखिए (पुस्तक के अंत में एक प्रतिदर्श षट्भुज दिया गया है)। किसी बिंदु पर कितने सम षट्भुजों को व्यवस्थित किया जा सकता है?
यहाँ एक से अधिक आकृतियों को किसी प्रतिरूप में व्यवस्थित करने का एक उदाहरण दिया गया है। इस प्रतिरूप में कौन-सी आकृतियों का उपयोग किया गया है?
नीचे दिए गए प्रतिरूप को पूरा कीजिए एवं इसमें उचित रंग भरिए।
एक सम अष्टभुज का अर्थ है एक ऐसी आकृति जिसमें आठ समान भुजाएँ हों। क्या सम अष्टभुज बिना किसी रिक्त स्थान या आच्छादन के व्यवस्थित किए जा सकते हैं? इसे बनाने का प्रयत्न कीजिए एवं जाँचिए। सम अष्टभुज किसी प्रतिरूप में व्यवस्थित नहीं किए जा सकते हैं।
नीचे दिए गए प्रतिरूप को देखिए। अंकित बिंदुओं पर कौन-सी आकृतियाँ एक साथ बनाई गई हैं? क्या इन बिंदुओं पर आकृतियों का समान समूह बनाया गया है? प्रतिरूप को पूरा कीजिए एवं उचित रूप से रंग भरिए।
नीचे दिए गए चित्र में दो भिन्न आकृतियों-वर्ग व त्रिभुज का उपयोग करके टाइल्स लगाने का एक प्रतिरूप दिया गया है। क्या त्रिभुज समबाहु त्रिभुज हैं? यदि 'हाँ' तो क्यों और 'नहीं' तो क्यों नहीं?
उपर्युक्त चित्र में अंकित बिंदुओं पर कौन-सी आकृतियाँ साथ में बनाई गई हैं? क्या इन बिंदुओं पर आकृतियों का समान समूह बनाया गया है? प्रतिरूप को पूरा कीजिए एवं उचित रूप से रंग भरिए। आकृतियों के अन्य कटआउट लेकर समान प्रतिरूपों की रचना कीजिए। समचतुर्भुज वह आकृति है जिसकी सभी भुजाएँ समान होती हैं। इसे चार त्रिभुजों में विभाजित किया गया है।
आपको पुस्तक के अंत में इस समचतुर्भुज का एक प्रतिदर्श मिलेगा। नीचे दी गई गतिविधि के लिए त्रिभुजाकार भागों को काट लीजिए। आप इन त्रिभुजों में से 2 त्रिभुजों को एक साथ व्यवस्थित करके कौन-सी ज्यामितीय आकृति बना सकते हैं? अपने द्वारा बनाई गई आकृतियों का अनुरेखण कीजिए।
- आप विभिन्न प्रकार के कितने त्रिभुज बना सकते हैं?
अब इन त्रिभुजों की भुजाओं का अवलोकन कीजिए और मापिए। आपने क्या देखा?
प्रत्येक त्रिभुज में 2 भुजाएँ समान हैं। ऐसे त्रिभुज समद्विबाहु त्रिभुज कहलाते हैं। एक कागज पर समद्विबाहु त्रिभुजों का अनुरेखण कीजिए एवं उन्हें काट लीजिए। उन्हें आधा मोड़िए। आपने उनके कोणों के बारे में क्या देखा? - क्या ऐसा त्रिभुज बनाना संभव है जिसकी सभी भुजाएँ समान लंबाई की हों (समबाहु त्रिभुज)?
- क्या ऐसा त्रिभुज बनाना संभव है जिसकी सभी भुजाओं की लंबाई असमान हो?
प्रत्येक समद्विबाहु त्रिभुज में 2 कोण समान होते हैं।
प्रयत्न कीजिए
पुस्तक के अंत में दिए गए समबाहु त्रिभुज को काट लीजिए। जाँच कीजिए कि क्या समबाहु त्रिभुज के सभी कोण समान है-जैसा आपने समद्विबाहु त्रिभुज के साथ किया था।
समबाहु त्रिभुज के सभी कोण समान होते हैं।
अब समबाहु त्रिभुज को आधा में काट लीजिए। प्रत्येक नए बने त्रिभुज की कितनी भुजाएँ समान हैं?
जिन त्रिभुजों में सभी भुजाएँ असमान हों, वे विषमबाहु त्रिभुज कहलाते हैं।
विषमबाहु त्रिभुज में जाँच कीजिए कि क्या कोई दो या उससे अधिक कोण समान हैं?
शिक्षण संकेत – किसी आकृति के कोणों की तुलना करने के लिए विद्यार्थियों को कागज मोड़ने की विधियों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित कीजिए।
4. आप कितनी भिन्न-भिन्न प्रकार की 4-भुजीय आकृतियाँ (चतुर्भुज) बना सकते हैं? यहाँ तीन संभवित आकतियाँ दी गई हैं।
क्या आपने दाईं ओर दर्शाई गई आकृति के समान कोई आकृति बनाई है?
यह आकृति पतंग कहलाती है।
आपने पतंग की भुजाओं के बारे में क्या देखा?
भुजा 1 = भुजा 2
इसी प्रकार, भुजा 3 = भुजा 4
ये भुजाएँ संलग्न भुजाएँ कहलाती हैं।
नीचे दो अन्य संभवित चतुर्भुज दिए गए हैं जो पतंग नहीं हैं।
5. दिए गए दोनों चतुर्भुजों, चतुर्भुज (क) चतुर्भुज (ख) की भुजाओं को मापिए। आपने क्या देखा? क्या भुजाओं का कोई युग्म ऐसा है जो समान हो? कौन-से युग्म समान हैं-संलग्न भुजाएँ अथवा विपरीत भुजाएँ?
चतुर्भुज जिनकी विपरीत भुजाएँ समान हों, वे समांतर चतुर्भुज कहलाते हैं।
चतुर्भुज (क) व (ख) में किस प्रकार के कोण हैं? दोनों समांतर चतुर्भुजों में से प्रत्येक में कौन-से कोण समान हैं? समांतर चतर्भज (क) में विपरीत कोण समान हैं।
समांतर चतुर्भुज (ख) में सभी कोण समान हैं व समकोण हैं। ऐसा समांतर चतुर्भुज आयत कहलाता है। आयत, समांतर चतुर्भुज का एक विशेष प्रकार है।
6. नीचे दिए गए जाल (ग्रिड) में दो भिन्न पतंग व दो भिन्न समांतर चतुर्भुज बनाइए।
7. अब समचतुर्भुज के 4 में से 3 त्रिभुजों का उपयोग आकृतियाँ बनाने के लिए कीजिए। उनमें से प्रत्येक में कितनी भुजाएँ हैं?
समचतुर्भुज के 3 त्रिभुजाकार टुकड़ों का उपयोग करते हुए निम्नलिखित आकृतियाँ बनाने का प्रयत्न कीजिए-
(क) 3-भुजीय आकृति
(ख) 4-भुजीय आकृति
(ग) 5-भुजीय आकृति
8. सभी 4 टुकड़ों के साथ इनमें से कौन-सी आकृतियाँ बनाई जा सकती हैं? प्रयत्न कीजिए एवं पता लगाइए।
(क) वर्ग
(घ) पंचभुज (5-भुजीय)
(ख) आयत
(ङ) षट्भुज (6-भुजीय)
(ग) त्रिभुज
(च) अष्टभुज (8-भुजीय)
टैनग्राम (आकृति पहेली)
आपकी पुस्तक के अत में दिए गए टैनग्राम सेट को देखिए। सभी आकृतियों को काट लीजिए। उन्हें नाम दीजिए।
(क) वे एक दूसरे से किस प्रकार समान अथवा भिन्न हैं?
(ख) आपने प्रत्येक आकृतियों के कोणों के बारे में क्या देखा?
आपने प्रत्येक आकतियों की भजाओं के बारे में क्या देखा?
अब अपने टैनग्राम सेट के कुछ या सभी टुकड़ों का प्रयोग करके नीचे दी गई आकृतियाँ बनाइए। इसे बनाने के लिए एक से अधिक विधि हो सकती हैं।
मैं कौन-सी आकृति हूँ?
नीचे दिए गए कथनों का उचित आकृतियों से मिलान कीजिए। क्या उनमें से किसी कथन में एक से अधिक आकृति का उल्लेख मिलता हैं?
| कथन | आकृति | |
| 1 | मेरे सभी कोण समकोण है किंतु सभी भुजाएँ समान नहीं हैं। | ![]() |
| 2 | मेरी सभी भुजाएँ समान हैं किंतु सभी कोण समान नहीं हैं। | |
| 3 | मेरे सम्मुख कोण समान हैं किंतु मेरी भुजाएँ समकोण नहीं बनाती है। | |
| 4 | भुजाओं के दो युग्म समान हैं किंतु वे समकोण नहीं बनाते। | |
| 5 | मेरी सभी भुजाएँ एक-दूसरे के साथ समकोण बनाती हैं एवं समान हैं। | |
| 6 | मेरे सम्मुख कोण समान हैं एवं मेरी भुजाएँ भी समान हैं। | |
| 7 | मेरे सम्मुख कोण समान हैं एवं मेरी भुजाएँ समकोण बनाती हैं। |
पतंग
अपनी स्वयं की पतंग की आकृति बनाइए।
(क) कागज के एक वर्गाकार टुकड़े से प्रारंभ कीजिए।
(ख) कागज का कोना लीजिए और इसे विकर्ण के अनुदिश एक तीखे मोड़ का निशान बनाते हुए विपरीत कोने की ओर मोड़िए।
(ग) मोड़ को खोलिए एवं कोना 'क' को अंदर की ओर इस प्रकार मोड़िए कि किनारा अभी-अभी बनाए गए मोड़ के निशान के साथ संरेखित हो।
(घ) दूसरे किनारे के लिए इसे दोहराइए अर्थात कोना 'ख' को मध्य में मोड़ के निशान के साथ संरेखित करते हुए अंदर की ओर मोड़िए।
आपके पास एक पतंग की आकृति है!
आपको पतंग में कौन-सी आकृतियाँ दिखाई देती है?
वृत्तों के साथ खेल
क्या आपको एक वृत्त स्मरण है?
(क) परकार (कम्पास) की सहायता से एक वृत्त बनाइए एवं इसका केंद्र चिह्नित कीजिए।
(ख) इसका व्यास बनाइए। व्यास के अंतिम बिंदुओं को चिह्नित कीजिए।
(ग)
वृत्त का एक अन्य व्यास बनाइए एवं इसके अंतिम बिंदु चिह्नित कीजिए।
(घ)
अब सभी चार बिंदुओं को मिला दीजिए।
कौन-सी आकृति निर्मित हो गई है? इस चतुर्भुज की भुजाएँ एवं बनने वाले कोणो को जाँचिए। व्यासों को एक भिन्न युग्म के साथ बनाने का प्रयत्न कीजिए।
इस प्रकार बनी आकृति के बारे में आपने क्या देखा? क्या इस विधि द्वारा एक आयत से भिन्न कोई 4-भुजीय आकृति बनाना संभव है?
वृत्ताकार बनावट
नीचे दिए गए वृत्त को देखिए। इसे 1 से 24 तक बिंदुओं से चिह्नित किया गया है।
बिंदुओं 1 को 11 से, 11 को 2 से, 2 को 12 से एवं इसी प्रकार आगे भी मिलाते जाइए जब तक आप वापस 1 पर न पहुँच जाएँ।
(इसे एक मोटे कागज या कपड़े पर विभिन्न रंगों के धागों के साथ बनाने का प्रयत्न कीजिए।)
क्या आप यहाँ दी गई आकृति के ठीक समान बनावट बनाने की कोई विधि सोच सकते हैं? इसे बनाने का प्रयत्न कीजिए।
घन बनावट
- यहाँ एक घन के तीन दृश्य दिए गए हैं। क्या आप इन्हें जाल (ग्रिड) पर सही क्रम में बना सकते हैं?
- यहाँ कुछ बड़े ठोस घनों के साँचे दिए गए हैं। प्रत्येक घन से कितने छोटे घन निकाल लिए गए हैं?
- निशा ने 27 छोटे घनों को आपस में चिपकाकर एक बड़ा ठोस घन बनाया है। उसने बड़े घन को लाल रंग से रंग दिया है। इनमें से मूल छोटे घनों मे से कितने घन-
(क) तीन फलकों को लाल रंग से रंगा गया है?
(ख) दो फलकों को लाल रंग से रंगा गया है?
(ग) एक फलक को लाल रंग से रंग गया है?
(घ) किसी भी फलक को लाल रंग से नहीं रंगा गया है?
पहेली
तनु ने 7 आकृतियों को एक पंक्ति में व्यवस्थित किया। उसने 2 वर्ग, 2 त्रिभुज, 1 वृत्त, 1 षट्भुज और 1 आयत लिए। नीचे दिए गए संकेतों का उपयोग कर उसकी व्यवस्था का पता लगाइए-
(क) वर्ग, वृत्त एवं आयत के मध्य है।
(ग) दोनों त्रिभुज वर्ग के ठीक बाद हैं।
(ङ) वृत्त, वर्ग के बाईं ओर है।
(ख) आयत, वर्ग एवं त्रिभुज के मध्य है।
(घ) षट्भुज, त्रिभुज के दाईं ओर है।
विंशतिफलक एवं द्वादशफलक
उपर्युक्त नामों का क्या अर्थ है? जब आप इनके फलकों को गिनेंगे तो आपको ज्ञात होगा।
विंशतिफलक एवं द्वादशफलक के प्रतिरूप बनाने के लिए पाठ्यपुस्तक के अंत में दिए गए जालों (ग्रिड) का उपयोग कीजिए।
विंशतिफलक एवं द्वादशफलक में आपको कौन-सी आकृतियाँ दिखाई देती हैं? विंशतिफलक - ........ द्वादशफलक -
क्या सभी फलक एक समान दिखाई देते हैं? विंशतिफलक ........ द्वादशफलक -
कितनी फलकें एक शीर्षबिंदु (बिंदु) पर मिलती हैं? विंशतिफलक ......... द्वादशफलक -
क्या प्रत्येक शीर्षबिंदु पर समान संख्या में फलक मिलते हैं? विंशतिफलक - ......द्वादशफलक
आपको कितने किनारे दिखाई देते हैं? विंशतिफलक -- द्वादशफलक -
आपने किनारों की गिनती किस ढंग से की जिससे कि कोई किनारा गिनने में छूट न गया हो या किसी किनारे की गिनती दो बार न हुई हो?
क्या आप ऐसी किसी अन्य ठोस आकृतियों के बारे में सोच सकते हैं जिसके सभी समान फलक दिखाई देते हों? क्या प्रत्येक उभयनिष्ठ शीर्षबिंदु पर समान संख्या में फलक मिलते हैं?
आप स्ट्रॉ अथवा आइसक्रीम स्टिक व मिट्टी अथवा खेल-मिट्टी (क्ले) का उपयोग करके कुछ 3-विमीय (3-D) आकृतियाँ भी बना सकते हैं।
आपने कौन-सी आकृतियाँ बनाईं ?
